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  • 3 months ago
उगते सूर्य को अर्घ्य देकर छठ महापर्व का समापन हो चुका है। छठी मइया ने देश वासियों पर तो आशीर्वीद बरसाया ही, साथ ही व्यापारिक जगत पर खासी मेहरबान रही हैं। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स यानि कि कैट के आंकड़ों के मुताबिक छठ महापर्व के दौरान देश में हजारों करोड़ रुपये का व्यापार हुआ है।


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00:00उगते सूर्य को अर्ग देकर छट महापर्व का समा बने चुका है।
00:05छटी मैया ने देशवासियों पर तो आशिरवाद बरसाया ही, साथ ही व्यापारिक जगत पर भी खासी महरबान रही।
00:12Confederation of All India Traders याने के कैट के आकणों के मताबिक छट महापर्व के दोरान देश में हजारों करोड रुपे का व्यापार हुआ है।
00:42बिहार, जहारखंड और पूरवी उत्तरप्रदेश छट पूजा के मुख्य केंद्र बने हुए हैं।
00:48इन राजियों में इस पर्व को लेकर सबसे ज़ादा भीड देखी जाती है और पूजा के सामानों की माग भी बहुत ज़ादा बढ़ जाती है।
00:56दिल्ली सरकार ने 1500 घट बनाए और पूजा सामगरी, अस्थाई, धाचों, सुरक्षा और साफ सफाई से जुड़ी विवस्था को लेकर एक बड़ी राशी इन पर खर्च की गई।
01:06देश भर में पारंपरिक कारीगरों, बास और केले के पत्ते की तोकरी बनाने वालों और गुर बनाने वालों को बढ़ावा देने के लिए स्वदेशी छट केमपेंग चलाए गई।
01:17इस पहल के साथ छट के मौके पर लोकल हैंडिक्राफ्ट और स्वदेशी उत्पादों की जपरतस्त बिकरी दर्ज की गई।
01:25इस खास त्योहार पर छट सामगरी बनाने के दोरान भी काफी जादा व्यापार हुआ।
01:30इसके अलावा घाट बनाने, लाइटिंग, साफ सफाई, नाव सर्विस और सुरक्षा इंतजाम जैसी त्योहार से जुड़ी सर्विसेज में भी काफी जादा व्यापार हुआ है।
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