00:00हम शनी अमावस्या की तुमको कथा सुनाते है
00:29हम सूर्य पुत्र छाया नंदन कोशी इशनवाते है
00:38शनी कथा सुनाते है
00:41जै शनी देम महराद रगुदाखो हमारी लाद
00:59कैसे जन्म हुआ है शनी का भक्तों तुमें बताएं
01:21नभग्रहों में सबसे उत्तम है कैसे ये कहलाएं
01:27सूर्य देव की दो थी पतनी संध्या और ये छाया
01:32संध्या विश्करमा की बेटी संतों ने बतलाया
01:37सूर्य देव से विवा हुआ पतनी संध्या कहलाई
01:43सूर्य देव का तेज था इतना संध्या सहना पाई
01:49संध्या अपने रूप समान छाया को ले आई
01:55मेरी जगा तुम रहो यहां पे पात उसे समझाई
02:00सूर्य देव संध्या के वेद को समझ न पाते हैं
02:06छाया को अपनाते हैं
02:09हम सूर्य पुत्र छाया नंदन को शीष नवाते हैं
02:15शनी कथा सुनाते हैं
02:18जै शनी देव महरा रगुदा को हमारी लाग
02:23जै शनी देव महरा रगुदा को हमारी लाग
02:29चाया देवी पतनी बन के सूरे के संग रहती है
02:57संध्या देवी धर्ती पर रहकर विचरन करती है
03:03एक बार श्री सूर्य देव चाया के पास में आए
03:08थी संतानिक इच्छा मन में चाया को बत लाए
03:14सूर्य देव के तेश्ते हो गया चाया का रंद काला
03:20गर्व बती हो गई है चाया आया समय निराला
03:25हुआ जनम फिर शनी देव का माता खुशी मनाएं
03:31शनी वार आमा वस्या का दिन था तुम्हे बताएं
03:37शनी देव का रंग था काला तुम्हे बताते हैं
03:42किस्सा तुम्हे सुनाते हैं
03:45हम सूर पुत्र छाया नंगन खोशी इश्नवाते हैं
03:51शनी कता सुनाते हैं
03:54जै शनी दे मुमारा, रबु दाखो हमारी लाग
04:24शनी देव के रंग को देखा सूरे क्रोध में आएं
04:33मेरा तो ये पुत्र नहीं है छाया से बत लाएं
04:39पता चला है सूरे को छाया पतनी मेरी नहीं है
04:44छाया सोचे मेरे पती ने बात ये सत्य कही है
04:50शनी को छोड सूरे देव संज्या को खोजिन निकले
04:56छाया से फिर सूरे देव के ऐसे तेवर बदले
05:01धीरे धीरे बड़े हुएं हैं शनी देव बत लाएं
05:07बनूम ऐसा शक्ती चाली शिव की शरण में आएं
05:13ओम नमस्षिवाय नमो नमो रटन लगाते हैं
05:18शिव का ध्यान लगाते हैं
05:21हम सूर्य पुत्र चाया नंगन को शीष नवाते हैं
05:27शनी कथा सुनाते हैं
05:30जै शनी दे मुमारा रगु दाखो हमारी लाएं
05:35शनी दे मुमारा रगु दाखो हमारी लाएं
05:41शनी देव की भक्ती से प्रसन हो गए भगवान
06:09नब ग्रहों में न्याए धीश तुम जिया था ये वर्दाँ
06:14नब ग्रहों में होगा तुम्हारा दुनों विशे सस्था
06:20तीनों लोकों में मिलेगा तुमको बहुत सम्माँ
06:26न्याए धीश के रूप में पूजे तुमको सकल जहाँ
06:31दे करके वर्दान शनी को चले गए भगवान
06:37नब ग्रहों में शनी देव जी हुए है विराजमाँ
06:43शनी अमावस्या के दिन करते है प्रभू कल्याँ
06:48शनी नाम का पाठ करे जो सब सुख पाते हैं दुखों से शनी बचाते हैं
06:57हम सूर्य पुत्र छाया नंदन को शीष नवाते हैं
07:02हम कथा सुनाते हैं
07:05जै शनी दे गुमारा रभू दाखो हमारी राख
07:12जै शनी दे गुमारा रभू दाखो हमारी राख
07:17ओ, ओ, ओ, ओ, ओ, ओ, ओ, ओ, ओ, शमी
07:38शमी देव और हनुमान की अब हम कथा सुनाए
07:45लंका जल गई लेकिन काली क्यों न हुई ये बताएं
07:51मन ही मन में सोच रहे फिर महावीर हनुमा
07:56लंका का रंग हुआ नकाला वीर हुए है रां
08:02जब रावन के कारावास में एक युवक को देखा
