00:00ननी राई और जादूई मिट्टी की बूदे, निशल की बुक्स पढ़े Mimiflix.com पर एक हरे मैदान में ननी राई रहती थी, इतनी छोटी की कोई उसे देखता तक नहीं था, एक दिन आकाश से चमकती बूंद गिरी, बोली मैं जादूई मिट्टी की बूंद हूँ, मैं उ
00:30तो राई के पास एक पत्ती निकली, मिट्टी ने फुस्फुसाया तू बढ़ती जा, फिर बादल आया और धूप ढग गई, राई डर गई, नीचे से आवाज आई जब उपर से रोशनी, ना मिले, तब भीतर से चमकना सीखो, राई मुस्कराई, कुछ दिनों बाद वहा
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