00:00कि फरेब देकर जमाने को पारसा ना बनिये
00:02इन्हे कहो कि वो बंदा बने खुदा ना बने
00:05अमीर शहर यही चाहता या हज़रत कि हमारी चीख गले में रहे सदा ना बने
00:10खबर नहीं जिने अपने दीन और मजभ की
00:12हमें वो दीन का मतलब सिकाने निकले हैं
00:15तर्मा बहुत बहुत शुक्री आपका कि आपने कहें मौजू पर मुझे बोलने का मौखा इनायत फरमाया
00:20और बड़े अफसोस की बात है कि बड़ी धूम धाम से
00:24हकुमत की तरफ से इस बात को रखा गया मगर
00:2830 से ज़्यादा MP यहां पर मौजूद नहीं है
00:30मेडम पहले तो मैं वजीर आजम की इस बात की मजमत करता हूँ
00:34और उनको बताना चाहूंगा कि जिना के बारे में जो कहा था
00:39हम तो जिना के सब मुखालिफ है इसलिए भारत को अपना वतन माने
00:43मगर 42 में आपके प्यारे वीर और जिना की पार्टी ने
00:50नौर्थ वेस्ट फंटियर सेंद और बंगाल में मिलकर हकूमत चलाई
00:54और उस हकूमत ने देड़ लाक हिंदू और मुसल्मानों को
00:59अंग्रेजों की फौट में शामिल कराया ताके वो लड़े
01:01तो किसी शायर ने अच्छा कहा था वजीर आजम के बारे में
01:05कि फरेब डेकर जमाने को पारसा ना बनिये
01:07इन्हे कहो कि वो बंदा बने खुदा ना बने अमीर शहर यही चाहता
01:12या हजरत कि हमारी चीख गले में रहे सदा ना बने
01:15दूसरी बात मैड़म हमारे वजीर दिफार जनाब रादना सिंग साहब ने
01:20बड़ा ही अजीब औ गरीब और तकलीफ दे बात कही
01:23अमल मुमिने के बारे में और अमल किताब के बारे में
01:27अम्मुमिनें उनको कहते हैं जो हमारे प्राफिट मुहम्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म्म
01:57इस लफ से आगाज होता है वी दे पीपल इसका आगाज भारत माता के नाम से नहीं होता है हमारे समविधान का जो प्रियांबल है वो क्या कहता है लिबर्टी ओफ थौट एक्सप्रेशन बिलीफ फेट एंड वर्शिप अगर दस्तूर का ये पहला सफा ये बात करता है तो प
02:27constant assembly में मैडम एक महतरमा थी रोहीनी कुमार चौधरी ने एक तजवीज दी थी कि प्रियांबल में किसी देवी के नाम से शुरू हो उन्होंने खास तोर से वंद्या मातरं को जिकर किया मगर उसको खुबल नहीं किया गया फिर केवी कामत साहब ने एक तजवीज दी कि इट
02:57खुआन उन की मसंणिफ है आवाम मर्जी से की मर्जी से सबसे बालातर है अवामी हाकिमे मुल्क किसी खुदा देवी देवता मजभी इलामत के नाम से नहीं चलता ना मुल्क किसी एक मजभ की मिलकियत है इसलिए बाबा साहब वंबेट करने क्या कहा था अन्होंने मदर अं
03:27पैदा होता है कि उस वक्त हमारे जो कॉंसर्ट असम्बली के प्रेज़न्ट है जनाव राइंदर पसाद साहब ने किस बुनियाद पर वंदे मातरम को खौमी तरह ना खरार दिया ना तो को सेक्री रिजूलूशन है इसके बारे में मैडम मैं आपको बताना चाहूंगा कि ज�
03:57कोट का उन्हें का गाइडलाइंस दिये जाएं वंदे मातरम पर सुप्रीम कोट ने नहीं कही दिया फिर आप आजाएए मैडम प्रिवेंचर विंसल्ट एक्स नैशनल नाइटिन सेवेंटीवन इसमें नैशनल सौंग नहीं है सिर्फ नैशनल एंबलम और आपका नैशनल �
04:27है जैन है एथिस्ट है महनतकश है किसान गरीब मजलूम और दलित है मगर अगर जो तकारीर आज हमने यहां पर सुनी और बाहर जो सुनते हैं अगर भारत को देवी कहने और उसके आगे सजदा करने तो दरसल खौम परस्ती को वतन से महबत को मजभ में तबदील कर रहें औ
04:57खौमियत का मेहार है तो पिर सवाल यह है किसरत मोहानी की का थी जिसने इन खलाब जिन्दाबाद का नारा दिया अगर यूसुब महर अली ने कुट इंडिया साइमन गोबैक का नारा दिया तो उसकी खौमियत क्या थी अगर हैदराबाद से मौलवी अलाओ दीन जो मक्का म
05:27की सजा के पर जा रहे हैं तो इनायत अल्ला का अ मौलाना काफी के जबान पर क्या था वो रसूल आल्ला हमारे प्राफिट की नात पड़ रहे थे क्या पड़ रहे थे कोई गुल बाखी रहेगा ना चमन रहे जाएगा पर रसूल आल्ला का दीन हसन रहे जाएगा तो उनकी ख
05:57मैं एक मुसल्मान हूँ मैं इसलाम को मानने वाला बाविखार इन्सान हूँ
06:00और मेरे मजभ की बुनियादी तालीम तोहीद है
06:03ला इलाह इलालाग नहीं है कोई खुदा सिवा इलाग है
