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- 9 months ago
DGASD.S01E30 Hindi
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00:00जीजा जी, आप किसी बात से परिशान है?
00:19जब से युद्ध कला सीखी है, कई नायक मेरे दोस्त रहे हैं
00:22युद्ध कला की दुनिया में मैंने गुपत रूप से भसाने, घात लगा कर हमला करने, जहर देने के मामले देखे हैं
00:30पर मैंने कभी दूसरों को पैसे देकर रिश्वत देने के बारे में नहीं सोचा
00:33अला कि मैं एक खितान हूँ, पर मैं चार राजवंशों में पला हूँ
00:39पर आज, महराज चाहते हैं कि मैं सौंग सामराजय पर कबज़ा कर लो
00:44पर मैं नहीं चाहता
00:47पर आप दक्षिन के महान राजा हैं, आपको उसकी सेवा करनी पड़ीगी
00:51मेरे खयाल से केंद्रिय मैदान के लोगों ने बुरा वरताफ किया
00:55आपको उन पर हमला करके उन्हें पकड़ लेना चाहिए, ताकि आपका गुसा बाहर निकल सके
00:59मैंने पहले भी दो राजों को लड़ते दिखा हैं
01:15मैं उनकी जान कैसे खत्रे में डाल सकता हूँ, सिर्फ इसलिए क्योंकि मैं नाराज हूँ
01:26तो अब आपकी क्या योजना है?
01:30महराज ने दया करके मुझे दक्षन का राजा बना दिया है
01:34अगर मैं त्याक पत्र देता हूँ, तो मुझे डर है, महराज निराश हो जाएंगे
01:41सोचना पड़ेगा, नांजिंग पहुँचने के बाद ही, मैं इस बारे में कुछ योजना बना बहूँ
01:50अच्छा है, भले ही सब ठीक है
01:52पर राजा बनने के बाद आप हमेशा दर्बार की बैठक और सैनिको को प्रसिक्षत करने में वैस रहते हैं
01:58अब आपके पास मेरे लिए वक्त नहीं है, भाई वानन का आवास यहां से जादा बहतर था
02:02अगर तुम ठीक हो तो क्या तुम मेरे साथ नांजिंग चलोगी?
02:07मैं जब तक आपके साथ रहोंगी, मैं बिल्कुल ठीक रहोंगी
02:11शिफ नांजिंग ही नहीं, मैं हर जगा जा सकती हूँ
02:13ठीक है, तो फिर हम कल निकलेंगे
02:17ठीक है
02:19ठीक है
02:24ठीक है
02:27ठीक है
02:49किया हुआ तू मुदास लग रही हो
03:12मैं किसी काम की नहीं रही मैं धनुष की डोर तक नहीं खीच पा रही फिक्र मत करो तुम ठीक हो जाओगी अगर ठीक नहीं हो पाई तो तुम्हें आंतरिक शक्ति का अभिहास करना सिखाऊंगा फिर तुम्हारी ताकत बढ़ जाएगी आपको अपना वादा निभाना पड़
03:42यह क्या हो रहा है महराज हमारे साथी छापे से वापस आ गए है राजा जी का अभिवादन हमाराज का हमला राजा जी की बतौलत सफल रहा हम आप के लिए सबसे खूबसूरत लड़कियां और खजाना लेकर आएं कृपिया से विकार करें चलो बैठ जाओ बैठो
04:06महराज मैं Zagar अन्ञजी ऐकुन से हो महराज मुझे अपने घर जाने दीजिए मेरे माबाप के पास मैं भी इक मांगती हूं महाराज
