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  • 2 days ago
Muamma Episode 05 - 7th January 2026 [ Saba Qamar & Ali Ansari ] HUM TV

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00:00तन्हा केली हूँ मैं एक पहेली हूँ
00:14बुझे कोई तो जरा मुझे को दे मेरा पता
00:30तुम झेसा गठिया शक्सु से डिसर्व ने करता।
00:35तुम तुम रहना हो ना?
00:42मेरी बात हैारता था तुम आए सागे बिलकुल ऐसी होगा
00:45पत्मा आप एमादन के जाने भसार के तुमाई जिन्दे की बरबात करदेंगी
00:49मेरा ना खुषूर क्या मेरा
00:52बेवफाए
00:58बेवावाई
01:28बेवाई
01:58बेवाई
02:28
02:46
02:52हाज हए नहीं बूल जाना नहीं बूलना बलकर मेरा दुदिल चाहरा मैं बहूली किस खुषी में बस ता कि तुमें देखने का युक और बाहना में देखने का और बहाना मिल जाने मुझे है आज़ एसा ही है
03:15जोसमीरा को सबस्क्रां
03:17अमरेट बिलकुल भी नीए라고 नहीं किया इस अब
03:23ति आपनाशन आर्खा आ ये इसा जाने ढल Last तो में तो खाकर देखो बहुत अच्छा है
03:28आ जाम आर्फ अमरेट भी बहुत अच्छा था dari I mean हें बिलकुल है लेकिन ये जो पालक
03:34यह भी पुराइन है, यह भी पुराँ नहीं यह से मैं कहा ओ, गिस गए ठ्राइ
03:38बताओंगी मैं जीची को
03:39क्या बताओगी?
03:41यही कि मेरा हस्बंड मेरा खाना चोड़के आपके हाथ के खाने का दीवाना हो
03:45एक सब्सक्न ओर ओर दीवाना होगी तो मैं तुम्हारे हाथ के खाने का ही हूँ
03:52साफ पताओ रहा है बहाने बना रहे हो
03:54पूरा अमलेट फिनिश करके ऑफ़िस जाओगी ठीक है?
04:14दोसा मुत।
04:42वालेकोमसालां
04:43अरे ये तो आपने अच्छा खासा तकल्ब कर दिया
04:52तकल्ब का बतलब समझते हैं न जी
04:55नहीं जी कुछ नहीं कुछ नहीं
04:58जी फर्वाइए कैसे याद किया आपने
05:01ये तलाग के पेपर्स हैं
05:05सिशान ने साइन करने से मना कर दिया
05:09चाँ, तो अब आपके क्या इरादे हैं
05:14मैं खुला का मुकदमा करना चाहते हूँ
05:18जो मर्जी करती फिरो
05:23लेकिन अगर कल को कोई पच्चतावा हुआ तो
05:26ये मत कहना कि समझाया नहीं था
05:30देखे, मैं बहुत नरम दिल वकील हूँ
05:37इंसाफ पसंद हूँ
05:38एक बार, मेरे कहने पर एक बार और सोच लीजी अच्छी तरह
05:43मैंने अच्छी तरह सोच समझ के ये फैसला किया
05:46अच्छा अच्छा ठीक है, ठीक है
05:48आप परिशान नहीं, मैं देख लोगा
05:51ये
05:53कुछ पैसे हैं, आपकी फीस तो मैं फॉर्ड नहीं कर सकती लेकिन
06:08फिर मैं आपको बताता हूँ, ड्वेल्पेंग का मतलब समझते हैं ना आप
06:12जी
06:13शुक्रिया, चलता हूँ
06:15ख़दा आफिर
06:16मामने कॉम सामने कॉम
06:18जो मर्जी करती फिरो, तलाप नहीं देगा वो तुम्हें
06:30आप भी यहीं और मैं भी यहीं
06:33तलाप तो उसे देनी ही पड़ेगी
06:35क्या करोगी तलाप लेकर
06:37तो साथ रहकर क्या करूंगी
06:39उसकी हरकतें और उसकी बेशर्मी को बर्दाश करती रहूँ
06:42जानती हैं आप
06:43वो फिर जहारा के गर गया था
06:45उनके दर्वाजे पे खड़े होकर उनकी इतनी बेज़िती की
06:49उनको धक्का देकर गिरा दिया
06:51वो रिष्टे खराब करता रहे
06:53और मैं रिष्टे निभाती रहूं
06:55वो ढिटाई पर उतर आए
