00:00गुजरात के सोमनात लेकर चलते हैं जहां प्रधान मंत्री मोधी सोमनात पर पहले आक्रमण के हजार साल पूरे होने पर सोमनात स्वाबिमान पर के लिए पहुँचे हैं
00:08याद होगा आपको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजार साल पूरे होने पर एक बड़ा पोश्ट लिखा था और ये कहा था कि जब इस मंदिर के नए निर्माण के बाद इसका उद्घाटन हुआ था उस वक्त सीधा अरोप लगाया था
00:24कि उस वक्त के प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नहरू डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद के वहाँ जाने के खिलाब थे और वो इस मंदिर के नए सिरे से उद्घाटन को लेकर उतने उद्घाटन को लेकर उतने उत्साहित नहीं थे
00:39पॉलिटिक्स अपनी जगह पर है लेकिन अब इस महापर्व की शुरुआत हुई है पहली बार गजनी ने हजार साल पहले इस मंदिर पर हमला किया था और उसी की वज़े से ये पर्व रखा गया है आई आपको लिए चलते हैं गुजरा
01:09शंक के दिव्यद्वनी आस्था और स्वाभिमान का महा संगमात सुमनात की धर्ती पर साकार हो रहा है जहां हर कण में इतिहास बोलता है वहां सुमनात स्वाभिमान पर पूरे वैभव के साथ मानाया जा रहा है
01:31सुमनात मंदिर परिसर में गूञ रहा है उमकार मंत्र हर दिशा में आध्यत्मिक ऊर्जा है हर सास में शद्धा है और हर मन में स्वाभिमान
01:43मानो युगों से चलिया रही आस्था को फिर से जागरित कर रहा हूँ
01:47इसी दिव्यक्षन के साक्षी बने प्रधान मंत्री नरींद्र मोदी, सुयम इस दिव्य मंत्र जाप में सहभागी बने और सुमनात की पवित्र भूमी को नमन किया।
01:56सुमनात मंदिर के चारों ओर उत्सव का द्रिश्य है।
02:00पीम के स्वागत के लिए जगह जगह कलाकारों ने अपनी कला के रंग बिखे रे।
02:04प्रधान मंत्री के स्वागत में कलाकारों ने अपनी आत्मा उडेल दी।
02:08भरत नाट्यम की सधी हुई मुद्राएं, कच्छी लोक मृत्य की जीवंत उर्जा और पारम पर एक संगीत की लेने पूरे वातावरण को अलौकी बना दिया।
02:18ये सिर्फ एक आयुजन नहीं है, ये संस्कृति, परमपरा और स्वाभिमान का जीता जाकता उत्सव है।
02:25सोमनाथ स्वाभिमान पर्व सिर्फ एक आयुजन नहीं, मलकि राश्र की चेतना का उत्सव बनकर सामने आया है।
02:32इसलिए पियम मोदी ने सुमनाथ दोरे से पहले भावक ब्लॉक लिखा, पियम ने शब्दों का उद्गार व्यक्त करते हुए लिखा।
03:02किनारे दोनों और सधालों हाथों में ध्वज, आखों में विश्वाज, और दिलों में गर्व लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मूदी का स्वागत करते नजर आये, हर चेहरा कह रहा था सुमनाथ केवल अतीत नहीं, भविश्य की भी प्रेरणा है।
03:32किनार यहज्य के विए रवागत करते हैं।
03:34कि अवाज्य की बाक ten तो है।
03:36कि अवाज्य की अवाज्य की प्रावण प्रश्य की वी तो है।
03:40हैं रहां कर दो एक सब्ड़़् 52 अमार्व
03:41पलाओ जढू़ा हैं
03:44सब्सक्राइब ग्वर्ण प्रह आम
03:50हैं जाओ जहू वर्ण प्रहण
03:54जाओ वर्ण सरक जाओ
03:58हैं जाओ
04:02जाओ जाओ राओ
04:04हैं जाओ
04:06MAर्ज को जाओ
04:08रईवार का दिन इतिहास में एक और अध्याय जोडने जा रहा है
04:13प्रधान मंत्री पूजा अर्चना करेंगे
04:15108 आश्वों का भव ये रत निकलेगा
04:18जसमें पीम मुदी स्वेंप से भागी होंगे
04:20ये रत ही यात्रा आस्था की नहीं शौर्य की गाथा कहेगी
04:24ये शोभा यात्रा उन वीरों को नमन है
04:26जिन्होंने सोमनात मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राण नियोच्छावर कर दिया
04:30108 घोडू की ये रतियात्रा सिर्फ एक परंपरा नहीं
04:34बल्कि शौर्या, बलिदान और रास्ट्र भग्दी का पतीक है
04:37रविवार का दिन और भी एतियासिक होने वाला है
04:40प्यम्मोदी सोमनात के पावंग भूमी से देश को संबोधित करेगे
04:44आज सोमनात केवल एक तीर्थ नहीं है
04:46आज ये भारत के आत्म गौरब, उसकी चेतना और उसके सनातन स्वाभिमान का जीवन स्वर है
04:53ये वही धरती है जिसने महमूद घजनवी, खिलजी और औरंग जेब जैसे आकरांताओं के आकरमण सहे
04:59लेकिन आस्था को कभी जुटने नहीं दिया
05:01सोमनात स्वाभिमान पर्व हमें याद दिलाता है कि भारत की आत्माडिग है
05:06उसका संसकार अमर है और संकल्प आटूट है
05:09आज यहां अस्था भी है, शौर्य भी है, सस्कृति भी है और संकल्प भी
05:14ये आयजन सिर्फ वर्तमान का उत्सव नहीं बलकि भविशय का संदेश है
05:18सोमनात से उड़ती ये चेतना देश के कोने कोने तक जाएगी
05:23और साफ शब्दों में कहेगी भारत जुकता नहीं, भारत रुकता नहीं है
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