04:20मुझे महराज को कुछ बताना बौğत जरूरी बात है आप किसी और को मत बताना महराज अकेले में बात करने हैं
04:29बताओ
04:34महराज
04:36मेरे पास आपके लिए कुछ है
04:38मैं तुझे माँ डालूँगा
04:44कॉल हो तु
04:58चाओ फैंक
04:59तुमने मेरे पिता और मेरे चाचा को माँ डाला
05:03काश में तुम्हें जिन्दा जला पाता
05:06और तुम्हारे टुकडे टुकडे कर देता
05:08तुम्हारे पिता और चाचा कौन है
05:11मैं वैसे भी जीना नहीं चाता
05:13मैं तुम्हें बता दू
05:15मैं यू परिवार का बेटा हूँ
05:18मुझे मौत से डर नहीं लगता
05:21हम अगले जन में अपना पत्ला लेंगे
05:29पिता जी
05:32तो तुम नायकों के बेटे और भधीजे ओ
05:34तुम्हारा नाम क्या है
05:36मेरा नाम यू तांसी है
05:38मुझे मरने का कम नहीं है
05:40पर तुम्हारे हाथों नहीं मरूँगा
05:41मैं तुम्हारे हाथों नहीं मरना चाहता
05:44मेरे साथ चलो
06:00मैं
06:02बेवकूफ कहीं के
06:08तुम अपने नीच चाल से मेरे जीजा जी को नुकसान पहुचाना चाहते थे
06:12सोच क्या रहे थे तुम
06:13क्या तुम ये सारा खाजाना और इन लोगों को मेरे पास छोड़ सकते हो
06:29जरूर यहां जंगली जानवरों की बहुत कमी है राब इनका जीवेत इस्तिमाल करना चाहते हैं
06:33चूके राज कुमार को ये सब करना बहुत पसंद था
06:36पर आज हम लोग सिर्फ और तो को लेकर आएं ये तेज नहीं बाग सकती
06:39पर अगर आपको शौक हो तो हम आपके लिए आदवी भी ला सकते हैं
06:42रहने दो
06:42अपने साथियों को वापस ले जाओ और इनाम ले लो
06:46महराज का शुक्रिया करो
06:47शुक्रिया महराज
06:48आप से इनाम मिलना सम्मान की बात है महराज
06:50मैं तुम्हें छोड़ रहा हूं अगली बार सीमा से दूर रहना फिर से पकड़े मज जाना
07:13इस बार बचा लिया है अगली बार बचा नहीं पाऊंगा जाओ
07:17शुक्रिया महराज शुक्रिया
07:20चला चला चला चला यही मौका है मुझे मारना चाहते है तो मार दो
07:34कि अगर बदला लेना है तो कभी भी आ सकते हो
07:50कि चलो जीजा जी वह आपको नुक्सान पहुचाना चाहता था आपने उसे छोड़ क्यों दिया मैंने उसके पिता और चाचा को आत्महत्या करने के लिए मजबूर गया तुछ मेरा को इरादा नहीं था पर मैंने खून का कर्स चुका दिया है उसे चोट पहुचाना जरूरी
08:20वो इस किताब को हमेशा अपने पास रखता है इससे उसे बहुत वाइदा होता है
08:50उसने मुझे नहीं मारा क्योंकि वो मुझे नीचे दिखाना चाहता है
08:54वो लियोस अमराज्जी का शासक बन किया है
08:56मेरे लिए बदला लेना और मुश्किल हो जाएगा
08:59लेकिन मैंने आखिर कार उसे ठोंड ही लिया
09:03उसके साथ वो लड़की कौन थी?
09:06वो बहुत ही संदर है बहुत नाजुक और खुपसूरत है
09:10क्या उसे उसने अपने साथ रहने के लिए मजबूर तो नहीं किया?
