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  • 3 months ago

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00:00पंडे, पुरोहेत, मौलाना, पादरी, सब इन ही लोगों ने दुनिया बर्बाद कर रखी है
00:04मैं सहमत ही नहीं हूँ
00:06धर्म तुम्हारा है तुमने किसी और के हाथ में छोड़ा क्यों
00:09यह ऐसी सी बात है कि आप अपने बच्चे को किसी और के हाथ में छोड़ दो
00:13बच्चा बर्बाद हो जाए तो बोलो उन लोगों ने मेरे बच्चे को बर्बाद कर दिया
00:16कितने लोगों ने अपने संस्थान वगारा के लिए कभी कुछ हाइरिंग करी है
00:20एक जरा सी कोई प्रोफाइल हो सकती है बहुत साधारन सी
00:23असिस्टेंट लेवल की कुछ हो सकती है उसके लिए भी एक राउंड दो राउंड होगा इंटरव्यूगा एक विदिवत प्रक्रिया होती है
00:29योग्यता परक्ते हो बहुत अच्छे से और उसके बाद कहते हो साथ पहले छे महीने तो आप रहोगे प्रोवेशन पर गढ़बर करोगे तो निकाल दिये जाओगे अभी नए नए आयो ठीक से
00:39आप किसी को धर्म गुरु कैसे नियुक्त करते हो ये बताओ
00:42हर तरीके से हम दूसरों पर आश्रित होकर जीने के आदी हैं तो धर्म के ख्षेतर में भी हम आश्रित हो लेते हैं बहुत असानी से
00:50और जिस पर आश्रित होगे वो तुमारा शोशन करेगा ही करेगा
00:52मन पर बहुत जबरदस्त कब्जा होता है
00:55और उन लोगों का धंदा ही है आपके मन पर तरह तरह से कब्जा करना
00:59मैं आपसे कह रहा हूँ अपना भगवान वापस वी जिए
01:01सोचने में ही जान निकल रही है करेंगे कैसे
01:06अभी मंत्रित जल छिड़क के शराप और आप दे दिया तो चुईया बना दिया तो
01:16भगवान हमारे हैं और कहीं किसी ढाचे में नहीं रहते हैं हमारे दिल में रहते हैं
01:23उन्हीं भगवान को विदान कहता है
01:25धर्म इंसान की केंद्रिय जरूरत होता है
01:34अभी कह रहा था मैं
01:39कि रोटी के बाद हमारी सबसे बड़ी जरूरत धर्म ही है
01:44और उसको मैं रोटी से नीचे इसलिए लग रहा हूँ कि शरी नहीं रहे मरी जाओ तो धर्म किसके लिए
01:49लेकिन बस रोटी का है और नहीं कुछ का है बस
01:53ये और पचास चीजें धर्म का नंबर उनके बाद लगाना है ये नहीं कहा है
01:59तो बहुत किंद्री जरूरत होता है इंसान की धर्म
02:04और इंसान आप सब हो
02:06और धर्म को आपने क्या बना डाला आप बताओ ना
02:11किसी और पे दोश क्यों डाल रहे हो
02:12आपका धर्म है ना
02:15आपका धर्म है ना
02:18धर्म किसके लिए आपका है या किसी संगठन का है
02:22किसी संस्था का है किसी मठ का है
02:24किसी आश्रम का है किसी ओर्डर का है
02:27किसका धर्म है
02:28बोलो भाई
02:30अपने बच्चे को अपना बच्चा बोल देते हो
02:34बोल देते हो कि नहीं
02:37अपने घर को
02:39अपनी कुरसी को
02:40अपने कपड़ो अपने जूते को
02:41अपनी चीज बोल देते हो
02:42अपने पती पत्नी को किसी और का कभी नहीं बोलोगे
02:45तो
02:46धर्म के मामले में भी
02:49वही जो श्वही अपना पन क्यों नहीं दिखाते है
02:54वो सबकुछ जहां ममत तो अगहतक होता है
02:59वहां तो ममता लेकर चले आते हो
03:01मम मेरा है मेरा है
03:03और जो सचमुष तुम्हारा है
03:06तुम्हारा अपना हारदिक सत्य
03:08वो तुमने दूसरों के हवाले कर दिया है
03:11और बस शिकायत कर रहे हो कि
