- 6 days ago
कैसी दिखती है 'विकसित मुंबई, बदलती मुंबई' की तस्वीर, निरंजन हीरानंदानी से समझिए
Category
🗞
NewsTranscript
00:00हमारा सोभाग है सर कि आप इस प्लाटफॉर्म पर आए आपने अपना समय दिया कितनी बदली हुई पहला सवाल सर कितनी बदली हुई आपको मुंबई दिखाई देती है
00:12पहले तो धन्यवाद आपने हमें यहां आपके प्रोग्राम में शरीक किया और खुशी होती है आपके साथ मुलाता करते हुए
00:23मेरा जनम बॉम्बे में हुआ है पहले बॉम्बे था अभी मुंबई बन गया है बहुत ही परिवर्तन दिख रहा है क्योंकि अब कभी भी भावी भार जाते हैं तो लोग कोस्टल रोट के बारे में बात करते हैं बाकी तो कुछ बात नहीं करते हैं क्योंकि वो कोस्टल रो
00:53बहुत ही अगले 5-6 साल में कोई ऐसे परिवर्तन दिख रहा है कि जैसा लग रहा है कि मुंबई शेहर में कोई क्रांती हो रही है और ये क्रांती ऐसी हो रही है कि जो पहले कभी हुई नहीं थी तो इसलिए बहुत ही अच्छा लगता है हमारे शेहर में ये परिवर्तन सब आ
01:23आपको लगता है कि यह बहुत पहले हो जाना चाहिए था अभी थोड़ा से तेरी से अभी क्या लगता है को कि अभी कितना लंबा रास्ता और तेय करना है मुंबई को कहां तक पहुचना है
01:36देखे कुछ आंखडे में आप देता हूं हमारे पास पैसेट साल से हमारे पास वेस्टर रेलवे सेंटरल रेलवे और हार्बर लाइन थी एक सो नबए किलोमेटर चलते थी अगले दो साल के अंदर हम सवा तीन सो किलोमेटर मेटरो कंपलीट कर देंगे मुंबई शहर के लि�
02:06दो साल के अंदर कंपलीशन हम देखेंगे यह मेटरो दूसरी बात रही कोस्टल रोड जो पहले वर्ली मैंडर थी अब मरी ड्राइब से करेक कर दी और आगे वद्सोवा चल रही है अगले साल में वद्सोवा पोच जाएगी और फिर आगे दैसर और विरार तक सोच रहे ह
02:361970 में इसकी बादचीच चल रही थी और ये MTHL जो ब्रिज अतल ब्रिज जो बना है वो उस जमाने में 100 क्रोर के बजट में बनने वाली थी
02:481970 में कोस्टल रोड और आज जो बन गई बन गई अच्छी बात है लेकिन सिर्फ 22,000 क्रोर रुपया लगे वो ही ब्रिज जो 100 क्रोर में बनने वाली थी वो बन सकता था लेकिन अच्छा है कि अभी बन गई
03:05दूसरी एरपोर्ट पढानी की बात चल ले थी बहुत सालों से चल ले थी मैं वो कमिटी में था 25 साल पहले नवी मुंबई में तो वो भी आ गई है तो क्या सिर्फ बदलाव के पीछे के बज़ा आपको पॉलिटिक्स या राजनेता दिखाई दे रहे हैं कि तब के नेता �
03:35जितने भी हमारे लीडर्शिप थे वो यह बोल रहे थे कि ग्रामिन विवाग के वोट्स जादा है तो इसलिए पॉलिटिक्स वास कमिंग फ्रॉप दे विलिजिस और लोग यह सोचते थे कि उन आंकने को हम कैसे साथिस्पाई करें शेहरों की जो आंदनी हो रही थी या प
04:05पॉलिटिकली इसके बात में परिवर्तन आगी और वो रेक्रगनाइस कर दिया और हम समझते हैं कि जो रफ्तार से हमारे तेजी से आज के तारिक में हमारा जो प्रगति हो रहा है वो शेहरों इंडस्ट्रिल टाउंस ये टाउंस और वो शेहरों के कारण जो प्रगति होग
04:35अब हमारे पास रूरल एरिया अभी भी 50% लोग रूरल एरिया पे रहते हैं लेकिन वो सब अडर इंप्लॉइड है तो इसलिए दीरे दीरे सब अर्बन एरिया में छोटे बड़े मेट्रोपोलिटन टांज देश टिर वान टिर टू टिर थी में शिफ्ट हो रहा है और दी
05:05सब्सक्राइख की ग्रोथ हो गई है इंडस्ट्रिल ग्रोथ हो गई है फिदैंशल ग्रोथ हो जाएगी वह इसके कारब ज्यादे तेर रफचाज से हो एंग वोर्थ लाज्जर से कॉनमी है हम बहुत तीजे से ग्रोथ कर रहे हैं लेकिन यह हमें इस बात को स्विकार नहीं
05:35वो सुपर डूपर रिच एक मुखेश अपानी अदाहनाई को छोड़के,
05:39बाकि जितने भी लेवल्स की जो आमदनी बन बढ़ गई है,
05:44वो काफी हर सेक्टर में रड़िये.
