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  • 9 months ago
DGASD.S01E22 Hindi

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00:00अब से मैं खिदान होने पर शर्म नहीं करूगा और सौंग होने पर गर्व नहीं करूगा
00:22मैं सिर्फ लोगों के हित के बारे में ही सोचूँगा
00:25माता पिता के दुख को अपना दुख समझूगा
00:29और उनकी मौत का बदला जरूर लूगा
00:34इनका सरदार को ने
00:38वो सरदार अभी तक जिन्दा है वरना वो लोग उसकी पहचान इस तरह गुप नहीं रखते
00:51अगर वो सरदार बाकी के नायकों का नित्रत उफ़ कर रहा है
00:54मतलब कि वो बहुती कुशल और समानित युद्धकला योद्धा है
00:58उस चुठी से ऐसा लगता है कि उसका अध्यक्ष वांग से एक गहरा रिष्टा था
01:04उसने अध्यक्ष वांग को अपना बड़ा भाही कहा है
01:08मतलब वो जरूर अध्यक्ष वांग से छोटा होगा
01:12ऐसे विशेशता वाले इंसान को युद्धकला की दुनिया में ढूनना मुश्किल नहीं
01:17वो चिठी जी गुवांग, कांग में वरिष्ट शू
01:21और वो इंसान शान जैंग ने पड़ी थी
01:24जिसकी शकल मुझे जरा भी पसंद नहीं आई थी
01:27जाओ चियान शुन ने ये बात अपने कनिष्ट महोदया तान को बताई होगी
01:32और वो ये बात अपने पदी से बिलकुल भी नहीं चुपाएंगी
01:35जिस युद्ध में मेरे माता पिता मारे गए उसमें शैंजेंग शामिल नहीं था
01:38और मैंने उसके दोनों बेटों को मार दिया है
01:41तो उसे ढूंडने का कोई फायदा नहीं है
01:44महाशे जीगवांग और जाच्च्वांच सन साथ ही थे
01:54मैं अपने माता पिता की हत्या को बदला लूँगा
01:58वो सर्दार ही असली गुनेगार है
02:02मुझे उसे ढूंडना ही होगा
02:06सू चलो भिक्षुक संप्रदाय के वरिष्ट सू को ढूंडते है
02:15हरे महाशे आप आगए यहाँ यह
02:23तो बताइए क्या चाहिए बीस केटी शराब ले आओ
02:32हाँ हाँ हाँ हाँ बिल्कुल यह पीने के लिए आया कि नहाने के लिए बीस केटी शराब
02:41मेरी बात सुनो हम वरिष्ट शू को ढूंडने जा रहे हैं पर अगर दो दिनों तक हमने अपनी आत्रा
02:48इस तरह सकी तो लोगों की नजर में आ जाएंगे रास्ता तो आसानी से तया हो जाएगा पर अगर उन्हें हमारे बारे में पता चल गया तो वह वहां से भाग जाएंगे और हम उन्हें पकड़ नहीं पाएंगे
03:00मज़ा आएगा आगे बढ़ते जाएंगे दुश्मनों की संक्या बढ़ती जाएगी और यात्रा जादा मुश्किल होगी यह लेजिए
03:09यह लेजिए जब तुम मेरे साथ हो तो कोई खत्रा नहीं हो सकता बस मुझे इस बात की फिक्र है कि वो लोग हमारे पहुँशने से पहले ही भाग जाएंगे
03:22तुम्हारे पास कोई उपाय है वो लोग हमें पहचान ना पाएं तो चीज़े आसान हो जाएंगी
03:29मैं यह सोच रहे हूँ कि क्या प्रसित धनायक चाओ भीड़भाड में यात्रा करने के बजाए शांत जगा पर यात्रा करके जाने में प्रसंद नहोंगे या नहीं