03:13देखो यहां ऐसा हो रहा है वहां ऐसा हो रहा है ऐसा हो जाता है लोग बिलकुल अंधे हो करके अनुदान देते हैं वो लोग माने कौन वो लोग माने कौन आप ही तो हो
03:25जो चीज उची से उची है वहां आप नीची से नीची चेतना लेकर चले जाते हो तो इसमें किसका दोश माने मेरे बहुत आसान होता है कि मैं किसी और को दोशी कर देता है बहुत आसान हो हम कर लेते हैं हर बात में हमें आदत होती है किसी और की खोट निगालने की
03:45और खूब रहा है
03:50जो लोग थोड़ा करांतिकारी तबियत के होते हैं
03:53वो कहेंगे अरे ये सब
03:54पंडे, पुरोहित, मौलाना, पादरी
03:58ये सब इन ही लोगों ने दुनिया बरबाद कर रखी है
04:00मैं सहमत ही नहीं हूँ
04:01धर्म तुम्हारा है तुमने किसी और के हाथ में छोड़ा क्यों
04:05क्यों छोड़ा, ये ऐसी सी बात है कि आप अपने बच्चे को
04:09किसी और के हाथ में छोड़ दो, बच्चा बरबाद हो जाए
04:11तो बोलो, उन लोगों ने मेरे बच्चे को बरबाद कर दिया
04:13पहला सवाल यह है कि तुमने छोड़ा क्यों? बच्चा तुम्हारा है? दिल तुम्हारा लगा होना चाहिए था? प्रेम तुम्हारा होना चाहिए था? स्टेक्स तुम्हारे होने चाहिए थे? तुमने छोड़ा क्यों?
04:28तुम पढ़े लिखे लोगों तुम्हे भाशाएं आती है
04:37अनुवाद भी उपलब्ध है
04:41ग्रंथ तुम्हें दे दिये गए है
04:45तुम क्यों जाकर आश्रित हो गए
04:49बोलो न और उन ग्रंथों में जो प्रकाश है
04:54उसके अधार पर चलने के लिए
05:00तुम्हारे पास आखें भी है और टांगें भी है
05:03रोशनी आई बाहर से उस रोशनी ने तुम्हारी आखें खोल दी
05:10जैसे जब सुबह होती है तो देखा है न
05:14खिड़की से रोशनी आती है अपने आप नीन खुल जाती है
05:17धर्म वही चीज है आपकी आखें खोल देता है वो बस बाहर की रोशनी नहीं है वो आखों की रोशनी है
05:26आखों को रोशनी मिल गई टांगों में जान है क्योंकि जीवो
05:31तो खुद क्यों नहीं चले तुमने क्यों कहा कि कोई और आगर के मुझे ऐसे हाथ देगा तो मैं अब चलूँगा
05:38बताईए बताईए मौलवी जी आप बताईए कैसे मुझे जिंदगी जीनी चाहिए क्यों भाई
05:44घर में तो घटना हो गई है खट से डाइल किया अब तो डाइलिंग भी नहीं होती अब तो पंडी जी आप पर बैठते है
05:53पंडिजी एप पर बैठे हैं वहां जाकर उनसे पूछा घर में आग लग गई और ये हो गया वो हो गया और मुझे शक है ये ना कहीं कहीं और जाके कहीं कुछ करा करती गड़ बड़ है मामला
06:04पंडिजी ने कए हाँ हमारी तीसरी आख बता रही है कि पंडिजी इन दो आखों पर तुमारे चश्मा चढ़ा हुआ है ये दो भी ठीक से नहीं चलती तीसरी तुमारी क्या होगी
06:16तुमने ये सम मामले आउट्सोर्स कैसे कर दिये
06:25आउट्सोर्सिंग का सिध्धान पता है न क्या होता है
06:32जो अपना कचड़ा काम होता है जिन्दगी का वो आउट्सोर्स किया जाता है
06:36आप में से कितने लोग अपने कहीं भी काम धंदे में आउट्सोर्सिंग को करीब से देखते हैं या समझते हैं
06:52कोई संस्था कोई कंपनी ऐसी होती है जो अपने कोर काम को आउट्सोर्स करती हो
06:57कोई बैंक बैंकिंग को आउट्सोर्स करेगा
07:01करेगा
07:04वो क्या outsource करेगा bank
07:09आ बाहर के support functions
07:13कि credit card का किसी ने