09:15हाँ
09:24शाँ
09:29श्याँ
09:30तुमलगगद अवो
09:35श श्याँ
09:40चल लोगों को इतना वक्त क्यों लगा इस बेवकूफ का इंतिजार में कब से कर रही थी
09:59क्या हाल है
10:10कुमारी आप कौन सा खेल खेली मौसं बहुत अच्छा है चलो पतंगुड़ा है
10:33चोड़ो मुझे चोड़ो मुझे चोड़ो मुझे जा करें कुमारी इन्से को मुझे छोड़ते
10:39कुमारी कुछा जाने तीजे कुमारी कुछा बहुत अच्छा बचा लगते हैं तुम लोगों को उड़ा सकते हो उचा उड़ाओ और उचा नहीं नहीं कुमारी
11:09हुआ उसे जरा नीचे समिन के करीब से उड़ाओ आँ चोँ चोँ
11:24हुआ हुआ हुआ हुआ है तुम इतने बेकार क्यों हुआ तुम बहुत जल्दी गीर के उसके जाकम को देखो जी
11:54तुमने अच्छा काम किया है तुम्हें अच्छा ही नाम मिलेगा शुक्रिया राज कुमारी क्या आपको कोई और खेल खेलना है अज बहुत मस्ती हो गई इसे कल फिर यहीं ले आना ये राजा को नुक्सान पहुंचाना चाहता है मैं इसे अस्वानी से मरने नहीं दूंगी
12:24क्या मैं मर क्या हूँ वो नड़की बहुत सुन्दर है सच में बहुत सुन्दर लेकिन वो बहुत दुष्ट है उसने मेरे पिता को मारा है लेकिन वो बहुत शक्तिशाली है मैं उसके सेवकों को भी हरा नहीं पाया तो फेर मैं उसे कैसे हराऊंगा पानी कोई मेरी मदद कर
12:54पानी
13:19जलोट
13:20जलोट
13:21क्या कर दो
13:22कहा ले जा रहे हो मुझे
13:23जलोट
13:27जलोट
13:28जलोट
13:29राजकुमारी
13:30एसे में ले आए
13:54मुझे क्यों देख रहे हो
13:56उदास हो या गुसा
13:58मुझे सोचने दो
14:00तुम्हारी साथ कौन सा खेल खेलना है
14:02ये क्या कर रहे हो
14:04हटाओ इसे
14:06पेज़ अटो
14:08मारो इसे
14:10छोड़ो मुझे
14:11मैं तुम्हे बख्ष दूँगे
14:12तुम्हारी अब बहुत सुंदर है
14:13मुझे आपके साथ रख लीजे
14:15मैं आपको आपको अर रोज देखना चाहता
14:17तुम्हारी इतनी हिमत ऐसी बात कैसे कर सकते हो मुझे
14:22गुमारी
14:26गुमारी
14:40रुक जाओ
14:45शिली यहां हो
14:47जाओ
14:48जाओ
14:53जाओ
14:54जाओ
14:55जी
15:17सब्सक्राइब
15:25ने की हुए
15:37साफु आप आप आपड़ को
15:39यह आप आप
15:42पताओ के हिए
15:47झाल झाल, झाल, झाल, झाल.
16:17झाल, झाल, झाल.
16:47झाल, झाल, झाल, झाल.
17:17झाल, झाल, झाल, झाल, झाल.
17:47तुमने अच्छा काम किया, बहुत खुब, शेली उन्हें पच्चास तील से नाम में दे दो, लुहार को भी नाम दे देना, शुक्रिया राजमानी
18:12मुझे ऐसे क्या देख रहे हो, आप बहुत सुन्दर हैं, मैं आपको देखना चाहता हूँ
18:22तुमने फिर से कहा, मैंने तुम्हे ये लोहे का मुकट इसलिए पहनाया, ताके तुम मुझे काट न सको
18:27कुमारी, इसका मतलब आप मुझे अपनी सेवा करने की इजासत दे रही हैं
18:33नहीं, तुम बुरे इंसान हो, अगर तुम मेरे साथ रहोगे तो क्या मुझे नुकसान पहुचाने के तरीके नहीं डूंडोगे
18:39नहीं, नहीं, मैं अपको नुकसान नहीं पहुचाऊँगा, कुछ नहीं करूँगा, मैं, मेरा दुश्मन, वचाओ फेंग है
18:46तुम जीजा जी को नुकसान पहुचाना चाहते हो, मतलब तुम मुझे भी नुकसान पहुचाना चाहते हो
18:51यह ना , यह मुम्किन है यह पीकूफ कोई कि तुम मरना चाहते हो ?
