00:00अब ही बिहार में चुनाव हो रहे हैं क्यासे आपका अंकलन क्या है चुनाव को लिए लेकिन मोधी जी का क्योंकि हमाला जैसा एक व्यक्तित वह है तो उसके बराबर कोई दूसरा चेहरा खड़ा नहीं हो पा रहा आप आरस जैस के रोल को किस तरह से देखते हैं खडगे जी
00:30आप किस तरह से देखते हैं जो उचा नीचा चल रहा है यह सनातनी संस्कृति यह तनातनी संस्कृति यह तनातनी संस्कृति है
00:58बाबाजी आपकी मैं देखता हूं कंपनी भी बहुत अच्छे से प्रॉफिट कर रही है अब मैं इस बिजनस रिलेटिट विशु पर बोलूंगा टैरिफ ट्रम्प ने जो लगाया है इसको लेके आपके क्या विचार है यह मैंने का टैरिफ वार है तो स्वदेशी के इसक
01:28लेकिन मोधी जी का क्योंकि हमाला जैसा एक व्यक्तित Ein, तो उसके बराबर कोई दूसरा चेहरा खड़ा नहीं हो पार रहा और मोधी जी का चेहरा, मोधी का चरितध और मोधी जी जो युगदान है उस तरह से भगवान के वरधान जैसे है तो परड़ा तो उन्हेमार अब
01:58देखा हमने कुछ लोगों ने कहा कि इसको बैन करना चाहिए आप आरेस्स के रोल को किस तरह से देखते हैं कि आरेस्स आरेस्स समाज की तरही एक राश्टवादी संग्ठन है और उसमें भी डोक्र हिटगावार जी से लेकर के सद्धेव गुरुदी गोलवलकर जी से लेकर क
02:28विरोध करते हैं तो उसके पीछे उनके निहित कुछ एजेंड है स्वार्थ नहीं जैसे पॉलिटिकल पार्टी जी ने इसका नाम लिया कि उन्होंने का सदा पिड़ेल ने भी बयान की बात कही थी देखो आरेस्स को पुल्टिकल पार्टी तो है नहीं पुल्टिकल बिं�
02:58बहुत अथित अपस्वी लोग है उसमें और हाँ यह अवश्य है कि जो जिनके विचार भारत और भारतियता से मेल नहीं खाते वो फिर ऐस तरह के कुछ चाहते हैं आपकी मैं देखता हूं कंपनी भी बहुत अच्छे से प्रॉफिट कर रही है अब मैं इस बिजनस रिले�
03:28तो यह आर्थिक युद्ध है और इसमें जो कम से कम जो गरीब देश है जो विकासिल देश है उनका ध्यान रखना चाहिए कुछ ताकतवर लोग इतने सामराज्य वादी इतने ज्यादा विस्तार वादी इतने ज्यादा गुरूर में आ गये हैं उठीक नहीं है सब को एक ह
03:58तो पुरी दुनिया में असमान ता फिर अन्याय सोशन और फिर संघर्ष और फिर फून खराब यह तुझी नहीं होगा तो स्वदेशी के इसका अंसर है स्वदेशी स्वावलंबन आत्म निर्भरताकारों अंतिम विक्ति के उदय का एक बहुत उंचा दर्शन है और महर्�
04:28स्वाथन पर आता हूं सार इसको लेकर बहुत डिविजन भी है लाइक कछ लोग मानते हैं और कुछ नेता तो इसको विरोध करते हैं आप किस तरह से देखते हैं जो पुल्राइडेशन हो रहा है कि जो हमारे सनातन की जो भरशिय दानंद की तार्किक दार्शिक वहिचारी
04:58अपने आप सामर्थे को बढ़ाओ और इस देश को स्रेश्ठतम बनाने में अपना सर्वस्व लगाओ यह सनातन का मूल दर्शन बाकि सनातन के नाम पर जो उचा नीचा चल रहा है यह सनातनी संस्कृती नहीं यह तनातनी संस्कृती है बाबाजी आज के डेट में यह वे�
05:28इक संस्था है जिसने कर्म को धर्म कहा आचन की श्रिश्ठता को धर्म कहा को जात पात उन्तनीच भेद भाव चुछ नहीं आज जो कुछ हम है महरशिदान्द के उन विचारों का प्रेणाम है कि एक किसान का बेटा देश का दुनिया का सबसे बड़ा योगी हो सकता संसार
05:58आज 65 एकड भूमी पर यह आरे समयलन मातरिक प्रदर्शन नहीं है यह वो दर्शन है वेदू का रिश्यू का कि सभी मनुष्य एक इश्वर की संतान है एक पुर्म जोंकि एक धर्ती माता की भारत माता की संतान है और हम सब को मिलकर कि राष्ट धर्म को अपना सर्वों पर
06:28से मूल वेदों से अपने मूल परकृती से मूल संस्कृती से मूल स्वभाव से अपने मूल स्वाभिवान से निज़ता से जुड़कर के आगे वढ़ें उसका अंदोलर है यह आरे समाद और भारत की आजादी से लेकर के एक व्यक्ति के विचारों में जो पूर्ण स्वा�
06:58झाल
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