00:00पुरानी हवेली के तीसरे माले पर एक कमरा था, जो हमेशा बंद रहता, कहते थे उस कमरे से रात को किसी औरत के रोने की आवाज आती है, गाव वाले दूर दूर से उसे देखने आते, लेकिन कोई भी दर्वाजा खोलने की हिम्मत नहीं करता, एक दिन पच्ची साल का यु�
00:30खुला तो अंदर सन्नाटा था, टूटी फूटी कुर्सिया और जाले, अचानक दर्वाजा अपने आप पीछे से बंद हो गया, युवक ने चीक कर दर्वाजा पीटना शुरू किया, अगले दिन सुबह जब गाव वाले पहुँचे तो कमरा खाली था, पर दर्वाजे �