18:58नहीं, मैं मरना नहीं चाहता लेकिन , मैंनने चुम्हणा मुखहटा पहन रखा है , इसमें , ना तो मैं इंसान लग रहा हो और नहीं भूत , यह तो मोच से भी बत्तर है
19:08कि तुम्हें पता है आखिर मैंने तुम्हें ये मुखोटा क्यों पहनाया है कि तुम वह कई में बहुत बेवकूफ हो तुम्हें बचाया पर तुम्हें अहसान फारमोश निकले हाँ
19:27कि राजा शाओ ने तुम्हारे टुकडे करने का अतेश्च दिया है मेरे खहल से तुम इतने बुरे नहीं हो इसलिए मारना ठीक नहीं रहेगा तभी मैंने उन्हें बिना बताया तुम्हें चुपके से चिपा दिया अकर तुम उनसे टकरा चाते तो तुम्हारी जान खत्रे म
19:57शुक्रिया कुमारी आपका बहुत बहुत शुक्रिया आपका यह ऐसान मैं जिन्दकी भर नहीं भूलूँगा कोई नहीं इसलिए अगर तुम फिर कभी राजा से मिलो तुन से बात मत करना उन्हें अपनी अबास पैचानने मत देना समझें फरनस सिर्फ तुम नहीं मरोग
20:27शलो
20:57इन्होंने मेरा जोहाल किया है कि मुझे इंसान माना जाहेगा
21:02महरा जा रहे है
21:06जीजाजी जीजाजी आप आगे तुम खुश लग रही हो कौनसा खेल खेल रही हो
21:22मुझे एक नया खेलाना मिला है चलिए दिखाती हूँ
21:25आप आगे में बहुत खुश हूँ
21:31यह खेलने के लिए कई लोग है ना हाँ पर मुझे उससे खुशी नहीं मिलती
21:35मुझे आपका साथ चाहिए जीजाजी इस तरफ
21:41उसे लेकर आओ
21:45इसने यह क्या पहन रखा है जीजाजी यह लोहे के सरवाला आदमी है इसे पश्चिम से गाउचेंग सम्राज्य
21:51इसने यह क्या पहन रखा है जीजाजी यह लोहे के सरवाला आदमी है इसे पश्चिम से गाउचेंग सम्राज्य
22:14इसका नाम आइरन क्लाउन है यह बहुत भायानक चेहरे के साथ पैदा हुआ था यह इंसान से जादा भूच ऐसा दिखता था इसलिए लोगों ने इसे मुखोटा पहना दिया ताकि दूसरे इसे देखके न डरें यह तरीका उनके लिए सही था
22:28जीजा जी क्या आप इसका यह मुखोटा उतार सकते हैं मैं देखना चाहती हूँ कि यह कितना डरा ना दिखता है
22:36यह पहले से डरा हुआ लगता है उसे मुखाटा उतारने के लिए मजबूर मत करोगे पर मज़ा आएगा अकर मुझे सड़क पे कच्छवा दिखता है तो मैं उसे पकड़कर उसका कबच उतार देती हूँ यह देखने के लिए कि क्या वो जिन्दा रह पाएगा
22:53जी तुम हमेशा दूसरों को नुकसान क्यों पहुँचाती हो मुझे ऐसा करना पसंद है वरना आप मुझसे मिलने नहीं आऊगे मैं अब डक्षिन महल का राजा हूँ मैं हर दिन कई चीजों में व्यस्त रहता हूँ फिर भी तुमसे मिलता हूँ आप बस मुझे बहला रह
23:23क्या मैं तुम्हारी लिए कुछ और लोगों को खेलने के लिए भेज दूँ मैं बच्ची नहीं मैं चाहती हूँ आप साथ रहो
23:32अगर आप ऐसा नहीं चाहते तो फिर यहां क्यों आया मैं यहां यह देखने आया हूँ कि तुम्हारी तब यह ठीक है
23:45क्या तुमने भालू का पित खाया मैं खुश नहीं हूँ मैं हर दिन सौ भालू के पित भी क्यों न पीलू मैं अच्छी नहीं होंगी
23:54तुम्हारी तब यह ठीक है चलो आराम करो
23:58इस महिने के प्रावधान को बाट दिया क्या है जैसा कि आपने आदेश दिया था
24:13मैंने सभी सम्मूहों को कह दिया है कि वो सीबा पर परशानी खड़ी न करे और अनावश्यक विबाद से बचे हैं
24:18बहुत अच्छा दो पड़ुसी देशों के बीच व्यापार और विनिमाई के लिए बाजार खुलना युद करने से कहीं बहतर है
24:25राजा जी यह सच है पर हम खितान लंबे समय से ठंड और कठोड जलवाई वाले शेतर में रह रहे हैं
