00:00संगीत का कांचमहल और गुम हुआ सुर निशुलक e-books पढ़े mimiflix.com पर बहुत समय पहले एक जादूई कांचमहल था जिसकी दीवारे और हवा तक संगीत बनाती थी.
00:12उस संगीत की आत्मा थी राजकुमारी अनुगूंज जिसकी आवाज इतनी मधुर थी कि पक्षी भी गाना छोड़ देते थे. एक दिन उसका सुर गायब हो गया. रानी ने कहा जब वह अपना सुर पाएगी तभी महल फिर गाएगा. अनुगूंज ने खोच शुरू की. मौ
00:42जाना सक्चा. साहस डर को आवाज देने में है और तब से कांचमाल फिर संगीत से भर गया.
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