00:00द्रास को गेटवे ओफ लद्दा कहा जाता है। चारो तरफ बर्फ से घिरे 16 से 21 हजार फीट उंचे पहाड, बर्फीली हवाओं के सीधे संपर्प में रहने की वज़े से यहां ठंड किसी टॉर्चर से कम नहीं है।
00:14अक्टुबर से ही बर्फीली हवाइं शुरू हो जाती हैं और मार्च अप्रेल तक यही हालात रहेंगे।
00:44क्योंकि दोपहर का टाइम है और सूरज डलने के साथ-साथ ही यह तापमान लुड़कर माइनस 25 डिगरी रात के बीटर पहुंच जाएगा।
00:54लेकिन तब भी अगर कुछ टहल पहला आपको इस वक्त बाजार में दिखने हैं यह सिर्फ कुछ गंटों के लिए हैं याने दिन में दो तीन गंटी जब दुकाने खुलती हैं जब लोग जो हैं जरूरी साजसामा लेने के लिए अब गरों से बाहर निकलते हैं वहां चलत
01:24अक्टिवशन पढ़के आते हैं
01:54उन हालात में उस वक्त सेना ने युद्ध कैसे किया होगा
02:24नहीने में ही पाकिस्तानी गुस पैठी है तब गुसाए थे जब सेना के पोस्ट दोनों देशों के खालरी होते थे सर्दियों के दोरान लेकिन करगिलियूद के बाद अब इस तैगर हिल पर भी इस तापमान में भी यानि माइनस 15 डिगरी दिन में और 25 डिगरी रात में �
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