24:30हमारे पास सोंग के तरह संपता नहीं है बीना ताकतवर सैनिकों के हम सोंग कैसे जीत पाएंगे
24:36राश्ट को एक जुट करना और सेना का नेतिरुत करना समराट के इच्छा है
24:39अब हमारे पास आपके जैसा एक महान योद्दा है यह हमारे राश्ट के खुश किसमती है
25:00शांती से सुल्जाना चाहा, सौंग ने इस पर चर्चा करने के लिए एक राजदूद शेन योचेन को भेजा है, और वो आज नानजेन पहुच जाएंगे
25:09ठीक है, उनके रहने की व्यवस्था करो और अच्छे से पेश आना, बैठक में शामिल नहीं हो पाऊंगा
25:16आप ऐसा नहीं कर सकते महाराज, वो जू के पुर्वराज कुमार का जासूस था, उसने लियाओ को कई महत्वपुन सेंज जानकारिया भी दी थी
25:26महाराज, आपको अपनी उपस्थिती दिखाने के लिए बैठक में जाना होगा
25:33किरिपिया आप उनका उत्सा बढ़ा है ताकि वो हमारा साथ दे पाए
25:37हाँ जरूर, जैसा तुम्हें ठीक लगे
25:41यू राज
25:43बोलो, क्या बात है, क्या ये परिवार का पत्र है
25:48मैं जानकारे छुपा नहीं सकता, मझे दाली में बहुत जरूरी सैने जानकारी मिली है
25:51लियाओ सामराज में एक बड़ा बदलाव आया है
25:53जोखे राजकुमार ने भावी राजकुमार के साथ मिलकर विद्रोह कर दिया था
25:57और भाई-शाओ ने उस विद्रोह को दबाने में यल्वहौंजी की मदद किया
26:01उन्हें दक्षण मेल का राजा बना दिया गया है, अभी वो नान्जिंग में है
26:05लेकिन क्यों, मेरे भाई ने आखिर ऐसा क्यों किया
26:08महाशाशेन आपने लंबी आत रखी है, यह जाम आपके नाम
26:20यह लीजे पीजे ना, ठीक है
26:29महाशाशेन आपके अच्छे भाग और सम्रिद्धी की कामना करता हूं
26:35हाँ, बढ़िया
26:36राजा शियाओ, जब मैं लियाओ के लोगों के साथ शराप पीता हूं तो बहुत अच्छा लगता है
26:49एक जाम, आपके भी नाम
26:53शायद मैं आपको याद नहीं, पर मुझे अच्छे से याद है
26:58उस दिन्यान में दर्रे पर आपने ही हान से नपती के साथ दुश्मनों से युद्ध किया, है ना
27:03उस वक्त सौंग में आप सिर्फ एक युद्ध कला के युद्धा थे, लेकिन आज आप दक्षिन के राजा हैं, है ना
27:14बहुत ही कम वक्त में आपने बहुत तरक्की कर लिये, हाँ
27:19सच में आपकी प्रशंसा करता हूं, है आपके नाम का जाम हो जाए
27:26महाशेशेन, राजा शाओ ज्यादा नहीं पीते हैं, और उन्हें बहुत सारे काम भी है, उनके नाम का जाम मैं पी लेता हूं
27:38अब जाओ, मैं भाई श्याओ के साथ पीना चाहता हूं
27:45महाशेशेन, रहने दीजेए
27:47पाई श्याओ, तुम और मैं असल में एक ही हैं, जिम्मेदारी और करतवे की बात रेने देते हैं, अगर दूसरे तरीकी से समझाँ तो, अब दो देशों में युद्ध हो रहा है, और हमें जो सोना चैन्दी मिलेगा, उसमें एक कमाल की जिन्दगी भी होगी, आराम दायक
28:17बोलो, इसीने से इननी जानकरी फैला दिया है, अगर तू दल को कैद कर लिया गया है, और हमारे कई सिपाई मारे गये हैं, युवराज भी खत्रे में है, बाकी सेना कहा है, जल्दी बताओ मुझे, उन्हें रोक दिया गया है, मुझे डर है, काफी देर हो चुकिये, सेना �
28:47सेना पती, जब किसी को शाहिदर बार से मजदूरी मिले, उसे महाराज के पती वफादार रहना चाहिए, उसे आदर्श बनना चाहिए, और आखरी सांस तक लड़ना चाहिए, क्योंकि वो एक सैनिक है, लेकिन सेना पती, नगाडा बजाओ, खुश कर दोओंगे, और विद
29:17खुद को एहमियत देते हैं, राचिन काल से ऐसा होता रहा है, ये लो, पियो, आखरकार हम लोग साथ ही तो हैं, हैं?