07:15पैसा नहीं दिया तो
07:16उसके पास जाकर के
07:18उसके खटखटा के कहना आपका ये बिल है पैसा
07:21तो ये किसी external agency को
07:22outsource कर दिया जाएगा
07:23American company है
07:26car manufacturer
07:28Detroit में
07:29वो अपनी manufacturing outsource करेगी
07:32वो क्या
07:34customer support इंडिया को outsource कर सकती है
07:36कि भाईया phone आएगा वो पूछेगा कि
07:38क्या करें गाड़ी में ऐसा तो ये template है
07:40इसके आधार पर जवाब दे दे ना
07:42बाहर के काम outsource आपने तो
07:44दिली outsource कर दिया
07:45आपने तो
07:48धर्म को ही outsource कर दिया
07:50जो यहां की बात है आपने वहां बेठा दी न जार वहां भी को अपनी मरदी से नहीं यह वहां भी आपको किसी और ने बता दिया कि वहां है वहां है
08:02दुनिया भर में परबत हैं वहाँ आप एक परबत पकड़ लोगे और कहोगे वहाँ है मामला
08:12अब वो भी क्या आप चड़े ओ उस परबत पे देखने के लिए कि मामला कहा है
08:16कोई और आया है और उसने आपको बता दिया कि वहाँ है और भीतर हीन भावना इतनी है कि आपने मान लिया कि वहीं कुछ है
08:25नो बटी इस सेंग सो यह बेस्ट ऑन इस एक्स्पिरियेंस और मेटा मेटाफिजिकल और मिस्टिकल एंकाउंटर्स विद्ध पैरानॉर्मल
08:35यह पढ़े लिखों का हाल है
08:44मैंने इतना ही बोल दिया था कि भाईया नारी देह का और भी काम होता है यह बच्चा पैदा करने के लिए नहीं है यह आउट्सोर्स कर दो
08:59मेरे उपर आगे चढ़ गए सब
09:03और चीन में अब रोबो सरोगेसी का काम अपने उपर ले रहे हैं और यह काम है जो फिर भी आउट्सोर्स कर सकते हो
09:10कि मैं काहे के लिए दो साल तक अपने शरीर को बरबाद करूं दो साल और समल लंबा
09:15वहाँ बड़ी समस्या हो गई नहीं यह तो बिलकुल हमारा कोर फंक्शन है यह आउट्सोर्स कैसे कर सकते हैं
09:24आपका कोर फंक्शन कोख नहीं होता है आपका कोर फंक्शन दिल होता है अब दिल आउट्सोर्स करके बैठे हो और वो भी किनको दे दिया है सब अनपढ़ अनपढ़ सिर्फ अविद्या भर में ही नहीं कि तुम इनसे पूछो
09:42psychology, philosophy, समाच शास्त्र, भौतिकी, chemistry, इतिहास कुछ पूछो इनसे वो तो इनको नहीं ही पता होगा तुम इनसे जाकर के अगर जो विद्या विशयक ग्रंथ हैं वो भी पूछ लो तुम्हें जाकर पूछ के देख लो पहली बात तो पूछने का मौका नहीं देंगे
10:02तुम इनके सामने जाकर रख दो कि ये रहा ये ये रहा ये ब्रहमसूत्र में सत्रहवा बताईए बताईए बताईए बताईए बताईए नहीं मार और दिये जाओगे
10:15अब आपमान करने आयो बाबाजी का ब्रहमसूत्र पूछर बाबाजी खुद ब्रहम है
10:20तो आप प्रश्ण भी पूछने कौन से अनुमत है बाबाजी मेरी बच्छिया जो है बीमार है और पडोसी कुत्ता रखता है वो कुत्ता भौग देता है तो जब उसके सामने खली चुनी लेकर जाते हैं तो मेरी बच्छिया खाती नहीं बाबाजी वहीं बैठे-बैठे मंत
10:50है और इनको ये लगेगा वो लगेगा और ऐसा करो और वैसा करो ये ए प्रश्णोत्तरी का स्तर होता है ये तुमने धर्म का स्तर बना लिया कौन साITY आपका धर्म आपका धर्म जो अपनी चीजर का पर मालकियत न रख पाए
11:15उसको क्या बोले
11:20कायर, कापुरोष
11:24पुरुशार्थीन
11:26क्या बोले
11:28और कोई छोटी मोटी चीज