06:57और मैं उसकी अबादत करती रहूं
06:59अपने बच्चे को एक ऐसे बाप की तर्वियत दू
07:03कि कल को वो भी एक बीवी को घर छोड़कर
07:06किसी दूसरी औरत के पीछे हवा लाग की हवा खा रहा हूं
07:10नहीं
07:11मैं ऐसे घटिया इंसान के साथ अब एक पल भी रिष्टा नहीं रखना चाहती
07:15अप्डू
07:21अप्बू
07:38जब तक औरत की तरफ से इशारा ना मिले
07:42मर्द की हिम्मत नहीं हो सकती के वो उसके घर तक जा पहुँचे
07:46कुछ तो गलती जहारा की भी होगी ना
07:50मेरी गलती बस इतनी थी कि मैं वारत थी
07:58कमसोर वारत थी
08:01वो मेरे घर तक आ गया था
08:05और मैं उसे मना नहीं कर पाए
08:08अब बू बहा सकत थे
08:12और उनकी सकती भी बस घर की आरतों के लिए थी
08:17अब भी तो बोलती नहीं थी
08:21कि कई बोलने की सजा भी ना मिल जाए
08:25स्कूल से लेकर कॉलिज के समाने तक
08:29अब भी छोड़ने और लेने आया करते थे
08:32और आते जाते हैं एक ही जुम्रा बोलते थे
08:36जान से मार डालूँगा तुम्हें अगर किसी नरगे से बात करते देखिया तो
08:41तो फिर कैसे में गली में जाके उसे कहती
08:47किया आप मतायक
08:50मेह क्या
08:53उसे तो अब भी नहीं बना कर पाए
08:56किसकी बात करने है
09:00जिशान जी
09:01हम
09:05नहीं
09:09किसे करने
09:11यह क्या है
09:14किया है
09:17आप हमेशा मेरे लिए कुछ न कुछ भेजती है
09:20मैंने सोचा इस बार मैं आपके लिए कुछ बना
09:24मीठे चावल है
09:26जुनेत को बहुत पसल है
09:28आप जितने अच्छे नहीं बना सकती
09:31कोशिश की है
09:33आज पात तलब हो रही थी मीठे की
09:35अच्छा की है
09:38चक के बतायेगा कैसे बनाए
09:40जरूर
09:42हैराइन क्यों हो रहे हो
09:44मैं तुमसे ही मिलने आया हूँ
09:46और तुम्हारे फाइदे की बात करने आया हूँ
09:50इस पार मैं जहारा जी का वकील बनके नहीं आया
09:53बलके तुम्हारी बीवी जहारा का वकील बनकर आया हूँ
09:57आया हूँ, वो तुम्हारे इखलाद मकदमादार करना चाहती है, मैंने उसे बहुत समझाया है, और तुम्हें भी समझा रहा हूँ, अरे बड़ा कीचर उड़ चाला जाता है, शोहर की तरफ से भी, और बीवी की तरफ से भी, देखो, जीत तो किसी एक ही होती है ना, लेकिन
10:27लंबा चला जाए, और पैसा बड़ा है, लेकिन जिनके पास पैसा नहीं होता न, वो अलामिया से गड़ गड़ा के द्वा मांग रहे होते हैं, कि अलामिया केस हार जाओं या जीत जाओं, बस इस से जान चुड़ा दे, अरे हां, पैसे से याद आया, इस केस में जाहरा ज
10:57देखो, जारा जी का कहना मान लो, अरे हां, एक बार और बताना चाहता हूँ, जिस दिन से वकालत मैंने शुरू की है, एक भी केस नहीं हारा हूँ, और इंशालला ये मकदमा भी नहीं हारूँगा, जित ना करो, इसको पढ़ो और इस पे साइन करते हूँ,
11:27जी, जी, उठा लूँ, रुको, जी, तो आप मुझे क्यों गता रहे हूँ, हजारा को बताई है,
11:57आपके, आस्या, मेरे लिए छीजी चाहे लेकराओ, जी,
12:37इच्छी है, बस एक बात की फिकर है, वो क्या?
12:45जो खाना हमारी मालक मकान भेज़ती है, वो जो नेच्छोक से खाता है, मैं बनाती हूँ तो कम खाता है,
12:53क्यों? तुम दिल लगा कर खाना नहीं बनाती क्या?
12:57अम्मी, शौक से और दिल लगा के बनाती हूँ, अगर जीजी जैसा काहां बना सकती हूँ.
