00:00कमसे कम आज तो आपको इस बात को लेकर बात करनी चाहिए आप हमेशा सविधान के रक्षा की बात करते हैं
00:06डेखे UN Kaarva I को लेकर तो हम कई बार सवाल उठा चुके हैं
00:10UN Kaarva I के STRIKE RATE को लेकर तो हम कई बार चर्चा कर चुके हैं
00:13जो भी स्ट्राइक रेट वो बताते हैं, या जो कन्विक्शन रेट वो बताते हैं, वो उन केसिस का बताते हैं, जो केसिस आखिर कार अदालत में खड़ी हुई, लेकिन जितनी रेट्स हुई बाकी सारी उस पर तो हम कई बार बात कर चुके हैं, लेकिन क्या ये तरीका है, क्
00:43कानून बहुत सपस्ट है
00:45सरकारी काम में बाधा डालने के ताह
00:47धारा 186 बहुत सपस्ट
00:49तौर पे कहता है कि तीन महिने की
00:51सजा और पांच हजार का जुर्मना
00:53और अगर उसमें किसी की जान जाती है
00:56या हिंसा होती है तो
00:57तो दस साल की सजा है और नॉन बिलिबल वारंट है
00:59लेकि इडी आरेस नहीं कर सकती है
01:01ने नॉन बिलिबल इडी आरेस नहीं कर सकती है
01:03आपको अब मैं टेकनिक लिए आपको बताता हूँ
01:05इडी इस मामले में आरेस नहीं कर सकती
01:07इडी अदालत जाकर जाकर कह सकते हैं कि आप प्रॉवाइद करो कर था हुआ इस में इसमें फायार तो हो सकती है
01:15कि विलकुल इडी ने किया उ सकती दॉर फायार्क्तारी के लिए क्लिए क्यों नहीं आगे आगे फिरेखे सार को चरह आफ आरे आप से बाती नहीं
01:28नहीं कर रहा हूँ, मैं तो साहिल से बात कर रहा हूँ, आपको सरकार के प्रवक्ता थोड़ी है, आप भी हमाई तरह इंडिपनेट जनलिस्ट है, अगल बगल में बैड गया है, तो यह बत करिएगा, प्लीज उनको बात खितम करने दीजें, उसके बाद आप चलिए, तो दो
01:58मुक्मंत्री जिनके ओपर जमेदारी है कानून विवस्था को चलाने की, समविधान के हिसाब से सरकार को चलाने की, अगर वो नहीं चला रही है, खुद कानून का उलंगन कर रही है, तो अगर ब्रेकडाउन है, तो धारा 356 का क्लासिक केस है, इसमें वहां के गवर्णर से
02:28हाई कोर्ट के अंदर पहले दिन सुनवाई नहीं हो पाती, इसमें तो ठीकार को इसमें होती है, और सुप्रीम कोॉट अनन फाराण में उसका प्रिया इसमें कर लेता autonomy है, क्यूंकि जो प्रेयर था टी एमसी का, उस प्रेयर में लिख गया की हमारे
02:53documents लेकर गए एडी कहती है हमने तो कोई जबती ही नहीं की है
02:56सवाल देखे सवाल यह है कि अगर मामला हाई कोट में पेंडिंग है तो क्या एक दिन के अंदर
03:01सारी कुछे तैय हो गए कि सब कुछ तैय हो गया everything is finished भी या तो
03:06सब्सवाल करें थितान ही हो फारु सब्सवाइं होती वहाँ सब कर इनसाफ लाओ का Neil यह
03:10सब्सया नहीं क्या है मेरा मुद्धा मेरा मुद्धा यह है कौन ऐसा फख्षय जो कानुन का पालन
03:17अगर एडिकारी को लगता है कुपके अधिकारियों के काम में दख़़ लो क्या मुक्तरी्ट पिर नहीं कर सकते हैं
