- 7 months ago
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00:00एक गाउं में सुलचना नाम की लड़की अपने छोटे भाई के सांथ अपनी मामा मामी के घर पर रहती थी
00:10ए राहुल के बच्चे इदरा ये तु कैसा शैंपो लेकर आया है इसे लगाते ही मेरे सर के ढेये सारे बाल तूटकर नीचे गिर गए
00:18दीदी आपने जिस शैंपो का नाम बताया था मैं वही शैंपो लेकर आया हूँ
00:26नहीं मुझे यकीन नहीं हो रहा जरूर तो ने और तेरी बेहन ने शैंपो के बोटल के अंदर कोई मिलावट की है
00:33तब ही वहाँ सुलोचना आ जाती है
00:36आप कि शैंपो के बारे में बात कर रही हो दीदी?
00:41ज्यादा भोली बनने का नाटक मत कर
00:43मैं अच्छी तरह जानती हूँ तुम दोनों ने शैंपो में बिलावट की है
00:47इसलिए मेरे इतने सारे बाल तूटकर गिर रहे है
00:51अब मैं तुम दोनों को अच्छा सबक सिखाऊंगी
00:54उसके बाद अर्चना डंडे से दोनों भाई बहन की हूप पिटाई करती है
01:01फिर वो उन दोनों को रसी से बान कर उनके सर के बालों को काटना शुरू कर देती है
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02:28to be a party.
02:30His little brother and his little brother, Rahul,
02:33two of them were left behind.
02:37He said to him,
02:40he said to him,
02:45he said to him,
02:49he said to him,
02:52अदीदी मुझे बहुत भूक लगी है, कितनी रात हो गई है, ये लोग हमसे लगातार काम करवाते ही जा रहे हैं, हमें आनाच का एक दाना भी खाने को नहीं मिला, अगर मुझे थोड़ी देर और खाना नहीं मिला तो मैं बेहोश हो जाऊंगा
03:10मैं तेरी हालत समझ सकती हूँ, तो फिकर मत कर, मैं तेरे लिए कुछ लेकर आती हूँ
03:17After that, he gets the cake on the back of his husband, switch away, and once he gets it will die, he gets the cake on his father's hands.
03:38I was thinking of the way she was looking for a good day and she was looking for a good day and she was looking for a good day and she was looking for a good day.
03:50You two are so good and I don't know how much of my party is.
03:58राहुल को बहुत भूख लगी थी दीदी लगातार काम करने से वो बुरी तरह ठक गया था इसलिए थोड़ा सक केक लेकर आई थी मैं
04:09तुम दोनों की हिम्मत दिन बादिन बढ़ती जा रही है लगता है इस बार तुमें और कड़ी सजा देनी पड़ेगी
04:16उसके बाद अर्चना दोनों भाई बहन के कान काट लेती है दर्थ के मारे दोनों भाई बहन जोर जोर से रोना शुरू कर देती है लेकिन बेरहम अर्चना को कोई फरक नहीं पड़ता
04:30तुम दोनों ने देख लिया ना मैं कितनी खतरनाक हूँ
04:34अगर आज के बाद तुमने जरा से भी भूल की तो मैं तुम दोनों के हाथ पर काट कर फैंक दूंगी
04:40उसके बाद लगातर दो दिन तक अर्चना दोनों भाई बेहन को खाना भी नहीं देती
04:47भूख के मारे राहुल की तब्यत बुरी तरह बिगर जाती है
04:52सुलोचना अपने मामा मामी से उसके इलाज करवानी की बात करती है
04:57तो वो दोनों उसे डांट कर चुप करा देते हैं
05:02ये अगर मरता है तो मर जाए मुझे कोई फरक नहीं पड़ता