29:27तो यानमें दर्रे पर, तुमने ही सेन्य जानकारी भैलाई थी, मुझे सच में याद नहीं है, और सिपाई तो मरते ही रहते, क्या ही फरक पड़ जाता है, इससे कोई फरक नहीं पड़ता, ये लो,
29:48महाराज, आप अटारी कर सकते, महाराज, आप अटारी कर सकते, महाराज, मैं कभी भी, तुम जैसा नहीं बनूगा,
30:18मैं शष्हाई नहीं यहाँ
30:34इबाट घू
30:37अँ
30:39हाँ
30:48ये व्राज आप किसी बात से परिशान है
30:54मुझे उम्मीद नहीं थी कि
31:00भाई शाओ दक्षिन के राजा बन जाएंगे
31:02पर वैसे सही है
31:15आखिर कार वो एक खितान है
31:17यो दकरा ने उन्हें अपनाने से इंकार कर दिया
31:20शायद वो लिया उस सामराज्य में
31:22एक आराम दायक जिसकते हैं
31:25पर
31:30पर
31:31खेंद्री मैदान के नायक इसे
31:34उनका एक और अपराद मान सकते हैं
31:39आप हमेशा उनकी बेगुनाही थाबित करना चाहते थे
31:41पर अब मुश्किल हो गया है
31:42चाहे कुछ भी हो जाए
31:44निर्दोष खुद को साबित करेगा
31:46और वैसे भी इससे क्या ही फर्क पड़ता है अगर वो दक्षण के राजा बन गए हैं
31:50ऐसा हो सकता है
31:51लेकिन भाईशा युद्धकला में माहिर है
31:53अगर वो खितान का साथ देंगे तो
31:55दाली और सौं के लिए बहुत बुरा होगा
31:58भविश में उत्रादिकारी बनने के बाद
32:00शायद आपके उनसे मुलाकात युद्धक के मैदान दे हो
32:03लेकिन फिर भी
32:09चाहे कुछ भी हो जाए वो मेरा भाई है
32:11यो राज
32:13मैं जानता हूँ कि आप दोस्ती को महतो देते हैं
32:16पर दाली का उत्रादिकारी होने के ना दे
32:17आपकी भी कुछ जिम्मेदारिया है
32:20अगर वो दिन आ भी गया
32:22तो आपको राश्ट के लिए लड़ना पड़ीगा
32:24आप दोस्ती को अपने परिवार और
32:26राश्टर से पहले नहीं रख सकते
32:28महाराज मैंने पाप किया है
32:47क्या मतलब तुम्हारा
32:48मैंने विक्षिन के राजा को नाराज कर दिया है
32:51और अब मैं क्या करूँ
32:52कुछ समझ नहीं आ रहा
32:53तुम्हें असा क्यूं बोल रहा हो
32:55समराट कुछ समय पहले
32:57महाराज ने शेन के लिए दावत का अयोजन किया था
32:59पर किसी वज़े से राजा शाहू दावत के दोरा नाराज हो गए
33:02और उन्होंने महाशा शेन के हाथों में चाकू घूप दी