05:46आज के तारिक में मिडल क्लास जो मुंबई शेहर में है,
05:51वो पहले बहुत चोटी थी,
05:52और जिसकी कपैसिटी नहीं थी के वो घर खरीच सकें.
05:57आज के तारिक में मिडल क्लास के कपैसिटी बन गई है,
06:01कि एकड़ शेहर के अंदर उन घर नहीं खरी सकते हैं.
06:05लेकिन पेरिफरिली एरियास में, सबर्बन, एक्स्टेंडड सबर्बन,
06:08जरूर हम घर भी खरीच सेंगें.
06:10दूसरी पार, जो पर्चेसिंग पावर है, रीटेल पर्चेसिंग है,
06:15जो आज के तारिक में सेल, रीटेल की सेल,
06:19मुंबई शेहर, पुना, देली, ये सब शेहरों की जो आप देखेंगे,
06:23नॉर्थ इंडिया, साउथ इंडिया, हर एक शेत्र में,
06:26तो लबबग जो दस साल पहले थे और आज है,
06:30सो गुना बढ़ गए है.
06:32The middle class capacity to purchase today has gone up tremendously,
06:36भूट ही फरिक पागया है.
06:38तो ये परिवर्टन जरूर आया है,
06:41लेकिन हम ये जरूर कह सकते हैं,
06:45कि अब तक काफी रफ्तार बाकी है,
06:49काफी mission बाकी है और बहुत हमें दूर पहुचना है.
06:53अब ही कुछ दूर आये हैं, कुछ दूर पहुचना है.
06:56मैं उन्ही पर आपसे चाहूँगा कि थोड़ा प्रकास डालें,
06:58बताएं कि क्या-क्या कमिया हैं,
06:59किन-किन क्षित्रों हैं में जाधा काम करने क्या उशक्ता है,
07:02मैं चाहता हूँ कि ये जानना बहुत जरूरी है,
07:04तो उन तक भी बात पहुचे जिनको इसमें काम करना है,
07:07तो क्या-क्या कहां-कहां पर आपको कमियां भी दिखती हैं?
