00:00सबसे पहले आप देखिए कि नए साल के मौके पर जब पत्रकारों ने राश्रपती डॉनल्ड ट्रम्प से ये पूछा था कि साल दोहजार चबविस के लिए उनका न्यू येर रेजिलिशन क्या होगा तो राश्रपती ट्रम्प ने कहा था
00:12पीस ऑन अर्थ यानि दुनिया में शांती लाना चाहते हैं पहले ये सुने पहले इस पहले भी हमने कई न्यू येर रेजिशन को टूटते हुए देखा
00:42है लेकिन ये वाला दुनिया को बहुत भारी पढ़ रहा है राश्रपती ट्रम्प ने कहा था कि साल दोहजार चबविस में उनका लक्ष दुनिया में शांती स्थापित करना होगा लेकिन इस वक्त ऐसा लगता है कि पूरी दुनिया एक नए युद के महाने पर खड़ी है
01:12बड़ा खतरनाक साबित होने जा रहा है क्योंकि नए साल पर अमेरिका के राश्रपती डॉनल्ड ट्रम्प की हरकते डराने वाली हैं ट्रम्प ने सबसे पहले तो अपने पड़ोसी देश वेनेजवेला पर हमला किया उसके राश्रपती को उठा कर ले आए कई लोग कह रह
01:42वेलिटे मों कर रहे हैं, बलकि ये सवाल थो ही कि वो अब सीधे चीन को चुनोती दे रह रहे हैं क्योंकि चीन का वेनेजवेला में काफी निवेश है
01:51कली अमेरिका ने रश्या के एक जहाज पर कबजा कर लिया
01:55अब देखे आप एक के बाद एक उनके कदम क्या क्या है
01:58रश्या के एक जहाज पर कबजा कर लिया दावा किया
02:01कि ये जहाज तेल लेकर वेनिजला से रूस जा रहा था
02:04लेकिन अमेरिका के सेनिकों ने इस पर कबजा कर दिया
02:08अब पूटिन भड़क गए है
02:10दुनिया इस इंतजार में है कि रश्या ट्रम्प को कैसे जवाब देगा
02:16उधर ट्रम्प लगातार ग्रीनलेंड कबजाने को लेकर धमकिया दे रहे है
02:21जिसके बाद अमेरिका और नेटों के बीच तनाव बढ़ गया है
02:25ट्रम्प लगातार इरान को भी धमकार है
02:28कह रहे हैं कि अगर इरान ने प्रदर्शन कारियों पर हमला किया
02:31तो अमेरिका बचाने के लिए आएगा
02:33और सबसे एहम अमेरिका अपनी सेना का रक्षा बजट
02:36दीरे से चुपके से एक तरफ शांती चाहिए
02:42पीस इन दे वर्ल्ड एक तरफ नोबेल भी चाहिए था
02:48और दूसी तरफ रक्षा बजट एक ट्रिलियन डॉलर से डेर ट्रिलियन डॉलर करने जा रहे है
02:54सवाल यह है कि इतना बड़ा इजाफा क्या क्यों डिफेंस बजट
02:58क्या ट्रम्प जंग लड़ने की तयारी कर रहे है
03:00सबसे पहले आपको यह बताते हैं कि अट्लांटिक सागर में अमेरिका ने ऐसा क्या किया
03:07कि विश्व युद्ध का खत्रा पैदा हो गया यह सिर्फ कोरा दावा नहीं
03:11अमेरिका के राश्रपती डॉनल्ड ट्राम्प और रश्या के राश्रपती व्लादमिर पूटिन के बीच यह मुलाकात पिछले साल अगस के महीने में अलास्का में हुई थी
03:18दोनों ने था रश्या और यूकरेन की जंग सुलजाने के लिए मिले थे
03:23लेकिन इस मुलाकात का कोई असर ही नहीं पड़ा और अब लगता है कि नए साल में ट्रम्प खुद एक नई जंग की तरफ जा रहे
03:32सेकेंड वर्ल्ड वॉर के बाद दुनिया ने शीत युद्ध देखा, कोल्ड वॉर देखा
03:37रश्या और अमेरिका के बीच दुनिया तब दो खेमों में बटी हुई थी लेकिन 1991 में सोवियत संग के विगटन के बाद
03:44अमेरिका दुनिया का सूपर बॉस बन गया, रश्या और अमेरिका अतिहासिक तोर पर एक दूसरे के दुश्मन हो गए
03:50लेकिन ये दुश्मनी इस हद तक पहुँच जाएगी, इसका अंदाजा शायद ही किसी को रहा होगा
03:57आपको ये तस्वीरे बिल्कुल फिल्मी लग रही होगी, समंदर में एक जहास तैर रहा है
04:03और उसके उपर एक हेलिकॉप्टर मंडरा रहा है
