00:00साथ अक्टूबर दोहजार पच्चिस यानि आज रूस के राष्टपती व्लादमीर पुतिन अपना तिहत्रमा जनम दिन मना रहे हैं।
00:16आज पुरी दुनिया पुतिन को एक सक्ट रहस्यमई और ताकतवर नेता के रूप में जानती है लेकिन उनका बचपन बेहत ही कठिन और संघर्षों से भारा रहा है।
00:46में बहुत सारी मुश्किलों से गुजरे थे। पुतिन के दो बड़े भाई बचपन में ही गुजर गए थे एक बिमारी से और दूसरे युद्ध के दौरान।
00:54पुतिन को चमतकारी बच्चा कहा जाता था बचपन में क्योंकि उनका बचना ही एक चमतकार के रूप में था।
01:00बता दे कि पुतिन के पिता एक फैक्टरी में मजदूरी करते थे और मा शणकों की सफाई किया करती थी। घर में बहुत ज़्यादा गरीबी थी, खाने की कमी थी और चारो और तंग गलिया थी जहां पर चूहे घूमते रहते थे।
01:14पुतिन का बच्पन इन्हीं चूहों से लड़ते हुए जगरते हुए बीता लेकिन ये हालात उन्हें मजबूत बनाते चले गए। जब महले के बच्चे उन्हें डराने की कोशिस करते थे तो पुतिन डरते नहीं थे, डटकर मुकाबला करते थे। पढ़ाई के साथ साथ
01:44एजंट बनने का सपना पैदा हुआ। कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद पुतिन साल 1975 में सोवियत संग की खुफिया एजंसी के जीबी में भरती हो गए। वहां उन्होंने जासूसी और मनुवज्यानिक रणीती की गहरी ट्रेनिंग लिए। फिर साल 1985 में उन्हे
02:14पुतिन को जल्द ही अपना मिशन खत्म करना पड़ता है। उन्होंने के जीबी के सारे गुप दस्तावेज जलाकर नश्ट कर दिये। ताकि वो दुष्मनों के हाथ ना लग जाए। गलत हाथों में न चले जाए। बता दे कि साल 1991 में सोवियत संग का पतन हो गया। पु
02:44देसला ने और आर्थिक योजनाओं को संभालने की जिम्मेदारी दी गई। धीरे धीरे पुतिन प्रशाशनिक दुनिया में उपर चड़ते चले गए। साल 1996 में सोपचाक चुनाव हार जाते हैं तो पुतिन वापस मास को चले आते हैं। वहाँ उन्होंने ततकालिन रा�
03:14साल 1999 में वो रूस के परधानमंत्री भी बन जाते हैं। उसी साल चेचन्या में हुए हमले ने रूस को हिलाक कर रख दिया। पुतिन ने सक्ती से जवाब दिया। रूसी सेना भेजी और चेचन विद्रोहियों को पुचल डाला। रूस को एक मजबूत नेता की जरूवत �
03:44इनों बाद चुनाव होते हैं और पुतिन 53 फिस्दी वोट हासिल कर चुनाव जीत जाते हैं और फिर वो रूस के राष्टपती बन जाते हैं। उसके बाद तो जैसे सत्ता पुतिन के लिए ही बन जाती हैं।
03:552004 में फिर से राष्टपती बनते हैं, 2008 में रूस के प्रदान मंतरी बनते हैं और फिर 2012 में फिर से राष्टपती चुने जाते हैं। इसके बाद अब संविधान में बदलाव करके पुतिन 2036 तक रूस के राष्टपती बनने का जुगार बना चुके हैं। यानि वो 2036 तक �
04:25में शामिल भी कर सकती हैं
Comments