Skip to playerSkip to main content
  • 8 hours ago
Passwords Are Dead! गूगल और माइक्रोसॉफ्ट पासवर्ड खत्म कर रहे हैं, क्या आप तैयार हैं? 

Category

🗞
News
Transcript
00:00अगर मैं आपसे ये कहूँ कि कल से जितने सारे आपके ऑनलाइन अकाउंट्स हैं उसमें पासवर्ड डालना बंद कर दो
00:08पासवर्ड सिट आपने एक बार कर दिया उसके बाद पासवर्ड अब जरूरत का चीज रहा ही नहीं
00:16शौकिंग तो है अपने आप में ये खुद से कि बिना पासवर्ड का पूरा का पूरा ऑनलाइन जो अकाउंट्स हैं वो कैसे चलेगा चाहे जीमेल हो फेस्बुक हो यूट्यूब हो एक्स हो नजाने कितनी सारी चीज़ें हैं वो कैसे काम करेगा तो मैं आपको बताता हूँ
00:46पासवर्ड इंटरनेट की सबसे पुरानी सेक्यूरिटी सिस्टम भी है और अब ये सिस्टम अपनी जो है एज दिखा रहा है यानि अब ये बुढ़ा हो रहा है हर दिन डेटा लीक्स हर दिन फिशिंग स्कैम हर दिन फेक लॉगिन पेजेज हर दिन ओटीपी फ्रॉड प्
01:16रहता है जाहिर जिबाल है इसलिए टेक इंडस्ट्री ने फाइनली डिसाइड किया है कि पासवर्ड को रिटायर करना पड़ेगा इस रिप्लेस्मेंट का नाम है पासकी और ये सिर्फ फीचर नहीं है बलकि इंटरनेट का लॉगिन सिस्टम का कम्प्लीट रीडिजाइन ह
01:46जो और डिजिटल की जनरेट होती है यानि फोन ही आपका पासवर्ड बन जाता है एक की का एक पब्लिक पार्ट वेबसाइट को मिलता है प्राइविट पार्ट सिर्फ आपके डिवाइस में रहता है लॉगिन करते वक्त वेबसाइट को आपके डिवाइस से प्रूफ मां�
02:16face दिखाना पड़ता है, उसके बाद
02:18जो website है, जिसको आप login करने वाले हैं
02:20वो confirm कर लेता है कि ये
02:22जो password या pass की है
02:24आप से ही जुड़ा हुआ है
02:25and then account open हो जाता है
02:28instantly, no password
02:30no OTP, no typing
02:32no phishing of course
02:33क्योंकि password नहीं होगा तो phishing भी नहीं होगा
02:35इस system में steal करने के लिए
02:37कुछ होता ही नहीं है, जिससे
02:39scammers चुरा पाएं, इसलिए security
02:41experts इसे phishing proof authentication
02:44भी बोलते हैं, that's a great
02:46thing actually, industry adoption
02:48अल्रेडी शुरू हो चुका है
02:49Google का Gmail, YouTube, Microsoft Outlook
02:52Windows का login system
02:53या फिर Apple ID, Fido Align
02:56जो global authentication standards
02:57की body है
02:59उसका कहना है कि पिछले 2 साल में
03:01billions of accounts
03:03pass की support करने लगे है
03:05Google ने openly announce किया है कि pass
03:07will become default login
03:10Microsoft ने users को
03:12push कर रहा है कि passwordless
03:13account creation किये जाएं
03:16Apple अलड़ी iPhone ecosystem में
03:18pass की deeply integrate कर चुका है
03:20मतलब direction clear है
03:22password का endgame start हो चुका है
03:24future में password होंगे ही नहीं
03:26लेकिन
03:28real story यहां काफी interesting हो जाती है
03:30क्योंकि technology global है
03:32पर users local है
03:34और इंडिया का digital usage model
03:37US या Europe से काफी different है
03:40as we all know
03:41इंडिया की जो ground reality है
03:43उसको पहले आपको समझना पड़ेगा
03:45यहां एक phone
03:47पूरे घर का phone होता है
03:49कई बारी
03:50मतलब old age people हैं घर पे
03:52या फिर बच्चे हैं या फिर भाई बहनें
03:54कई बार phone यहां
03:56shared basis पे अभी भी
03:57अब भले ही metros में नहों
03:59बट tier 2, tier 3 शहरों में होते हैं
04:01आप अगर metro city से सुन रहे हैं
04:03तो आपको ऐसा लग रहा होगे
04:04नहीं नहीं घर पे सारे phone है
04:05बट no, the reality is
04:07कि गाओं में, कस्बो में, छोटे-छोटे
04:09localities में, remote areas में
04:11आज भी घर पे एक ही दो phone होते हैं
04:13जिसमें सारे लोग use करते हैं