11:31तुमारी कोई उठा लेता है
11:32यो कुछ कर लेता है
11:33तो लड़ने को खड़े हो जाओगे
11:35हैं जी मेरा दो पट्टा क्या छेच हो दिया
11:38जी आप
11:38पूरा प्रेस करा है, चार फोल्ड मारे हैं
11:42मेरा दो पट्टा खराब कर दिया
11:44तुमारा दो पट्टा
11:46कोई छू दे
11:47तो बहुत बड़ी बात हो गई
11:49और कुछ तो इतने वो होते है
11:51ट्रेन की सीट पे देखा थे
11:54वैने बहुत साल पहले की बात है
11:55उनके साथ के लोग दूसरे डब्बे में थे
11:59वो जाकर के दूसरे ही डब्बे में बैठे हुए हैं
12:04एक सज्जन है मेरे सामने
12:05उनकी यहाँ सीट है, उनके साथ के लोग दूसरे डब्बे में
12:08वो दूसरे ही डब्बे में बैठे हैं
12:10तो
12:11अब सामने
12:14AC3 टायर था वो
12:15तो तीन ऐसे होते हैं
12:17वो उधर चले गए हैं तो जो बाकी ही दो थे हो फैल के बैठ गए
12:20एक इधर आ गया
12:22एक पूरे ही फैल गया खाली पड़ा है वो इस पे भी
12:24चिड़ गए वापस आ कर
12:25मैं मौजूद हूँ कि नहीं मौजूद हूँ
12:28मैं मौजूद हूँ कि नहीं मौजूद हूँ
12:34क्या फर्क पड़ता है मैं ट्रेन पर चड़ाऊँ
12:36सीट खाली नहीं है टीटी ने किसी और को दी नहीं है
12:38आपने पाउं कैसे रख दिया
12:40आप होते कौन है मेरी सीट को छूने वाले
12:43यहां तो
12:45इतनी मालकियत चल रही है
12:47कि ऐसी ट्रेन जिससे अभी चार घंटे में उतर जाओगे
12:52ऐसी सीट जिस पर तुमें बैठना नहीं है
12:55उसको लेके तुम खून खचर करने को तयार हो गए
12:59और धर्म
13:01जो प्राणों का प्राण है हमारा
13:04वो तुम जा करके इन लोगों को सौप आये हो
13:08और उसके बाद वहां जाके शच्चत नमन भी कर लेते हो
13:12क्या बोलू मैं इसको
13:18माबाप होंगे उनको सौत आने पड़ जाएंगे
13:25नहीं नहीं आप लोगों को न थोड़ा अपने बचे को लेके और केरफुल होना चाहिए
13:29आप लोग देखते नहीं है
13:33अच्छा डेकेर में दिया है कोई बात नहीं
13:35उस वाले में दीज़े कि सीसी टीवी में लाइव दिखाते रहते हैं
13:37कि आपका बेबी वहाँ पर क्या कर रहा है
13:39आप कहीं स्टॉक में पैसा लगाते हो उसका भी डे बाइडे
13:43मूवमिंट आप बॉच करते रहते हो
13:45कि मेरा पैसा है मुझे पता होना चाहिए
13:47हर घंटे में
13:49कर्व कैसा जा रहा है
13:51हर चीज आप कहते हो मेरी है
13:53तो मैं बिल्कुल उसको जानके समझ के रखूँगा और नियंतरित करके रखूँगा
13:59है ना समभा लूँगा धर्म धर्म किसको दे दिया है धर्म किसको दे दिया है
14:09इससे तो यही पता चलता है कि धर्म से कोई लेना ही देना नहीं है जब लेना ही देना नहीं है तो भाई आप सवाल क्यों पूछ रहे हो मुझसे
14:15ऐसी चीज़ पर सवाल पूछो न जिससे आपको कुछ लेना देना हो
14:19ऐसी चीज़ पर सवाल पूछो
14:24जो अपना होता है आदमी उसको छोड़ता नहीं कभी
14:27आप क्यों छोड़ा है धर्म को
14:29कितने लोगों ने अपने संस्थान वग्यारा के लिए कभी कुछ हाइरिंग करी है
14:39या हाइरिंग प्रक्रिया में किसी तरह से शामिल रहे है
14:44छोटी से छोटी पोस्ट भी होती है तो पहले आप वहाँ साफ लिखते हो
14:52कि जेडी ये है जॉब डिस्क्रिप्शन उसमें आप बताते हो कि काम में क्या क्या होगा
