00:00હવાસે મહરૂમ ચીન પહાડી જોટ્યાં
00:08ચીનએ હ૪િ ખાટી બહરી દૂયાકે નજરોં સીતું દૂરી તારજરા
00:27સીકૂંન સીકે એ એ કર્ભ વદી માદાં
00:30लेकिन एक खूंखार नर्की नजरे गड़ी है अपने शिकार पर
00:36मादा को चाहिए ताकत और हिम्मत
00:44जानवरों से सराबोर घाटी में अपनी प्रतिदवंद्वियों को मात देने के लिए
00:49लेकिन मा का प्यार होता है बेलाग
01:00और जजबा होता है मस्पूत
01:04ये कहानी है स्नू लेपरड की चुना पहले कभी ज़्यादा देखी गई ना कभी कहीं गई
01:23दुनिया की छत है ये चीन का तिब्बती पठार किंग आए
01:28दूर तक पहली ये चोटियां बसीरा है स्नू लेपरड का
01:34चीन के किंगाय पहाड़ों में फरवरी का महीना है ये
01:51हिमालयन ब्लू शीप या बर्ल का एक जुन्ट गुजर रहा है चटानी मंजर से
01:56जिसका पीछा कर रही है ये भूखी कर्पवती माधा
02:02अब भूखे तो बर्ल भी है जो बर्फ को खुरच कर नीचे जमी खास को ढून रहे है
02:13मेमना शाहत पकड़ में आ जाया आसानी से
02:19लेकिन उजार मंजर में छुपने के उतनी जगा कहां है
02:24और उस पर ये बर्ल हैं भी तो इतने फुर्तीले
02:29बर्फ में चलने लायक पंजे होने पर भी तेड़ी खीत है माधा के लिए शिकार
02:47फिर भी बढ़ती जाती है वो अपने अगले खाने की तलाश में
02:59गर्ब की वज़ा से पेट नीचे लटक आया है उसका
03:04जल्दी ही कोई पनाह ढूनने होगी उसे जहां हिफाज़त से बच्चों को जन्म दे सके
03:10लेकिन ये लाका है अंजान
03:29बर्फीले आंधी में उसके आँखों से उचल हो जाते हैं बारल
03:34मौसम साफ होने पर खुद को नजरों से दूर एक घाटी के छूर पर पाती है वो
03:53एक नई दुनिया की तरफ खुलता दर्वासा
04:23चोटियों के बीच मौजूद एक सरहदी बसाहट जीवन का एक जुराग
04:29याक फाम है ये भूग की मारी वो बढ़ती है उसोर
04:36लोग यहाँ पीठियों से याक पालते आ रहे हैं
04:55हर चीज के लिए इन जानवरों के भरूसे है वो
04:57तिवर्ती मास्टेफ्स निगरानी करते हैं मवीश्यों की
05:03पाल तु नहीं है ये कुट्टे ब्रश से तो कभी पालाई नहीं पड़ाईन का
05:12जंगली जीवन जीते हुए चरते याक्स की चौकसी करते हैं बस
05:22यहाँ बंदूकों पर पाबंदी है और स्नू लेपद्स को मारनी पर रोक
05:27बर्व की चादर ओड़े ढल्मा चरागाहूं पर याक्स के पीछे पीछे चलते हैं कुट्टे
05:34बरुल भी चरते हैं यहाँ
05:42कुट्टों तक गंध पहुँचती है जाने पहचाने दुश्मन की
05:53एक नर्स नो लेपद्साफ कर रहा है हाल ही के अपने शिकार पर
05:59कल सी गायब था ये याक ये घाटी इसकी है बर्व से धकीस हुकूमत पर राज चलता है इसका
06:13धकेतों से बचाता है ये इससे तो भला कुट्टों की क्या पेसाथ
06:17मादा स्नो लेपद्स के लिए घाटी में मौके तो है पर खत्रे भी कम नहीं
06:26यहां रहना है तो कुट्टों और नर लेपद्स से दूर रहना होगा उसे
06:36मार्च के आते आते ठिकाना ढून लिया है इसने
06:39फार्म के उपर चटानों में बहुत उंचे वो बच्चे जननी को मांद तलाशती है
06:45अगले सौ दिन छुप कर रहेगी वो बहर आएगी तो बस शिकार के लिए
07:02अगर्स्त का महीना है और देखे कैसे सूरत बदल चुकी है घाटी की
07:07ये मादा फिर से रूबरू हुई है दुनिया से अब वो एक मा है उसके पीछे पीछे हैं दो नवजात पच्चे
07:22एक तो बड़ा हिम्मती है और खोजबीन करने वाला भी
07:37आगे गर्मियों में ये जुड़वा बच्चे ताकत बठूरेंगे और घाटी के अपने घर को जानेंगे
07:45लेकिन ये जगा जोखिम से भरी है
