00:00नमस्कार मैं हूँ श्वेता सिंग और आप देख रहे हैं आज तक हमें समय मौजूद हैं गुजरात में सोमनाथ मंदर में जहाँ पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शुरुवात हो चुकी है प्रधान मंतरी नरेंद्र मोदी को यहाँ पर पहुचना है और उससे पहले उल्
00:30यह वही सोमनाथ मंदर है जहाँ आस्था तूटी नहीं जहाँ संस्कृती जुकी नहीं जहाँ से भारत के स्वाभिमान ने हर बार नया संकल्प लिया
00:48हजारों साधु संथ मंतर चार कर रही है
00:59अखंड ओंकार जाप कर रहे है शंकनाद डमरुनाद और ओम नमर्शिवाय की गूंज पूरे वातावरण को शीव मै बना चुकी है
01:19ऐसा लग रहा है जैसे स्वेंग महादेव अपनी सनगरी को निहार रहे हूँ
01:29गुजरात के सौराष्ट तट पर पसा ये दिव्विधाम केवालिक मंदिर नहीं ये भारत की आत्मा है
01:38ये स्तनातन चेतना का जीवन्त प्रमाण है
01:45ये वो साक्षी है जिसने विनाश भी देखा और पुन्रुत्थान का वैभव भी
01:52यहां पर जो स्वाभिमान दिवस मनाया जा रहा है वो एक हजार साल बाद मंदिर के
02:02कैसा गर्व कैसा लगता है
02:04कि आप ये उठी आरि है तर बहूं संंतर भगवान जी इतने अच्छé सजए है केसे लग रहा को out
02:09अच्छ।
02:39साथ चनवरी से शुरू हुए इस सोमनात स्वाभिमान परव में लाखों लोग पहुंच चुके हैं
03:04प्रधान मंतरी नरेंद्र मोदी भी पहुंचने वाले है
03:0911 जनवरी यानि कल सुबा प्रधान मंतरी सुमनात मंदिर में पूजा अर्जना करेंगे
03:15जला भिशे के बाद पियम मोदी ध्वजा पूजा और सोमेश्वर महा पूजा में भी शामिल होंगे
03:20इसा एक भगिरत कारिया एक नया कदम जो हमारे प्रधान मंतरी श्री नरेंद्र भाई मोदी जी की उपस्तिती में होने जा रहा है
03:30सोमनाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में पियम मोदी की मौजूदगी इस परव को और भी एतिहासिक बना देगी
03:45पूजा और सोमनाथ दर्शन के बाद पियम मोदी दो किलोमेटर लंबा रोडशो करेंगे
03:51सोमनाथ मंदिर से सद्भावना ग्राउंड तक ये रोडशो होगा
03:54इस रोडशो में 108 अश्व जुडेंगे जो मोदी जी के काफिले के आगे और पीशे चलेंगे
04:00इसके बाद प्रधान मंतरी देश भर जहाई लोगों को सद्भावना मैदान में संबोधित करेंगे
04:06सुमनाथ मंदिर सिर्फ पत्थरों से बना एक पूजा का स्थान या एक कलात्मक इमारत भर नहीं है
04:13बलके हिंदुस्तान की गौरव शाली सभ्यता का सबसे जीवन तो धारण है
04:19श्री सुमनाथ के प्राचीन मंदिर का प्रथम सोपान जो यहाँ पर आप देख रहे हैं
04:24ग्यारवी सदी इसके साथ वो तिथी इंगित है यहाँ पर जो पुरानी जो चित्र है
04:32सुमनाथ मंदिर का यानि कि जिस रूप में उस तोड़ फोड के बाद वो नजर आया था
04:40यह ग्यारवी सदी का पंचागरी पारवती की प्रतिमा लेकिन शीर्ष नहीं
04:47यानि कि जो छोटी मूर्तियां भी है और साथ में उनके भी शीर्ष नहीं
04:52तो यहीं पर आप चरणाविंद देख सकते हैं जो केवल चरण है और इसमें लिखा है कि प्राया हिया चरणाविंद इस यहां विराजमान पारवती जी की होगी यह दस्वी शताब्दी की यह मूर्ति है