03:23जो पुलीस अधिकारी तक आप आज आगर वहां कि । nis
03:39तरहा के ते अधार पिये मिलेकए अर्डिकल सिपन Тरा के तहत पिये मिलेंके तरहीं नहीं
03:44सब्सक्राइब कानून का पालन दोनों तरफ से नहीं हो रहा है बहुत सपस्ट है बिल्कुल सपस्ट है
04:11इस सब्सक्राइब के क्रिम्डालिटी को चेक करेगा अब संघीतर की बताई आशो कह रहें कि दोनें तरफ से गलती है दिके
04:18अशुंड बार होता है कि जब केस्टिफेंड़िबल नहीं हो ना तो वराब बह रही कहा जाता है कि दोनों तरफ दाग गया है
04:26सुप्रीम कोट में जब अरवींद केजरिवाल को बेल दिया गया था तब तो ऐसे सवाल जब उठे तो लोगों ने कहा था
04:34नहीं प्लीज प्लीज सुनीजे नहीं मैं इसलिए जिक्र कर रहा हूं कि तब डारेक्ट सुप्रीम कोट ही गया गया था
04:44सुनीए साहिक डारेक्ट सुप्रीम कोट नहीं गया था सारे प्रॉसेस गय थे सारे मुझे वह अपनी बात कर ले जिए एक पड़ावी उनको कहने दिया
04:56चलिए संगीद रहाइँ आसुतोंस का कहना है आसुतोंस एक धंग से इंसिन्यूएट कर रहे हैं एक धंग से यह सीचवेशन बता रहे हैं कि देखे सुप्रिम कोट ने गलती की है सुप्रिम कोट ने क्यों सुना जबकि वहाँ पर हो रहा है किसी ने ये सवाल नहीं उठाया
05:26भाई हाई कोट ने क्यों नहीं उसमें ओर्डर किया कि इन सभी को बाहर करो या इनको जेल डाल दो उस समय क्यों नहीं जज्जमेंग में आए नहीं एक प्लीद मुझे आपनी बात करने जैसे पेसें से आप अपने मित्र को सुने ना दुष्मन को भी सुन लिजिए तो आप �
05:56breakdown of the constitutional missionary यह दोनों अलग अलग चीज़े हैं यहां पर यह निश्चित तोर पर lawlessness की situation है और सौफ्ट हो रहे है संगीत रागी जी आप सौफ्ट हो रहे है आपको इस क्यों नहीं कह रहे है कानून का पालन नहीं कर रहा है तो यह constitutional breakdown है या नहीं मुझे बोलने देंगे
06:19breakdown है की नहीं है पहले भी CBI के inquiry को क्या ममता बनर जी ने वहाँ पर होने दिया क्या क्या राजी उकुमार के मामले में मुख्यमंद्री का चेहरा और चरितर बिल्कुल बेदात था क्या
06:33सुनिया कारवाई की गई होती तबहले अब हलती नहीं होती नहीं है ये भी दाजा कर रहा है
06:44मैं कहा रहा हूँ, F.I.R. दर्ज होनी चाहिए, मुख्यमंद्री के खिलाब बिल्कुल F.I.R. दर्ज होनी चाहिए, वो बंगाल के दीदी नहीं है, बंगाल के दादा की तरफ याइप कर रही है, ये ये चाहते हैं कि ममता दीदी वहाँ से जिसे कहते हैं ना,
07:09पुलिटिकल कैजुलिटी के तौर पर बाहर निकिए, और उसको वोटिंग, ये कर रहे हैं, ये इस दंदे के लिए यहाँ पर बेटे हुए है, ये आर्गुमेंट पे जाते हैं, नहीं तो वाई वूट है विए इन्सिट्रिम कोट, संगीत रागी यहाँ पर कहने की कोशिश