04:15अब WhatsApp भी share होता है
04:17Gmail भी share होता है
04:19कई सारे जगों पे second hand phones
04:21common है, sim change common है
04:23phone repair shop में
04:25देना काफी common है
04:26phone lost या stolen common हो चुका है
04:35phone खो गया, तो account का
04:37क्या होगा, ये काफी legit सवाल है
04:39क्योंकि वही तो आपका phone ही, आपका password भी था
04:41अब यहीं से पास्की की
04:43सबसे बड़ी challenge start होती है
04:45वो account recovery
04:46अब password system में forget password का simple
04:49flow होता है, जिसमें email, OTP
04:51and then reset, पास्की में अगर
04:53primary device lost हो गया
04:55तो recovery platform
04:57to platform depend करता है
04:59अलग-अलग, कहीं backup codes use होते है
05:00कहीं secondary device use होता है
05:02कहीं cloud sync, कहीं manual identity
05:05verification, problem ये है
05:07कि इंडिया का average user के
05:09पास multiple sync devices
05:11नहीं होते, एक phone ही
05:13main identity होती है, अगर
05:15वही phone हो गया, तो user
05:17literally locked out
05:19feel करता है, कि अब करें तो क्या करें
05:21जाएं तो कहां जाएं
05:22US research में clear pattern दिखता है
05:24कि पास की adoption की biggest barrier
05:27tick नहीं, बलकि recovery
05:28anxiety है, कि password recover कैसे
05:30होगा, phone को गया तो, अब एक और
05:32इंडिया specific challenge, जो है
05:34वो है device sharing का एक family, एक phone
05:37तीन Gmail accounts, पास की
05:38model में device trusted identity
05:41बन जाती है, इसका मतलब
05:43ये है कि privacy और access
05:44control manage करना थोड़ा
05:47tricky हो जाता है, अगर
05:48सब पास की एक phone में
05:50stored है, तो family members की account
05:52एक devices से linked हो जाते हैं
05:54अब ये convenience भी है और
05:56privacy risk भी है, इसलिए
05:58कई platforms backup में
06:00old login method भी use करते हैं
06:02यानि password या OTP, अगर आप
06:04वैसे नहीं login कर पार है पास की से
06:06तो आप password या OTP से login
06:08कर सकते हैं, कुछ-कुछ
06:10accounts में ये option होता है, बट कुछ-कुछ
06:12account में नहीं होता है, आपने पास की बना लिया
06:14you may never have that option
06:16to login with password और जैसे ही
06:18backup में password आता है
06:20पास की का full security advantage
06:22basically dilute हो जाता है
06:24तो industry के सामने एक
06:26real dilemma हो चुका है इस वज़े से
06:28tick ready है, security
06:30ready है, infrastructure इंडिया में
06:33mixed reality पे आकर टिका हुआ है
06:35क्योंकि जो developed markets
06:37है already, उनका यूजर का
06:39personal phone काफी पहले से है
06:40cloud backup भी चलता रहता है, multi device
06:43sync भी चलता रहता है, वहाँ standard है
06:44cloud वहाँ standard है, इंडिया में नहीं है
06:46इंडिया में ये assumption
06:48universal नहीं है और अगर
06:50ये gap solve नहीं हुआ, तो passwordless system
06:53convenience से ज़ादा
06:54confusion create कर सकता है, इंडिया में
06:56लोगों के लिए, तो कुल मिलाके बात
06:58ये हो जाती है, कि passwordless future
07:00तो काफी ground breaking लगता है
07:02कि आपको password याद करने की भी जूरुद
07:04नहीं पड़ेगी, बिकाज password याद करना
07:06बहुत problem वाली चीज़ है
07:08और आज की समय में जब आपको
07:10हर दिन कुछ न कुछ का एक password
07:12create करना पड़ता है, और आप
07:14same password हर चीज़ का रख भी नहीं सकते
07:16problem ये है कि password कहीं
07:18लिख के भी नहीं रख सकते, password किसी के साथ