07:10मैं समझता हूँ, मुंबई सबसे अमीर शेहर है पूरे देश में,
07:18लेकिन 50% लोग हमारे जोपटपटी में रहते हैं मुंबई शेहर में,
07:23तो 50% of my population of मुंबई lives in जोपटपटी,
07:28आज की तारीक में एक possibility है,
07:31मैं कमिटी मा था, बाला साहिब धाकरे का,
07:34जो ड्राफ्टिंग किया था कि जोपटपटी हम पूर्नावायसन करेंगे,
07:40एक हिस साल पहले की बात है,
07:42लेकिन लगबग 4% ही हुआ है,
07:45अब दिवेंद्र फटनविस ने ऐलान किया है कि हम साथ साल में मुंबई के पूरे जोपटपटी हम कर लेंगे,
07:51यह जो परिवर्तन आज की तारिक में है,
08:05वेदर इट इस मेटरो, वेदर इस एरपोर, वेदर इस हाबर, वेदर इस कोस्टल रोड, वेदर इस अनिति,
08:13हमारे पास आज के तारिक में पैसे है, मूली है, हमारे पास के पैसिटी है, हमारे पास टेक्नॉलिजी है,
08:22हमारे पास execution capacity है
08:24और ये सब हम कर पा रहे हैं
08:26और हम कर रहे हैं
08:28ये शुरुआत हुई है
08:29और हम समझते हैं
08:30जल्दी से जल्दी हो सकता है
08:32होगा
08:33लेकि दूसरे second airport शुरुआत होगी
08:35हमारे पास already एलान किया है
08:38कि third airport Mumbai में आएगा
08:39second airport तो अभी शुरुआत हुई है
08:41third airport की बाद शुरुआत होगी
08:43हमारे
08:44दो harbor है
08:48Mumbai Harbor है
08:49और सामने JNPT है
08:51already हमारे पास तीसरे
08:53port के बारे में
08:56बाचीद शुरुआत हो गई है
08:57bullet train आना चाहते हैं
08:59Delhi Mumbai corridor आ रहा है
09:01तो ये सब जो हो रहा है
09:03वो काफी
09:04परिवर्तार आ रहा है और लेकिन इससे
09:08और भी तेज़े से हमें करना चाहिए
09:10वो बाच चल रही है
09:11निसन्ते साथ ये प्रगती यहां पर दिखाए दे रहे है
09:14मुझे एक speech याद आ रहे है
09:16राज ठाकरे की उन्होंने कहीं
09:18पर कहीं संबोधन कर रहे थे वो
09:19उन पर चुँकि सवाल उत्र भारतियों को बहुत टागेट करते हैं
09:23सवाल उनसे पूछा जाता है
09:24तो इस पर उन्होंने कहा कि
09:25मुझे कोई दिक्कत नहीं उन लोगों से
09:27उन्होंने कहा कि
09:27वो लोग सवाल नहीं पूछते है
09:29कि जो मुंबई में वो काम करने के लिए जो मुंबई उनको खीच कर लाती है
09:34और मुंबई कभी उनने निराश पे नहीं करती है
09:36वो अपने राजनेताउं से क्यों नहीं पूछता
09:38कि हमें यहीं पर नौकरित होना इसी जगह को मुंबई बनाओ
09:41तो ये तो मुंबई बन गए है
09:42यहाँ पर शायद ऐसे लोग और विजनरी है
09:45जो इसको आगे बढ़ा रहे हैं
09:47दूसरे शहर मुंबई जैसी रफ़तार क्यों नहीं पकड़ पा रहे हैं
09:51हमें खुशी होनी चाहिए कि हमारे शहर ज्यादा रफ़तार से चल रही है
09:59उसमें कोई शिकायद करने का सवाल ही नहीं है
10:01लेकिन आप देखें
10:03हम उसी रफ़तार से हमें काम करना है
10:08तो हमारे पास मजदूर भी चाहिए
10:11हमारे पास पूरे शहर में जो कंस्ट्रक्शन चल रहा है
10:1780% तो उतर भारती और उस तरफ से वरकर्स आ रहे हैं
10:22तो शिकायत क्यों कर दिया हमारे खुद के लोग वरकर्स के काम नहीं कर रहे हैं
10:27उनको दूसरी नोखरिया मिलती है
10:28तो हमारे जहां प्रगती होगी वहां इंपोर्ट होगा
10:32मिडल इस्ट में नोखरी मिलती है जादा पागार मिल रहा है
10:36तो हम वहाँ भी जाते हैं, हमारे हिंदुस्तानी जाते हैं।
