00:00एक समय की बात है एक गाउं में चश्मे वाली चुडैल का आतंग था चुडैल गाउं के लोगों को अलग-अलग तरीके से हमेशा परिशान किया करती थी एक दिन रामू अपने खेप पर काम कर रहा होता है तभी चुडैल वहाँ आती है
00:21क्या कर रहे हो राज्जा
00:24और फिर चुडैल रामू के हाथ से उसकी कुदाल चीन कर पेड़ पर जड़ जाती है
00:31ए भगवान अरे चुडैल दीदी यह तुमने क्या किया अब मैं काम कैसे करूँगा
00:38अरे जल्दी से उससे नीचे फेख दो दीदी अभी मुझे बहुत काम करना है
00:47चुडैल रामू के कुदाल नीचे फेंक देती है और वो सीधे रामू के साग परागिरती है
00:54अरा मर गए आरे तेरा सत्यादाश हो
00:58अरे बेवकूफ तुमने ही तुका था नीचे फेंक तो मैंने फेंक दी
01:11चुडैल हस्ते हुए वहाँ से चली जाती है
01:17एक दिन गिर्दारी अपने दहेज में मिले नए स्कूटर को चलाने के लिए
01:22घर के बाहर सड़क पले आता है
01:24तभी उसकी पत्नी उसे आवाज देती है
01:26अरे सुनिये जी आप अपना बटवा घर पर भूल गये हैं
01:32इसे लेते जाईए
01:33गिर्दारी स्कूटर पर चाबी लगी छोड़कर बटवा लेने घर के अंदर चला जाता है
01:39तभी वहाँ चैश्मे वाली चुडैल आ जाती है
01:42और स्कूटर पर लगी चाबी देखकर हस्ते हुए कहती है
01:46कितना बड़ा बेवकूफ है
01:53स्कूटर पर चाबी लगी छोड़कर चला गया
01:57अब तो इसे मैं चलाऊंगी
02:00और जैसे ही चुडैल गिर्दारी का स्कूटर लेकर वहाँ से भागने लगती है
02:08तभी गिर्दारी उसे देख लेता है और उसके तीशे भागता है
02:11चुडैल गिर्दारी का स्कूटर लेकर दूर निकर जाती है
02:30इसी तरह आए दिन चुडैल गाउं को किसी ने किसी तरह परिशान करती रहती थी
02:34दीरे दीरे सरवी गाउंवालों में उस चुडैल का खौफ इतना बढ़ जाता है
02:38कि कुछ गाउंवाले तो उस चुडैल की रोज रोज की हरकतों से तंगा कर
02:42हमेशा कि ये गाउं छोड़कर चले जाते हैं
02:45एक दिन हरिया अपनी बैल गाड़ी में बहुत सारा अनाज लाद कर
02:50उसे बेचने के लिए शेहर के और जा रहा होता है
02:53तभी अचानक रास्ते में उसे चश्मे वाली चुडैल मिल जाती है
02:58हरिया चुडैल को देखकर बहुत घपरा जाता है
03:01जैसे ही चुडैल हरिया की और बढ़ती है
03:20अचानक वहां तीज हवा चलने लगती है
03:23और आसपास पड़ी धूल मित्ती उड़ने लगती है
03:26तभी हरिया दिखता है कि चुडैल को कुछ नहीं दिखाए दे रहा
03:30और वो अंधों की तरह ही चलने की कोशिश कर रही है
03:34अरे ये क्या हो गया
03:36अचानक दिन नराद कैसे हो गई
03:39मुझे कुछ दिखाई नहीं दे रहा
03:42फरिया समझ जाता है कि चुडैल को बिना चश्मे के दिखाई नहीं देता
03:47वो भाग कर गाउं जाता है
03:49और गाउंवालों को चुडैल की इस कमजूरी के बारे में बता देता है
03:53तब ही गिजदारी कहता है
03:55अरे वाह
