00:00साल दो हजार पचीस ने दुनिया को चरम मौसम की घटनाओं से जग जोड दिया। कहीं रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ी तो कहीं मूसलाधार बारिश, बाढ़ और असामान्य बर्फबारी देखने को मिली विश्व मौसम विज्ञान संगठन।
00:12WMO के अनुसार दो हजार पचीस अब तक के सबसे गर्म सालों में शामिल रहा, जो ग्लोबल वामिंग के बढ़ते खत्रे की साफ तस्वीर पेश करता है।
00:20WMO के आठ अलग-अलग डेटासेट के विश्लेशन में सामने आया कि वैश्विक औसत तापमान 1850 से 1900 के स्तर से करीब 1.44 डिगरी सेल्सियस अधिक रहा, 2015 से 2025 तक के सभी 11 साल रिकॉर्ड के सबसे गर्म साल साबित हुए हैं।
00:35लानीना के कारण साल की शुरुआत और अंत में थोड़ी ठंड़क जरूर आई। लिकिन लंबे समय की गर्मी की प्रवर्ति पर इसका खास असर नहीं पड़ा।
00:42ओशन्स का तापमान भी असामान्य रूप से उंचा रहा। वैज्यानिकों के मुताबिक ग्लोबल वामिंग से पैदा होने वाली लगभग 90 प्रतिशत अतरिक्त गर्मी ओशन्स में जमा हो रही है। जिससे हीट वेव, भारी बारिश और तूफानों की तीवरता बढ़ र
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