07:39पर अपने आपको पेश करना चाहिए, और वो सरकार उनको मौका नहीं देना चाहिए, ये बात सही है, क्योंकि ये तो पूरा ब्रेकडाउन है, नाखुन कटा, आचुतोष भी जानते हैं, कि नाखुन कटा के शहीद कौन होना चाहता है, ठीक है न, हम लोग भी यहाँ पर
08:09कोश्पता नहीं कियो, लटकाना, भटकाना, जटकाना, चाहते हैं कि गलती दोनों तरफ की है, एडी की कौन सी गलती है, वहाँ मारने लगता पकड़के, एडी का ऑथोरिटीज को पच्छी मंगाल की पुलिस वाली है, और C.M. उसको लीड कर रही है, और गलती आपको ए�
08:39सुप्रीम जटका था सुप्रीम कोट के लिए, एक लाइन जोर देता हूं, दोनों को साथ में जवाब देते हैं, एक बात मुझे बताईए, जो इस्तिती थी, कल जाकर के मुख्यमंत्री के बेवहार से तो पूरा देखा गया है, कि मुख्यमंत्री कल जाकर के एडी के अफ
09:09एफ आईर बिलकुल होना चाहिए था, संगीत रागी जी, एक सेगन, एक सेगन, एक सेगन, संगीत रागी जी इस देश में राज्य सरकार ने अफिडेविट करने के बावजूद भी ऐसी घटाए हुई है, जिसमें जो घटाए नहीं होनी चाहिए ति वो हो चुकी है, और
09:39के सार्शा जो भी है डॉसल्व ये विल्कुल साही है लेकिन दोनों ही भी चुल में एक कोिना लोग है ती मैं out
09:56किसी को कि इए बखने कर रहे हैं आप गलत सरकार के खिंट हम पुलेगे कार्वाही की ती
10:15वाज़े सरकार के खिलाफ क्यूंकि आप ने जो वादा किया वो नहीं निभाया इसी तरीके से केंडिया आइजनसी की कारवाई के दौरान अगर मुक्किया मुप्ति वहाँ पहुंचकर वहां पहुंचकर अगर वो गलत तरीके से कारवाई को रोक रही है तो यह लॉलेस्नस
10:45का जवाब हो जाने दीजे आपके पासाथ अब रूलिंग पार्टी के प्रवक्ता ने एडिपिट किया है आपके चैनल पे कि वहाँ हाई कोड भी फंक्चन नहीं कर सकता यही काना यह नहीं है अगर हाई कोड फंक्चन नहीं कर सकता तो इससे ज़्यादा बड़ा
11:00कॉंस्टिक्यूशनल ब्रेकडाउन क्या हो सकता है अगर इससे बड़ा कि वहाँ जाके अधिकारियों को काम नहीं करने दे रही है कागज वहाँ से च्छीन के चली आती है उनके साथ पूरा पुलिस का अमला होता है हाई कोड के अंदर सुनवाई नहीं हो पाती है और और उस
11:30चपन तो इस देश में ऐसे ऐसे इस्तिमाल हुआ है कि उनीच सासी के लोग सभा चुनाओ जीतने के बाद सारी वीरोधियों के सरकार को डचाएक मर दिया सरस्था के चुनाओं के बाद है क्यों कि लोग सभा चुनाओं फार गया है इसलिए आपको राज्यों में रहने का �
12:00356 का बिल्कुए इस्तमाल होगा अजब एडी कोट में चली गई है तो क्या कोट के निदे आने के पहले इंधारा 306 लगा दे के तरफ से जब सुप्रीम कोट के मामली के सुनवाई हो रही है सुप्रीम कोट ने नोटिस दिया है तो क्या कहता है लोग तंत्र लोग अलज़
12:30अगले दिन सुप्रीम कोट गया आपको सुप्रीम कोट में आपको क्या पितरत है आप दरसल सुप्रीम कोट के पीज़े चिमना चाहते है
13:00अगलिस पॉल्स पॉलिस बरोग ए नगे जिसे देश्व स्पश्रीम के उबरेंगी
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