00:00बड़े फाई स्टूडियो से आप बोलने हैं पंदे मात्रम में डेरेक संविधान सभा का डेरेक रेसल्यूशन है कि वो कंपरसरी नहीं है जनगरा मांकर कंपरसरी है
00:10लेकिन मुर्दा काउम की पहचान है ये कहना क्या उचित है या गलत है
00:14आदी लासन साब कोई जबरदसी तो कहने रा क्या आप कहिए ये उनकी अपनी एक सभा में एक स्टेटमेंट दे रहे हो
00:32कि मुर्दा कौम के पहचाने मैं गाता हूँ बंदे मात्रम तो क्या मैं मुर्दा कौम से हूँ
00:36आदी बाई सुनिये पंदे मात्रम कोई कहे जन गना मैं कहे हम इस देश का जैहिन हिंदुस्तान जिंदाबाद हमने सारे जहां से अच्छा दिया हमने शर्फरोशी की तमन्ना दिया हमने तिरंगा दिया हमने चिटगों से लेकर लहोर तक ऐसा कोई दरख नहीं था जो हमार
01:06आप सब पर बात करें लेकिन इस पर बात ही नहीं कर रहे हैं वंदे मात्रम पर जो उन्होंने कहा मुर्दा कौम की पहचान है क्या ये उचित है अनुचित है क्या बंदे मात्रम को धर्म से जोड़ा जाए या नहीं जोड़ना चाहिए
01:22अजीब बैश चुनिये ये सम्विधान जो सबा में ये पारित हो गया था कि ये कमपसरी नहीं है अब उन्होंने क्या बुला आज तक कि वो बहुत प्री है आज तक उनके ध्यान को भी चलाता है उनको खॉंटलेब में भी बुलाता है उनको बुला कि पूचा
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