00:52जीजी विशा के इस पुपीद को अनेक बार वापस बनाया और आकरानताओं ने फिर उसे खंडित करने का प्रयास किया
00:59इस बार कवर्श और भी महतोफून इसलिए है कि आजादी के बाद
01:04तकालीन पुधान मंत्री जवारलाल नहरुजी के पूरे प्रयास और चेस्टाओं के बावजुद रोकने के पूरी कोशिशों के बावजुद भी
01:16लावपुरु सरगार वल्लबबाई पतेल के अतल अडिग इरादे से सामाजिक सहयोग से भारत के स्वाभीमान के पृतीक का पुनर निर्मान किया गया
01:27और उस घटना को उस पुनर निर्मान को भी 75 वर्ष पूरे हुए
01:33सोमना के मंदिर आस्था का पृतीक होने होतो ही 12 जोतिवलिंगों का प्रथम जोतिवलिंग है
01:41लेकिन इसके साथ साथ में इतने सारी एतियासिक उतार चड़ाओं और घटनाओं का साक्षी बार बार घ़स्त किये जाने के बावजुद भी पुनर निर्मान
01:51वो भारत की शाष्वत अदम्य जीजी विशा का प्रतीक है भारत को कुचलने दबाने के इतने प्रयास भारत की संस्कति को समाप्त करने के इतने सारे शर्यंत्र और इतनी सारे ताक्तें
02:08इतनी सारी दुरब संभिया होने के बावजूद भी भारत हर बार उख़ड़ा हुआ और अब पूरी ताक्त के साथ महवान सोमनाथ के आशिरवात से देश के 140 करोड लोगों की संकल्प 37 शक्ति से माने प्रगानमंत्य जी के नेतरतों में देश विक्सित होने की दिशा में
02:38स्रीचर्णों में और ठाकुर जी के स्रीचर्णों में द्वारकाधीश के स्रीचर्णों में
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