06:07और खुरान में ल्लाह कि आवरा याका नाबुदू याका नस्तेई
06:10तो मेरी अबादत करो मुझे मानो मुझे कहां से मिल रहा है
06:13आर्टिकल 25 से मिल रहा है
06:15मुझे कहां से मिल रहा है
06:16लिबर्टी ऑफ थाट, एक्स्प्रेशन, बिलीफ, फेट अन वर्सिप से मिल रहा है
06:20तो इसको जोनना यह बहुत ही खतरनाक होगा
06:23और हमारे प्राफिट मुहम्मद صلی اللہ علیہ وسلم जब मदीने को गए
06:26तो उन्होंने उस वतन के लिए दुआ की कहा
06:28कि अल्ला मदीने की महबबत हमारे दिलों में और इजाफा कर दे
06:31मक्के से जादा कर दे
06:33तो ये इसलाम मुसल्मान होना
06:36हमारे एमान में मुल्क की महबबत बीच में नहीं आती
06:39और मुल्क से महबबत है और रहेगी हमेशा
06:41क्योंके यह अजीम खुर्बानिया यहां पर सामिल है
06:44जिन्होंने जंग आजादी में हिस्सा नहीं लिया
06:46आज अगर वो वतन की महबबत का दर्स जाएंगे तो बड़ा घलत होगा
06:49मैडम मैं आपके साम में एक चीज़ पढ़ूँगा
06:51उन्नीस सो सेंट रविजना टेगर ने लिटर लिका सुवाज चिन्र बोस को
06:56मैं सरफ किसी ने नहीं पढ़ाई है
06:58क्या कहा टेगर साब ने
07:00यह मैं इसको ले करूंगा मैडम आप देख लीजिए
07:16फिर दूसरी तरफ मैडम आप आजाएए मैं यहाँ पर बाइट कर
07:20हाँ जितने तखारीर यहाँ पर सब जनगन मन पर तनखीद किये
07:25तो मैडम मुझे यह कहना पड़ेगा कि जनगन मन पर आप लोग इतनी
07:30तकलीफ क्यों उठा रहे हैं आखिर इतनी तकलीफ क्यों है तो मैं जब जा कर देखा
07:34तो मुझे 28 डिसंबर का 28 डिसंबर का औरगनाईजर मैगजीन का आटिकल मिला
07:41जिसमें औरगनाईजर लिखता है कि वाट इस दो मॉरल संक्षिन बहाइं गौवर्मेंट चॉइस अव जनगन मन पर इसका करते हैं
07:58इसमें आप क्या बोलेंगे मैडम मैं आपको बिए बताना चाह रहा हूँ
08:15मगर ये बताईए हम को कि अभी मैडम यहाँ पर आनन मट के बारे में बहुत कुछ कुछ कहा गया
08:25मैं सिर्फ दो मिसाले आपको देता हूँ आनन मट के पेज नमबर 70-80 को पढ़ लीजिए
08:30इसके बाद सनातन जहां मुसल्मानों के घर पाते थे इन्हें आग लगा देते थे
08:34आप पेज नमबर 98 पढ़िए हमें सिर्फ मुसल्मानों को जड़ से खतम करना है क्यों खुछ के दुश्मन बन चुके हैं पिर आप पेज नमबर 115-16 दीजिए पिर मुक्तलिफ इलाखों मुसल्मानों को सदा देने के लिए भेज जाते जहाँ मुसल्मान आबादी नजर आ
09:04करा रही कि हमने मुलक और मथभ पर एक चीज नहीं बनाया हमने इलान किया कि हमारी मुलक मुक्तलिफ तब्गाद मशाइब पर मुझतमिल है हमारे मुझतम मुझतमिल हमारी खाउमियत का सरचश्मा है यह कास जबान सा कहवत मथभ नहीं है अगर बंदे मातरम का मतन खौम �
09:34इंडू खोंपरस्तानक को अक्तियार करेंगे मुझे वतन से बेंत्यार महबत है मैंड़ा और इंशाला हमेशा रहेगी मगर बावजूद इसके के मेरी मस्जिद मेरी अबादतगाहा मेरे कपड़े मेरे कारोबार पर हमले होते मगर मैं फिर भी कहता हूं के मेरा हर वतन को हम �
10:04करो, एक्स्प्राटेशन को रोको, शरारत को रोको, मुल्क के खिलाब की जाने साली साजिश हतम करो, मैड़म भारत एक चमन है, जहां पर हर फूल को खिलना चाहिए, और अगर कोई इस फूल का अगर पूरे फूल खिलेंगे, तो इसकी खुच्च्च्च्च्च्च्च्�
10:34हैं कि हकुमत इस पर जोर जबर जबर ना करें, मेरा राइट है, यकीनन मैं जानता हूँ कि आजादी के लाएमे बंदे मातरम का नारा था, मगर अगर आप इसको जबर करेंगे, तो ये सम्मिधान के खिलाफ है, वफादारी का सेटिफिकेट हम से मत लीजे, मैड़म खतम क
11:04इस शेख पर अपनी बात को खतम कर रहा हूँ, मैड़म, मैं अपनी बात को खतम कर रहता हूँ मैड़म क्या बहुत जल्दी में हैं, कि भारत जिन्दाबाद, हिंदू मुसल्मान जिन्दाबाद, दलिच जिन्दाबाद, इसाई जिन्दाबाद, आदिवासी जिन्दाबा
11:34जनाब बंकिम चंद्रा साहब के बारे में मैं आपके सामें डॉकुमेंट ले कर रहा हूं कि उन्होंने बीए का एक्जाम पास नहीं किया था
11:43तो आप जिसके लिटरिरी जायन बता रहें यह नहीं है बहुत बहुत शुक्रिया
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