07:50अगले 18 महीनों तक उनकी मा मुसीबतें छेलेगी उन्हें जिन्दा रखने के लिए
07:56इस नए परिवार से करीब 700 मीटर नीचे याक्स चरते हुए नदी घाटी से उपर निकलाए है
08:06इस जुड़ में ज्यादतर माई है अपने बच्चों के साथ
08:20वयस्क नर के आँखे गड़ी हैं उन पर
08:26ये है उसकी शिकारगाह और इसे थाबित करते हैं उसके जख्मों के निशान
08:32याक्स के ये मुड़े हुए सींग चानलेवा हो सकते हैं
08:42इधर अपने उचे ठिकाने से ये मा नजर रखे हुए है
08:46याक्स आसपास ही रहते हैं लेकिन तजुर्बेदार नर में धीरज बहुत है
08:59और सुस्तानिकों वक्त भी बहुत है
09:02स्नो लेपर्द्स शपकी लेते हुए अठारा से चौबीस घंटे तक विता सकते हैं
09:08लेकिन उसकी सपनों में कलल डाल देती है रेड स्थार्ट की तीखी आवाजें
09:15याक्स अभी बेखबर हैं उसकी मौजूद्की से
09:27लेहाज वो हरकत में आने की तैयारी करता है
09:34जहांसे का खेल है सारा
09:52अपने खेल का उस्ताद है ये और इसे देख रहे परिंदे तारीफे करते हैं इसकी
10:10कुछ ही दिनों में याक का ज्यादतर हिस्सा सफा चट कर गया है ये उस्ताद नर
10:22खाने के बाद ये चटानू से खुद्रती तोर पर जण कर आए ज़रने का साफ पानी पीता है
10:29लाश के बचे कुछे टुकड़े छोड़ती है इसने लूटने वालों के लिए
10:40लामर गायगर वल्चर्स हड्डी तक गटक जाते हैं इस परिंदे का 80% पेट इसी से भरता है
10:57भूके तो कुट्टे भी रहते हैं हमेशा वैसे तो याक्स की पहरेदारी करते हैं
11:05पर लाश का जो हिस्सा हाथ आए भट से गटक जाते हैं
11:21गाटी की जमीन से काफी उचाई पर तीन महीने के बच्चे भल फूल रही हैं
11:27सितंबर चल रहा है और ये तेजी से बढ़ रही है
11:33ये हिफाज़त से हैं इस तसली के साथ इनकी माँ अब खाना ढूनने जा सकती है
11:44स्नो लेपर्ड की मान से कुछ सौ फुट नीचे तिबबती लोमणी ने भी अपने जुडवा बच्चे छुपा रखे हैं
11:57ये भी तभी पैदा हुए थे जब लेपर्ड की बच्ची जन में थे
12:02सभी बच्चों को अपने माबाप के लोटने का इंतजार है
12:13दबे पाउं घाठी में आने की बात इस मा के निशानी पर है ब्लू शीप का एक जुण्ड
12:32वैसे ये घाठ लगाने वाली पर भक्षी है लेकिन 64 किलोमीटर प्रति घंटी की रफ्तार से दोड़ भी सकती है
13:02ये थी एक जांबाज कोशश
13:21इसके दो छोटे छोटे बच्चे इसी के आसरे हैं लहाजा ये हार नहीं मान सकती
13:26रात उतरने पर एक बार फिर कोशिश करती है ये
13:45बरुल चौकन ने हैं
13:47पहार चड़ने में माहिर है ये
13:54चटानों पर तेजी से चड़ना उतरना बाएं हाथ का खेल है इनका
13:58सुभा खबर देती है रात में काम्याबी मिली थी इसे
14:22पर काम अभी पूरा नहीं हुआ है इसे अपना इनाम अपने बच्चों के नस्दीक ले जाना होगा
14:30जंचट का काम है ये लाश आड़ी तिर्ची और भारी है
14:38सांस लेने जरा रुकी नहीं कि सबका ध्यान खेच जाता है इसकी तरफ
14:45नील कांट आगाह कर देता है दूसरे मांसाहारियों को आसपास वालों के भी कान खड़े हो जाते हैं
14:55झालों के भी कान खड़े हो जाते हैं
15:25शोर मजाती भीर ध्यान खींचती है आधे जंगली कुत्तों में से एक का
15:30ये अब निकला है पड़ताल करने
15:39कुत्तों में घजब की सूने की ताकत होती है
16:06लेकिन हवा मादा के पाले में है
16:11बिना हिले डुले रहने में उसकी महारत इस कोशिश को नाकाम कर देती है
16:16बिना हिले डुले रहने में उसकी महारत इस कोशिश को नाकाम कर देती है
