00:00कि दूर जब तिंधल जाए सांज की दुलहन बदन चुराए चुपके से आए
00:11आना ए बावु शाय कब आए चोरी-चोरी मेरा गाना सुन रहे थे हैं कैसा लगा बहुत खुबसुरत लेकिन कुछ उदास लगा
00:30कि उदासी खुबसुरत नहीं होती है वावु मुशाय हां होती है मगर तुम्हें तो हमेशा हसते देखा है ना इसलिए
00:39कि तो क्या हारासी के पीछे सिर्फ खुशी रहती है वावु मुशाय कभी-कभी गंबी तो
00:47कि अनन खुशी तुम सब के साथ बाटते हो आज मेरे साथ थोड़ा सबने गंभी बाट लूँ ना रहा वोशाय यह चीज मैं किसी के साथ नहीं बाटने वाला
01:05हाँ माफ करना तुरह इस मामले में थोड़ा सा सेलफिश हूं कि आनन्द आज कुछ बोलते बोलते रुप गया कि कहते कहते अपना खम चुपा लिया उसने
01:20कि इसका छ��क ही चाहित इसके जिन्दा रहनी की शक्ति है वह वना यह कैसे मुमकिन है कि जिसका शरीर दीना
01:27माधन कंजोर हो रहा है उसके मन की शक्ति इस थरह बढ़ती जा रही है लेकिन उसका गम क्या है जाहते वह
01:34वे भी मैंने जानने की कोशिश नहीं की अगर वही शक्ति है उसकी तो अच्छा है वो गम वहीं उसके दिल की गहराईयों में चुपा रहे हुआ
01:41कि अज़ा प्रेनाम करूं
01:54अज़ा बाबा यह हमारे भाया है बीमार है इन्हें अच्छा कर दीजें
02:03ठरू ठरू शुमन हाने अपने मतलब बाद शुरू कर दी � взять था भाभा से बात चितों कर ले
02:07बाबा से के बात चित करोगे अभी रल के हनिक तटाइंता है इन्हें पर बिंके अजव सब्राट ले किलेए
02:20पर तो इस जिन्दगी में आप से वारतलाप कोई चांस ले अच्छा बाबा एक बात बता हिए आप चुप रहते हैं आपको तक्लिफ नहीं होती है
02:31अगर मुझे पांच निट लिए चुप रहना पड़े ना तो दम गुट जाए तुम फालतु बाते मत किया करो भाबा भाया को आशिर्वात दीजे मुझे पूरा विश्वास है आप चाहेंगे तो मेरे भाया अच्छे हो जाएंगे बाबा ऐसा कर सकते हैं जरूर कर सकते हैं
03:01और जितने मेरी ये डॉक्तर दोस्ते हैं इनके वो क्या को थे तरणोव मीटर थराणोव मीटर धर्णार धर्णार करेंगे चीरियत यत शरीरं मतलब जो मिट रही है वो शरीर है
03:19तो बाबा तो मैं आपसे इतनी छोड़ी चीज क्यों वांगू जो मिट रही शरीर शरीर क्यों मन को आश्रवाद दीजिए बाबा जो सदा हसता रहे और दूसरों को आसा आता रहे बाबा मुझे एक ही आश्रवाद दीजिए कि मैं कभी चुपना रहू बोलता रहू बेशु
03:49पिंश्ट
03:57को
03:59कि अ
04:01कि अ
04:05कि अ
04:08कि अरे तु छूनता कि उस प्याज को क्यों कि पीछे पढ़ा हुआ हूँ गव बैख़ नहीं है
04:15तुम्हारी बात थोड़ी करना लोगु काका मैं तुम उन्ना की बात कर रहा हूं हां मैं भी उसी की बात कर रहा हूं
04:43और क्या इस उमर में मैं अपनी शादी करूँगा उसकी शादी क्यों नहीं करवा देते हां वो करे तब न रखाता हूं तुम्हें अच्छी सी लग्यूदो बावा मुशाई को मैं पटाता हूं अरे वो नहीं मानेगा एक बिचारी तो घूम घूम कर चली गई हां कौन कौन �
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