00:00पास्डिवसी दिवाली उत्सो की शुवाद से पहले मनाय जाने वाले गोवच से दौदशी के पर्व का हिंदू धर्म में विश्यस महत्तो बताये गया है
00:11अब इंदू पंचांग के नुसार हर साल कार्तिक मास के कुष्णपक्च की दौदशी तिथी की गोवच से दौदशी मनाय जाती है
00:18अब इस साल 17 ओक्चुबर 2025 को ये पर्व मनाय जा रहा है और इस पर्व को देश के अलग-अलग हिस्सों में विभिन नामों से भी जाना जाता है
00:26महराश्ट्र में जहां इसे वसु बारस के नाम से जाना जाता है तो वहीं कुजरात में गोवच्च दौदशी को बाग बारस या फिर बच बारस कहा जाता है
00:36मैं जबकि आंदर प्रदेश में इसे श्री पाद श्री वल्लब के श्री पाद वल्लब अराजना उत्सों के नाम से भी जाना जाता है
00:45अब ऐसे में इस सब बहुत खास आउसर पर आप अपने मित्रों को अपने परिवार जनों को शुब कामनाई देते हैं
00:51पर आपको बताते हैं कि आपको कैसे अपने मित्रों और परिवार जनों को शुब कामनाय संदेश भीजने हैं लिगम से पहले नुशकार महास अतोश और आप बोल्ट स्काई तेख रहे हैं
01:01गौ माता करतीन सदा भावल सागर से पार इनकी तुम सेवा करो जीवन देंगी तार गौवत सद्वादशी की शुब कामनाय से
01:23इसी वजोशज रही मिश्ठानों की सेज गौवत सद्वादशी की शुब कामनाय
01:29गुबर करता है यहां इंधन का भी काम, गौ सेवा जिसने की उसके हो गए चार उठाम, गौवत से द्वादशी की शुब कामनाया
01:39जहां गौ माता की रक्षा एवं सनवर्धन होता है तो था उन्हें पुईंचे भाव देकर पूजा जाता है
01:45वव्यप्ति समाज और आश्टर निश्चित ही वैभो को प्राप्त करता है गौवत से द्वादशी की शुब कामनाया
01:52तो दोस्तो सनातन धर्म में गौव माता को भीहत पवित्र और पूजनिय माना जोता है यसी माननिता है कि गौव माता में सभी देवी देवताओं का वास होता है
02:01अब इसलिए उनकी पूजा की जाती है भाविश्य पुरान के मताबिक गाय के प्रिष्ट देश में ब्रह्मा, गले में विश्णू, मुक में रुद्र, मध्य में समस्त देवी देवता, रोम कूपो में महर्शिगण, पूच में अनंतनाग, खुरों में सभी परवत और न
02:31देवी देवता ही प्रसन्न नहीं होते हैं, बलकि इससे पित्तरों का भी आश्रवाद प्राप्त होता है, फिलाल आप सभी को बोल सके के तरफ से भी गौवत सुद्धादशी की धेरों शुब कामना है
03:01झाल
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