05:05बेकार में मैं इसके पीछे पैसे खर्ष नहीं करने वाली
05:09वैसे भी तुम दोनों हम पर बोज बन गए हो
05:13तुम दोनों तो घर के काम कम करते हो और नुक्सान ज्यादा करते हो
05:18ये बात सुनकर सुलोचना रोते वे अपने भाई के पास चली जाती है
05:24फिर उसी रात सुलोचना फैसला करती है कि वो हमेशा के लिए अपने मामा मामी का घर छोड़ देगी
05:32फिर आदी रात को दोनों भाई बहन चुपचाप घर छोड़ कर चले जाती है
05:37उसके बाद भटकते हुए एक घनी जंगल में पहुंच जाते है
05:42तेज धूब की वज़े से दोनों भाई बहन को बहुत प्यास लग रही थी
05:47दीदी चारों तरफ कितनी गर्मी है मुझे बहुत प्यास लगी है
05:54प्यास तो मुझे भी बहुत लगी है लेकिन यहां दूर दूर तक पानी दिखाई नहीं दे रहा
06:01फिर थोड़ा आगे जाने पर दोनों भाई बहन को अपनी सामने बर्ष से बना एक खुबसूरत घर दिखाई देता है
06:10घर के सामने एक बड़ा ही चमकदार पेड मौझूद था
06:15पेड के नीचे एक स्कूटर रखा हुआ था और पेड की ढाली पर एक सुन्दर लहेंगा जूल रहा था
06:23फिर अगले ही पल घर के अंदर से एक सुन्दर पर ही बाहर निकलाती है
06:29सालों पहले एक भूल की वज़े से मेरे उपर एक शाम लग गया था
06:35जादूकरों के राजा ने मुझसे कहा था कि किसी सच्चे और मासूम इंसान को ये जादूई घर लहेंगा और स्कूटर सौपने के बाद ही मुझे मुझे मुक्ते मिल सकती है
06:48मैं सालों से यहां सच्चे इंसान का इंतसार में बैठी हूँ
06:52लेकिन क्या जितने भी लोग आये सब के सब लालची और मतलबी थे
06:58किसी को भी ये जादूई पर्फ का घर दिखाई नहीं दिया
07:02तुम दोनों इमानदार और मासूम हो
07:05इसलिए ये जादूई घर तुमें दिखाई दे रहा है
07:09तुम दोनों को ये घर सौपने से मुझे श्राब से मुक्ति मिल जाएगी
07:14और मैं अपने परिदेश लोट सकूँगी
07:18हमें बहुत प्यास लगी है क्या आप हमें पानी पिला सकती हो
07:23राहुल के इतना कहते ही बर्फ के घर के अंदर से डेर सारे छोटी छोटी बर्फ
07:39और अपने आप उन दोनों की प्यास भी शान्त हो जाती है
07:44सुनो बेटी तुम मेरा जादूई बर्फ का लहंगा पहन लो
07:49इसे पहनने के बाद तुम जानवरों से बात कर सकोगी
07:53साथी तुमारे अंदर धेर सारी शक्ति आ जाएगी
07:57ये जादूई स्कूटर तुम दोनों को पल भर में कही पिले जा सकता है
08:04इतना ही नहीं इस पर लगा लाल बटन दबाने से
08:08स्कूटर के सिलेंडर से धेर सारे सोने के सिक्के बाहर निकलते हैं
08:14अब ये सब तुमारा हुआ
08:16उसकी बात परी को उसके श्राब से मुक्ति मिल जाती है
08:21और वो वापस अपनी परीदेश लोट जाती है
08:24फिर स्कूटर से सोने के सिक्के हासिल करके
08:28दोनों भाई बहन एक अच्छा स्कूल में एडमिशन करवा कर
08:33अपनी पढ़ाई शुरू कर देती हैं
08:36और वो दोनों रोज जादोई स्कूटर में सवार होकर स्कूल जानी लगते हैं
08:42स्लोशना ने गरीबी और मजबूरी को बहुत करीब से देखा था
08:47इसलिए वो रोज स्कूटर से ढेर सारे सोने के सिक्के हासिल करके
08:53गरीब और लाचार लोगों में बाट दिया करती थी
08:56इस तरह सब कुछ ठीक हो जाता है