16:27अधिश को नाकाम कर देती है
16:34मुम्किन हुआ तुमा लाश को घसीट कर वहां ले जाएगी जहां बच्चे इंतजार में हैं उसके
16:49मुम्किन हुआ तुमा लाश को घसीट कर वहां ले जाएगी जहां बच्चे इंतजार में हैं उसके
16:59ये पहली बार है जब मांस से रूबरू करवाती है ये इन है
17:22अब ज्यादा दिन इनकी देखभाल नहीं करनी होगी इसे
17:30पर ये परिवार खा भी नहीं सकता सुकून से अब गिद्धों से खाना चुपाए रखना ना मुम्किन जो है
17:39और एक कुटा भी लोटाया है और इस बार एक दोस्त के साथ
17:52इन डगैतों के हवाले तो ये बिल्कुल नहीं करेगी अपना खीमती शिकार
17:59ये बच्चे चटानों में जाचिपते हैं जहां कुट्टे नहीं पहुँच सकते
18:09मा शिकार को बचाने के लिए वहीं रहती है
18:17एक के मुकाबले दो लेकिन अपने परिवार का पेट भरने के लिए लड़ती है ये
18:39कुट्टों के हथ्यार डालने पर वो फिर से आवास देती है अपने बच्चों को
18:51आज सब भर पेट खाएंगे
19:10अक्तूबर में रातें सर्द हो गई है
19:20लेकिन दिन अब भी कर्म है
19:25गर्मियों में ताप से बचने के लिए याक्स और उंचाई पर आप पहुँचे हैं
19:36और पीछे पीछे वयस्क नर्भिया पहुँचा है
19:44वयस्क स्नू लेपर्द्स को करीब हर दस दिन में एक शिकार करने की जरूरत होती है
19:59इस मन्जर में ढलकर ये दबे पाउं और नस्दीक पहुचता चाता है
20:07याक्स उसकी गंध तो पकड़ते हैं
20:15लेकिन नजरें तेज होने के बावचूद उसे देख नहीं पाते
20:29ये जुन्ड से दूर हुए एक बच्चे पर नजर कराता है
20:38जुन्ड बिखर जाता है
20:55लेपर्ड जकर धीली नहीं करता
20:59तभी बच्चे की माँ आती है तेजी से
21:01अपनी उलाद की जान बचाने को अपनी जान दाओं पर लगा कर
21:04वायस्क नर पकड़ बनाए रखता है
21:07लेकिन माँ फिर हमला बूलती है
21:10पर भक्षी का शिकंजा ठीला करने की कोशिश करती है
21:13बचाओं को दमदार बनाने के लिए आता है एक मददकार
21:31हैरत अंगेज है यूं बच कर निकल जाना
21:49और लेपर्ड पीछे हर जाता है निराशा में डूबा
22:01इधर घाटी में ये माँ अपने पिछले शिकार की तरफ लोटती है
22:07इस उमीद में की शायद कुछ बचा हो उसमें
22:11लेकिन कोई और आप पहुँचा है दावत उडाने
22:18उससे पहले एक रेड फॉक्स चाप पहुँची है खाने तक
22:22चुम्बक जैसा होता है यहां मांस
22:31लेकिन लूम्री जानती है मैदान कब छोड़ना है
22:35अचानक एक भारी भरकम नर्या खेमाकत करता है
22:42इसे अपने जुन से दूर खदेरनी की ठानी हुए है ये
22:47इसका निवाला इसे यूहीं गटकने देने वाला नहीं वो
22:51कुद्रती दुश्मन है दोनों
23:08हलांकि पलड़ा अमूमन दांतूं और पंजूं का ही भारी रहता है
23:12जहां कहीं भी आक्स हैं वहां से आवारा कुट्ते ज्याता दूर कैसे हो सकते हैं
23:19लेकिन ये एक जबर्दस प्रतितवन्द्वी है
23:39और इसके कड़े रुख के सामने भाग खड़े होते हैं कुट्ते
23:46उसे जम कर पेट भरना होगा इस खाने से
23:55क्योंकि जिन्दगी और दूभर होने वाली है
23:59दिसंबर आते आते नदियां जम जाते हैं
24:16स्नू लेपर्दस के मिलन का मौसम है ये
24:23ये बच्चे आठ महीने के हो चले हैं
24:29मा की कुई दिल्चस्पी नहीं है और बच्चे पैदा करने में
24:32लेकिन इसे बच्चों को छुपा कर ही रखना होगा यहां के नर से कहीं दूर
24:41वो इनकी जान ले सकता है ताकि मादा में जबरन मिलन की चाह जगा सके
24:49ये मा है तो चौकननी लेकिन खानी की तलाश में जाने पर बच्चों की चौकसी करे तो कैसे