04:06हेलिकॉप्टर से रस्यों के सहारे पहले सैनिक उतरते हैं, फिर जहास को कबजे में ले लेते हैं
04:13ये समंदर में अमेरिकी दादागिरी की तस्वीर है, जो जहास नजर आ रहा है, वो पैनमा का सूपर टैंकर M.Sofia है
04:19और हेलिकॉप्टर से जो जवान तरते दिख रहे हैं, वो अमेरिकी कोसगार्ड है
04:24M.Sofia तेल टैंकर जन्वरी के पहले हफते वेनेजवेला से तेल लेकर निकला था
04:29सूत्रों के मताबिक ये तैंकर चीन जा रहा था, लेकिन जिस पर अमेरिका ने कबजा कर लिया
04:3624 घंटे के बीतर कल समंदर में अमेरिका की ये दूसरी कारवाई थी, जिसमें वेनेजवेला से तेल लेकर जा रहे टैंकर पर
05:04तो अट्लांटिक में और वो भी नौथ अट्लांटिक, उत्री अट्लांटिक में जब्त किया
05:09अब रश्या ने अपने जहाज की सुरक्षा के लिए सब्मरीन और अन्य नौसेनिक जहाज भेजे
05:14लेकिन वे इसे बचाने में असफल रहे
05:17अमेरिकी नौसेना इस जहाज पर दो हफते से भी ज़्यादा समय से नजर बनाए हुए थी
05:22रिपोर्ट के मुताबिक ये जहाज वेनेजवेला से तेल लेने जा रहा था
05:27ताकि उसे चीन या दूसरे देशों को पहुचाया जा सके
05:30जब अमेरिकी तट रक्षक बल ने रूसी टैंकर पर कबजा किया
05:35तब उस जहाज के आसपास कोई अगर आप देखे बतलब अब ये तो प्रमाण भी इसका सामने आ रहा है
05:43तस्वीरे आ रहे हैं उस जहाज के आसपास कोई अन्य रूसी जहाज मौजूद नहीं था
05:47अमेरिका ने जिस रूसी जहाज को पकड़ा है पहले इसका नाम बेलावन था
05:53अमेरिका ने इसे प्रतिबंदे जहाजों की लिस्ट में डाल दिया था
05:56दिसमबर दोजार पच्चिस में ये वेनेजोला की ओर जा रहा था
05:59लेकिन अमेरिकी कोसगार्ड ने इसे रोकने की कोशिश की
06:02उस समय जहाज के क्रू मेंबर्स की होश्यारी से ये जहाज बच गया था
06:06अमेरिकी कोसगार्ड के पास इस जहाज को जब्त करने का वारंट था
06:10अमेरिकी अधिकारियों का आरोप था
06:12कि ये जहाज अमेरिकी प्रतिबंदों का उलंगन कर रहा था और इरानी तेल ढो रहा था
06:17तब ये जहाज गयाना के जंडे के तहट रिजिस्टर था
06:22लेकिन इसके बाद इस जहाज का नाम बदला गया और बदल कर मेरिनेरा कर दिया गया था
06:28इसके बाद इस पर रूसी जंडा लगा कर इस देश की official registration list में शामिल गया गया
06:34बताया जा रहा है कि यह जहाज इसके बाद वेनेजोला की ओर जा रहा था
06:40लेकिन अमेरिकी ब्लोकेड लगा हुआ था और इसके डर से इसने रास्ता बदला और अट्लांटिक की तरफ मुड़ गया
06:48लेकिन अमेरिका और ब्रिटन समेथ कई देश इस जहाज की निगरानी कर रहे थे
06:52हवाई और समुद्री निगरानी के जरिये इसके हर कदम पर नजर रखी गई थी
06:57अमेरिकी जहाज यूएस सीजी सी मुन्रो ने इसका पीछा किया और पीछा करते वे से पकड़ा
07:04हम ऑपरेशन में ब्रिटन ने इस ऑपरेशन में अमेरिका का पूरा साथ देखे
07:10करो अजय, अजय इसके हरां टनुस्ट ब्राइबा लुण की साथी यूछ रखी ब्राइबार्व पीछा टिए मुन्टी लुण ने, वजयर रखी ब्राइबा त्लाइबार्ओ ट्राव में अभीम्रेव यूट।
07:23कर दोते बापिसमें जाले का बनक पतात अस्के�� के पाई कर अकाइस
07:28उन्सक्टानि के हम अकाउमाग कि इप्रष चाल कोने टा इनलजाuerdo
07:40The vessel refused to comply with the U.S.'s exercise of its sanctioned jurisdiction on the 20th of December, after which the U.S. Coast Guard vessel Monroe pursued the ship across the Atlantic.