08:59और दूसरों के बलाई करते वे दोनों बाई बहन हसी खुशी अपना जीवन जीने लगते हैं
09:07जीतनगर नाम के गाउं में सुहानी नाम की एक गनात लड़की रहती थी
09:13सुहानी के पास कोई घर नहीं था
09:16इसलिए वो गाउं के पास बने एक फुल के नीचे रहा करती थी
09:21सुहानी को जब भी भूख लगती है
09:24तो वो वहाँ गाउं के पास जाकर उनसे खाना मांग लेती थी
09:29गाउं वाले अपने घर का बासी खाना सुहानी को दे देते थे
09:34आंटी आप लोग हमेशा मुझे बासी खाना देती हो
09:39बासी खाना खाने के कारण मेरी तपेट खराब हो जाती है
09:43दया करके आज आप मुझे ताजा खाना दे देजिए
09:47क्यों मरने से पहले तेरी माँ हमारी घर में राशन भरवा के गई थी क्या जो तुम हम तुझे ताजा खाना दे दें अगर तुझे बासी खाना लेना है तो ले वरना यहां से निकल यह खाना मैं कुट्टों के सामने डाल दूँगी
10:02नहीं नहीं मुझे बहुत भूख लगी है आप यह खाना मुझे दे दीजिए उसके बाद वो और अच सुहानी को कुछ रोटियां और सबजी दे देती है सुहानी खाना लेकर बुल की और जाने लगती है कि तब ही अचानक उसे घर के सामने सजावर दिखाई देती है
10:23लगता है आज इस घर में कोई प्रोग्राम है खाने की बहुत अच्छी कुछ भूआ रही है उसकी बाद सुहानी सबकी नजर बचा कर उस घर में दाखिल होती है जारूं तरफ मेहमान खाना खा रहे थे
10:39इतनी भीड में किसी को कुछ पता नहीं चलेगा मैं दोड़ा सा खाना खा लेती हूं पर सुहानी अपने थेले में खाना डालने लगती है लेकिन तब ही कुछ लड़कियों की नजर सुहानी पर पड़ती है वो सभी लड़कियां सुहानी को पकड़ कर उसकी खूप पिटा
11:09मा मुझे बहुत धर्द हो रहा है
11:12सुहानी रोते हुए पुल के नीचे चली जाती है
11:17अगले देन जब सुहानी गाउवालों के पास खाना मांगने जाती है
11:21तो सभी लोग उसके उपर नरास हो जाते है
11:24कल तु अंचली के घर में खाना चुराने गई थी
11:28हमें तेरे बारे में सब पता चल गया है
11:30हम तो तुझे अच्छी लड़की समझ रहे थे
11:33लेकिन तू तो एक चोर नी निकली
11:35क्या पता कल तू हमारे घर में गुश कर कोई समान चुरा ले
11:39इसलिए हमने फैसला किया है कि हम तुझे यहां नहीं रहने देंगे
11:44तू गाउं छोड़कर चली जा वरना तेरी बहुत पिटाई होगी
11:47लेकिन वो औरतें सुहानी की एक नहीं सुनती
11:52और उसे गाउं की सीमा से बाहर भगा देते हैं
11:55गाउंवालों नी मुझे भगा दिया
11:59अब मैं कहां जाओंगी मेरे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा
12:03उसके बाद सुहानी यहां वहां भटकने लगती है
12:07देखते ही देखते दो दिन बीच जाते हैं
12:11वो भूक और प्यास से सुहानी का बुरा हाल था
12:14मुझे बहुत भूक लगी है अब मैं क्या करूँ
12:19मुझे भूक बैदाश नहीं हो रही
12:22तब ही अचानक सुहानी को आस्मान में तेज रोशनी दिखाए देती है
12:28फिर अगले ही पल तीन परियां हवा में उड़ते हुए धर्ती पर आ जाती है
12:33उसके बाद तीनों परियां अपनी जादूई चड़ी की शक्ती से
12:39वहां पर तीन पूपसूरत फूल के घर प्रकट कर देती है
12:43हमने तीनों पूल घरों को हमेशा के लिए यहां पर स्तापित कर दिया है