03:38इस बात का मुझे थोड़ा सा शक है अगर हम आम लोगों की तरह रहेंगे तो बहतर होगा पर इस तरह से तुम ज्यादा थक जाओगी जब तक मैं आपके साथ हूँ तब तक मुझे थकने का तो बिल्कुल भी डर नहीं
03:51ठीक है यह लो चलो पीते हैं
03:57लो
04:01वैसे सुनो यात्रा में हमारी मुलाकार कई अजनभियों से होगी वो लोग आपको इस तरह बुलंद आवाज में बात करते होए सुनेंगे तो पैचांट जाएंगे आप कौन है
04:19ठीक है मैं कम बोलूँगा अब और नहीं पियूँगा
04:31सुना तुमने वरिस टिशू का किसी ने बुरी तरह से खुन कर दिया है उनके शरीर के सारी हड़ी बसलिया तूट गई थी यह जरूर शाफिंग ने किया होगा
04:59बदमाश कहीं का उनका अंतिर्म संस्कार परसो होगा संब्रदाय के वरिष्ट और सभी भाई भी वहाँ होंगे
05:04मुझे कुछ काम है इसलिए मैं नहीं जा पाऊँगा तुम्हें बता है
05:08उन्हें कहां पर दफनाया जाएगा
05:10काम खत्म करने के बाद मैं शर्ट दांजली देने जाऊँगा
05:13वरिष्ट शू को नगर से बीस मेल दूर पश्य में फे बगीची में दफनाये जाएगा
05:17वरिष्ट सू नहीं रहें
05:32सरदार के बारे में जानने वाला एक और इनसान मारा गया
05:36इसके पीछे जरूर कोई वज़ा है
05:38हमारे आने के बाद ही उनकी मौत हुई
05:41एक तफाक नहीं हो सकता
05:43क्या कर रहे हो जल्दी करो
05:59क्या हुआ
06:00मैंने का जल्दी करो
06:02वजना तुम्हारी दुकान तोड़ दूगा
06:04मोदयाता पुया क्या कर रही है
06:07वरिष्ट कसू को श्रत धन्जली दिने आये होगी
06:11सुना, वो जाउचियान सुन है न
06:16वो छुप कर जा रहे है
06:23कुछ तो कड़ बड़े है
06:25कहीं उनका चक्कर तो नहीं चल रहा
06:28मुझे यकीन है इन्हें सर्दार के बारे में पता है
06:35अगर हमें इनका रास पता चल जाए तो हम इने धमकी दे कर सच जुगलवा सकते हैं
06:40सु, कोई सराय ढूनकर वहां मेरा इंतजार करो
06:44मैं अभी आया
06:44अगते हैं
06:46वरिष्ट अब हम जवान नहीं रहें
07:16पहले की बाते सोच कर अफसोस करने का कोई फायदा नहीं अतीत को याद करने से कुछ नहीं मिलेगा
07:21जवान मेरी जिन्द की बरबाद हो गई है अब अफसोस करने का कोई फायदा नहीं
07:33मैं यहां तुम से वो गाना सुनने आया हूँ
07:37जो तुम पहले मेरे लिए गाय करती थी, याद है?
07:42तुम तो बहुत बेवकूफ हो
07:44मेरे पती वेई हुई गए थे, तुम्हें देखके परिशान हो गए थे
07:48उन्हें शक हो जाएगा, मेरा सुझाब है कि तुम मुझसे दूर ही रहो
07:52तुम्हें किसका डर है? इस वक्त वो रुगुई सराय में आराम कर रहा है
07:56वो यहां नहीं आएगा, वैसे भी छुपने वाली कोई बात ही नहीं है
08:00हम बस एक दूसरे से यहां मिलने आए हैं
08:02जो गाने गाया करती थी
08:07देखो जुआन, आज की मुलाकात के बाद हम नहीं जानते हैं हमें एक दूसरे से कब मिलेंगे
08:12मुझे लगता है मैं मनने वाला हूँ
08:15हो सकता है भविश्य में, तुम गाना चाहो और मैं ना रहूँ
08:20वरिष्ट, ऐसा मत कहिए
08:22अगर वाकई में सुनना चाहते हैं
08:25तो मैं गाना गाह देती हूँ
08:27कौन है?