33:05समराट
33:06सवर्ग लियाओ के प्रती मेरी वफदारी साबित कर सकता है
33:10मैं राजा शियाओ का भी बहुत सम्मान करता हूँ
33:13चुकि हम दोनों सोंग से हैं
33:15इसलिए मैंने उनसे कुछ कहा
33:16दयाक का संकेत देने के लिए
33:18पर मुझे उमीद नहीं थी कि शियाओ फैंग
33:20इतनी बुरी तरह से प्रतिक्रिया करेंगे
33:23देखिए उन्होंने क्या किया मेरे साथ
33:25सम्राट मैं अब भी वही कहूंगा
33:30शाओ फैंग सोंग के बीच बला बढ़ा है
33:33वो हमसे बहुत अलग है
33:35उसकी इमानदारी पर शक है
33:37हम यह यकिन से कह नहीं सकते कि वो
33:39चुके राजकुमार जैसा बनेगा
33:40मेरी बात का उलंग गन कर रहे हो
33:45ऐसा नहीं है माराज
33:48मेरा भाई एक नायक है
33:50तुम उसकी तुल्ला चुके राजकुमार के साथ कैसे कर सकते हो
33:52मैं यहां उसके खिलाफ एक शब्द नहीं सुनूँगा
33:56मैंने पहले भी कहा है
33:57अगर किसी ने श्याओ वैंग के वंच की बात उठाई
34:01तो मैं उसके पड़े पड़िवार को खत्म कर दूँगा
34:03समराठ
34:04भले ही आप अपनी जान बचाने का इसान चुगाना चाते है
34:06पर आप उसे राष्ट नहीं सौप सकते
34:08हम किसी विदेशी को हमारा राजकुमान नहीं बनने देंगे
34:11और मैं ये सब की तरफ से कह रहा हूँ समराठ
34:13भले ही आप मुझे आज सब के सामने बात डाले
34:17फिर भी मैं बुलंद होकर ये कहूँगा
34:20हम उसे लेकर सतर्क नहीं हुए
34:23तो वो एक दिन हमारे लिए खत्रा बन जाएगा
34:25माल लीजिए समराठ
34:26समराठ
34:27समराठ
34:28समराठ करप्या विचार कीजिए
34:29समराठ
34:30समराठ
34:53शेली
34:56राजकुमारी
34:59जीजा जी मुझसे मिलना क्योंने आए
35:01राजकुमारी
35:02महाराज सायने प्रसिक्ष्ण में विस्त है
35:16वो इस समय प्रसिक्ष्ण मैदान में है
35:19फिर से प्रसिक्ष्ण
35:21प्रसेक्षन, फिर से प्रसेक्षन? वो अपना समय मेरे साथ क्यों नहीं विताते हैं।
35:30उन्होंने मुझे अभ्यास क्यों नहीं दी न, पर फिर भी मैं अभ्यास करूँगी।
35:35शेली, मुझे जाना है। गोड़ा तैयार करो।
35:38जी, राजकुमारी।
35:51राजकुमारी।
35:54राजकुमारी, राजकुमारी।
36:06आइरन क्लाउन?
36:08यहाँ?