24:55खामोशी से छुपे रहकर अपनी मा का इंतजार करते बच्चों को, उनका ये गर्म रोईदार कोड़ कर्मा हट देगा
25:03बच्चे अपनी सरहदें परक्थ में लगे हैं
25:09दोनों में से जो स्यादा हिम्मती है उसे कम हवा वाली जगा की तलाश है
25:13Iska judwa bhi iske peechhe ho lieta hai
25:22Lekin kya ye jan liwa sabaid ho saktah hai
25:39Inhye vahe rukna chahye thah jahean inki mahani nye rakhha tha
25:42No
26:12After a few days, her mother had slaughtered her.
26:22But she had no answer to the children.
26:38The children are not meeting where they are.
26:44They are not meeting where they are.
26:54They are leaving the mountains.
26:57They are leaving the mountains every way.
27:01They are leaving the mountains.
27:05He was leaving a little further,
27:07children from one another,
27:09a little bit of a car.
27:25It's a very bad feeling.
27:35This child is waiting for her. She is waiting for her. She is waiting for her.
27:44She is waiting for her.
27:58There is a ghost in the garden of the children's home,
28:03and one child is blinded by the girls.
28:09In the garden, every night comes to the garden,
28:12every night comes to the garden,
28:14when they see them, they don't see her where.
28:28This is the end of the day of the day of the day.
28:58But there was no answer.
29:24After looking for the whole night,
29:26the end of the day was the last time he saw his children.
29:40I don't know.
29:41I don't know.
29:43I don't know.
29:45I don't know.
29:47I don't know.
29:49I don't know.
29:51I don't know.
29:53I don't know.
29:55I don't know.
29:57I don't know.
29:59I don't know.
30:00I don't know.
30:02I will not leave this hope.
30:32Chilling Tales for Dark Nights
31:02And now I'm going to go and get rid of my heart from my heart.
31:11It's nice to meet you like this.
31:18She doesn't have to fight with other children.
31:21Because she knows.
31:23She's just a child.
31:32Farveri mem e eq naya khatrap ankhara hua hai
31:42Apne Sathiyo ko ko khojtay huwe kuch wor Snow Leopards dhaakhil hua hai ghaati mai
31:47Usmaa ke liye ye buri khabar hai
32:02Snow Leopards are only living here. They need a big place where they are full.
32:09Today, they are living in security.
32:32the
32:59This ghaati is the one who can't be afraid of their children, because they can't be afraid of their children, because they can't be aware of it.
33:12Ghaati, wherever you can see, there are new faces.
33:20I don't know.
33:50And then, in the way, there are two more people who have seen it.
33:58There are two more people who have seen it.
34:00There are four people who have seen it in the mountains.
34:06This is the only time when the snow leopard is seen.
34:13This is the Snow Leopard.
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