13:04कौन जीजी? वोई, हमारी मालक मकान.
13:09तो तुम ऐसा क्यों नहीं करती कि कोई कुकिंग क्लासिस बगरा जॉइन कर लो?
13:13सारा दिन वैसे भी तुम घर में फारेगी बैठी रहती हूँ, पता है?
13:17ऐसा करने से जुनेद को इस बात का एसास होगा कि तुम्हे उसके खाने पीने का बहुत ख्याल है.
13:23हम्म।
13:25और हाँ, जब तक तुम अच्छा खाना बनाना ना सीख लो ना, अपनी उस मालिक मकान का बनायावा खाना अजुनेद के सामने मत रखा को.
13:33तो फिर क्या करूँ उसका?
13:35मेरी बात दिहान से सु.
13:55हलो.
14:12सारा.
14:14जी जी.
14:16वकील साब ने बताया मुझे.
14:20समझने आरे कि मैं अफसोस करूँ या मुबारकबाद दू.
14:27मुबारकबाद इसलिए, कि बेवफाई का एक रिष्टा अपने अन्जाम तक पहुंचा.
14:35और अफसोस इसलिए, कि तुम्हारा बेटा बाप के शफकत से महरूम रह जाएगा.
14:43जिशान जैसे बाप के होने से यतीम होना अच्छा है.
14:50जरूरी नहीं है.
14:53जो बुरा शोहर हो, वो बाप भी बुरा हो.
14:57अल्ला सबके वालिदैन का साया और उनके बच्चों के सर पे सलामत रखे.
15:04आमें.
15:07तुम सरमत को कभी उसके बाप से मिलने से रोपना मत.
15:13वरना वो जवान होकर तुम से सबसे पहला गिला ये करेगा, कि तुमने उसके बाप से सदूर रखा.
15:22जी.
15:24और कभी जिशान की बुराई भी मत करना उसके सामने.
15:30जब बड़ा होगा न, तो आहसा आहसा खुदी समझ जाएगा, कि कौन ठीक था और कौन गलत.
15:39जी.
15:43मत सोचना कि तुम अके लियो, बच्चे की परवरिश कैसे करोगी.
15:48जब तक वो मदर फीट पे हैं, इसके कफालत मैं करूंगे.
15:52इसके बाद तुम्हें कोई अच्छी से जॉब ढूंदूंगे.
15:55कफालत आप क्यों करेंगे?
15:58क्योंकि ये तलाक मेरी वज़ा से हुई है.
16:01देखो बाहर का उन है.
16:05जारब, बेटा कोई आशिक नाम का बंदा आया था, कह रहा था कि जी-जी का ड्राइवर हूँ.
16:15तुम्हारे लिए ये देखे गया.
16:17ये, ये क्या है जी-जी?
16:22खुद खोल के देख लो.
16:24इसमें तो पैसे हैं?
16:30बाद अच्छी तरबियत करना अपने बेटे के.
16:34उसे औरत के एसद करना सिखाना.
16:37उसे सिखाना कि औरत जब वफा करती है, तो बदले में वफा की उमीद रखती है.
16:43और वफा के बदले वफा, उसका हक होता है.
16:48अमानत होती है.
16:50और मर्द को उसकी अमानत में खयानत नहीं करने चाहिए.
16:55खयाल लगना अपना.
16:58आपने मुझे बताया क्यों नहीं अम्मी मैं आ जाती ना मैं हॉस्पिटल आ जाती
17:09अच्छा चलें ठीक है जुनेद आगे है उफिस से मैं आती हूँ आपके पास हाँ
17:16ओके मैं आ रही हैं अलाफर अल गुड बाबा हॉस्पिटल में थे अमर्जिंसी में
17:23क्या क्या होने सब खैरियत पीपी शूट कर गया था शुगर भी काफी हाए थी
17:30अच्छा तो अब कैसी तब होते हैं इसी ओके बेतर हैं आइ थिंक सो बैट्रेस का आए डॉक्टर ने
17:37मैं सोच रही थी अम्मी के पास चली जाओं कुछ दिन उनकी हर्प हो जाएगी
17:42हाँ हाँ क्यों नहीं बलके तैसे वड़ी गुड़ा आइडिया अगर तुम कहो तो मैं अभी छोड़ाता हूं तुम्हें
17:48हम ठीक रहेगा मैं चेंज कर लेती हाँ ठीक है अच्छा तब तक मैं कुछ खाना भी खा लेता हूं वो तुम ने खाना बनाया आज हाँ चिकन कड़ाई लेकिन मैं कह रही थी दिनर अम्मी के साथ कर लेती
18:00नहीं या मैं साथ है तेरवां पर ही रुपता हूंगा मुझे आफिस के लिए प्रेसेंटेशन भी तिहार करना इए इस इंपोर्टन्ट
18:05अच्छा तो फिर मैं खाना गरम करते तुम जाओ चेंज कर लो मैं खुद ही मानिश कर लो मैं सही है
18:11आज कर सुन थे तुमारी जी जी समय कुछ नहीं
18:22नहीं
18:24कुछ नहीं भीज़ा थ� Smash
18:26कर अमन अम्मेह तो फूछा इस
18:29अ मैह तुम्हार पूछ नहीं पूछ रहा था
18:32पूछ रहा fund
18:35तन्हा के लिए हूँ, मैं एक पहेली हूँ, बुझे कोई तुजरा, मुझे को दे मेरा पता
18:56कर दो।
19:03Maira?