05:06हमारे स्क्रिप्टर में लिखा गया है कि जो सुमनात मंदीर है चार अलग अलग यूग में डिफरेंड डिफरेंड माटिरियल से बनाया गया था
05:121913 नवेंबर 1947 में जब सरदारवललवी पाटेल यहां पर आते सुमनात मंदीर के दर्शन के लिए तब उन्हों ने देखा कि यह मंदीर की बहुत ही खराप कंडिशन है तो उसके बाद उन्होंने संकल्प किया कि मैं उसका पुनार जिर्नोधार करोंगा और उन्होंने संकल
05:42जो हमारे प्रत्थम राष्टरपती थे डॉक्तर राजेंदर प्रशाद ने उन्होंने भगवान जो मंदीर का गर्व गुरु है तब उन्होंने सिवलिंग की स्थापना की थी जो प्रत्थम वो गलते ही के प्रान प्रतिश्ठा तब हुई थी
05:55पियम मोदी ने सोमनात मंदिर पर हमले के एक हजार साल पूरे होने पर एक भावनात्मक ब्लॉग भी लिखा
06:09सोमनात पर हजारों और फिर गुलामी के लंबे कालखंड के बावजूद मैं पूरे विश्वास के साथ और गर्व से ये कहना चाहता हूँ
06:19कि सोमनात की गाथा विद्वन्स की कहानी नहीं है
06:23ये पिछले हजार साल से चली आरही भारत माता की करोणों संतानों के स्वाभिमान की गाता है
06:28ये हम भारत लोगों की अटूट आस्था की गाता है
06:31साल एक हजार 26 में महमूद गजनवी ने आकरमण किया था
06:36हजार उन लोगों का कतल किया, मंदिर को तहसन हिस किया और खजाना लूट कर ले गए
06:41लेकिन चालुक की राजा भीम प्रथम ने फिर मंदिर का निर्मान करवाया
06:46फिर सोलंकी राजा कुमार पाल ने मंदिर को और भग्वेता प्रदाम की साथ ही मंदिर को रत्नों से सजाया
06:531297 में अलाउदीन खिलजी के स्यनापती नुसरत खान ने और फिर मज़फर शाह और एहमद शाह ने बार बार आस्था के इस स्थल को चोट पहुचाई
07:121965 में औरंग जेव ने मंदिर को दो बार तोड़वाया जब देखा कि लोग खंधर में भी पूजा करने आ रहे हैं तो भग्तों के कतल के लिए सेना भेजी और मंदिर का निशान तक मिटाने का अदेश दिया
07:24सोमनात मंदिर सत्र बार तोड़ा गया लेकिन हर बार उसका निर्मान भी होता रहा
07:30माराथा राजाओं के हाथ में जब देश का बड़ा हिस्सा रहा तो महारानी अहिल्याबाई होलकर ने मंदिर के स्थान पर ही मंदिर बनवाया
07:38आक्र्मन कारियों ने सोचा था कि वो स्तनातन की आस्था को तोड़ देंगे
07:44हम लावरों ने सोचा था कि वो भारत के आक्मा को कुचल देंगे लेकिन ये मंदिर हर बार पहले से ज्यादा भव्वी होकर खड़ा हुआ
07:53अब 2026 में जब आक्रमन के 1000 साल पूरे हो रहे हैं तो पूरा देश सुमनात स्वाभिमान परोग मना रहा है
08:02सुमनात की प्रतिष्ठा महुटसब के लिए दूर दूर से देशों से देश के भीतर अलग अलग राज्यों से जल आया था पवित्र नदियों से
08:14देखिए मुस्कवा नदी जो की रूस में है वहां से भी जल है सर्यू जी से अयुध्या नगरी से जल आया हुआ है गुदावरी से जल है
08:24Water of Southern Ocean न्यूजीलेंड से भी जल यहां पर लाया गया था चाहे गंडक नदी हो दक्षिन भारत की अलग अलग जो हिंद महासागर का जल है देखिए
08:36यहां पर हैदराबाद से भी जल यहां पर लाकर रखा गया है होबार्ट से यानि कि ऑस्ट्रेलिया में