10:39तो North Indian, South Indian तो उस्वेक डिकत नहीं है।
10:42अब समझे ये कि यूपी में प्रगती जादा हो जाए।
10:47और वहाँ के लोग यहां मंभई में नहीं आये काम करने में।
10:52तो कहां से काम करवाएंगे।
10:54तो we also need workers all over the country, कि भई हम करें।
10:58और ये सोच विचान नहीं करना है कि उतर पार्ती आ रहे हैं,
11:03या South Indian नहीं रहे हैं, या Maharashtra नहीं हैं।
11:07हमें कोई इसे दिकत नहीं है, हिंदुस्तानी आ रहे हैं।
11:10तो ये उतरवारती हैं और वो सब politics शन के लिए हमारे लिए नहीं हैं।
11:15हम ये देखना चाहते हैं कि हमारी कमाई बढ़ सकती ही कि नहीं।
11:18हमारी infrastructure बढ़ सकती ही नहीं।
11:20हमारे घरों बान सकती ही कि नहीं।
11:22हमारे affordable घर हम बना सकते ही कि नहीं।
11:25हम development Mumbai 3.0 के से कर सकते हैं।
11:28ये हमारे सोचने हैं।
11:30हमारे पास healthcare कैसे बढ़ सकता है।
11:33हमारे education कैसे बढ़ सकता है।
11:35हम नोकरिया इसे कर सकते हैं।
11:36और skilling कैसे कर सकते हैं।
11:38हम को skilling करके हमें नोकरिया मिलें।
11:41ऐसे नहीं कि हम educated बन जाया हैं।
11:43और हमें नोक्रिया नहीं मिले नेपाल में देखिए
11:45वाई डियू थिंग रेवलुशन तुक प्लेस
11:48इसलिए नहीं कि वो करप्शन था वो तो दिखावा है
11:51रियल यह है कि वहाँ जो लोगों को सिक्षन मिली
11:56जो educated graduates बन गए उनको नोक्रिया नेपाल में मिल नहीं रही है
12:01तो इसलिए यह शिकायत होके यह revolution बन गया है
12:05इसलिए नहीं कि वहाँ corruption था
12:08corruption हद देश में हो रहा है
12:10तो वो नहीं देखना चाहिए हमें यह देखना चाहिए
12:13कि आपकी प्रगती यह हो
12:15और लोगों को जो सिक्षन मिले
12:17वो सिक्षन मिलने के बाद
12:19हमें नोक्रिया एडिक्विट मिल जाए
12:21यह उत के लिए यह बहुत महुत की बाद है
12:23वही मेरा प्रशन सार्च जो हमारा आर्थिक रूप से
12:25जो पिछड़ा तबका है वो उपर कैसे उठेगा
12:28तो यह है हमारे हमारे तीनू बाते रहते हैं
12:32फर्स्ट एक विजन होना चाहिए हम विजन होना चाहिए कि हमारे देश कहां जाएंगे
12:37जो हमारे आर्थिक रूप की जो बात है वो उसको कैसे हम सपोर्ट कर सकते हैं
12:43हम education कैसे देखते हैं,
12:46हम skilling कैसे करते हैं,
12:47मैं आपको एक दाखला दिखाता हूँ,
12:49किया है, कैसे गलत काम हो रहा है,
12:52मैं आपको बताओं,
12:53हमारे construction industries में,
12:56आज के तारिक में,
12:57आज के तारिक में,
12:582025-26 की बात कर रहा हूँ,
13:01हमारे पास 20,00,000
13:03construction skilled workers की shortage है,
13:0620,00,000,000,000 workers shortage है,
13:1120,00,000 workers कौन से हैं,
13:14सुथार,
13:15प्लंबर,
13:17पेंटर,
13:19वायर मैं,
13:20यह shortage है,
13:22जो educated है,
13:24उनको नोकरिया नहीं मिल रही है,
13:25और यहां मैं construction में नहीं है,
13:27एक company है, जिसका नाम है,
13:29लालसन एंटूबरो,
13:30उनकी CEO तीन महिने की बात है,
13:32उन्होंने, पेपर में मैंने पड़ा,
13:36बोलें, उनके पास,
13:37एक company के पास,
13:3825,000 construction skilled workers की shortage है,
13:42कौन से?