08:08जंजीरों में जकडा हुआ वो युवक था उल्टा लटका
08:13हनुमान ने पूछा बंधू कौन हो तुम बतलाएं
08:19बोला युवक मैं शनी देव हुँ किस्सा तुम्हे सुनाएं
08:25किस्सा सारा शनी देव हनुमत को बताते हैं
08:30अपनी व्यथा सुनाते हैं
08:33हम सूर पुत्र चाया नंदन को शीश नवाते हैं
08:39हम कथा सुनाते हैं
08:42जै शनी दे मुमारा रगु दाखो हमारी लाग
09:12कैद किया रावन ने मुझको गीते हैं कैसा
09:21कैद समुक्त कराओ मुझको है अंजनी के लाग
09:27मुझको मुक्त करोगे तो राम काज हो जाए
09:32मेरी पुद्रिष्टी से लंका काली फिर हो जाए
09:38इतना सुनकर हनुमान ने उनको दिया छुडाए
09:44कैद समुक्त किया हनुमत ने शनी देव हर चाए
09:49जो वर चाहे मांग लो हम से हनुमत ते बत लाए
09:55शनी देव को हनुमान जी फिर ये वचन सुनाए
10:00शनी देव से हनुमान वर यही मांगते हैं
10:06उनसे क्या ये कहते हैं
10:09हम सूर्य पुस्त्र छाया नंदन को शीष नवाते हैं
10:14हम कथा सुनाते हैं
10:17जै शनी दे महराद रगदा को हमारी लाद
10:23जै शनी दे महराद रगदा को हमारी लाद
10:29मेरे भक्तों पे कभी कूद्रिष्टी नहीं डालोगे
10:57वक्तों पर जब विपदा हावे आप उसे टालोगे
11:02साढ़े साती की दशा जब भक्तों पर है आएं
11:09बे असर कर देना उसको हनुमत जीबत लाएं
11:14शनी देव ने हनुमान को दिया यही वर्दा
11:19आपके भक्तों का हनुमत मैं सदा करूं कल्यां
11:25हनुमान के भक्तों पे शनी देव गया करते हैं
11:31मनों कामना सब भक्तों की पूरी वो करते हैं
11:37काली हो गई लंका शनी जब मुक्ती पाते हैं
11:41नाम हनुमत का जपते हैं
11:45हम सूर पुत्र छाया नंगन को शीष नवाते हैं
11:50शनी कथा सुनाते हैं
11:53जै शनी दे गुमारा रगुदा को हमारी लाग
12:03भक्तों अब हम शनी देव की पूजा विधी बताएं
12:23भक्तों अब हम शनी देव की पूजा विधी बताएं
12:29हम शनी देव की पूजा विधी बताएं
12:33पूजा के लिए कौन सी सामागरी हम लाएं
12:39सबसे पहले शनी देव की मूर्ट लेकर आएं
12:44घर से बाहर शनी की पूजा होती है बतलाएं
12:50सबसे प्रथम तेल से हम प्रभू को स्नान कराएं
12:56काले तिल और काले उरद बाबा को आप चड़ाएं
13:01शनी के मंदिर जाकर हम फिर तेल का दीप जलाएं
13:07काले वस्त्र और लोहे की वस्तु इनको आप चड़ाएं
13:13करे पाठ शनी चालीसा का तुम्हें बताते हैं
13:18शनी की आर्थि गाते हैं
13:21हम सूर्य पुत्र छाया नंगदन को शीष नवाते हैं
13:26शनी कठा सुनाते हैं
13:29जै शनी दे महराद रब दाखो हमारी लाद
13:39जै शनी दे महराद रब दाखो हमारी लाद
13:42शनी अमावस्याती पूजा जो विधी विधान से करते हैं
14:09शनी देव अपने भगतों की मनशा पूरण करतें
14:14शनी देव को नीले पूल या पीले पूल चड़ाएं
14:20तेल से बने गुल गुले या गुड का ही भोग लगाएं
14:26शनी अमावस्या के दिन जो क्योई ध्यान लगाएं
14:31धन वैवव से जोली भरते शनी देव बतलाएं
14:37लिखे वैरागी कथा प्रभू की चर्नों में शीष जुकाएं
14:43संजे पाल करते हैं बंद नम के जीगीत सुनाएं
14:48लागों भक्षनी धाम पे दर्शन पाते हैं
14:54मन की मुरादे पाते हैं
14:57हम सूर पुस्त्र छायानन गन को शीष नवाते हैं
15:02शनी कथा सुनाते हैं
15:05जै शनी बेंग महराद रगुदा को हमारी लाज
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