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  • 11 months ago
शारदीय नवरात्रि के मौके पर आज पढ़िए खारे पानी की झील के बीचों-बीच स्थित मां शाकंभरी धाम की महिमा.

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00:00शार्दिय नवरात्री के मौके पर देश भर की माता की मंदिरों में श्रत्धालूओं की भीड उमर रही है।
00:30इसके अलावा ये कई जातियों के अलग-अलग 116 गोत्र के लोग भी कुल देवी के रूप में माता शाकंभरी की पूजा करते हैं।
01:00अब राजा लोग तपष्चा करते हैं।
01:29पुजारी महेश कुमार व्यास बताते हैं कि मुगल सेना जब मंदिर को ध्वस्त करने पहुची तो मधुमक्खियों के एक बड़े जुन्ड ने हमला कर सेना को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
01:53जब जहांगेर ने ये खबर सुनी तो उसे इस पर भरोसा नहीं हुआ और वह खुद माता के दरबार पहुचा।
01:59जहांगेर ने माता के मंदिर में जल रही अखंड जयोत पर लोहे के साथ तवे रख दिये। लेकिन सभी तवों को चीर कर जयोत पाहर निकली।
02:06इसके बाद जहांगेर ने भी माता का चमतकार माना और पहाडी पर छत्री भी बनवाई।
02:11जहांगेर ने माननता है ये सब शुद्ध शात्रीक देवी है।
02:15माताजी शेम परकट यहां।
02:17यहां यहां बूर्तिस सापिक नहीं है।
02:19माताजी शेम दर्शन दिये थे उसी को आकरतिको बनाया हुआ ह।
02:22foreign
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02:50shakambhari maata ko vanaspati ki devy maana jata hai
03:00isi liye yahaan ane wale bhag hari sabziyaan aur ful ka prasad khas tawar per churhate hai
03:06har saal jab namak ki pahli khep tiyar hooti hai
03:09to namak utpadan karne wale log namak bhi maata ke charno me arpit karte hai
03:13maanitah hai ki manokamna lekar joh bhi maata ke darbar me aate hai
03:18devy unki sabhi manokam naayi puri kerti hai
03:21jaypur seetv bharat ke liye vikas vyaas ki report
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