00:00जब तक कि मेरे बेटे को कोई प्राहमण अपनी बेटी दान नी करते हैं या उसके उसका संबद नहीं बना रहे हैं
00:10जब अगर मैं आर्थिक रूप से संपन हो गया हूँ और सामाजिक पिछड़ापन मेरा अगर दूर हो गया है
00:18तो इस नादे काईदे से देखा जाए तो हमारे समय के साथ में हमारे बेटे-बेटिऑं के साथ में
00:25रूटी-बेटी का बेबार होना चाहिए के वल इस बात को मेंसे एक लाइन अटा करके और लोगों ने उसको प्रचारित किया
00:33प्रदेस कारिकारणी की बैठक थी और प्रदेश कारिकारणी की बैठक में मानिनी कंसोट्या सर जो हमारे अजाक्स के 21 साल से अद्यक्स थे उन्होंने
00:53प्रदेश कारणी ने मुझे प्रांता देक्ष अजाक्स का निउक्त किया उसमें जो हमारा मेन मुद्दा यह था कि आर्थी काधार पर आरक्षन होना चाहिए समजिक आरक्षन यह एक मुद्दा अभी समाज में हैं इस मुद्दे पर हम सब लोग अपने विचार व्यक्त कर �
01:23आरक्षन की पात्रता नहीं होनी चाहिए उस पर विचार व्यक्त करते हुए हमने कहा था कि यदि मानलो मेरा बेटा चुकि मैं आइस ऑफिसर हूं और मेरा बेटे के साथ में मतलब अगर मैं आर्थिक रूप से संपन हो गया हूं और सामाजिक पिछला पन मेरा अगर दूर हो
01:53एक लाइन हटा करके और लोगों ने उसको प्रचारित किया उनके बारे में हमारी पूरी जानकारी मिल चुकी है और हम अभी अजाक्स के माध्यम से वह सारी बातें मीडिया के सामने भी रख देंगे मेरा सिर्फ यही कहना है सभी समुदाय के लोगों से कि हमारा किसी भी सम
02:23बात फेलाई गई है और उससे अगर उनको कोई ठेश पहुंची हो तो उसके लिए मैं तहया दिल से खेद्वेक्त करता हूं
02:31अजाक्स में जब न्यूक्तियां हुई थी तीन आई एस ऑफिसर्स की उस समय बहुत सारे संगठनों ने यह बात करी थी कि आई एस ऑफिसर्स को इस प्रकार के संगठनों में नहीं होना चाहिए इससे कर्मचारियों का हर्क मारा जाता है तो कुछ तो वो लोग थे उन्हो
03:01और चीजें मार्केट में आई है और उनका यह कहना था कि संगठन अजाक्स जो है दो संगठन है और उसमें असली नकली की लड़ाई की भी बात आ रही है तो यह जो वही लोग हैं जो इस बात को भी फेला रहे हैं इसके अलावर कुछ नहीं है और वह सीधे सीधे ब्रामन
03:31जो जो भी व्यक्ति थे जिन लोगों ने इस मुद्धे को हवा दिये उसमें किसी ने किसी प्रकार से पूरे भाशन को रखने के बज़ाए उन्होंने सिर्फ एक लाइन को टेक किया
03:42मैं अपनी बात रख चुका हूं कि मेरी तरफ से किसी भी समाज विसेश के ऊपर कोई गलत अबद्र टिपणी नहीं की गई और नहीं मेरा कोई ऐसा उद्देश था और मैं बता चुका हूं कि अगर मानलो मेरे किसी भी बात से या समाचार पत्रों और मीडिया के माद्यम से
04:12अगर किसी भी समाज को कोई आहत हुई है
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