14:59फिर आप कैंडिडेट प्रोफाइल होती है वो विज्यापित करते हो कि भाई आपको ये ये हो
15:04एक जरा सी कोई प्रोफाइल हो सकती है बहुत सधारन सी असिस्टेंट लेवल की कुछ हो सकती है उसके लिए भी एक राउंड दो राउंड होगा इंटरव्यूगा एक विदिवत प्रक्रिया होती है योग्यता पर रखते हो बहुत अच्छे से और उसके बाद कहते हो साब प
15:34गड़बर करोगे तो निकाल दिये जाओगे अभी नए-नए आयो ठीक से आप किसी को धर्म गुरु कैसे नियुक्त करते हो ये बताओ
15:43एक बिल्कुल निचले तल की नियुक्ति के लिए भी आप साउधानी दिखाते हो प्रक्रिया दिखाते हो विदिविधान बनाते हो
16:04कर जुख जाते हो आप पुछते भी नहीं कि भाई तु वहां कैसे खड़ा हो गया तू कौन है कि हम परखेंगे तुझे हम परीक्षा लेंगे पहले तेरी
16:13बिलकुल एकदम मैं हर प्रकार के श्रम का सम्मान करता हूँ तो मैं अब चपरासी कहूँगा तो उसको अपमान में मत ले लीजेगा पर क्या ऐसा आप होने दोगे
16:26कि आपके यहां पर कोई प्यून है तो वो कहे मैं प्यून हूँ तो मेरा बेटा अगला प्यून बनेगा ऐसा होने देते हो क्या आप क्या आप ये भी होने दोगे कि मैं प्यून हूँ तो अगला प्यून मैं न्यूक्त करके जाऊंगा ये आप होने देते हो क्या नहीं होन
16:56वो कैसे नियुक्त हुए
16:57मैंने कितना घहरा सवाल पूछ दिया
17:03उफ
17:03ये इतना घहरा
17:07इतना असंभव प्रशने के आपके दमाग में
17:10खुद तो कभी आएगा ही नहीं
17:11है न
17:11या कि ये बिल्कुल सीधा सवाल आई है
17:14सीधा सवाल है कि नहीं है
17:17मैं बताता हूँ आपकी दिवाग में लेकिन क्यों नहीं आएगा
17:19क्योंकि दूसरों की बैसाखियों पर
17:23जीवन के हर क्षेत्र में चलने की आदत पड़ चुकी है
17:26तो धर्म का क्षेत्र फिर अपवाद कैसे हो जाएगा
17:29हर तरीके से हम दूसरों पर आश्रित होकर जीने के आदी है
17:36तो धर्म के क्षेत्र में भी हम आश्रित हो लेते हैं बहुत असानी से
17:39और जिस पर आश्रित होगे वो तुमारा शोशन करेगा ही करेगा
17:41फिर रोना मत कि मैं वहाँ जाकर के
17:46छोटा मोटा चंदा नहीं जाता है बिल्कुल ठीक बोला आपने
17:54और वहां तो सीधे इस पर जाता है कि देखो अब हम भगवान का मंदिर बना रहे हैं
17:59लाला जी आपने जीवन भर जितना भी पाप करा है दस करोड़े हाँ पर दे दो
18:03चार पत्थरों पर आपका नाम लिख दिया जाएगा और सीधे आपके लिए स्वर्ग में सीट आरक्षित हो जाएगी
18:09और बिल्कुल जाता है पैसा अथा पैसा जाता है अथा पैसा
18:14जब हम लाइफ के लिए ही किसी और पर अपने आपको डिपेंडेंट मानते हैं तो आफ्टर लाइफ के लिए तो
18:27मानेंगे ही मानेंगे ना
18:30यही काम राजनीती में करते हो
18:36यही काम राष्टर में करते हो
18:39जैसे धर्म को छोड़ाए हो
18:40कि कोई और समाल ले
18:42वैसे राष्टर को भी छोड़ा रखा है
18:43कोई भी और समाल ले
18:44अपने पूरे जीवन को भी हमने छोड़ा रखा है
18:51वहाँ उपर कोई बैठा है
18:58वो चलाएगा
18:58हम है ही क्या हम कुछ नहीं है
19:01हम कुछ है ही नहीं
19:05जब तुम कुछ हो ही नहीं
19:09तो ये जो कुछ नहीं है इसको दुख भी क्यों हो रहा है
19:11शुन्यता को तो दुख भी नहीं हो सकता
19:15न तुम्हें दुख भी ना हो फिर
19:16उदाहरण मौझूद हैं इतिहास में भी और दुनिया में भी
