00:00तेरी काइनात मेरे खाली हाथ
00:17किसमत की राहों में यूही मैं भटकता रहा
00:22और तार तार सपने मेरी पलकों से गिरे
00:30जैसे मौसम किसी बदला से गुजरता रहा
00:36गए जखम जाग मेरे सीने में आग लगे
00:42हर सास में तूटी हुई एक दासता चले
00:49लगे सास सास तपने जैसे कोई वर्फ पिघले
00:55रूह में मेरे दर्द का ही समुंदर उफन चले
01:01रातों से पूछू मैं क्यूं मेरी राहों में
01:09तेरा ही नाम ठहरा तू तो चला गया पर दिलने तेरी सूरत को
01:20आइना करके पहरा तूटी हुई खिड़की से चांद मेरी तनहाई को
01:32रौशन करता है और उसमें भी तू एक धुंदली सी हसी बन कर खिलता है
01:44अवारा अवारा अवारा अंगारा दिल मेरा खोया जैसे कोई मौसम का बेचारा
01:56रातों में डूबावा अंबर का बंजारा जाने तूटा क्यों मैं शीशाना तारारा
02:10तेरी ही तरफ खिचे ये मेरी चाहतों के रगिस्तान
02:26तेरी ही वजा से मैं छुपाता फिरूँ ये दिल का तूफा
02:40तेरी काइनात अब भी मेरे अश्कों में लिखी है
02:47हर दुआ में तेरा नाम मेरी आदत सी बसी है
02:54मिट्टी बनू हवा बनू पर तुझसे जुदा न हो पाया
03:01दिल कहे छोड़ दे अब मगर जखमों ने तेरा नाम दोहराया
03:10डुबे हुए जजबातों की कोई मन्जिल नहीं होती
03:16जिसे चाहे रूह मेरी वो करीब भी नहीं होती
03:23मैंने खुदा से लड़कर तुझे चाहा था शायद
03:29इसलिए हर रात मेरी दुआ पूरी नहीं होती
03:38अवारा अवारा अवारा अंगारा दिल तूटे पत्ते सा हवाओं में बेचारा
03:52रातों में डूबा अंबर का बंजारा जाने तूटे क्यों मैं शिशाना तारा
04:06रातों में डुझे क्यों मुझे लोग् 있다
04:23झाल