08:43एक असभ्या और आन्यतिक आदमी एक विवाहित महिला को बहका रहा है
08:47और एक वेशर्ब महिला
08:50अपने पती को धोका देकर अपने प्रेमी से मिल रही है
08:55तुम चाहो फैंग हो
08:56वेई हुई के फैंगी बगीचे में
09:16कई नायक वरिष्ट कसू को श्रद्धांजली दे रहे है
09:21क्या मैं उन्हें भी गाना सुनने के लिए यहां बुला लूँ
09:26अध्यक्ष वांग को चिठिक इसने लिखती थी
09:31किया है तुम्हारा हैसान जरूर चुकाएंगे हमें जाने दो उसकी कोई जरूरत नहीं है
09:36मुझे एक सवाल का जवाब चाहिए अगर तुमने जवाब दे दिया तो मैं चला जाओंगा किसी को पता नहीं चलेगा कि यहां क्या हुआ था
09:47अगर मुझे जवाब पता होगा तो जरूर बताऊंगी
09:50तुम्हें पता है मेरा सवाल क्या है अध्यक्ष वाउंग को चिठिक इसने लिखती थी
09:55जोहन मत बताना कुछ मत बताना
10:00यह मारी देगा ना मुझे पर सर्दार के कई एहसान है
10:06उनके लिए मरना भी पड़ जाए तो भी मैं नहीं बताऊंगा
10:09नाम बताने के बजाए मरना पसंद करोगे
10:12क्या तुम्हें तब भी फर्क नहीं पड़ेगा
10:17अगर जुआन की इज़त दाव पर लगी हो तो
10:22महाशेदान को आज के बारे में पता चला
10:25तो मैं उनके सामने अपना गला काट लूँगा
10:27तुम पर सरदार के अहसान नहीं है
10:35महाशेदान बताओ वो कौन है
10:37अपने और महाशेदान की इज़त
10:40और इसकी जिन्दगी के लिए
10:43ठीक है
10:51मैं बताती हूँ
10:54मत बताना उनके बारे में मत बताना
10:57मैं तुम्हारे मैं तुम्हारे पैर बढ़ता हूँ मत बताना
10:59मैंने तुमसे कभी कुछ नहीं मांगा
11:01आज पहली बार मांग रहा हूँ
11:03वादा करो कुछ नहीं बताऊगी
11:05मैं हाथ चुड़ता हूँ
11:07चाओ फैंक
11:11तुम्हें परुपकार और दोश के बीच चुनाव करना होगा
11:15हम दोनों की पास शिपाने के लिए कुछ भी नहीं है
11:18हम कसम खाकर कहते हैं
11:21माफ करना पर मैं इसका जवाब नहीं दे सकती
11:25शुक्रिया, शुक्रिया च्वाब
11:28छेक है
11:36तो यही तुम लोगों का फैसला है
11:40नहीं
12:06तुम दोनों कुछ दे के लिए यहीं रहो
12:22बढनगी के लिए नहीं है
12:52चुनो तुम, क्या मेरी पत्नी ने तुम्हें या भेजा है? बताओ क्या काम है।
12:56तुम्हारी पत्नी को कैद कर लिया गया है और उसकी हालत बहुत खराब है।
13:00मेरी पत्नी युद करा में माहिर है। उसे कोई असानी से कैद नहीं कर सकता।
13:04ये चाओ फेंग का काम है
13:06चाओ फेंग?
13:10मेरी पत्नी कहा है?
13:13तुम अपनी पत्नी को जिन्दा पा सकते हो
13:15या फिर चाओ तो मुर्दा पा सकते हो
13:20तुम्हें क्या चाहिए?
13:25चाओ फेंग का सिर्फ एक सवाल है
13:27अगर तुमने उसका सही जवाब दिया
13:32तो वो इसी वक्त तुम्हरी पत्नी को छोड़ देगा
13:36उसे नुकसान नहीं पहुचाएगा
13:38पर अगर तुमने इंकार किया
13:40तो महदयातान को
13:43जाओ चान सुन को
13:45एक साथ दफना देगा
13:47तुम जाओ फेंगो
13:55हाँ सही पहचाना
13:56तुमने मेरी पत्नी और जाओ चान सुन को क्यों गयाद कर रखा है
13:59मैंने ऐसा
14:00कुछ भी नहीं किया है
14:02बलकि तुम्हरी पत्नी ही ऐसा चाहती है
14:06क्या तुम जानना चाहते हो कि उसका इस वक्त किसके साथ चकर चल रहा है
14:11और किसके लिए गाने गा रही है
14:12कहा है वो
14:15ले चलो मुझे
14:16मैं सिर्फ ये जानना चाहता हो कि सर्दार कौन है
14:25उसने तुम्हारे तिता को मारा है
14:30मैं कभी उसका नाम नहीं बताऊंगा
14:32अगर मैंने बता दिया तो
14:35तुम उसे मार डालोगे
14:37अगर नहीं बताया तो तुम्हें माल डालूँगा
14:41मैं तुम्हें किस तरह का इंसान लगता हूँ
14:47मैं कायद नहीं हूँ जो मौत से डरे
14:48मैं अपने दोस्त को धोका नहीं दूँगा
14:50मतलब कि तुम
14:53अपनी पत्नी की बली देने के लिए तयार हूँ
14:56महाशा और महादयातान का नाम मिट्टी में मिल जाएगा
15:02क्या तुम्हें बैईज़ती से डर नहीं लगता
15:06मैं एक इमानदार इंसान हूँ
15:10और मैंने कभी भी अपने दोस्तों को धोखा नहीं दिया है
15:15तो फिर मेरा नाम मिट्टी में कैसे मिल सकता है
15:20तुम्हें एक इमानदार इंसान हूँ
15:23पर मादयतान और जाचा अंसन तुम्हारी तरह नहीं
15:43जा कर खुद देख लो
15:45तुम्हें तुम्हें तुम्हें
16:15तुम्हें तुम्हें एक रूल इंसान हो
16:25बहुत निर्दाई हो
16:28मैंने नहीं मारा तो फिर किसने मारा
16:42मैं तुम्हें असानी से मार सकता हूँ
16:50मैं जूट नहीं बोल रहा
16:51तुम्हें चाहते हो तुम्हें पिता वो किसने मारा है
16:53मैंने कहा मैंने इन्हें नहीं मारा
17:13बताओ मेरे पिता को किसने मारा है
17:15और बदले में तुम्हारी पत्नी के मौत का बदला रूँगा
17:17मैं तुम्हारे चितना युद कला में माहि नहीं हूँ
17:20पर मैं तुम्हारे छासे में नहीं आँँगा
17:21ठाजए याज याजए याजए!