12:50अब ये हमारे तीनों पूल के घर गरीब लोगों की साहता करेंगे
12:54हाँ हमारा काम हो गया चलो यहां से चलते हैं
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14:11पूलों के पास खाना मांगने जाती हैं, तीनों फूल के घर इस बार भी उसके लिए खाना प्रकट करते हैं, इस तरह कुस दिन बीच जाते हैं, अब सुहानी को रोज डेर सारा स्वादिश खाना खाने को मिल रहा था, फिर एक दिन सुहानी पेड़ के नीचे बैठ कर खाना
14:41रात को आफिस में काम करना है, क्या तुम मुझे अपने पास मौझूद पिज़ा और बर्गर दे सकती हो, इसके बदले मैं तुमें दो सो रुपे दूंगी, ये लो पैसे
14:51उसके बाद वो लड़की एक पिज़ा और बर्गर लेकर सुहानी को दो सो रुपे दे देती है, इस बाद से सुहानी मन ही मन बहुत खुश होती है
15:03अरे वाब, मुझे तो बड़ी आसानी से दो सो रुपे मिल गए, अब मैं रोज खाना बेच कर धेर सारे पैसे कमा सकती हूँ
15:12उसके बाद सुहानी तीनों फूलों के पास जाकर रोने का नाटक करने लगती है
15:18क्या हुआ तुम इस तरह दुखी होकर क्यो रो रही हो
15:23कल रात तेस बारिष की वज़े से मेरे घाओं में बार आ गई थी, घाओं के सारे फसल बर्बाद हो गई
15:30मेरे घाओंवालों के पास खाने के लिए कुछ नहीं बचा, क्या तुम तीनों अभी उनके लिए खाना दे सकते हो
15:37अहां हां क्यों नहीं हम अभी तुमारे सामने धेर सारा खाना प्रकट कर देंगे
15:43उसके बाद तीनों फूल गर वहाँ पर खानी से भरे बहुत सारे खानी के बरतर प्रकट कर देते हैं
15:51ये देख सुहानी बहुत खुश होती है
15:54अठेरो हम तुमारे लिए गाड़ी भी प्रकट कर देते हैं ताके तुम ये सारा खाना असानी से ले जा सको
16:01अगले ही पल तीनों फूल के घर वहाँ पर एक गाड़ी प्रकट कर देते हैं
16:07उसके बाद सुहानी सारा खाना गाड़ी में लड़ा कर वहाँ से चली जाती है
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16:50रेस्टरांट में जब भी कोई गरीब लाचार खाना मांगने आता तो सुहानी उसे डाट कर भगा देती थी फिर एक दिन एक बूढी औरत अपने दो गरीब बेटियों के साथ सुहानी के पास खाना मांगने आती है इन तीनों के शरीर से कितनी बदबुआ रही है मैं भिकार
17:20वो मारने के लिए आगे बढ़ती है लेकिन अगले ही पल वो तीनों जादोई फूल के घर में बदल जाते हैं हम तुम्हारी परिक्षा ले रहे थे हमने तुम्हें बहतर जिंदगी बनाने का एक मौका दिया था लेकिन पैसों ने तुम्हारे अंदर गहमंड और स्वार्�
17:50और सुहानी दुबारा गरीब हो जाती है सुहानी तीन फूल घरों के सामने गिरगराने लगती है लेकिन वो तीनों उसकी एक नहीं सुनते इस तरह अपने लालच के चलते सुहानी फिर से दुखी जीवन जीने के लिए मजबूर हो जाती है
18:07कुविंदपर नाम के गाउं में नियती नाम की एक लड़की अपने पती और सास के साथ रहती थी नियती बहुत गुणवान लड़की थी वो घर के सारे काम अच्छी तरह किया करती थी
18:23लेकिन नियती की अच्छी गुनों की कदर उसके पती और उसकी सांस को बिलकुल नहीं थी
18:30दोनों हमेशा नियती से नोकरानेों की तरह काम करवाते थे
18:35फिर एक दिन
18:37सुनिये जी, रसोई घर का गैस चूला ठीक से काम नहीं कर रहा