13:43एक company की बात कर रहा है,
13:45मेरे पास 500 workers की shortage है,
13:48पूरे देश में 20,00,000,
13:49एक तरफ नोकरिया नहीं मिलती,
13:52दूसरी तरफ,
13:53हमें construction नहीं है,
13:54हमें 50,000,000 construction workers की shortage होगी,
14:04क्यूंकि हमारी दरफतार,
14:06infrastructure और construction का इतना बड़ है,
14:08और इस तरफ,
14:10education हो जाती है,
14:11become बन जाती है,
14:12उनको नोकरियां नहीं मिलती,
14:13और दूसरी तरफ,
14:14हम जो जहां gap है,
14:16वहां हम skilling नहीं कर रहा है,
14:18ये बहुत बड़ी बात है,
14:19और ये आंक्डे मैं नहीं दे रहा हूँ,
14:22ये पेपर में आया है,
14:23सरकारी नाक्रे में आपको दिखा रहा हूँ,
14:25तो ये इसे नहीं है कि निरंजन हिराणन्दानी को पता है,
14:28ये LNT को भी पता है,
14:29और सरकार को भी पता है,
14:30ऐसे नहीं है कि नहीं है,
14:31तो हमें जंता की बाद पूरे देश की प्रगति की नहीं है, लेकिन प्रगति का कैसे हम target कर दें कि हर एक को हम नोकरियां दिलाएं,
14:44नोकरिया और सिक्षन ऐसे दिया जाए, specially skilling side में, कि जहां skilling की gap है, वो fulfill नहीं कर सकते हैं,
14:54और हम जयसे IT workers को एक्सपोर्ट करते हैं नहीं है उसे ही हमारे स्किल WORKERS को एक्सपोर्ट कर सकते हैं।
15:21जोट बात है और गलत बात किसी को कहना नहीं है हम उसके उपर गौर नहीं किये विशन नहीं किये और कर नहीं है जो फोकस करने की है वो इसके उपर ज्यादा गौर करने की आश्यक्ता है
15:42मैं आपको गैप पता हूं हमारा देश अच्छे तरह से चल रहा है लेकिन हमें आइडेंटिफाइ करना है कि कहा का गैप से वो गैप को हमको फूल कर ला है तो क्योंकि यह डेंजरेस है कि आप अच्छा काम कर सकते हैं लेकिन आपका जहां भी गैप से उसको आपको फूल फ�
16:12करना है तो गलत है मोबाइल है मैं पॉर्णोग्राफी देखो तो गलत है और यूज कर रहा हूं तो सही है एतना इसेंशल है कि जो आइ नहीं वापरेंगे
16:352026 के अंदर तो वो आउट ओ बिजनेस हो जाएगा कोई भी बिजनेस हो मीडिया बिजनेस हो रियल एस्टेट हो कंस्ट्रक्शन हो मैनेजमेंट हो मार्केटिंग हो जो कोई भी बिजनेस है जितनी इंपोर्टन्स मोबाइल की आज की तारिक में या कॉंप्यूटर की आवशक
17:05इसेंचिल जितना आपके पास यह मोबाइल का यूज है ना,
17:09AI विल भी हंड्रेट ताइम्स मोर पाउरफुल देन यूर मोबाइल फोन,
17:14हंड्रेट ताइम्स मोर पाउरफुल अधिस दिग,
17:16तो AI अच्छे पात है कि गलत बात है, सवाली पैदा नहीं होता है,
17:21AI अच्छे है, आप AI को कैसे उप्योग करते हैं,
17:26उसके उपर मिरबर है कि उसका वैल्यू क्या होता,
17:28लोगों की चिंता एज रहते हैं कि कहीं कंपनी से पर AI अपना ले तो हमें रोज़रूसगार कैसे मिलेगा,
17:33जब हमारे पास पहले कॉंप्यूटर आ गए थे तो हमारे देश में पूरे बैंकों में स्ट्राइक हुई थी,
17:40पब्लिक सेक्टर बैंक के जो लोग बुक्स लिखते थे ना हाथ से उनका जॉब चले जाएगा,