08:45Water of Southern Sea यह पूरी दुनिया और देश से लाया हुआ जल जिसके जरीए यहां पर जो प्रतिष्ठा महुत्सव था 1951 में जो संपन्न हुआ था वो जल यहां पर रखा गया है
09:01यह पर्व सिर्फ उत्सव नहीं है यह भारत की चेतना का उद्गोश है यह हमारी सभ्धेता के अमर होनी की खोशना है इस साल का यह पर्व इसलिए भी एतिहासिक है चोंकि यह सोमनात के आधनिक पुनर निर्मान के 75 साल भी पूरे होने का सांक्षी है
09:20सोमनात मंदिर पर 17 बार आक्रमन हुआ था और 17 बार सोमनात मंदिर का पुनर निर्मान किया गया जिस स्वरूप में हम इस समय देखते हैं वो स्वरूप सरदार पटेल ने जो संकल्प उठाया था उसके बाद हमें देखने को मिला
09:38देख के प्रथम राश्ट्रपती डॉक्टर राजेंद प्रिसाद यहां पर उस जो प्रतिष्ठा उत्सव था उसका हिस्सा बनने के लिए आये थे
09:49ये दिन एक ऐसा दिन था जो भारत में कोई भूलना नहीं चाहता क्यूंकि ये भारत वासियू के संयुक्त संकल्प का पर्व था
10:00देश की आजादी के बाद जब लौपुरुष सरदार वल्लब भाई पटेल ने संकल्प लिया कि सोमनात फिर से खड़ा होगा तो ये सिर्फ एक मंदिर का निर्मान नहीं था
10:11ये भारत के स्वाभिमान का पुनर निर्मान था
10:14तीन हजार ब्रोन का ये भव्य शो सोमनात के दिहास को आज तकनीक के कैनवास पर उकेर रहा है
10:23उन वीरों की गाथा सुना रही है जिन्होंने सोमनात की रक्षा करते हुए अपने प्राण नियोचावर कर दिये
10:34शद्धालों की भारी भीड, स्पेशल ट्रेने, चारू दिशाओं से उमरता चंद से लाव ये पता रहा है
10:47कि सोमनात सिर्फ गुजरात का नहीं, पूरे भारत का स्वाभिमान
10:51यहाँ पर जो सोमनात स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है
10:58आप कैसा मैसूस करते हैं यहाँ पर बढ़िये में बढ़िया एक लंग, जब जब जब पूरा गुजरात के नंबर वन है सोमनात जी
11:07और पूरान हजार साल पहला का मंदीर है, अभी कितना 15 तारिक हो गई तक 11 तारिक हो
11:14हजार साल हो जाएगा मंदीर हो जी जुनिया से पबली गाहां पर आती है दर्शन करने ही कि जो लोग दर्शन करते हैं उनको तुरा बोले ना जी सफर हो रहा है।
11:24आप तो राम जी को लिखे आई हैं आप तो राम जी को लिखे आई हैं बड़ी आाइक हैं एन डरशन हैं फोड़ अच्छा लगा है
11:50सवाभिमान पर्व जो यहां पर मनाया जा रहा है एक भारती होने के नाते क्या आपका आपकी सोच है
12:04सवाभिमान का यह मंदिर बताता है कि विनाश के बाद भी निर्मान होता है
12:15सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल एक आयोजन नहीं यह भारत की चेतना का महुद्चव है
12:24वो सभी लोग जो अलग-अलग जाती से आते थे लेकिन जिन्होंने बलिदान दिया सोमनाथ मंदिर के लिए
12:33उन सब को एक तरीके से इन चित्रों के साथ इन प्रतिमाओं के साथ एक शद्धांजली यहाँ पर दी गई है
12:42जो ब्रह्मन परिवार थे उनको यहाँ पर चरण पादुकाओं के साथ उनको सम्मानित किया जा रहा है
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