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  • 7 weeks ago
अलवर में नितिन मेहता की टीम कबाड़ से टाइगर, ऊंट, मयूर जैसी आकर्षक कलाकृतियां बना रही है, जो शहर के कई स्थानों पर लगेंगी.

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00:00अलवर की सडकों और पार्कों में इन दिनों एक अनूखा नजारा देखने को मिल रहा है।
00:30कला में बदल कर परियावरन सरक्षन का मजबूत संदेश दे रही हैं।
01:00कर देखने के लिए बनाया।
01:02हर शहर में बहुत सारा कबाड होता है जो टोटली वेस्ट होता है, जगा गेरता है, गंदगी पहलाता है।
01:10और उसकी नागरिकों को कोई अच्छी बेनेफिट्स नहीं नलते हैं, उल्टा नुकसान ही देता है।
01:18तो हमारा सिर्फ यह होती है कोशिश की हम उनको कर सकें कि यह सारे जो कबाड हैं इसको यूज करके सुंदर्ता के लिए, सफाई के लिए, और स्वच भारत मिशिन के जो में जो मोटिव्स हैं, उन सब को पूरा करने के लिए यूज किया जा सके।
01:36नेतिन महता को ये प्रेणा चंडिगर के प्रसिद्ध रॉक गार्डन से मिली।
02:04साल 2016 में दिली में वेस्ट टू वंडर पार्क बनाकर नितिन ने कबार से दुनिया के साथ अजूबों की प्रतिकृतियां तयार की जो बेहद लोगप्री हुईं।
02:15इसके बाद उनकी टीम ने उज्जैन, जोतपूर, जैपूर, सहित, कई शहरों और विदेशों में भी ऐसे प्रोजेक्ट किये।
02:22नितिन कहते हैं कि
02:49हर जगह पड़ा कबाल गंदगी फैलाता है, लेकिन इसे सही उपयोग से बेश्ट बनाया जा सकता है।
02:56अलवर में जिला प्रशासन की सहीयोग से ये कलाकरितियां पार्कों में स्थापित हो रही हैं, जो लोगों को स्वक्षता के प्रती जागरूग कर रही हैं।
03:04टीम के अनुराग पांडे बताते हैं, वेश्ट से बेश्ट बनाने का ये संदेश हर किसी तक पहुँच रहा है।
03:11ऐसे नवाचार से स्वक्ष भारत सपना सच हो रहा है।
03:15अलवर से ETV भारत के लिए पियूश पाठक के रिपोर्ट।
03:20रहा है।
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