18:42आप बाजर से नया चूला करीद कर ले आईए
18:46अरे पागल हो गई है क्या
18:48नया चूला क्या फोकट में मिलता है
18:51अभी कुछी महीने पहले तो मैं चूला करीद कर लाया था
18:55फिर अचानक क्या हो गया
18:57मुझे नहीं पता
18:59देखिए कहीं कोई अन्होनी नहों जाए
19:02इसलिए आप नया चूला करीद कर ले आईए
19:05तब ही वहाँ नियती की सास आ जाती है
19:09तू तो हमेशा मेरे बेटे के पैसे खर्च करने के पीछे लगी रहती है
19:15हर दिन कोई न कोई बहाना बना कर पैसे खर्च करवाती है
19:19कोई जरूरत नहीं नहीं चूले की
19:22जो जैसा है उसी में काम चला
19:25अहां मा विल्कुल ठीक कहती है और दुबारा मुझसे इस बारे में कोई चर्चा मत करना
19:32इतना कहकर नियती का पती काम पर चला जाता है
19:37फिर उसी राज जब नियती रसोई घर में खाना बना रही थी
19:42तब ही अचानक ग्यास चुला भड़क उठता है
19:46देखते ही देखते नियती के कपड़ों में आँख लग जाती है
19:51वो अपने आपको बचाने के लिए रसोई घर से बांगने की कोशिश करती है
19:58लेकिन तब ही अचानक उसका पैर फिसल जाता है
20:02और वो सिर के बल जमीन पर गिर जाती है
20:06थोड़ी ही देर में आस पड़ोस के लोग इखटा हो जाती है
20:11उसके बार नियती को एक अस्पताल में भर्टी करा दिया जाता है
20:17आग के कारण नियती का चहरा जलकर बचसूरत बन जाता है
20:22दूसरी तरफ उसके सर पर लगी चोड इतनी गहरी थी
20:27कि उसकी आखों की रोश्णी चली जाती है
20:31नियती के दर्थ को समझने के बज़ाए उसकी सांस और उसका पती उसे उसके हाल पर छोड देते है
20:40दूसरी तरफ घर के सारे काम नियती की सांस को करने पड़ते थे
20:52पिछले जनम में कौन से पाप किये थे जो ये मनुस मेरी बहु बन कर आई हैं मुझे घर पर सारे काम अकेले करने पड़ते हैं और ये महारानी बैठ कर मज़े से खाना खाती है चाहे कुछ भी हो जाए मैं इसे चुटकारा पाकर ही रहूंगी फिर उसी शाम जब नियती का प
21:22पे में मैं और ज्यादा कम नहीं कर सकती तू दूसरी शादी कर ले और इस मनुस को घर से बाहर भगा दे दूसरी शादी करने पर हमें खूब दहेज भी मिलेगा अहां ये बात तो तुमने बिलकुल सही कही नियती अभ हमारे उपर बोज़ बन गई है इसे घर में रखने क
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22:22ुमा बेटी नियती को हमेशा के लिए गर से भगा देते हैं नियती को सहारा देने वाला कोई नहीं था इसलिए वो यहां वहां भक्तकने पर मुझबूर हो जाती है बचारी लोगों से भीक मांग कर अपना गुजारा किया करती थी फिर एक दिन नियती चलते चलते एक जंग
22:52के रोने की आवाज सुनाई देती है सुनो लड़की मुझे तुमारी मदद की जरूरत है दया करके मिरी साहता करो कौन है को कोन बोल रहा है नीचे देखो मैं जान्दूइ घास की गाएं हो मुझे तुमारी साहता चाहिए
23:11मैं देख नहीं सकती फिर भी मैं तुम्हारी मदद करूंगी कहो तुम्हें क्या मदद चाहिए
23:18चंगली चुडल मुझे मार कर काना चाहती है
23:23मेरी जादू करनी मालकिन के मरने के बाद से मैं अकीली हो गई हूँ
23:29इस समय मैं गर पवती हूँ और बहुत कमजोर भी
23:33मुझे पानी से शक्ती मिलती है तुम मुझे यहां से उठा कर कहीं दूर ले चलो
