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  • 23 hours ago
In this video, we present Sahih Bukhari – Book 1, Hadith 3, one of the authentic Hadith collections in Islam. Sahih Bukhari is regarded as the most reliable book of Hadith after the Holy Quran.

This Hadith is shared with clear recitation and understanding, making it beneficial for students of knowledge and anyone seeking to learn authentic Islamic teachings.
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Transcript
00:00हमको बन्बिकियर ने ये हदीश बयान की वो कहते हैं कि इस हदीश की हमको लैस ने खबर दी लैस अकील से रवायत करते हैं
00:11अकील अबन शहाब से वो अरवा बन जबैर से वो अम अलमुमिनीन हजरत आईशा रजी अल्ला अन्हा से नकल करते हैं कि उन्होंने बतलाया कि आँ हजरत अच्छे सच्छे पाकिज़ा खाबों से शुरू हुआ
00:26अब सलललहु अल्यही वसल्म में जो कुछ देखते हो सुबह की रोश्नी की तरह सही और सच्छा साबिख होता
00:34फिर मन जानिब कुदरत अप रसूल अल्शी अल्याई वस्लम तनहाई पसंद हो गए
00:39और अप रसूल अल्याई वस्लम ने गार हिरा में खल्वत नशीनी अथियार फरमाई
00:45और कई कई दिन और रात वहां मसलसल अबादत और याद इलाही और जिक्र और फिक्र में मशगूल रहते
00:51जब तक धराने को दिल ना चाहता तोशा हमरा लिये हुए वहां रहते
00:56तोशा खत्म होने पर ही एहलिया महतरमा हजरत खदीजा रजी अल्ला अनहा के पास तश्रीफ लाते
01:03और कुछ तोशा हमरा लेकर फिर वहां जाकर खल्वत गुजी हो जाते
01:06यही तरीका जारी रहा यहां तक के अब पर हक मुनकशिफ हो गया
01:12और अब गार ही रही में चियाम पजीर थे के अच्छनक हजरत जिबराईल अल्हे अससलाम के पास हाजर हुए और कहने लगे के मुहम्मद
01:24पर्माते हैं के मैंने कहा के मैं पढ़ना नहीं जानता
01:29अब सल्वालाहु आलिही वसल्म
01:59और कहने लगा कि पड़ो अपने रब के नाम की मदद से जिसने पैदा किया
02:03और इंसान को खून की फट्की से बनाया
02:06पड़ो और आपका रब बहुत ही महरबानिया करने वाला है
02:09पस यही आयतें अब
02:11सल्लालाहु आलिही वसल्म
02:13अब सल्लालाहु आलिही वसल्म
02:43मौसरक खदीजा रजीउल्लाह आई को तफसील के साथ
02:46ये वाक़ा सुनाया
02:47और फर्माने लगे के मुझको अब अपनी जान का भ STO हो गया
02:51अब सल्लालाहु आलिही वसल्म
02:53की एहलिया मौसर्म हज़रत खदीजा रजी� suit आलिही वसल्म
02:58की धारस बंधाई और कहा कि आपका ख्याल सही नहीं
03:01खुदा की किस्म आपको अल्ला कभी रुस्वा नहीं करेगा
03:05अब तो अखलाक फाजला के मालिक हैं
03:08अब तो कुमबा परवर हैं
03:10बेकस्व का बोज अपने सर पर रख लेते हैं
03:13मुफलिसों के लिए अब कमाते हैं
03:15महमान नवाजी में अब बेमिसाल हैं
03:17और मुश्किल वक्त में आप अमर हक का साथ देते हैं
03:21ऐसे औसाफ हसना वाला इनसान
03:23यो बेवक्त जिल्लत औ खुआरी की मौत नहीं पा सकता
03:26फिर मजीब तसली के लिए हजरत खदीजा रजी अल्ला अनहाँ अब
03:31को वर्का बन नौफल के पास ले गए जो उनके चचाजाद भाई थे
03:36और जमाना जाहियत में नसरानी मजभ अख्तियार कर चुके थे
03:40और अबरानी जबान के कातिब थे
03:42चनांचे इनजील को भी हसब मनशा खदावंदी अबरानी जबान में लिखा करते थे
03:47इनजील सर्यानी जबान में नाजल हुई थी फिर उसका तर्जमा अबरानी जबान में हुआ
03:53वर्का इसी को लिखते थे वो बहुत बोले हो गए थे
03:57यहां तक कि उनकी बिनाई भी रुखसत हो चुकी थी
04:00हजरत खदीजा रजी अल्ला अन्हा ने उनके सामने अब
04:04के हालात बयान किये और कहा कि ये चचाजाद भाई
04:09अपने भतीजे मुहम्मद की जबानी जरा उनकी कैफियत सुन लीजिये
04:15वो बोले के भतीजे अपने जो कुछ देखा है इसकी तफसील सुनाओ
04:19चनाँचे अब अज़ अवलता आखर पूरा वाकिया सुनाया
04:25जिसे सुनकर वर्का बे अख्तियार होकर बोल उठे के ये तो वही नामूस
04:30मुजज रासदान फरिश्टा है जिसे अल्ला में हज़रत मुसा अलैही असलाम पर वही दे कर भेजा था
04:36काश में आपके इस एहद नबुवत के शुरू होने पर जवान उम्र होता
04:41काश में इस वक्त तक जिन्दा रहता जबकि आपकी कौम आपको इस शहर से निकाल देगी
04:47रसूल अल्लाही सल्लाहु अल्युवसल्म ने ये सुनकर ताज्जब से पूछा कि किया वो लोग मुझ को निकाल देंगे
04:54हाला के मैं तो इनमें सादिक व अमीन व मकबूल हूँ कि वरका बोला हाँ ये सब कुछ सच है
05:01मगर जो शख्स भी आपकी तरह अमर हक लेकर आया लोग उसके दुश्मन ही हो गए है
05:07अगर मुझे आपकी नबूवत का वो जमाना मिल जाए तो मैं आपकी पूरी पूरी मदद करूँगा
05:13मगर वरका कुछ दिनों के बाद इंतिकाल कर गए
05:16फिर कुछ अर्सा तक वही की आमद मौकूफ रही
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