07:55This is a sanctioned, stateless vessel which carries a long history of nefarious activity and shares close links with both Iran and Russia.
08:08Russia has forced the
08:35प्रावधानों के अनुसार उचे समंदर में Freedom of Navigation का सिधान्त काम करता है और किसी भी देश के पास ऐसे जहाज के खिलाफ बल प्रयोग करने का अधिकार नहीं है जो दूसरे देश में Registered हूँ
08:48रश्या इस खुले समंदर में अमेरिका की समुद्री डकेती इसे बता रहा है रश्या ने अमेरिकी आक्शन की निंदा का बयान तो जारी कर दिया लेकिन अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि रश्या इसके बदले में क्या कर सकता है अब सवाल क्या है
09:06सवाल ये है कि क्या पूटिन अब चुप बैठेंगे या फिर कोई रियाक्शन देंगे
09:13क्योंकि पूटिन की किसी भी कड़ी प्रतिक्रिया का मतलब है
09:16तनाव बढ़ेगा तनाव जादा बढ़ेगा फिर टरंब भी चुप नहीं बैठेंगे
09:22और यही वज़ा है कि ये मामला कहां जाकर रुकेगा
09:26दुनिया की निगाहे इस बात पर है कि क्या व्लादेमिर पूटिन कोई बड़ी प्रतिक्रिया देंगे
09:31क्या पूटिन भी किसी समंदर में अमेरिका के किसी शिप पर कबजा करेंगे
09:36या फिर रुशे जहास को छोड़ाने के लिए अट्लांटिक में अपनी फौज बहेजेगा
09:41इसका मतलब समझ रहे हैं आप
09:43कुल मिलाकर दुनिया में जो बड़े घट नाकरम हो रहे हैं
09:47उसके पीछे कही ना कही अमेरिका ज़रूर है
09:49ऐसा ही एक और तनाव ग्रीनलंड को लेकर भी खड़ा हो रहा है
09:52जॉनल्ड ट्रम्प ने जब से दूसरी बार सत्ता संभाली है
09:55वो लगातार ग्रीनलंड को खरीदने की बात कहते है
09:58और जब भी उन्होंने ग्रीनलंड को खरीदने का जिक्र किया
10:02तब इसे मजाक समझा गया लेकिन अब साफ है कि ट्रम्प मजाक नहीं कर रहे हैं
10:09ट्रम्प सरकार और सरकार की ताकत के दम पर या कीमत दे कर ग्रीन लेंड हासिल करने पर अड़े हुए है
10:17ड्रॉनल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर से दोर आया है कि राश्य सरक्षा के लिहाज से हमें ग्रीनलंड की जरूरत है
10:23ग्रीनलंड डेन्मार्क का एक स्वायत इलाका है जो नेटो का हिस्सा भी है
10:30यहाँ पर डेन्मार्क के करीब 200 सैनिक तैनाथ है
10:33अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विदेश मंत्री माको रूबियो ने सांसदों को दी गई एक ब्रीफिंग में
10:39यह साफ कहा है कि ट्रम्प ग्रीनलंड खरीदना चाहते है
10:44आपने सही सुने
10:45हालिया चेतावनियों का मकसर डेनमार्क पर दबाव बनाना है
10:51ताकि वो ग्रीनलंड बेचने की बातचीत के लिए तैयार हो जाए
10:55यारी डॉनल्ड ट्रम्प का प्रशासन ग्रीनलंड पर कबजे के लिए
10:59सैनकारवाई से इंकार नहीं कर रहा है
11:00इसे पहले भी लाया था डॉनल्ड ट्रम्प ग्रीनलंड को अमेरिका की सुरक्षा के लिए
11:05जरूरी बता चुके है
11:06सबसे पहले आप डॉनल्ड ट्रम का ये बयान सुनिये फिर हम आपको आगे का विशलेशन दिखाएंगे