17:46उसके बाद बैंकों की वैल्यू और बैंकों की संख्या और बैंकों की वैल्यूएशन तेन थाउजन टाइम्स बढ़ गई है,
17:54लेकिन यू है तो लर्न हाँ तो यूज कॉंप्यूटर, AI, मोपाइल यह सब इसेंशल आइटम्स हैं,
18:02आप उपयोग नहीं करेंगे,
18:04यू विल बी आउट आउट बिसनेस, आपके काम में हिल्प करेंगा,
18:07सर एक आखरी सवाल,
18:09डॉनल्ड ट्रम्स आपका हमारे पास क्या हुपाए हूँ,
18:12क्या करें उनका हूँ,
18:14हिटलर की क्या हुपाए थी,
18:17उसने जंग किया, ये भी जंग कर रहे हैं,
18:20ये अलग जंग है, ये अलग जंग है,
18:22आप उसको कैसे निपट लेगे,
18:24वो विश्व को देखना है,
18:26जो लोग हिटलर को साथ लिये थे उस जमाने में,
18:28वो जपान और हिटलर एक साथ में बन गये थे,
18:32अभी तो लगता हो पकड से बारे किसके पकड में आने रहे हैं,
18:35ट्रॉम्प की हालत वो ही है,
18:37वो हिटलर पन गया है,
18:39पूरे विश्व को कंट्रोल करना चाहता है,
18:41वो कर रहा है,
18:43जब तक आप उसको कंट्रोल नहीं काई पहेगा,
18:45तो नहीं तो उसके पास एक एक दिन हमें भी जंग करना पड़ेगा,
18:48और सब को करना पड़ेगा,
18:50यह तो ठीक है, उसकी ताकत ज़्यादा है,
18:52तो वो चल रहा है,
18:54पोलिटिकली आज के तारीक में,
18:56वो सबसे पारफुल देश का प्रेजिडेंट है,
19:00और दूसरे देश के प्रेजिडेंट को उठा के हमारे घर पर भी लेके आ सकते हैं,
19:04वो उसकी हालत है,
19:06लेकिन अल्टिमेटली देखा जाए,
19:07तो यह जंग यह है,
19:09तो उन्होंने वेननजियला के अगें यह जंग किया,
19:11हम recognize करें नहीं करें और यह सब तो political और यह सब बात है,
19:16लेकिन उन्होंने दिखाया है कि might is right, power is right,
19:21that is not correct, वो नहीं होगा,
19:23कहां न कहां जो लोग extreme होते हैं उसमें दिक्कत हैं, जरूर आती है,
19:28लेकिन western countries अभी तक accept नहीं कर रहे हैं,
19:32I think next month में Greenland वो ले लेंगे,
19:41रशियन टैंकर्स को कल रात को नहोंने कंट्रोल कर दिया,
19:46पर सू और कुछ कर लेंगे, जब एक लक्ष्मन रेखा वो अभी क्या है,
19:51कि वो जंग चलता है, जंग में कोई प्रोब्लम नहीं होता है,
19:54एक दिन आप लक्ष्मन रेखा क्रॉस कर देते हैं, जिस दिन वो लक्ष्मन रेखा क्रॉस हो जाता है ना आदमी का,
20:00क्योंकि जो आदमी इतना ताकत दिखाता है ना, तो वो करते जाता है,
20:05जब तक कोई लक्ष्मन रेखा नहीं, वो लक्ष्मन रेखा क्रॉस हो गया, तो पूरा उनकी सर्वनाश होता है, वो हमारी गीता में पार्थ है, तो वो एक दिन होगा ही, और जब तक वो राम दिल्या ने बताया है वो लक्ष्मन रेखा, और वो लक्ष्मन रेखा, अभी त
20:35सर आप इस मंच पर आई इस मंच के शोभा आपने बढ़ा है और सर इंडिया टुड़े मैगजीन के पचास साल पूरे हो गया है और इस मौके पर हम एक स्पेशनल एडिशन है जो आपको भेट करना चाहेंगे तो प्लीज उसे लेकर आजाएं
Be the first to comment