19:04क्या है?
19:06क्या हुआ है?
19:08कुछ नहीं, अ..
19:09अ.. वह थे सुच्छ थी के ऐप मैं था निवी जाओंगी, तुम खाने का खरोगे?
19:16खाने का क्या करो।
19:17नास्ता जो है वो तुमहे जैसे तैसे बना लिया करो रोगे, that's not a problem
19:22तो तुम्हें पता है वो तुम्हें अफिसमें ही गठाँ
19:24हम
19:26लेकिन दिनर दिनर सबसे इंपॉर्टन अना वो कैसे मैनेज करोगे
19:30दिनर
19:32कर दिनर क्या है या वो बराबर में एक रेस्टांट कुला है ना
19:36महाँ खालिया करोगे सिंपल पर मस्ला ही नहीं है
19:38और यह था नहीं है
19:40यह यह अबसलूटलिए परशान होने के बात ही नहीं है
19:42अब मैश करने है
19:44ठीक आप
19:48जिजी
19:50आपको कैसे बता कि मायरा बाजी अने मेंखे जा रहे है
19:54वो तो किससे मिलकर भी नहीं गई
19:58शोहर के साथ मैंके जाने की खुशी ही अलग होती है
20:02और वो खुशी मायरा के चेहरे से चलग रहे थी
20:05अरे देखिएगा
20:08अल्ला ने चाहा तो एक दिन आप भी अपने घर ज़रूर जाएंगे
20:12मैंने तुम से कहा कि मुझे जूटी तसलियों दो
20:15नहीं तू?
20:17काम करोखना जी
20:20आज हल्की करोषकी लग जाएंगा
20:47अल्ला जाएंगे
20:48आप रहे थाहांगे
20:53�mäß
21:15झाल झाल
21:45भीक है...
21:54इख दो
21:54हासाइ...
21:59आसाइ...
22:02जी...
22:04यह खाना जानेट साब देख देखला थेक है..
22:10कर सेना हृ...
22:13काना देने के बाद कॉटर मेड़ खले जाना
22:15ठीक है, समझ करे
22:25असलामलेकुम
22:26वालेकुमसलाम
22:27खाना लेकर आयो आपके लिए
22:29जीजी ने भीजाए
22:31जीजी ने भीजाए
22:33फंटास्टिक आम
22:34लाइए
22:35थैंक यू सो मच
22:36और हाँ, मेरी तरफ सभी उनको शुक्री अदा कर दिशेगा
22:38सही?