17:51मुझे बताओ क्या हुआ
18:20सब मारे गए
18:21महोदयातान और जाओचिन सुन भी
18:29महाँचिन सुन अपके पिता की मौत में शामल था
18:35उसके मरने से कोई फरक नहीं पड़ता
18:36पर महाँचिन और महोदयातान
18:39मैंने उन्हें नहीं मारा
18:40ये कोई इतिफाक नहीं है
18:49इस दुनिया में अब सिर्फ तीन ही लोग हैं
18:51जो उस गुनेगार का नाम जानते हैं
18:54हम उन्हें फिर से आगे नहीं बढ़ने दे सकते हैं
18:55हमें तेजी से काम करना चाहिए
18:57कांग मिन अपसे नफरत करती है
18:58इसलिए वो नहीं बताएंगी
19:00और एक असली मर्दिक विद्वा से उष्टाश नहीं कर सकता
19:05जी गुएंग का मंदर जियांग नान में है
19:09अब हमारे लिए शान के ठिकाने शान डॉंग तायान जाना सही रहेगा
19:13मैं पैसे दिखर आती हूं तो तुमने काफी मेनत किये तुम्हारा शुक्रिया कैसे आदा करूं
19:22आपको मेरा शुक्रियां अदा करने की कोई जरूरत नहीं है
19:27अब हुआ है
19:32कि अब है
19:35कि अब बचाओ
19:38बचाओ
19:45बचाओ
19:48बचाओ
19:53कि यान एक अच्छे इंसान है
19:55अच्रे दस सालों में उनोंने कई अच्छे काम किये
19:57उनके अग लगा दी गई और तीस सतस्यों में से कोई बचकर नहीं भाग पाया
20:00वे जरूरू उनके दुश्मन का काम है
20:02उन्होंने दर्वाजी को बंद कर रखाता ताकि कोई भी घर से बाहर न निकल पाए
20:05शान परिवार में पांच सांगी बच्चे को भी उत्र कला दी है
20:08अंदर बंद रहने का कोई मतलब नहीं है
20:10गुरू शान दुटिया गुरू और पंचम गुरू अंदर है
20:12सभी को चाओ फैंग में मा डाला
20:15क्या ही आ अग्भि चाओ फैंग नहीं लगाई है
20:19सही कहा चाओ फैंग नहीं किया होगा
20:21वो जुरूर अपने आतम 35 के साथ हावेली में गया होगा
20:25और शान परिवार के हर सबस्य को मारती होगा
20:27बढ़ाई मिंती है वो
20:31पुर्दुष्ट इंसान बहुती खतरनाक और कुरूर है उसने शान जेंग और उसके पेटी को ही नहीं बलकि पूरे परिवार को खत्म करके रख दिया है अगर मैं उसकी जगा होता तो मैं भी यही करता लेकिन क्यों उसे खत्म करना सब्सक्राइब भाई शैन का इस इंसान क
21:01हम जिंसी के जंगल में थे तुमने सुना ज्वाब में शांग जैंक ने का था कि उसके पास हबी उसके पास अभी भी सर्दार के कई पत्र है उसने तो बस उन पत्रों की यीखावट को मिलाना था अब मैं संजी भले ही शानजेंग मर dimensions पर वो इंसान ये जरूर जानता था क
21:31मैं कब से ही सोच रहा हूँ यह इंसान बहुत ही धूरत और चालाग है हमेशा मुझसे आगे रहता है युद्धकला में वो मेरे ही जितना माहिर है उसके लिए मुझे मारना मुश्किल नहीं है पर वो सामने आने से इतना डर क्यों रहा है आप ये जानते हैं आप बहुत दया
22:01आपको सच पता लग जाने पर आप उससे बदला लेंगे वरना वो गुरू शुआन को जाओ चिंसुन महोदयातान शांजेंग और उनके परिवार को नहीं मारता सही कहा अगर वो मुझसे डरता है तो तुम्हारी करीबानी की नहीं सोचेगा वो बहुत चालाग है कई लो�
22:31मैं जब भी उदास होता हूं तुम मुझे बहतर महसूस करा दी है शुक्रिया मेरा तो काम ही यही है
22:41चाल चाल
23:01कर दीन करेंगे