19:25जहां बड़े-बड़े क्षित्रों को बना ही दिया गया है रिलीजियस इकनॉमी
19:31और उन क्षित्रों का भला नहीं हुआ इससे वो बरबाद हो गए
19:37लीजियस इकनॉमी समझते हो कि यहां पर लोग और कुछ नहीं करते हैं
19:43बस इस जगह को बहुत बड़ा एक धार में गड़ा बना दो
19:46हर तरफ से लोग आएंगे और यहां पर दान चंदा देकर चले जाएंगे
19:51खूब बड़े बड़े होटल खड़े हो जाएंगे इस जगह कि महिमा खूब बढ़ा दो तो हर तरफ से लोग आएंगे उससे ट्रांस्पोर्ट इकनॉमी चले गी होटल इकनॉमी चलेगी और जितने तरीके की कुछ सावान भी यां खरीदेंगे उसकी इकनॉमी भी चले�
20:21निरा न तो एक बबल बनता है जो बर्स्ट करता और अंजाम अच्छा नहीं होता
20:25कि बहुत सारे पुराने लोग हैं जिनका कहीं ना कहीं पर यह बिंदो आ जाता है कि अब हमने जा करके
20:43फलानी जगह पर एक बार में ही पांच लाख दस लाख दे दिया है तो अब हमारे पास आपकी संस्था को देने के लिए कुछ नहीं है
20:52वो पहले बताएंगे नहीं तो इधर उधर की बात करेंगे कहेंगे वे आपार में घाटा हो गया कभी कुछ कभी कुछ फिर असली बात बोल देंगे
21:01बोलेंगे वो फलानी संस्था है उसने अब हमारे ही इलाके में एक नया वंदिर बनाना शुरू करा है
21:07तो हमारे इलाके में वन रहा था तो हमने तो वहां सीधे जाकर के दसलाख दे दिया है
21:12तो अब एक दो साल अब रुख जाईए अब जब कुछ होगा तो फिर आपको भी देंगे
21:17इतने जबरदस तरीके से मानसिक गुलामी है
21:25कि आपको समझ में भी नहीं आता कि धर्म है कहां पर
21:30जैसे ही किसी ने आकर के बुला
21:34कि देखो इतनी ईटों का योगदान करो या इतने पत्थरों का योगदान करो
21:40और इसमें इतने लाग रुपे लगेंगे
21:42और इतने अगर नहीं दोगे, तो भगवान नाराज हो जाएंगे, क्योंकि भगवान पर तो हमारी मोनोपली है, भगवान पर तो हमारी मोनोपली है, थर थर थर थर कापने लग जाते हैं आप लोग, तुरंत, बिल्कुल नहीं कह पाते हैं कि भगवान यदि हैं तो मेरे हैं �
22:12आ गया मुझे भगवान के नाम पर ब्लैक मेल करने के लिए और धर्म का तरीका हमेशा से यही रहा यह तरीका अगर समझना हो तो बहुत अच्छी केस स्टेडी है यूरोप के डार्क एज़िज वह जाके पढ़ो खासकर जब वो डार्क एज़िज रेनेसा की लहर से टकराते
22:42चेतना को दबाने के लिए इन्ही सब प्रीस पादरियों ने किया था ये सब जिसको आज आप वैचारिक रूप से आजाद और उदार यूरोप कहते हो वो ऐसे ही नहीं आ गया लाखो लाशें गिरी हैं चर्च ने जितने तरीके के हथकंडे हो सकते थे और हिंसा हो सकती थ
23:12उसके बाद वो हो पाया कि यूरोप और उसी यूरोप का जो विचार है उससे फिर अमेरिका खड़ा हुआ और वही फिर जो यूरोप का विचार था भारत पहुचा तो फिर भारत में भी जो बहुत सारी पुरानी बुराईयां चल रही थी वो हटाई गई
23:28वो असानी से नहीं होता मन पर बहुत जबरदस्त कबजा होता है और उन लोगों का धंदा ही है आपके मन पर तरह तरह से कबजा करना
23:45तुम सोचो उनके पास और कोई योग गयता है उन सब लोगों को सोचो जो अपने आपको धर्म के ख्षेतर का बोलते हैं सोचो अगर वो उस ख्षेतर के नहीं होते तो क्या कर रहे होते
23:59तो सोचो भिखारी की लोटरी लग गई है वो जान दे देगा लेकिन अपनी लोटरी नहीं छोड़ेगा न और उसको पता है कि अगर ये नहीं तो फिर उसके पास
