00:00पेडों पर छोटे छोटे थैलों की तरहा जूलते ये हैं चमगादर और चमगादरों की ये दुनिया बसाई है पेगू भाईयों ने
00:12असम के जोनाई के अमरितपुर गाउं में हजारों चमगादर आपको पेडों से लटके हुए मिल जाएंगे
00:18शाम होते ही ये भोजन की तलाश में निकल पड़ते हैं सुबह में चमगादरों और चड़ियों की आवाज से पूरा इलाका गून जुपता है
00:28एक तरह विकास के नाम पर जहां जंगल साफ किये जा रहे हैं वहीं जो नाई का ये परिवार प्रकृते की रक्षा कर एक नई कहानी लिख रहा है
00:40पिछले तीन दशकों से ये सातों भाई अपनी बीस बिगहा जमीन में अनोखी दुनिया बसाए हुए है
00:47हमारे पिता हाथी पालते थे और हाथी के लिए जंगल की जरुरत होती है उन्होंने जंगल को बचा कर रखा था
00:56समय के साथ दूसरी जगों पर जंगल खत्म हो गए तो चमगादडों ने इहां डेरा डाल दिया है
01:02पिछले 30-35 सालों से ये जंगल उनका आस्थाई आश्याना बना हुआ है
01:07इस्थान योकों ने कई बार पेडों को काटने और चमगादडों का शिकार करने की कोशिश की
01:15लेकिन पेगो परिवार ने हर बार इनकी रक्षा की अब वो सरकार से मदद की गुहार लगा रहे है
01:21इतने बड़े जंगल को बचाना आसान नहीं है
01:28जब हम लोग घर से बाहर जाते हैं तो कई लोग चमगादडों को मारने की कोशिश करते हैं
01:34अगर इस जंगल की गहरा बंदी की जाए और बुनियादी सुरक्षा मुहिया कराई जाए तो ये बड़ी मदद होगी
01:40काम के सिलसले में भले ही पेगु परिवार के लोग अलग-अलग जगों पर जाती हैं
01:47लेकिन उनका मन इसी दुनिया में रमा रहता है
01:50वो इन पेड़ों को कभी नहीं काटते बलकि और जादा पेड़ लगाने पर जोर देते हैं
01:56उनकी इसी लगन का नतीजा है कि यहां आपको एक जगा बास, सुपारी, नारंगी, नीमू, नारियल के बगीचे मिल जाएंगे
02:05इसे परिवार को अच्छी आमदनी हो जाती है और ये दुनिया इसी से आबाद रहती है
02:11ETV भारत के लिए जोनाई से कोरोबी डोले की रिपोर्ट
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