23:13कर दो
23:22साथ
23:24मैं सोच रहा था कि वरिष्ट ने मुझे यहां खुद क्यों बुलाया है
23:37मेरा उपनाम दू है
23:40आज मेरे चारो भाईयों और मैंने यहां नायक चाओं को कुछ पूछने के लिए बुलाया है
23:46हाँ पूछिए
23:47मैंने इन में से किसी को नहीं मारा
24:01उन लोगों ने मुझे सर्दार के बारे में बताने समना किया था
24:05मैंने उन्हें बताने के लिए मजबूर किया
24:09और अपने दोस्तों को धोका देने के बजाए उन्होंने मरना पसंद किया
24:13मैं उनकी वफाधारी की इज़त करता हूँ
24:19जहां तक कि उनकी हत्या का सवाल है
24:22मैं भी इसकी तह तक जाना चाहता हूँ
24:26ना एक शाओ
24:27मेरे भाईयों और मुझे तुमारी बात पर विश्वास नहीं है
24:31और ना ही कोई सबूत है जिससे तुम खूनी साबित हो
24:34एक काम करते है इस मामले को हथली शक्ती पर खत्म करते है
24:38अगर तुम जिद जाते हो तो हम तुमारे रास्ते में नहीं आएंगे
24:43अच्छी बात है
24:44आप पांचो बहत ही अनुभवी और कुशल है
24:50अगर आप पांचो एक साथ मुझे पर हमला करेंगे
24:53तो मेरी मौत उसी वक्त निश्चित है
24:55अगर आप मुझे युद कला की कमी के बारे में
24:59कोई सबक सिखाना चाहते हैं
25:02तो मुझ परताया करें
25:05अगर अज्यक्षाओ की युद कला में कोई कमी होगी
25:08तो दुनिया में कोई भी इसमें माहिर होने के लायक नहीं है
25:11अध्यश्चाओ, पहले आप
25:13आप तो जानते हैं आठारा आधिन ड्रेगन हथेली कित्ती शक्तिशाली होती है
25:42अध्यक श्वांग ने मरने से पहले इसके बार में मुझे बताया था
25:45अठारा आधिन ड्रेगन हथेली तक्निक बहुत ही अद्भूत है
25:49आज जाकर इसकी असलियत समझ में आई
25:52शुक्रिया, शुक्रिया
25:56श्वांग कुको बहुत ही निर्देग कला से मारा गया है
26:00मेरे हिसाब से ये शाओ फैंक का काम नहीं है
26:10दुनिया के सर्वस्रेश्ट योद्ता से ये तक्निक सीखने का दुल्लब मौका है
26:19उमीद है नायक शियाओ से सिखाने से पीछे नहीं हटेंगे
26:22दुनिया नहीं है
26:30प्रेश्ट दो
26:36हो
26:38उत्तर के चियाओ फैंको सर्वस्रेश्ट योद्धमाना जाता है
26:57हमने तुम्हारी ताकत देखी
26:59तुम्हारा नाम अमर हो
27:00हम खुश हुए
27:01वरिष्ठों मुझे खुशी है
27:06मैं आज का सबक
27:07कभी नहीं भूलूँगा
27:09शाओ फैंक की ताकत और बल की चांच करने के बाद समझ में आया
27:16कि महाशाय और महोदिया टैन की मौत किसी और ने की है
27:21मैंने वरिष्ठों की मौत की चांच की थी
27:24उनकी मौत में चियाओ फैंका हाथ नहीं है
27:33शाओ सान हुआ ही और उसकी बतनी के शरीर की सारी पसलिया टूट गई
27:39किसी कुशल युद्धकला की युद्धा ने ही अपने तखनीक से उन्हें मारा है
27:43ऐसा लगता है कि जैसे हत्यारे ने जान बूच कर युद्धकला का प्रदर्शन किया और शाओ फैंक को फसाने की कोशिश की
27:49अगर उसका इरादा ऐसा नहीं होता तो वो दो निहत्थे देहाती किसानों को मारने के लिए इतनी शक्तिशाली चाल का इस्तिमाल नहीं करता
28:13हम काफी दूर से यहां आये हैं हलाकि हमें नहीं लगता हम नायक चाओ को रोख पाएंगे इसलिए हम ना चाहते हुए भी तुम्हें एक बात बताना चाहते हैं