11:12मताना मेन मेना टारा nós टाम मेनान लिए ँट स्टा急 कि बמנयान मेना लि� leads में लाप लिए जब कि ब्रोट पर ए outta लेड़ा है
11:22बेट भी जारा लिए गी ने स्टाथ आप लिए टाम लिए टार यंज यह एच्टा लिए बас ilिए ट रित ए यह लू कि बמנयान
11:30जोड़े विए अगया ओपर ग्राप अगया नागया विए रिखिए रूब्यों ने अमेरिकी सांसतों को बताया कि हालिया बयानु का ये निशकर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए कि अमेरिका हमले का संकेत रहा है
11:56विदेश, मंत्री, रूबियो, ट्रम्प के राश्ट्री सुरक्षा, सलाहकार भी है
12:02और अगर वो कोई बात कह रहे हैं तो वो गंबीरी होगी
12:06न्यूयोक टाइम्स और वाल्ट स्री जर्नल
12:08इन दोनों अमेरिकी अख़बारों ने सुत्रों के हवाले से बताया है
12:11कि ट्रम्प पर शासन का मकसद ग्रीनलंड को डैन्मार्क से खरीदना है
12:15और इसलिए अमेरिका डैन्मार्क पर दबाव बनाकर उन से ग्रीनलंड बेचने के लिए मजबूर करना चाहता है
12:20आपने पहले कारेकाल के दौरान साल 2019 में ट्रम्प ने ग्रीनलंड हासल करने का आइडिया सामने रखा था
12:26शुरुआत में डैन्मार्क ने ट्रम्प की चित पर चित जो उनका अंदाज है
12:31शेली और छवी के मताबिक किसी मजाकियाबाद की तरह से खारिच कर दिया
12:35मगर वक्त के साथ साफ हो गया कि ट्रम्प मजाक नहीं कर रहे
12:39डैन्मार्क और ग्रीनलंड के बार बार इंकार करने के बावजूद
12:44वो अपनी मांग दोहराते रहे
12:46मौजूदा कारेकाल में ट्रम्प की ख्वाहिश पसचाहत जताने तक सीमत नहीं रही है
12:50ट्रम्प प्रशासन चेतावनी पर चेतावनी दिये जा रहे है
12:53दिये जा रहा है कि ग्रीनलंड
12:57सयुक्त राज्य की राष्ट्रिय सुरक्षा के लिए एहम है
13:03युनाइटेट स्टेट्स के लिए एहम है और उन्हें वो चाहिए
13:07जब्कि डैन्मार्क और ग्रीन्लेंड के रहे की वो बिकाउण नहीं है
13:12टर्म की हालियाँ चेतावनियों के बाद यूरॉप के साथ लीडर
13:15ग्रीनलेंड के साथ एक जुट्ता जटा चुके है
13:18यूरॉप खुलकर कह रहा है की ग्रीनलेंड के लोगों का है
13:21और भौगोलिक अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए
13:25European leaders ने एक साजा बयान जारी किया
13:28जिसमें लिखा था Greenland वहां के लोगों का है
13:31Denmark और Greenland से जुड़े मुद्दों पर फैसला लेने का हक
13:34केवल Denmark और Greenland का ही है
13:36इस संयुक्त बयान पर Denmark, France, Germany, Italy, Poland, Spain, Britain के नेताओं के दस्तखत है
13:44इन नेताओं ने सम्मप्रभुता भौगोलिका खंडता सीमाओं की
13:48यथा स्थिती को लेकर UN Charter में दर्ज सिधानतों के पालन की एहमियत पर जोर दिया है
13:54ट्रम की इंचाहतों ने नेटों के भविश्य पर सवालिया निशान लगा दिये
14:00नेटों यानि कि यूरोप के देशों को रूस से बचाने वाला से निसंगठन
14:03जिसमें अमेरिका की सबसे बड़ी भूमिका है
14:06अमेरिका नेटों का सबसे बड़ा सदस्य देश है
