00:001,960 में तुर्की के शेहर में वाके पागल खाने से चौकिदारों की लापरवाही की बिना पागल खाने के खिले हुए दर्वाजे से मौके पाकर 423 पागल फरार हो गए.
00:11शेहर की सालकों पर पागलों ने उधा मचा दिया बदनजमी और हर्बोंग मुच गई.
00:16हस्पताल की तरफ से शेहर की इंतिजमिया को इत्तिला मिली.
00:20माहरीन मसले के हल की लिए सर जोड़ कर बैट गए.
00:23फौरी तोर पर एक बड़े माहर नफसियात को बलवा लिया गया.
00:27माहर नफसियात ने हालात की नजाकत को भामते हुए फौरण एक सीटी मंगवाई.
00:32हस्पताल के अमले और इंतिजमिया के कुछ लोगों को चकला बना कर अपने पीछे लगाया गाड़ी बनाई एक दूसरे के दामन को पकल कर और विसल बजाते चक चक करते सलक पर निकल आया.
00:43माहर नफसियात का तजर्बा काम्याब रहा.
00:46सलक पर चलते फिरते मफरूर पागल एक एक करके गाड़ी का हिस्सा बनते गए.
00:51शाम तक माहर नफसियात डौक्टर साहिब सारे पागलों की गाड़ी बना कर हस्पताल ले आये.
00:57इंतिजामिया ने पागलों को वापस उनके वाड़्स में बंद किया और डौक्टर साहिब का शुक्रिया अदा किया.
01:02मसला शाम को इस वक्त बना जब पागलों की गिंती की गई तो 612 पागल शुमार हुए जबकि हस्पताल से सुबह के वक्त सिर्फ 423 पागल फरार हुए थे.
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