23:40और मेरे उपर डेख सारा पानी डालो
23:44ठीके मैं तुम्हारी मदद करूंगी
23:48पूर्वदिशा में एक नदी है मैं तुम्हें रास्ता बताऊंगी तुम मुझे वहां ले चलो
23:53ुठा लेती है और उसके बताय हुए रास्ते पर चलने लगती है
24:00काफी घंटे चलने के बाद वो नदी किनारे पोहन जाती है
24:06उसकी बाद वो नदी से धेर सारा पानी लाकर
24:11जादोई गाएग के उपर डालना शुरू कर देती है
24:15देखते ही देखते गर्बवती गाएं पूरी तरह ठीक हो जाती है
24:21मेरी साहता करने के लिए तुम्हारा बहुत बहुत शुक्रिया
24:26अब मैं पूरी तरह शक्तिशाली बन गई हूँ
24:30तुम्हारी मदद करके मुझे बहुत कुशी हो रही है
24:34फिर नियती जांदूई गाएं को अपने बारे में सब बता देती है
24:40तुम चिंता मत करो अपसे मैं तुम्हारी हर जरूरत पूरी करूंगी
24:46उसके बाद जांदूई गाएं नियती के लिए डेर सारी जांदूई घांस प्रकट कर देती है
24:53इस घांस को खा लो इसे खाते ही तुम्हारी आँखों की रोश्णी लोट आएगी और तुम बहुत ज्यादा खुबसूरत बन जाओगी
25:04ये सुनकर नियती फौरण घांस खा लेती है और अगले ही पल उसका चहरा बहुत ही ज्यादा खुबसूरत बन जाता है
25:15और साथी उसकी आँखों की रोश्णी भी लोट आएती है इस बात से नियती बहुत खुश होती है
25:23अब मैं तुम्हारी करीबी भी दूर कर दूंगी यहां से थोड़ी दूर पर एक मेहल है
25:31इस समय वहां की रानी पुरी तरह बिमार है तुम मेरी जादूई घांस ले जाकर उसे खिला दो रानी ठीक हो जाएगी पिर इनाम के रुप में तुम्हें डेर सारे सोने के सिक्के मिलेंगे
25:46नियती जादूई घांस लेकर मेहल में पोहन जाती है फिर वो राजा से मिलकर उसे सारी बात बता देती है
25:56Raja Foraan Usai Rani Ke Kameri Me Le Jata Hai
26:00Niyati Rani Ko Jadui Ghans Kila Kar Usai Puri Tara Swasth Kar Daiti Hai
26:07Is Bata Se Raja Rani Douno Pohut Khusho Tate Hai
26:12Un Douno Ko Niyati Ka Svobha Bohut Putsund Ata Hai
26:17Douno Ki Kooi Suntan Nahi Tati
26:20Is Liyue Voh Douno Niyati Ko Apeni Baiti Buna Kar
26:24Hemesha Ke Liyue Apeni Saat Rukhne Ka Faisla Kar Lieti Hai
26:29Is Bata Se Niyati Bohut Khusho Tati Hai
26:33Us Ke Bata Voh Jadui Gai Ko Apeni Mahal Me Le Aati Hai
26:38Niyati Ke Jeevan Me Puri Tara Badlava Aja Ta Hai
26:43Or Voh Raja Kumari Ben Kar Mahal Me Hasi Khushi Apenah Jeevan Jee Nei Lagti Hai
26:49Bohut Samae Pahle Kisii Gahun Me Pinky Nama Ki Larki Rhehti Thi
26:54Pinky Eek Pairse Apahich Thi
26:58Jis Vajah Se Voh Thik Tara Se Chal Nahi Pahati Thi
27:02Or Usse Har Kama Karne Me Tuklief Hote Thi
27:05Phir Eek Dyn Pinky Ke Ghar Ke Paz Ki Kuch Larki Yung Gahun Me Me Meidahan Me
27:11Danse Karne Rhehti Pinky Meidahan Ki Kinaare Khađi HoKar Unn Lardkiyong Ko Danse
27:17Karne Huwe Dekhnei Lagti Hai Phrir Thoڑi Dheer Ke Bada Pinky Bhe Unnki