22:39कोई बात भी
22:40थैंक यू
23:10खामोशियां
23:12खामोशियां
23:14खामोशियां
23:16खामोशियां
23:18बाते करे
23:20बिन बोले
23:22सब कुछ
23:24सब कुछ करे
23:26नदी का मैं पाली हूँ
23:28गुजरी कहानी हूँ
23:30वीते समय की सदा
23:34कोई सुने तो जड़ा
24:04जो फर्माईए
24:05वो मैं बस यह कहने आया था कि जो खाना आपने भी भेजा था ना
24:14वो बहुत अच्छा था
24:16बस यह कहने आया था
24:22चाय
24:28चाय की थोड़ी तलब में सु सौरी थी मुझा
24:33मागर जब देखा तो घर में पत्ती नहीं थी
24:38थोड़ी पत्ती मिल जाए अगर आपको बुरा ना लगया था
24:45अंदर आ जाए
24:48मैं चाय बना देती हूं
24:52नहीं नहीं
24:55आप क्यों बनाएंगे इसकी क्या जरुत है
24:57मैं दना आजाता हूं चाय
24:59आपके बाहने मैं भी पीलूं
25:03वो क्या है ना
25:05अकले चाय पीने में वो मसा कहा है
25:08जो किसी के साथ में है
25:11है
25:13है
25:14कि च उस्तर आफ़
25:39अस तरफ है
25:51आस्या
25:53एक बात तो बताना
25:55हूं
25:57जिजी ना आज़ती है जल्दी छुटी देती है
26:01हूं
26:05काम नहीं था तो जिजी ने बोला जाओ
26:07काम तो पहले भी जल्दी खतम हो जते थे
26:11लेकिन जिजी ने तुझे कभी दस बजे से पहले नहीं छोड़ा
26:15आज आट बजी छोड़ दिये
26:17मतलब तु यही था ना
26:27जूट नहीं बोल रही तू
26:29परदा डाल रही है
26:31परदा डाल रही है
26:33क्या मतलब कैसा परदा
26:39जैसे मुझे नहीं पता है
26:41आज जिजी भी घर में अके लिए
26:43और नया कुराएदार
26:45अजय के दार
26:46अजय कर जा आशिक, इंसान बंजा
26:49एक बात दस हजार दफा समझाए तुझे समझ में नहीं आती
26:52चिची के बारे में तुने आइंदा बखवास किना जरन सरपे खेच के कुछ मार दूगी
26:56जब देखो तब, तेरा मुह नहीं है गटर है गटर
27:00जब यू बलता है न, जहर यू बलता है, कच्रा ही निकलता है उससे
27:05खुद तो घर में फारीग बठेगा, मेरी नौकरी भी खा जाएगा
27:10एक बात दा से वर्दफा समझाए तुझे समझी तुझे
27:24नराज हो गई है
27:30मैं तो बस बूच रहा था
27:35आस्या
27:39आस्या
28:00आएं, लेक में हेल्प यू
28:01आएं, लेक में हेल्प यू
28:02आस्या
28:05आएं
28:06आएं
28:11आएं
28:12चाई के साथ क्या लेंगे?
28:20मीठा या नमखीन?
28:24जी यह कुछ नहीं
28:27खाना इतना खा लिया कि पंचाईश ही नहीं है
28:32और अगर मैं कहूं
28:35कि मैं अपने हाथ का बना हुआ केक
28:38खास अपने मेहमानों के सामने ही पेश करती हूँ फिर?
28:47अगर ऐसी वाथ है तो कौन कम वक्त इंकार कर सकता है
28:50I would love to have some cake
29:08परिशान है
29:28जी मैं नहीं नहीं तो
29:34पर यतने खामुश क्यों है?
29:37ही?
29:40वो मैं मैं मायरा की बारे में सोच रहा था
29:43क्या?
29:46अच्छी मैं उसे प्रॉमिस करके गया था कि उसकी खैर मौचूदगी मैं
29:49मैं डिनर रेस्टरांट से कर लिया करूंगा
29:51तो अच्छानक कपड़े चेंज कर नहीं लगा था कि आपकी मेड खाना लेकर आ गई
29:56खुश्बू इतनी सा बदस्ती कि
30:00सरहान ही गया
30:02अब बस खाता ही चला गया
30:06बस खाने ही अच्छा लगा आपको
30:10मैं अच्छी नहीं लगया आपको
30:15आप?
30:25चेंग, मैं?
30:35कोई बात नहीं
30:36अगर आप नहीं बताना चाहते तो ठीक है
30:40वगर आपकी आँखे
30:44सब कुछ बता रहे हैं
30:47आप तो शर्मा रहे हैं
30:58जी हो, दरसल मैं आप
31:03मैं आप से यह कहना चाहरा थे कि
31:06आपना बहुत खुब सुछात है
31:11मैं आप मैरे से जादा नहीं
31:16है ना?
31:20नहीं
31:21आप मैरे से भी सादा खुब सुना चाहरा
31:25खाकर बताएंगे नहीं
31:36कैसा है केक?
31:39जी, हम
31:43कैसा है?
31:55बहुत चाहरा
31:56मारे तुमने जुनेद को कॉल की?
32:11जी, मैंने कॉल की थी
32:13जादा बात नहीं हुए
32:15के रहा था ओफिस ते निकर रहा है
32:17कॉल बैक करेगा
32:19क्या?
32:20उसने तुम्हें कॉल बैक नहीं की?