24:13तो वो तो हर हतकंडा लगाएगा आपको अपने बस में रखने का अपना धंदा चमकाने का
24:23देंगे मैं उसके बाद भी बताता हूँ
24:38कोई रिलिजियस अथॉरिटी अभी आपके सामने आ जाए आपके भीतर कोई होगा
24:44जो बहुत जोर लगाएगा कि यार एक बार इसको नमस्कार तो करी लो ना
24:50बोली है कि नहीं वही उनकी ताकत है
24:56मैं आपको कुछ भी कह लूँ कुछ भी समझा लूँ
25:00आपके सामने एक खास लिबास में खास तरीके से बात करने वाला
25:07एक पारंपरिक व्यत्तित तो खड़ा हो जाए
25:09कुछ होगा आपके भीतर
25:12जैसे आप बैठे हो खट से आपके घुटने सीधे हो जाएंगे
25:14आपको पता भी नहीं चलेगा यह क्यों हुआ
25:18आपका सर जुग जाएगा आपके हांच जुड जाएंगे
25:22कुछ हो जाएगा
25:24आपकी बुद्ध आपकी चेतना आपको समझाती रहेगी
25:29क्या कर रहे हो यह फ्रॉड है तुम जानते हो यह फर्जी है
25:31लेकिन फिर भी आप खड़े हो जाओगे आप ऐसे करोगे
25:33आप उससे जी करके ही बात करोगे
25:38कारण सीधा है आपने अपना भगवान उनको सौप दिया
25:47उनको बहुत बड़ी चीज सौप दिया आपने
25:50मैं आपसे कह रहा हूँ अपना भगवान वापस लीजिए
25:56भगवान हमारे हैं और कहीं किसी धाचे में नहीं रहते हैं हमारे दिल में रहते हैं
26:02उन्हीं भगवान को विदान्त कहता है आत्मा सत्य
26:09तो सोचने में हैं जान निकल रही है करेंगे कैसे
26:19अभी मंत्रित जल छिड़क के शराप और आप दे दिया तो
26:25चुईया बना दिया तो
26:28आचार जी ऌए, हाँ है अचार जी ऐसा इसमें क्या है कि समून में लोग आते हैं
26:39मैं ग़िष्ञ दोस साल से प्रियास किया, जब भी आते हैं हम प्लान करके भी बैट थे हैं कि
26:44हम उठेंगे नहीं अपनी सीट से नॉर्मल एकदम नॉर्मल बैठेंगे
26:48काफी सफलता मिली है आपसे जैसे जैसे मैं जुड़ता जा रहा हूँ
26:52आज मैं पहली बार आप यहां पे आया हूँ
26:53वाइफ को अचानक लखनू तक ट्रीटमेंट दिलवाया सफल नहीं हो पाया
26:57तो यहां के लोगों ने मुझे खीचा यहां आजाओ यहां आजाओ
27:00मैं चौदादें से यहां पड़ा हूँ
27:02इस लालच में शयाद मुझे यहां आपसे मिलने का मौका मिल जाए
27:05हम सिंधी कम्यूटी से हैं हर साल
27:07तीन तीन बार समाज के लोग आके इंट्रोगेट करतें
27:11पहले पांच चार छे आते थे
27:13अब बारा पंदरा आदमी हमारे पिस्टान के अंदर आ जाते है
27:16अब यह होता है कि इनको कैसे फेस करें
27:19प्यार होना चाहिए ना बात सारी उस जिन्दगी की है
27:25जिसके दिल में प्यार धड़क रहा हो
27:28मैं सधारन प्यार की बात कर रहा हूँ भी मान लीजिए
27:32आदमी ओरत वाले ही प्यार की
27:33आपको प्रेम है किसी से पंदरा लोग आकर कह रही है
27:38इसको हमारे हवाले कर दो
27:40छोड़ोगे क्या
27:41मैं बताता हूँ छोड़ देते हो
27:43चूकि अपनी जिन्दगी में तुम
27:48अपने दम पर
27:49अपने पुरुशार्थ पर एक लड़की को भी नहीं रख सकते
27:52तो भगवान को कैसे रखोगे
27:53जैसे अपना प्यार समाज के सुपूर्द कर देते हो ना
27:57वैसी फिर अपना भगवान भी समाज के सुपूर्द कर देते हो
28:00यह सब बातें आपस में जुड़ी हुई है
28:05समझो इस बात को आपने कहा
28:06पियर प्रेशर
28:09या ग्रुप साइकॉलजी
28:11वो चीज तो बच्पन से दिखाई देती है