27:22Nakal Karnei Danse Karnei Ki Kooshis Karnei Lagti Hai Kavita Naam Ki Eek Lardki Pinky
27:28Ko Danse Karnei Hohe Dekh Laiti Hai
27:30Or Apeni Saheliyong Ke Saat
27:33Iske Paas Jaakar Iska Mazaak Udhani Lagti Hai
27:36Kyo Pinky Tujhe Bhi Danse Karnei Ka Shok Hai
27:40Kya Zyadha Danse Karnei Ki Kooshis Mat Karnei
27:43Varna Tera Duesra Pair Bhi Toot Jaya Ega
27:45Or Tu Kisii Kama Ki Nahi Rheegi
27:48Yeh Sun Kar Pinky Ko Bohut Bura Lagtta Hai
27:51Kavita Tum Mujh Se Is Tarihaki Bata Kiyoong Karnei Ho
27:55Mijnne Toh Aas Tuk Kabhi Tummei Bhala Bura Nahi Kaha
27:59Phir Bhi Tum Merei Bhesatthi Karnei Ho
28:02Mijn Tujjhe Semjha Rahi Houn
28:04Que Tere Jaisi Ladki Ghar Menei Hhi Achi Lagti Hai
28:08Bekar Menei Hemarii Bberabarii Karnei Ki Kooshis Mat Kar
28:11Tumhari Douno Pair Sahe Salaamat Hai
28:15Isilie Itna Ghamad Mat Karo
28:17Agar Merei Pair Bhi Sahe Salaamat Hotei Na
28:20Toh Mijn Tumhye Dikha Dethi
28:22Que Mijn Tumse Bhi Acha Danse Karnei Ho
28:25Aaree Jaja Badhi Aai Danse Karnei Wali
28:28Nikal Yaha Se Varnah
28:29Mijn Satch Me Teree Douseri Tung Bhi Toڑ Dungi
28:31Itna Kekhe Kar Kavita Pinky Ko
28:34Dhakka Dhe Dethi Hai
28:36Or Pinky Zaman Par Girr Jati Hai
28:38Iske Baad Vaha Mujud Sabhi Ladkiya
28:41Pinky Ka Muzak Udhani Lagti Hai
28:43Is Baad Se Dukhi HoKar
28:46Pinky Chup-Cab Vaha Se Chalhi Jati Hai
28:48Ghar Jaakar Apeni Maa Ko Apeni Sathwi Sari
28:52Ghatna Bata Dethi Hai
28:53Maa Meree Kisumat Itni Buri Kiyo Hai
28:56Kaash Meree Bhi Pair Thiek Hote
28:58Aar Meree Bhi Douseri Ladkiyong Ki Tara
29:00Dance Karnei
29:02Kooi Bata Nahi Baiti
29:03Tumhye Dukhi Honne Ki Zarurat Nahi Hai
29:05Aik Din Sabh Thiek Ho Jai Ega
29:07Is Tara Hemesha Pinky Ki Maa
29:10Usse Dilaasah Diyah Kerti Thi
29:12Phir Pinky Ego Din Apeni Ghar Ke Sama Ne Baiti Thi
29:16Khe Tabhi Voh Dekhti Hai
29:18Khe Ghaon Ke Chorahe Pher
29:20Aik Budhiyah Bohut Sara
29:21Samaan Lekar Ja Rahi Hai
29:24Samaan Ke Wazan Ke Kairan Budhiyah
29:26Buri Tara Thak Goyi Thi
29:28Iske Baad Voh Budhiyah Kavita Se
29:30Madud Mangnayi Lagti Hai
29:32Sunao Baiti
29:34Yhe Samaan Bohut Bhari Hai
29:36Kya Tum Mere Ghar Tuk
29:37Yhe Samaan Pohuncha Sakti Ho
29:39Budhiyah Tumne Mujhe
29:42Apni Naukrani Samaajh Rakhah
29:43Kya Jho Mane Tera Samaan
29:45Udha Kar Tere Ghar Tuk Lhe Jau
29:47Chal Apna Samaan
29:48Khud Udha Kar Nikal Yaha Se
29:50Uske Baad Voh Budhiyah
29:52Voha Mujud Dusri Ladkiyon
29:54Se Bhi Madud Mangti Hai
29:56Lekin Sabhi Ladkiyah
29:58Budhiyah Ka Maza Kudha
29:59Kudha Kar Uski Madud
30:00Kar Nekar Kar Dhe Tui
30:02Yhe Sabdik Pinki Ko
30:04Bohut Bura Lagta Hai