14:09दूसे विश्वियुद के बाद शीतियुद के दिशकों में नेटों ने यूरोपिय देशों को अपनी सुरक्षा को लेकर आश्वस्त रहने में सबसे बड़ी मदद दी
14:17हमले की स्थिती में साजा सुरक्षा की गैरंटी आक्रमन और सीधी लड़ाई की आशंका को टालने का सबसे प्रमुख जर्या बना
14:26मगर अब नेटों के ही देश डेनमाक को गडबंधन के अगवा अमेरिका से खत्रा नजर आ रहा है
14:33यूरपिय नेटा ध्यान दिला रहे है कि ग्रीनलेंड समेट डेनमाक नेटों का हिस्सा है
14:38और अमेरिका सहेथ सभी नेटों सदस्यों को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी
14:45मतलब जिस नेटों का सबसे बड़ा देश अमेरिका है उसी नेटों के
14:51क्योंकि नेटों में आप क्या करते है एक दूसरे को सुरक्षा की गारंटी देते है
14:54उसी नेटों के एक देश को सीधे सीधे खरीदने की बात डॉनल्ड टरम्प कर रहे है
14:59और बाकी देश याद दिला रहे हैं कि अरे आप नेटो में हैं और ये भी देश नेटो का है सुरक्षा की गैरंटी आपने दी है उसी को आप बरबाद कर रहे हैं करने की सोच रहे हैं
15:09आशंका मजबूत होती जा रही है लेकिन कि कहीं अमेरिका डेनमार्क पर हमला तो नहीं कर देगा
15:14खुड डेनमार्क की प्रदानमंची मेटे फ्रेडरिक्सन ने इस आशंका के बावत बयान दिया
15:20उन्हेंने चेताया कि किसी अन्ने नेटो देश पर अमेरिका का हमला पशिमी देशों के सुरक्षागडबंधन का अंत माना जाएगा
15:26डॉनल्ड ट्रम्प खुले आम नेटों के देशों को धमका रहे हैं
15:29उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट लिखा है
15:31जिसमें कहा है कि अगर वो नहीं होते तो पूरे यूक्रेन पर रश्या का कबजा हो चुका होते
15:37कह रहे हैं कि उन्होंने अकेले अपने दम पर दुनिया में आठ युद्ध रुकवाए
15:42और नेटों का सदस्य नॉर्वेज के बावजूद उन्हें नोबेल शांती पुरसकार नहीं देता है
15:46आगे कह रहे हैं कि अगर अमेरिका ना हो तो रश्या और चाइना को नेटों का कोई डर ही नहीं होगा
15:52और ये भी कह रहे हैं कि मुझे तो ये डर है कि अगर नेटो की अमेरिका को कभी भी ज़रूरत पड़ी तो शायद ही हमारे साथ खड़ा होगा लेकिन हम नेटो के लिए हमेशा खड़े रहेंगे वो रहे ना रहे
16:03तो अब टरंब की वज़ा से नेटो का भविश्य भी अधर में लटका हुआ है और डॉनल्ड टरंब क्या चाहते हैं वो ग्रीनलेंड पर कभजा क्यों करना चाहते हैं अब संशेप में ये भी जरा से समझ लीजे ग्रीनलेंड एक विशाल अगर आप देखे तो आक्टिक द्
16:33किलोमेटर की दूरी पर स्थित हैं ग्रीनलेंड रेर अर्थ मिनरल्स में समरेद्ध इलाका है रेर अर्थ मिनरल्स यानि जो स्मार्टफोन इलेक्ट्रिक बाहन साजो सामान बनाने के लिहाज से काफी एहम है और कहते हैं कि अब पूरी दुनिया में अगर वो एक चीज जो
17:03इसके अलावा ग्रीनलेंड उत्री अट्लांटिक में एक मेहदपूर्ण रणितिक स्थान रखता है यहां से आक्टिक सर्कल तक पहुँच मिलती है जिसका मेहद तो तेजी से बढ़ रहा है क्योंकि आने वाले वर्षों में ध्रुव्य बर्फ बिकलने से समुद्री मार्क
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