28:15स्कूल कैसे चुना गया
28:17मोहले वालों ने कहा फलाना स्कूल
28:19ग्यारवी में क्या
28:22कॉमर्स साइंस क्या लेना है जैसा कि
28:25दिल तो है नहीं न कहीं
28:29उसके बाद
28:31इंजिनिरिंग में घुजगए मान लो
28:34ब्रांच कौन सी लेनी है
28:35जो सबने बताया कि हॉट चल रही है
28:37इसमें नौकरी बढ़ियां लगती है
28:39दिल हो सकता है
28:43क्यमिकल में हो
28:44पर नौकरी कॉम्प्यूटर में लगती है
28:46तो कॉम्प्यूटर में ही घुसेगा
28:48उसके बाद नौकरी
28:54पचास तरह के हो सकता है
28:56आपके पास विकल्प हो
28:58लेकिन वही चुनोगे जो समाज में प्रतिष्ठित माना जाता है
29:00हर काम जब समाज के दबाव में ही कर रहे हो
29:06और फिर तो वही आ जाता है लड़की
29:08या लड़का
29:09जो कि अपने आप में बहुत बहुत बहुत निजी बात होती है
29:12कोई और घुस कैसे गया इस मामले में बीच में
29:15लेकिन जो व्यक्ते समाज के दबाव में
29:19अपने प्रेम की कुर्वानी दे सकता है
29:21भगवान की भी देगा क्योंकि भगवान से भी
29:23रिष्टा तो प्यार का ही होता है न
29:24प्यार नहीं है तो भगवान से भी कैसे रिष्टा बनाओगे
29:29भगवान को भी किसी और को सौप दिया
29:31आउट्सोर्स कर दिया
29:32तुम देख लो जी हाँ जी ठीक है जी हाँ जी
29:34सारी समस्या प्रेम हिंता की है
29:39हम बहुत
29:40रूखे लोग हैं
29:43हमें
29:44प्रेम सीखने की जरूरत है
29:47लव्लेस हैं इश्क नहीं जानते
29:49बहुत डरे हुए हैं तो बहुत
29:54सदगे चलते हैं दिवानगी नहीं जांते
29:56भविश्य को ले कर के
30:00बहुत आशंकित रहते हैं
30:02तो अधिये में हम
30:05कदम बढ़ाना
30:07कुदना तो दूर की बात है, कदम लेने से भी धर्राते है, यहां बैठे हैं, हमें बता देता है समाज, बताईए का आपकी जिन्दगी ऐसी चली है की नहीं, आप यहां हो, आपको एक छवी बता दी जाती है, वहां पहुंच जाओगे ना तो वह अच्छी जिन्दगी है, है
30:37और फिर आप अपनी पूरी जिन्दगी सिर्फ पता है क्या करते हो, reverse engineering, वो बस एक छवी है, और यह जो है यहां से वहां तक यह एक यात्रा है, जिसको जीवन बोलते हैं, यह यात्रा आप अपने प्रेम पर नहीं जीते, यह यात्रा आप अपने डर पर करते हो, मुझे व
31:07मुझे अमेरिका में सेटिल होना है या कैनेडा में होना है, आठवी से मेरे माबाब उस हिसाब से मेरा सब शुरू करा देंगे, जो कुछ भी होता है, तुम यह सीखो, तुम यह सीखो, वो पहले तैय हो गया, मुझे क्योंकि मैं इतना डरा हुआ हूँ कि मैं एक अपरिच
31:37होना चाहिए, वो लक्ष है जीवन का, और फिर पूरा जीवन बस वो जो हमने एक एक छवी बना दी है, जो हमारे हिसाब से सुरक्षित है, क्योंकि ग्यात है, क्योंकि अतीच से आ रही है, उस तक पहुँचने में हम लगा देते हैं, अब एक एक कदम बस reverse engineered है, अगर वहा
32:07सबकुछ तो डर से हो रहा है, तो फिर कोई अगर आकर डरा देगा कि आसमानों पर उपर कोई बैठा है, उसका कोप बरसेगा तुमारे उपर, अगर फलाना काम नहीं किया, अरे ये क्या किया, महापाप कर दिया, तुमने ये क्या कर दिया, बिल्ली मार दी, अब सोने की ब
32:37बड़ी ये रोचक कहानी है हिंदी साहित्त में
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