28:24नायक चाओ जिस सर्दार को ढून रहे हैं उसकी वज़े से युदकला की दुनिया में उसके कहीं अच्छे दोस्तों की जान चली गई और उसे इस बात का अपसोस है
28:33सर्दार ने भी यही कहा है कि यानमें दर्रे पर जो हुआ वो उनहीं की गलती की वज़े से हुआ
28:42उसे पाप का प्राइश्चित खुद को मार के करना चाहिए
28:45अगर नायक चाओ उसे बदला लेना चाहते हैं तो वो खुशी-खुशी सजा भोगतने के लिए तयार है
28:50वो कहीं भागेंगे नहीं
28:51मुझे समझ नहीं आ रहा है कि आपने जो कहा वो सरदार का संदेश था या फिर किसी और का
29:01ये सच है सरदार ने यही कहा है कि हमारे सरदार का ही संदेश है
29:07अगर ऐसी बात है तो सरदार कौन है
29:11युद कला के दुनिया में मेरा और मेरे चारों भाईयों का बहुत नाम है
29:17हम पाँचों भाई कभी जूठ नहीं बोलते हम अभी उसका नाम नहीं बता सकते
29:23अगर आप उनका नाम जानना चाहते है तो आपको बाद में पता चल जाएगा
29:27मेरा कौशल नायक चाओ के सामने कुछ नहीं है
29:30लेकिन उसके बावजुद मैं आपसे युद करना चाहता हूँ
29:34इस युद में कोई विजेता नहीं होगा
29:37मैं बस ये बताना चाहता हूँ
29:39कि हम पाँचों भायों की बात का कितना महत्व है
29:42नायक चाओ
29:44हम आपकी आतेली तकनिक देखना चाहते हैं
29:47जल्दी से दिखाईए
29:48ये कोई बल क्यों नहीं लगा
30:06ये जो कर रहा है वो पूर्णता आत्मात्या है
30:09अरे नहीं
30:14ये बिना बल की चाल एक चारा है
30:17जब मैं अपना बल हटालूँगा तो ये मौके का पाइदा उठा कर मुझे पर हमला कर देगा
30:20और मैं मारा जाओगा
30:22मेरी जिंदगी यही खत्म हो जाएगी
30:39अरे यार मुझे उन्हें अकेले जाने ही नहीं देना चाहिए था वो एक इमानदार इंसान है
30:47अगर साथ होती तो दूसरों की चाल से उन्हें बचा सकती थी ना
30:51पर अगर वो दुष्ट के पीछे गए हैं तो मेरा उनके साथ ना जाना ही बैतर है
31:01परेशान हो जाते पर क्या फरक पड़ता है
31:06तुम आ गए जाओ
31:10अद्रिणी जीघुगवं ने मुझे आन नायक्षा और कुमारी जू को हमारे मंदिर में बुलाने के लिए बेज़ा है
31:20लेकिन आप मेरा नाम कैसे जानते है
31:22मेरे गुरूने का था कि चिंगाई सराय में मुझे नायक्षा और कुमारी जू मिलेंगे
31:27उन्होंने मुझे आप लोगों को पर्वत लेकर आने के लिए कहा
31:30इसलिए मुझे लगा कि आप ही कुमारी जू होगी
31:33आप मैं ही हूँ
31:33नायक शाओ कहा है?
31:35मैं यहाँ हूँ
31:36अब आगे
31:40हम यहाँ कुछ ही समय पहले आया है
31:49उन्हें हमारे बारे में कैसे पता चला?
31:51मेरे गुरु बहुत शक्तिशाली है
31:53उन्हें बस उंगली हिलाते ही आप के आने का पता चल गया
31:55अगर ऐसी बात है
31:57तो उनसे जाकर कहो
31:59कि हम उनसे मिलने थोड़ी देर में आ रहे हैं
32:02जी
32:03सुनो अंदर चल कर बात करते हैं
32:10आपको क्या लगता है?
32:19अब हमें क्या करना चाहिए?
32:25उमीद है गुरु जी को आंग मिलने पर बता दे
32:27कि वो सरदार और वो दुष्ट इंसान कौन है?
32:29और अगर उन्होंने हमें नाम बताने से मना कर दिया?