30:06Aur Woh
30:06Dungdhati Hohe
30:08Budhiyah Ke Pahas
30:09Pohuncha Tui Hai
30:10Chaliyah Maa Ji
30:11Mijn Aapka Samaan
30:12Aapke Ghar Tuk Pohuncha Dethi Ho
30:14Lekin Baiti
30:16Tum Toh Eek Pairse Apari Jho
30:18Tum Itna Sara Samaan
30:19Uđtha Kar Kaisa Lhe Jau Ghi
30:21Aap Iski Chintah Mat Kariyay
30:23Mijn Aapka Samaan
30:24Aapke Ghar Tuk Pohuncha Dung Ghi
30:26Merey Maa Ne
30:27Bacchpant Se Mujhe
30:28Yehi Sikha Aya Hai
30:30Khi Hameh Hemesha Musiibat Me
30:31Fashe Lohgun Ki
30:32Wadud Karni Chahiyah
30:33Uske Bada Pinki
30:35Budhiyah Ka
30:35Samaan Uttha Lieti Hai
30:37Aur Lungdhati Hohe
30:38Iske Ghar Ki Or
30:39Chal Dieti Hai
30:40Pher Kafi Dier Ke Bada
30:42Aakhir Kar Pinki
30:43Budhiyah Ke Ghar Tuk
30:44Pohuncha Tui Hai
30:45Or Sara Samaan
30:46Sahi Salaamat
30:48Uske Ghar Tuk
30:49Pohuncha Dieti Hai
30:50Tum Buhut Hi Achi Ho
30:52Biti
30:52Tumhari Jaisi
30:53Nek Lardki
30:54Mijn Aas Tuk
30:55Nih Dekhi
30:56Lekin
30:57Mijn Tumhye
30:58Yahaan Se
30:59Kalihaat
31:00Nahi Jani
31:00Dungi
31:00Tihro
31:01Mijn Abiyat
31:02Aati Hung
31:02Uske Budhiyah
31:04Apanne Ghar
31:05Mene Tihkhani
31:06Ke Anandar
31:06Chalye Jati Hai
31:07Or
31:07Vahhaan
31:08Rukhe
31:08Dho
31:08Chmukdar
31:09Lali
31:09Jutte
31:10Uttha
31:10Kar
31:10Pinki
31:11Ke Pats
31:12Lhe Jati
31:12Hai
31:13Yhe
31:14Mere
31:14Jadui
31:15Jutte
31:16Hai
31:16Jib
31:17Mijn
31:17Jawan
31:18Thih
31:18Tub
31:18Mijn
31:18In
31:18Kali
31:19Istim
31:19Mal
31:19Khi
31:19Khi
31:20Khi
31:20Khi
31:20Khi
31:21Khi
31:21Khi
31:21Khi
31:23Khi
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31:24Khi
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31:29Khi
31:30Khi
31:31Khi
31:32Unn
31:32Juttun
31:33Kho
31:33Dek
31:34Pinki
31:34Bohut
31:34Khusht
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32:00Khi
32:01Khi
32:02Khi
32:02सब्सक्राइब
32:17सब्सटर vgu
32:20लोग
32:23अरे अचनक ये लंग्ड़ी
32:27लड़की पिन्की इतना
32:29अच्छा डान्स कैसे करने लगई
32:29और अहुघ
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33:00پینکی اپنی ماں کے ساتھ محل میں رہنے چلی جاتی ہے اور ہسی خوشی اپنی زندگی جینے لگتی ہے
33:10تو آپ نے دیکھا دوستوں ڈانس کرانے والے جادویجوتوں کی کہانی
33:15اس کہانی سے ہمیں یہ سیکھ ملتی ہے کہ ہمیں کبھی بھی کسی کی کمزوری کا مزاق نہیں اڑانا چاہیے
33:22اور ہمیشہ سبھی کے ساتھ اچھا ویوار کرنا چاہیے
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33:30और हमारे चानल चोटो टीवी को सब्सक्राइब भी कर लें
33:33और हाँ दोस्तों हमें कमेंट करके जरूर बताना के आपको कहानी क्यासी लगी
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