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  • 2 days ago

शादी का कॉन्सेप्ट उतना ही पुराना हो चुका है, जितने कीपैड वाले फ़ोन, टाइपराइटर और फ़िल्म कैमरे। बेरोज़गार, गरीब भारतीय लड़कियों का खर्च उठाना बंद करें और उन्हें अपने परिवारों के साथ ही रहने दें। अगर आपको शक है, तो फ़ैमिली कोर्ट और SIFF की मीटिंग में जाकर असलियत देखें। शादी के कानून जान-बूझकर एक जेंडर के खिलाफ़ बनाए गए हैं, ताकि दूसरे जेंडर की हिफ़ाज़त करने का दिखावा करके मुनाफ़ा कमाया जा सके। भारतीय महिलाओं को पैसे कमाने, हुनर सीखने या बिज़नेस शुरू करने के लिए क्यों बढ़ावा नहीं दिया जाता? तलाक़ के समय महिला सशक्तिकरण कहाँ गायब हो जाता है? अगर महिलाएँ बच्चों को जन्म दे सकती हैं, तो पैसे कमाना उनके लिए काफ़ी आसान होना चाहिए। भारतीय पुरुषों को पैसे के लिए परेशान करना बंद करें और गरीब भारतीय महिलाओं से शादी करना बंद करें।
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00:56to say not to comment in the comments. Thank you.
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