32:36तो मैं उन्हें मजबूर नहीं करूँगा
32:38अलांकि वो भी उस युद्ध में शामिल थे
32:40जिसमें मेरे माता पिता मारे गए थे
32:41पर बाद में वो बिलकुल संत बन गए थे
32:44वो उस जगा से बहुत दूर चले गए
32:47उन्होंने छाले इखटे करके
32:48लोगों को मलेरिया से भी बचाया था
32:51इस वज़े से वो भी बिमार पड़े
32:54हमेशा लोगों की भलाई के लिए काम किया
32:56हमारे बीच की ये दुश्मनी अब खत्म होनी चाहिए
33:00आप बुराई में भी अच्छाई ढूंडी लेते हैं
33:05आप बहुत सच्चे हैं
33:07आप अच्छा सुनी आपको भी बाहर किसने बुलाया था
33:17सब ठीक तो है
33:19कुछ अदबुत युद्ध कला के योद्धा
33:21मुझसे द्वंद करना चाहते थे
33:23आपको चोट लगी है
33:24आपकी दया के लिए शुक्रिया नैक शाओ
33:38युद्ध कला की तक्निक के जरीए
33:40एक अच्छे युद्ध कला के युद्धा को पहचान सकते है
33:43जिस तरह के लिखावट के जरीए
33:45एक अच्छे विद्ध्यार्ति की पहचान होती है
33:47ठीक उसी तरह
33:48सच कहूं तो
33:50हम पाचों भाई आपसे मिलना चाहते थे
33:53हम आपके पीछे
33:56वेहुई से
33:57शान के ठिकाने तयान भी गए
33:59मुझे पता नहीं था कि आप लोग मेरे पीछे आ रहे है
34:02वरना मैं आप लोगों को साथ आने का मंतरन देता
34:05थोड़ी देर में आप जी गुवांग से मिलने वाले हैं
34:08हम और इंतजार नहीं कर सकते
34:10इसलिए हम बिना बताये ही आ गए
34:12आप सिद्वंद करने पर
34:14समझाया कि आप इमांदार और सच्चे इंसान है
34:16युदिकला के दुनिया में जो भी अपवा फैली हुई है
34:19उसके पीछे जरूर कोई राज है
34:21उमीद है कि आप मुसिबत में ना फसे
34:23हम पाचों भायों को नायक शाओ पर पूरा भरोसा है
34:27इसलिए हम यहाँ आने का मकसद नहीं चिपाएंगे
34:29अधर नियजीग वांग एक धार्मिक भिक्षुक है
34:32हमें उमीद है कि आप उन्हें नुकसान नहीं पहुचाएंगे
34:35अभी जो हुआ वो दुन्द था
34:42पर वाकई में खातरनाथ था
34:46अगर मैं दुरभाग्यवश मर जाता
34:51और तुम अकेली रह जाती
34:54तो तुम क्या करती आपको मेरी फिक्र हो रही है
35:24गुरू जी नायक्षाव आ गए
35:32तुम लोग काफी लंबी यात्रा करके आएं
35:37माफ करना मैं स्वागत करने नहीं आपा है
35:39हम माफी चाहते हैं
35:41आपके शांती में विग्न हुआ
35:42परोपकारी चियाओ
35:44तुमारा आखरी नाम शियाओ है
35:46ये बात तो तुम्हें पता है ना
35:48मैं ये नहीं जानता
35:56प्रप्या मुझे खुल कर बताईए
35:57उस वक्त तुम्हारे पिता
36:01जानमें दर्रे के दिवार पर कुछ लिप कर गाये थे
36:04उनका आखरी नाम शियाओ
36:06और तुम्हारा यौन शां था
36:07उन्होंने दिवार पर तुम्हारा नाम फैंगर रखा
36:10और हमने भी तुम्हारा वही नाम रखा
36:12और तुम्हें चियाओ शां हुआई के पास
36:14देख भाल के लिए हमने छोड़ दिया था
36:17मुझे आज ही अपने पिता का नाम पता चला है
36:20शुक्रिया गुरुजी स्कृपा के लिए मैं आपका आभारी हूँ
36:24अमी धाभा
36:27मैंने जो कुछ भी किया वो तया कहलाने के लायक नहीं है
36:34अब से मैं शाओ फिंग कहलाऊंगा
36:39ना कि चाओ फिंग
36:42हाँ शाओ
36:44बहुत पढ़िया बहुत पढ़िया
36:48लगता है तुमने यानमेन दर्रे की उस लखावट को देखिया है
36:52नहीं जब मैं वहाँ पहुचा
36:55तो दिवार की लिखावट पुरी तरह से मिटी हुई थी
37:00वहाँ कुछ भी नहीं लिखा था
37:02जो होना था सो हो गया
37:05वह लोग दिवार की लिखावट तो मिटा सकते हैं लेकिन इतने सारे लोगों की जान वापस नहीं लटा सकते
37:13परोप का रिश्याओ
37:25यह उस दिवार पर लिखे हुई लिखावट का एक प्रतिरूप ही आए
37:30कृपया पढ़कर बताइए