03:57क्या बड़िया कबर लाए हो और या
03:59अब आया ना उल्ट पाड़ के नीचे
04:01अब हम उस चुडैल को अच्छा सबग सिखा सकते है
04:05बस किसी तरह उसका चश्मा में मिल जाए
04:08लेकिन उसका चश्मा लाएगा कौन
04:11तबी भेर से बाहर निकल कर बबबन सामने आता है
04:17और कहता है
04:17आप सुभी गाउंवाले चिंदा मत करिए
04:20उस चुडैल से उसका चश्मा मैं ले आओंगा
04:23बस मुझे एक दिन का समय दीजिए
04:25फिर अगले दिन बबबन एक सुटकेस में
04:28कुछ चश्मे रख कर जंगल की और निकल पड़ता है
04:31काफी देज जंगल में चलने के बाद
04:34बबबन ठक कर एक पेड़ के नीचे बैठ जाता है
04:37तभी अचानक चश्मे वाली चुड़ेल
04:39उसी पेड़ से नीचे उतर कर
04:41बबबन के सामने आकर खड़ी हो जाती है
04:43और उससे कहती है
04:45एह कौन है तू और यहां क्या कर रहा है
04:50अरे चुड़ेल दिदी मैं तो तुम्हें ही डूंड रहा था
04:54चुड़ेल हैरानी से बबबन से पूछती है
04:57अरे कहीं तुम पागल में नहीं हो गया
05:00लोग तो मुझे देखते ही भाग जाते है
05:05और तू मुझे ढूंड रहा था
05:08अजेब आदमी है तू
05:11अरे चुड़ेल दिदी मेरी चश्मे की दुकान है
05:15ये क्या तुमने तो बहुत पुराने जमाने का चश्मा पहन रखा है
05:19अगर तुम कहो तो मैं तुमें इसी वक्त नया चश्मा दे सकता हूँ
05:24मेरे पास बहुत बढ़िया बढ़िया चश्मे है
05:27फिर बबन चुड़ेल को कुछ चश्मे दिखाती हुए कहता है
05:30ये चश्मा बड़े से बड़े आंधी तुफान से तुमारी आँखों को बचाएगा
05:35इसे लगाने के बाद तुमारी नजर चील कीतने तेज हो जाएगी
05:39फिर तुम अपने शिकार को दूर से ही देख सकोगी चुड़ल दिदी
05:43अरे वाँ
05:45ये तो बड़े काम का चश्मा है
05:48ला ला जल्दी से मुझे दे दे
05:51हाँ हाँ अभी देता हूँ
05:57पहले वो अपना पुराना चश्मा तुम मुझे दे दो
05:59मुझे देखना पड़ेगा
06:01इन में से कौन सा चश्मा तुमारे लिए सही रहेगा
06:04चुडेल जल्दी से अपना चश्मा उतारकर बबन को दे देती है
06:08और बबन चुडेल का चश्मा अपने सूटकेस में बंद कर लेता है
06:12अरे इती देर क्यों लगा रहा है
06:15जल्दी फिर मुझे चश्मा दे
06:17चश्मे के बिना मुझे कुछ दिखाई नहीं देता
06:20क्या कर रहा है तू
06:23जबी बबन हस्ती हुए कहता है
06:26अरे बेवकुफ चुडेल अब ये चश्मा तुझे नहीं मिलेगा
06:32बहुत दिनों से तुने पुरे गाउं को परिशान करके रखा था
06:36अब बटकती रहे इस जंगल में
06:38आज से तू चश्मे वाली चुडेल के नाम से नहीं
06:41बलकि अंधी चुडेल के नाम से जानी जाएगी
06:44बैटर चला अपने गर
06:46फिर बबन चुडेल का चश्मा लेकर उस जंगल से गाउं लोट जाता है
06:52और वाचुडेल हमेशा के लिए अंभी बन कर उस जंगल में भटकती रह जाती है
06:57पर फिर कभी किसी को नुकसान नहीं पहुचा पाती