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  • 2 days ago
আদালতে নির্দোষ প্রমাণিত বাবা-মা, তবুও জার্মানিতে বন্দি ছোট্ট আরিহা, সাহায্য চাইল পরিবার

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00:00साड़े चार साल पहले जब हमारी बच्ची को जर्मनी के फॉस्टर केर में लिया गया था
00:04क्योंकि उसको वहां के जो जर्मन की चाइल सोवीस उस है उनको एक मिसंडरस्टेंडिंग हो गई थी
00:10जिसके वज़े से उन्होंने कुछ आरोप लगाये थे उसके माबाप के उपर पर उन्हीं की जो अदालत है उन्होंने ही क्लीन चीट दिया है
00:19और उन्होंने ही चार साल पहले विदाउट एमी चार्जस जो आरोप लगाये थे वो केस को क्लोस कर दिया है
00:28और आज माबाप के उपर कोई चार्जस नहीं है वो बिलकुल फ्री है वो इंडिया में या कोई भी देश में आ जा सकते हैं सिर्फ और सिर्फ हमारी बच्ची बंदी हुई है आखिर ऐसा क्यों अरीहार ने कुछ गलत नहीं किया है वो एक छोटी सी मासूम सी बच्ची है इस
00:58गलत नहीं किया है तो उसको इंडिया में इंडिया के भारत के सरकार के तहट उनके अंडर उनको उसको बेजा जाए ताकि हमारी बच्ची का कल्च्रल सांस्कृतिक यूमेनिटी रैट सब कुछ प्रिजव हो क्योंकि उसका एक हक है कि वो अपने माहूल में अपने पारिव
01:28टेक्नोलोजी के उपर ही नहीं सिर्फ एक बिजनुस देल के उपर नहीं नहीं पर एक मानवता के उपर यह चीज लेंगे और दोनों ही देश भारत और जर्मनी मुझे याद है कि बहुत साल पहले जर्मनी ने सुभाष चंद्र बोस जी जो हमारे बुद्पूर्व नीता ह
01:58इसको प्रिजर्व करने के लिए और उसको एक अच्छी जिन्दगी देने के लिए उसको जल से चल इंडिया रीपैट्रेट करने की जो है वो बात शुरू करें
02:05प्रदामंत्री जी ने भी इसके बारे में चांसरा मर्ज से इस चीज़ का शिरrit किया बाखी मुत्दे हैं जो जर्मनी के साथ हमारे रिष्ते हैं उन से अलग हटके नहीं देखते ये इसकी भी अथनी ही प्रायॉरिटी है जितनी बाकी बाकी इश्यूस की प्राइटी है
02:19पाड़े चार साल पहले जब हमारी बच्ची को जर्मनी के फॉस्टर केर में लिया गया था, क्योंकि उसको वहां के जो जर्मन की चाइल सौवीसस है, उनको एक मिसंडरस्टेंडिंग हो गई थी, जिसके वज़े से उन्होंने कुछ आरोप लगाय थे उसके माबाप के उपर
02:49चार्जस नहीं है, वो बिलकुल फ्री है, वो इंडिया में या कोई भी देश में आजा सकते है, सिर्फ और सिर्फ हमारी बच्ची बंदी हुई है, आखिर ऐसा क्यों, अरीहा ने कुछ गलत नहीं किया है, वो एक छोटी सी मासूम सी बच्ची है, जो सिर्फ साथ महीने की �
03:19कोई पॉइंट ही नहीं है, उसको अपने परिवार देश और संस्कृती से अलग रखने के लिए, तो फिर हमारी अपसे रिक्वेस्ट है, और यह रिक्वेस्ट हम ऐसे ही नहीं कर रहे है, यू एन्सी एरसी, यानि कि यूनाइटड नेशन्स राइट्स और राइट्स कन्�
03:49अभिकार है कि उसके कल्चिरल और चाइल्ड राइट्स प्रीजव हुए जाए, तो हमारी बच्ची के ये राइट्स प्रीजव क्यों नहीं हो रहे है, और यह रूल का उलंगन क्यों किया जा रहा है, इसलिए हमारी इंडियन गवर्मेंट से रिक्वेस्ट है और जर्मनी क