37:40लिखावट का प्रतिरूप लेने के बाद यान में दर्रे के दर्वाजे पर
37:44हमें कुछ खितान मिले जिन्होंने हमें इसका मतलब बताया
37:48हमें कुछ और लोग भी मिले और उन्होंने भी उसका वही मतलब बताया
37:52इसमें लिखा है कि आज फैंगर का जैन दिन है
37:54मैं अपनी पत्नी और अपने बेटे को अपनी दादी के घर दावत पर लेकर गया
37:59रास्ते में हमारा सामना चार राजवन्श के लोगों से हुआ
38:03जिसमें मेरी पत्नी और बच्चा दोनों खायल हो गए
38:07मैं जिस गुरू का सम्मान करता था
38:09वो उन्हीं चार राजवन्शों में से एक थे
38:11मैंने अपने गुरो के सामने एक किसम खाई
38:13मैं कभी भी किसी हन को नहीं मारूंगा
38:16वाला कि मैंने आज बारा हन को मार डालSON
38:19मुझे दुख और अफसोस हो रहा था
38:21मुझे मरने के बाद भी अपने गुरू से मिलने में बहुत शर्म आएगी
38:24शाओ यान शान के आखरी शब
38:26माशे शाओ ने जो लिखाई ये उसका अनवाद है
38:31गुरू जी क्या मैं ये रख सकता हूँ
38:35ये मेरी तरफ से तुम्हारे लिए एक तौफा
38:42उस वक्त हमें ये लगा था कि तुम्हारे पिता
38:48खितान योद्दाओं को लेकर शाओलिन मंदर गया होंगे
38:51वहां की लिपी चुराने के लिए
38:54पर जपढ़ने के बाद हमें ये समझ में आया कि हम गलत थे
38:57अगर तुम्हारे पिता को ये ही करना होता
38:59तो वो मरने से पहले उस दिवार पर भला जूट क्यों लिखते
39:03अगर वो लिपी ही चुराना चाते होते
39:07तो अपने साथ एक साल के बच्चे और अपनी पतनी को लेकर क्यों आते
39:12जिने युद्ध कला ही ना आती हो
39:13जब हमने इसकी चांच की तो हमें पता चला
39:16कि शावलिन से लिपी चुराने वाली अफ़ा एक एहंकारे इनसान ने उड़ाई थी
39:20जो सरदार को बेवकूफ बनाना चाहता था
39:22वो उन्हें ठका कर उनका मजाग उड़ाना चाहता था
39:25उसने ये सिर्फ उनका मजाग बनाने के लिए किया
39:29फिर क्या हुआ
39:35वो संकारियागमी का
39:39जब सरदार को इस बात का पता चला
39:41वो बहुत ही नाराज हुए
39:44फिर उस इनसान का कहीं कोई पता नहीं चला
39:47अभी तीस साल गुजर गये
39:49और मुझे लगता है
39:51अब तो वो शायब जिन्दा भी नहो
39:55शुक्रिया गुरू जी ये सब बताने के लिए
39:57मेरा
39:59एक सवाल और है
40:02तुम जो भी जानना चाओ
40:04तुम मुझसे पूछ सकते हो
40:06ये बताईए कि
40:08सरदार कौन है
40:10मुझे पता था कि तुम ये
40:16सवाल जरूर पूछोगे
40:18थोड़ी देर रुक जाओ
40:20मैं तुम्हें कुछ दिखाना चाहता हूँ
40:24जर्ण सुनिये
40:45मेरे गुरूजी आपसे ध्यान कक्ष में बात करना चाहते है
40:50कुरूजी
41:20धर्ती पर हर एक प्राणी
41:23समान रूप से जनम लेता है
41:25संत और जानवरों के साथ समान व्यवहार किया जाता है
41:28हान और खितान दोनों असली नतली हो सकते हैं
41:32अभिवादन और आक्रोश अंत में राख हो जाएंगे
41:35झान प्राणी व्यान प्राणी व्यान व्यवहार जढ़े
41:53झाल, झाल अला झाल
42:23औा गका हो ठाज शज साओ
42:27रफ के तょूंnee रामक हो
42:32एडिग ले फव्र generational
42:35के कस्षिण मोई अ विट कprus
42:39नयोल, हर तुल वसे ली लुट हो ऍर вже रोच र� ね्या वियिए व्र तैंक
42:45केiegen lonen ื่ जो चिचान सुम झाया व황
42:47कोुछ भी ये ओृ List महुः वनुन
42:51जजयोर छूर नट बंधन बाह cud कर
42:55वúde मेपनओ घमकार
43:01कर और वो विंङी रूर कि फवंधन día
43:13हुआण रयो थूआ रूआऑ उी जा क्यूब रूब रिंगर जा खुआऑ रस्काँच लूआँ जा क्योद लूआड़ लूआ झात्य प्लिंग रूआऑश गूआण रूआब रूह fistaka हुआऑ़ज जा क्यूआब रूआब रूआब रूआब रिंगर जा क्यूआ रूआ�
43:43यो में लुन्हो ओू
43:49नाल