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  • 2 months ago
पन्नालाल जब सेना में थे तो छत्तीसगढ़ के युवाओं की संख्या कम थी. इसे देखकर उन्होंने रिटायरमेंट के बाद ट्रेनिंग सेंटर चलाने की ठान ली.

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00:00युवाओं के अलग-अलग तरह की फिजिकल एक्टिविटी करने का ये नजारा रायपूर के कौशल्या विहार सेक्टर 13 का है
00:17यहाँ एक पुर्व सैनिक पन्नालाल सिन्हा युवाओं को मुप्त में फिजिकल फिटनेस की ट्रेनिंग दे रहे हैं ताकि 36 गढ़ के युवा भी सेना और पुलीस में भरती होकर देश की सिवा कर सके
00:32इसके लिए रिटन एक्जाम भी लिया गिया है
00:37देली सुबा साड़े पांस बजे से स्टार्ट होता है धोजर रोण के साथ और फिर ट्रेनिंग स्टार्ट होते ही रनिंग होती है
00:47सबसे पहले उसके बाद वाम उप उसके बाद हम छोटा जम रसी खीच गुला फेक और बहुत सारे ऐसी अक्टिविटी करते हैं
00:58अबी तो यहां सबसे जरूरी रनिंग होती है क्योंकि रनिंग में बहुत लोगों की सास फalgताट है, पैर में सीन पेन होता है
01:05बहुत सारि ऐसी होती है फिर like high jump है सब वे प्राब्लम होती ही अब सबसे ही हो जाती है
01:11I am here for about two years, for Agni Viri training.
01:15I was here for three months.
01:17I have taken a full 15-15 foot exercise.
01:21We have been doing physical activity at 5.30 to 5.30 to 5.30.
01:26We have been doing physical activity at 5.30.
01:29After 5.30, we have been doing a lot of exercise.
01:34It is a very difficult task, but it is a difficult task.
01:39It is a difficult task.
01:41I am looking forward to seeing some of the exercises of fitness.
01:47They are also used to keep training.
01:51We have been doing a lot of training for this training.
01:53We have been doing a lot of exercise.
01:58I am also working on my own self-fitness and practice for this training.
02:05I feel better and better.
02:08ुशिरीडाम सैन्य प्रस्रिक्षन सेंटर के संचालक पन्नालाल कहते हैं कि जब वे सेना में थे तो 36 गड़के युवाओं की संख्या ना के बराबर थी
02:32इसे देखकर उन्होंने रिटार्मेंट के बाद ट्रेनिंग सेंटर चलाने की ठान ली और अब यहां से कई युवा अलग-अलग सुरक्षा शेत्र में हैं
02:44सबसे पहले तो आपको बहुत-बहुत धन्यवाद कि आप हमारे पास में आकर कि इतने सुबह हमारे बच्चों का मनुबल बढ़ाया और स्वाए मेरा भी मनुबल बढ़ाया मैं 1988 में आदमी में भरती हो करके गया था फरवरी माह में और कारिजल युद्ध के बाद 2005 में र
03:14तो हम यह सोचे कि अब की बार जब भी हम रिटायर्मेंट जाएं तो हम निसूल का ट्रेनिंग चला करके हमारे 36 गड़ के जवानों को फोज में आने के लिए प्रेडित करेंगे निसूल का ट्रेनिंग देंगे और इसी तरीका से मेरे पास यहाँ पर कौसिल्या माता विहा
03:44नई भी एयरफोर्स इन सब में मेरे जवान अभी तक लगभग चले गए हैं
03:491988 से 2005 तक पन्ना लाल ने सेना में रहकर देश की सेवा की
03:57इसके बाद भी उनका जज़बा कायम रहा और अब वे निसूल की ट्रेनिंग सेंटर के जरिये देश सेवा में लगे हुए हैं
04:07रितेश तंबोली, रायपूर, ETV भारत
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