04:19सरकार के तहट उनके अंडर उसको भेजा जाए ताकि हमारी बच्ची का कल्चुरल सांस्कृतिक यूमेनिटी रैट सब कुछ प्रिजव हो क्योंकि उसका एक हक है कि वह अपने माहुल में अपने पारिवारिक माहुल में एक स्टेबल लाइफ जी सके जहां पर उसको बार बा
04:49आ रहे हैं इसलिए हमारी बहुत आशा है कि वह यह मीटिंग को सिर्फ एक टेकनोलोजी के उपर ही नहीं सिर्फ एक बिजनुस डिल के उपर नहीं नहीं पर एक मानवता के उपर भी यह चीज लेंगे और दोनों ही देश भारत और जर्मनी मुझे याद है कि बहुत साल पह
05:19दोनों देश एक छोटी सी बच्ची दोनों देश मिलकर एक छोटी सी बच्ची के राइट को प्रिजव करने के लिए और उसको एक अच्छी जिंदगी देने के लिए उसको जल सचल इंडिया रीपैट्रेट करने की जो है वो बात शुरू करें
05:33हमें सिर्फ आशा ही नहीं हमें पूरा भरोसा है क्योंकि हमारी सरकार भी यह चीज समझती है कि उस छोटी सी बच्ची का कोई गुना नहीं है और उसको जल सचल इंडिया अपने परिवार अपने लोगों के साथ रहना उसका हक है और यह जल सचल किया जाना चाहिए और हमे
06:03प्रोसेस को शुरू करके हमारी बच्ची को इंडिया वापस लाएंगा बहुत ही समवेदन शील विशे है इसको लेके काफी समय से जर्मन सरकार के साथ जर्मनी की जितनी भी अथारिटीज हैं यहां दिल्ली में उनके राजदूतावास के साथ और बरलिन में जर्मन सरकार
06:33कि आपको ध्यान है यह मामला एक तरह से एक समय पे लीगल मामला था लेकिन हमारा मानना है कि यह मामला अंततर एक हुमेन हुमानेटेरियन इशूज को ध्यान में रखते हुए यह इस तरह से इसको अप्रोच किया जाना चाहिए
07:01जो परिवार की व्यथा है जो उनकी मुश्किले हैं मैं यह तो नहीं कह सकता कि हम उनको समझते हैं क्योंकि सिर्फ वही उसको अच्छी तरह से समझ सकते हैं
07:15लेकिन हमें पूरी जानकारी है इसके बारे में और हर समय पे जितना हम से बन पड़ रहा है हम उनकी मदद करने की कोशिश कर रहे हैं
07:29यह भी कोशिश कर रहे हैं कि बेबी अर्या को जितना जितनी उसकी परवरिश एक तरह से एक भारतिया माहौल में हो सके चाहे वो भारतिया लोगों के साथ उटना बैटना हो भारतिया त्योहार जो वहां जर्मनी में मनाय जा रहे हैं वहां पर वो आके उनमें भाग ले सक
07:59अभी हाल ही में हमने कोशिश की है, मैं अभी इस समय पे उसमें ज्यादा डीटेल में नहीं जाना चाहता, लेकिन आप सब को ये आशवासन देना चाहता हूं कि हम जर्मन सरकार के साथ प्रतिबद हैं इसको पूरी तरह से और हर स्टेज पे इसको इसके बारे में बात करने का
08:29सरकार के साथ इसको follow-up करते रहेंगे और हमेशा हर
08:33कدم पे हम परिवार के साथ रहेंगे ये आप मानके चलिये कि हम
08:39इस issue को जो हमारे बाकी issues हैं बाकी मुद्दे हैं जो
08:44जर्मनी के साथ हमारे रिश्टे हैं उन से अलग हटके नहीं
08:48देखते हैं ये इसकी भी उतनी ही priority है जितनी बाकी
08:51issues की priority है और मेरे साथ मेरे साथी बैठे हुए है
08:55additional secretary यॉरोप जो काफी frequently इनकी परिवार से
09:02बात होती है और जब भी उनका यहाँ पर आना होता है
09:05उनसे मलाकात होती है और जो कुछ हम कर सकते हैं
09:08हम अपनी तरफ से करने की कोशिश कर रहे हैं और आपको समय समय पे हम अपडेट करते रहेंगे इसके.
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