32:22नहीं
32:23तो तुम उसे फून कर लो बाबा
32:26पता तो लगाओ के वो सीधा घर पहुचा है
32:28या वहां से कई और निकल गया है
32:30तुम क्या इसे
32:32इसके शोर के खिलाफ कर रही हो?
32:37मैं ऐसा क्यों करने लगी भई?
32:40मैं तो सिफ इसे
32:41समझाने की कोशिश कर रही हूँ कि
32:43जुनेद पर नजर रखो
32:44पहले की बात और थी
32:46उस वद तुम लोग अपने सुस्राल में रहते थे
32:49रासपास चार लोग थे
32:51उस पर नजर रखने के लिए
32:52लेकिन अब
32:53अब जब से तुम लोग नए घर में गयो
32:55तुमने उसे खुला मौका दे दिया है
32:57कि वो जब चाये जहां चाये जा सकता है
33:00वैसे भी
33:02मर्द को भटकने में कोई देर नहीं लगती
33:05अच्छा जी
33:08तुम हर दो घंटे बाद उसे कॉल और मेसेज करती रहा करो
33:14उस पर नजर रखो
33:16कि वो कब कहा जा रहा है किस से मिल रहा है
33:18ठीक है रिया आप
33:20मैं अभी कॉल करती हूं से
33:22लो जी
33:24आ करे
33:27मैरा ना
33:48मेरी खाला की बेटी है
33:50अम्मी ने ये सोच कर पसंद की मेरे लिए कि
33:53है तो अपनी
33:54और सलूक से रहेगी
33:56लेकिन
33:58मेरी ना शादी को सिर्फ एक महीना गुजरा
34:00कि सास बहूं में जगड़े हूने लगे
34:01अचीब बात है
34:03पिर
34:04उनको मायरा के मसलसल फोन पर मसरूफ रहना बिलकुल ना पसंद था
34:08ठैरी वो खाला और खालू के एकलोती उलाद
34:11कोई सो टोकता ही नहीं था
34:13अम्मी जो है ना अपनी चकार ठीक थी
34:15मैं ब्लेम नहीं करता हूं उनको
34:16लेकर मायरा जो है ना घर के काम में कोई दिल्चस्पी नहीं थी
34:19अगर देखे जा हमेशा फोन, सोशल मीडिया, फेस्बुक, इंस्टाग्राम ये वो
34:24या फिर फोन पर ना अपनी अम्मी से मसलसल बाते करते रहना और बुराईयं मेरी और अम्मी की
34:29कि जी खाला ने ये कह दिया और जुनेद ने ये कह दिया
34:31क्या कर सकते हैं लेकर आपको बता है
34:35अमी ना छुप छुप कर मायरा की बाते सुना करती दे
34:40फिर जी हमारे घर में हुई फैसला कुन जाँ
34:43अमी ने का मायरा को ना उसके मायकर छोड़ कर आओ
34:46और मायरा ने का, जी अगर तुम्हें और मुझे रखना है न, तो अलग घर में रखो
34:50मैंने अम्मी से करी दै लिया, जी आ अप अपने घर में रहे
34:53मैं ना, मायरा को कुराई के घर में ले जाँगा
34:56फिर
34:56मैं उसे यहां पर लेकर आ गया
34:59आपके पस
35:01एक बात पुछे हो बुरा तो नहीं हो नहीं है
35:07जी
35:08आप क्या हमेशे से ये तनी खुबसुरत है या
35:12आज कोई खास बात है
35:15पता नहीं आज मुझे क्या हो गया है
35:22मेरा ना बस दिलचार है कि मैं आपको तेख ताहिर हूँ
35:27एक बात बोरू
35:30मज़ी बात यह है कि जब मैरा के सामने होता हूँ न तो
35:36इस वक्त ऐसा नहीं होता चूँ इस वक्त
35:39मुझे लगता है रात काफी हो गई है
35:43अब आपको जाके सुझाने चाहिए
35:45अभी थोड़ी दिर और बात करते है न
35:48मुनासिब नहीं लगता अभी आप चले जाए
36:00सारी मुलाकात के पारे वे नहीं
36:03सवाली पान नहीं आपको जिए नहीं बिलावजा शक करेगी भो
36:07बिलावजा शक करेगी भो
36:11अधे अधे लावजा
36:13आईए मैपको जाँ प्रीचितत छोड़ देए ते
36:17आईए
36:19आईए
36:23संबल के
36:34आई
36:39तनहा के लिए हूँ
36:51मैं एक पहेली हूँ

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