36:16मैंने दुम्हें बुलाई तुम्हें सुनाई नहीं देता।
36:19हाँ, मुझे एक काम के लिए वफदार से वक्की जरूरत है।
36:30खितान अनाडिये, वो गड़बर कर सकता है।
36:33मेरे साथ चलो, साथ आजाओ, आइरन क्लाउन।
36:35आओ।
36:36जी, राजकुमारी।
36:38सुनो, तुमने आज जो भी देखा, उसके बारे में किसी को मत बताना।
36:48मेरा नाम तक मत लेना।
36:49तुम्हें याद रहेगा।
36:51जी, कुमारी।
36:52मुझे याद है।
36:54बात में जब तुम किसी अजीब जीब को देखो, तो ना उसे चूना, और ना ही उसे डराना।
37:00मेरी बात समझके ना।
37:03यह जग से ही रहेगी।
37:08सिजीबित जीब्ना है, बात्थ एंजीब्ना, ओटेवाभ system
37:28अजयां झाल
37:58कुमारी यह किस तरह का बर्तन है इसमें इतना बड़ा कान खशुरा कैसे आ गया मैंने तुमसे क्या कहा था चलो जी कुमारी
38:22राजकुमारी उसे ले जा और आवास में तयारी कर दूँ जी राजकुमारी
38:29कि वर्भास वै वह।।
38:32कुमारी आज मुझे बाहर लेकर गई
38:59शायद मैं उन्हें अब तक गलत समझ रहा था
39:02कुमारी आप यहां
39:09यह देखो
39:17यह बड़ा है ना
39:23कुमारी आप यह क्या कर रही है
39:30मुर्गा राजकुमारी मैंने मुर्गा पकड़ लिया है
39:33किसे देदो
39:37सुनो मुर्गे को मट्की में डालो
39:44इसे जल्दी बाहर निकालो
39:51इसे जल्दी बाहर निकालो
39:58हाँ
40:05आहां तोर पर मुर्गे कान खचुरे खाते हैं
40:08पर यहां तो उसने इसे मार दिया
40:10बहुत अच्छा बहुत अच्छा आगे कार में ने कर दिया
40:12मुझे इस कvär में सफलता मिल गई
40:14हाँ
40:16अपने कानखचुरे को युद का अभ्यास करने के लिए पकड़ा था
40:19कुमारी आपके स्तक्नीक का अभ्यास कर रही है
40:23मुझे जहिस तक्नीक का अभ्यास करने के लिए
40:26किसी की मदद चाहिए
40:28तुम मेरी मदद करोगे, अगर मैं सफल हो गई तो तुम्हें इनाम दूँगी, मुझे कोई इनाम नहीं चाहिए, बस बताईए, करना क्या है, अरे बाह, चलो शुरू करें, अरे बाह, चलो शुरू करें, आरे न क्लाउं, अपनी उंगली उस मटके में डालो, कान खजूरे क
40:58जितना खून चूसेगा, अतना अच्छा, क्या हुआ, तुम्हें करना नहीं है, ने, ऐसा नहीं है, वो, मैं, मैं, कान खजूरा बहुत जहरीला होता है, और तुम्हें डर लग रहा है न, एक बात बताओ, तुम इनसान हो या मुर्गा, मैं मुर्गा नहीं हूँ,
41:28कान खजूरे की काटने से एक मुर्गा मर सकता है, पर तुम इनसान हो, जाहिर है तुम नहीं मरोगे, और तुमने कहता तुम मेरे लिए कुछ भी करोगे, ये कान खजूरा सर्फ खून चूसेगा,
41:58कान खजूरे की कि अच्याओ कराओ, ये बत्याओ करें तुम इनसान हो आग, रिए एक हो अदूरे जए रख दूस्तूरे कान काना है तुम खचले कि भू और तुम इनसाना काना है जाहीं मुर्णाओ, तुम इनसाना है आचिए
42:28संसी निग उन्हाइ में एक वैंक दिए लगा.
42:33।
42:36धर मैं निट उन्हाइब युिए वर।
42:42तुर कस्ट लुह.
42:45एके लगज बांश स्लीं ऑन्हाइब लगा.
42:53धर मैं धब लगाइब वाफब लुह.
42:57हो वभंज तट तत जस कूंसर
43:02रोग गुष झाको लो रुक रुको
43:06जम अई नई नब भुको
43:15बेंस रो वो तो था उन वहण वो वो वह
43:19हो वभंज तत तत जस कूंसर
43:24चर्मेले बुचिंट स्थिंट स्थिंट स्थिंज स्ण्फूइ ए ए ए dużo दो ऑत्रोई व्यूप व्रोगत मु रख़ यव्रोगत मुष्भ च्रोगत यह रुम्ष एे तस्कित कू फ्रुब स्थिंग स्थिंग अबभ हमुदद ए रुम्ष टे व्यू भर्यू उलुम्हे मु�
43:54हुआ