सवाईमाधोपुर. जिले में साइबर अपराध से अर्जित संपत्ति को कुर्क करने की पहली कानूनी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस थाना मानटाउन की टीम ने आरोपी विक्रम उर्फ विक्की मीना से साइबर ठगी से खरीदी गई वेन्यू कार को धारा 107 बीएनएसएस के तहत कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई सवाईमाधोपुर में इस कानून के तहत संपत्ति जब्ती का पहला मामला है।
साइबर फ्रॉड से खरीदी थी कार
थाना चौथ का बरवाड़ा के एएसआई जगदीश प्रसाद ने 29 जनवरी 2025 को आरोपी विक्रम मीना को साइबर फ्रॉड के मामले में गिरफ्तार किया था। उसके पास से 1.12 लाख नकद, सोने की अंगूठी, चैन और वेन्यू कार बरामद की थी। जांच में सामने आया कि यह कार साइबर ठगी की राशि से खरीदी गई थी। बैंक खातों और जमीन का रिकॉर्ड खंगाला जांच अधिकारी सुनील कुमार गुप्ता (थानाधिकारी, मानटाउन) ने आरोपी और उसके परिजनों के बैंक खातों की जांच की। खातों में साइबर फ्रॉड की राशि जमा होने और तुरंत एटीएम से निकासी के प्रमाण मिले। आरोपी के पिता के नाम जमीन का रिकॉर्ड भी जुटाया गया।
न्यायालय से मिली कुर्की की मंजूरी
पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनिवाल के निर्देश पर अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में धारा 107 बीएनएसएस के तहत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान आरोपी को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया । न्यायाधीश गार्गी चौधरी ने पुलिस की दलीलों को स्वीकार करते हुए वेन्यू कार को कुर्क करने का आदेश दिया।
पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा न्यायालय ने निर्देश दिए हैं कि कुर्क की गई वेन्यू कार को जिला कलक्टर के माध्यम से नीलाम कर उससे प्राप्त राशि में से फाइनेंस कंपनी की बकाया किस्त चुकाने के बाद शेष राशि साइबर पीड़ितों को अनुपातिक रूप से वितरित की जाए।
Be the first to comment