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  • 7 minutes ago
यूक्रेन की रक्षा करने में क्या NATO नाकाम?

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00:00तो जिस नाटो में शामिल होने के लिए यूकरेन ने पूतीन को नरास किया
00:03नौबत जंग तक पहुच चले गई
00:05चार साल में अपनी जमीन और सवनसादन गवा दिये गए
00:09उसके शेहर खंडर बन गए
00:11उस यूकरेन की रक्षा करने में नाटो नाकाम रहा है
00:14जबकि शक्ती के तोर पर देखा जाये तो नाटो पूटीन पर भारी पटता
00:18नाटो का गठन साल 1949 में हुआ था
00:22सबसे पहले अमारिका समेथ 11 देश इसमें शामिल हुए
00:25अन्य देशों इसमें हमलों के खिलाफ एक जुड़ता बढ़ती गई
00:29और नाटो के देश 32 हो गए जिसमें 86 लाग से निक है
00:33तुनिया में हत्यारों के खर्च पर 55 फीसदी की सिदारी सिर्फ नाटो की है
00:39अमेरिका इसमें 37 फीसदी के साथ पहले नंबर पर है
00:43इसके बाद जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस और पोलेंड आते हैं
00:47तो कागज में बले ही नाटो पुतीन पर भारी दिखता हो
00:50लेकिन जंग के मैदान में पुतीन इन 32 देशों के संगचनों पर बहुत ज़ादा भारी पढ़ रहे
00:56क्योंकि पुतीन में जंग लड़ने की हिम्मत भी दिखाई
00:59और अब रूस के पास वो एक्सपीरियंस भी है
01:02नाटो कि देश पुतीन से लड़ने का जोकिम नहीं उठाना सकते
01:06और अब तो अमारिका भी उसका साथ छोड़ कर रूस के साथ जाना चाता है
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