00:00नमस्कार, तो आज हम बात करने वाले हैं KPI Green Energy के बारे में.
00:05ये एक ऐसी कमपनी है, जिसने हाल ही में अपने नतीजों से सब को छोका दिया है.
00:10तो चलिए, आज जरा गहराई में उतरते हैं और पता लगाते हैं कि इस जबरदस ग्रोध के पीछे आखिर चल क्या रहा है.
00:17सबसे पहले इस नमबर को देखिए. 78%. ये कोई छोटा मोटा आकड़ा नहीं है दोस्तों. ये है कमपनी की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले आया उच्छाल. इससे साफ पता चलता है कि कमपनी कितनी तेजी से आगे बढ़ रही है.
00:32और कहानी यहीं खतम नहीं होती. कमपनी का जो नेट प्रॉफिट है वो भी 67% बढ़ा है. जब सेल्स और प्रॉफिट दोनों ही रॉकिट की तरह उपर जा रहे हों तो समझ लीजे कि कुछ तो बढ़ा हो रहा है. तो आए सबसे पहले उन आकड़ों पर एक नजर डालते है
01:02अब बात करें EBITDA की. मतलब ब्याज और टैक्स से पहले का जो मुनाफ़ा होता है वो रहा 232 करोड और सारे खर्चे निकालने के बाद नेट प्रॉफिट वो बनाए 117 करोड रुपे. मतलब पिछले साल के मुकाबले एक जबरदस छलांग है ये. तो सवाल ये है कि क्या य
01:32समझी रणनीती का नतीजा है. और अगर हम सिर्फ एक दिमाही नहीं गलकी पूरे 6 महीनों के प्रदर्शन को देखें तो तस्वीर और भी साफ हो जाती है. हर लेवल पर जबरदस्त ग्रोथ. और इन्वेस्टर्स के लिए तो सबसे बड़ी खुशखबरी ये है कि जो प्र
02:02अब उन वजहों को समझते हैं जो इस जबरदस सफलता के पीछे का असली इंजन है. देखे इस सफलता के पीछे चार बड़े हीरो हैं. पहला, कंपनी अपने बड़े-बड़े प्रोजेक्स को बहुत तेजी से और अच्छे से पूरा कर रही है. दूसरा, जो कंपनी के ख�
02:32तो नतीजे ऐसे ही शांदार होते हैं. लिकिन रुखिये, एक सही एनालेसिस के लिए हमें इस सवाल पर भी घौर करना होगा. अगर सब कुछ इतना ही अच्छा है, तो फिर प्रोफिट मार्जिन में हलकी सी गिरावट क्यों देखने को मिली?
02:46वेल, इसकी दो खास वज़े हैं. पहली, मौनसून के कारण सोलर पावर का जेनरेशन थोड़ा कम हुआ. और दूसरी वज़े ये, कि इस तिमाही में कुछ ऐसे ओरडर पूरे हुए, जिनमें मुनाफ़ा थोड़ा कम था. लेकिन अच्छी खबर ये है कि कंपनी मैनेजमें
03:16प्यूचर ग्रोथ को ड्राइफ करेंगे. कमपनी के पास आने वाले कल के लिए एक जबरदस्त पाइपलाइन तैयार है. इसमें एक 200 मेगावाट का सोलर प्रोजेक्ट है, एक 1500 मेगावाट का विंड प्रोजेक्ट है और सबसे मज़ेदार, एक 370 मेगावाट का हाइब्रि
03:46विडला ग्रूप जैसी बड़ी-बड़ी कमपनियों से नए ओर्डर मिले हैं. ये दिखाता है कि मार्केट में कमपनी की रेपिटेशन कितनी मजबूत है. अब ये जो लाइसेंस है ना, ये कमपनी के लिए सच में एक गेम चेंजर हो सकता है. इसको ऐसे समझिए कि अब त
04:16ये रास्ते खुल जाएंगे. अब इतने बड़े-बड़े प्लान्स के लिए पैसा भी तो बहुत चाहिए, तो चलिए अब इस जरूरी मुद्दे पर आते हैं. और देखते हैं कि KPI Green अपनी ग्रोध को फंट करने के लिए क्या स्मार्ट करीके अपना रही है.
04:29हाल ही में कमपनी ने एक बहुत ही अनोखे तरीके से 670 करोड रुपे जुटाएं हैं. उसने भारत का पहला externally credit enhanced green bond जारी किया है. अब इसका आसान भाशा में मतलब ये है कि इस bond की guarantee किसी बाहरी agency ने दी है जिससे investors का भरोसा बढ़ जाता है. और ये भारत में अपनी तरह का
04:59ये पैसा सीधा उसके IPP business को बढ़ाने में लगेगा. यानि जहां company खुद के power plant लगा कर बिजली बेचती है. जब SBI जैसा बड़ा bank इतना भरोसा दिखा रहा है तो ये अपने आप में एक बहुत बड़ा positive signal है. अच्छा, तो investors के लिए इसका क्या मतलब है? इसका मतलब ये
05:29का हिस्सा छोटा हो जाएगा. Company ऐसा करने से बच रही है जिससे मौझूदा shareholders की value कम नहीं हो रही. आप जरा और आगे की सोचते हैं. KPI Green सिर्फ solar और wind तक ही सीमित नहीं रहना चाहती, बलकि भविश्य की technology में भी अपने कदम जमा रही है. ये slide दिखाती है कि KPI Green सिर्फ आ�
05:59में भी उतर रही है. ये एक ऐसी कमपनी है जो कल के बारे में आज ही सोच कर चल रही है. तो चलिए अब इस पूरी बातचीत को समेटते हुए आगे की रह पर नजर डालते हैं और समझते हैं कि कमपनी ता भविश्य कैसा दिख रहा है. तो आगे क्या होने वाला है? कमपनी
06:29कदम होगा. और ये है कमपनी का सबसे बड़ा सपना. 2030 तक 10 गीगावाट. अब ये कितना होता है? ये करीब करीब 50 लाख घरों को बिजली देने के लिए काफी है. ये एक बहुत बड़ा एक महत्व कांक्शी लक्षय है जो भारत को एक क्लीन एनरजी सूपर पावर बनाने
06:59या फिर ये भारत की ग्रीन एनरजी करांती का अगला बड़ा नाम बनने की रापर है. खेर ये तो सिर्फ वक्त ही बताएगा लेकिन उनके हालिया प्रदर्शन को देखकर बविश्य काफी रोशन नजर आता है. इस बारे में आपकी क्या राय है? हमें नीचे कॉमेंट्स म
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