07:20share भी नहीं कर सकते, password में
07:22आपको बहुत सारे combination यूज करते हैं
07:24small case, uppercase, lower case
07:28या फिर आपको words, special characters
07:30बहुत सारी चीज़ें यूज करने पड़ते हैं
07:33तो अब वैसा याद रखना भी
07:34मुश्किल होता है, इस वैसे जो
07:36password list future है, वो काफी अच्छा है
07:38और paski इंडिया में
07:40भी काफी use किया जा रहा है
07:42paski का एक मैं छोटा सा example देता हूँ
07:44आप gmail में जाएंगे
07:46आप sit paski का option करेंगे
07:48आप details जो मांगता हो भरेंगे
07:50prompt and then उसके बाद आप paski एक बार
07:52आपने sit कर लिया, then आपको अगर
07:54login करना है, आपका gmail
07:56किसी दूसरे phone या laptop पे
07:58तो आप login with passki करते हैं
08:00एक QR code generate होता है
08:02उस QR code को अपने
08:04दूसरे device से scan करते हैं जिसमें
08:06already आपकी ID logged in है
08:09अब जैसे आपने scan किया
08:10वैसे ही जो नए device में आप
08:12login करना चाह रहे थे, उसमें वो
08:14logged in हो जाएगा, क्योंकि वो detect कर लेगा
08:16और फिर आपने QR code
08:18scan किया, फिर उसके बाद आपका face
08:20authentication होगा, या fingerprint scanner
08:23रखाया, तो fingerprint scanner होगा, उसके बाद
08:24आपका जो account है, दूसरे
08:26device में open हो जाएगा, without having
08:28asking for password, तो
08:30ये एक ease आपको
08:32passki का system मिलता है, और passki में
08:34बताता हूँ कि iOS में काफी
08:36deeply integrated हो चुका है, आप
08:38अलग-अलग services में passki
08:40add कर सकते हैं, ताकि आप
08:42one tap open कर पाएं, और
08:44same device में भी अगर आपको open करना है
08:46तो आप open with passki करेंगे, and then
08:48आपका biometric authentication
08:50लिया जाएगा, and then वो account
08:52access हो जाएगा, तो मैं यहाँ
08:54passwordless future की बात कर रहा था, तो आपको
08:56वीडियो में बताया भी, कि इंडिया में
08:58for now, मुझे लगता है
09:00कि 5-7 साल, at least 10
09:02साल तक passwordless पूरा का पूरा नहीं
09:04हो पायागा मामला, हाँ, यह बात
09:06जरूर है कि आपको भले लग रहा
09:08होगा कि सारे लोग के पास
09:10कई सारे phones हैं, और
09:12यह तो काफी easy है, but Google
09:14Microsoft जैसी कंपनियां already जानती
09:16है, कि it's not easy way
09:18कि password ही खत्म कर दिया जाए, but
09:20मुझे लगता है कि 5-10
09:23years down the line, काफी
09:24सारी चीज़े बदल जाएंगी, और
09:26हमारा जो old password है
09:28वो retire कर जाएगा,
09:30क्योंकि for me, I don't use password
09:33की होती है, U2F
09:35जो two-factor authentication
09:37वाली एक security की होती है
09:39आप उसे भी use कर सकते हैं, या फिर
09:41आप passkey भी use कर सकते हैं, क्योंकि
09:42मैं password अब किसी भी account में
09:45use नहीं करता हूँ, क्योंकि
09:46password अगर आप use नहीं करेंगे
09:48तो almost
09:50hack proof आपका account हो जाएगा, क्योंकि
09:53सबस्जादा hacking जो होती है दुनिया भर में
09:55वह होती है phishing से, यानि fake link भेजा जाता है
09:57अब उसे link पे click करते हैं, अपना password डालते हैं
10:00वहाँ पे passkey वाला system होता नहीं है
10:02हाँ वो बात अलग है कि किसी दिन
10:04जो cyber criminals हैं, वो passkey को भी crack करने का कोई
10:07तरीका लेया है, but for now
10:08passkey को नहीं भेजा जा सकता है
10:10इतना असानी से, आप हमें comment बताएं
10:13कि आप भी passkey यूज़ करते हैं
10:15या फिर अभी भी old traditional
10:17password यूज़ कर रहे हैं
Be the first to comment
Add your comment

Recommended