00:00कब है शरत पूर्णीमा?
00:04क्यों इस दिन चांदनी में रखी जाती है खीर?
00:08कहानी होश उड़ा देगी
00:10शरत पूर्णीमा का पर्व हिंदू धर्म में विशिश धार्मिक और आध्यात्मिक महत पर रखता है
00:25यत्योहार हर साल आश्विन मास की पूर्णीमा तीथी को बड़े ही शरधा और भक्ती भाव से मनाया जाता है
00:34इस दिन चंद्रमा अपनी संपून सोलहे कलाओं से युक्त हो कर पृत्वी पर अपनी किर्णों द्वारा अमरित की वर्षा करता है
00:43मान्यता है कि शरध कूर्णीमा की राद जब चांद अपनी संपून तेजस्विता के साथ आकाश में होता है
00:51तब उसकी किर्णों में औशध्या गुण होते हैं जो कि शरीर और मन को आरोग्या और सकारात्मक उर्चा प्रदान करते हैं
01:00यही कारण है कि इस राद एक विशिश परंपरा के अनुसार घरों में दूध, चावल और चीनी से बनी खीर को खुले आसमान के नीचे चंद्रमा की रोश्णी में रखा जाता है
01:12यह खीर राद भर चांद्री में रहने से अमरित तुल्य होती है और अगली सुभ है इसका सेवन करना अत्यांत पुर्ण्य अदायक है
01:22माननेता है कि शरत पूर्णीमा की राद चंद्रमा से पढ़ने वाली किर्णे खीर में औशधिया गुण भर देती है
01:30जो कि रोगुं से मुक्ती, मानसिक, शान्ती, सौभाग्या और सम्रिधी प्रदान करती है
01:37ये परंपरा नकेवल आध्यात्मिक विश्वास का प्रदीख है बलकि आयूर्वेदिक दृष्टिक पूर्ण से वैज्ञानिक मानी जाती है
01:45क्योंकि चंद्रमा की शीतल किर्णे शरीर की वात, पित्त और कफ दोशों को संतुलित करने में काफी सहायब होती है
01:54इस वर्ष 2025 में शर्द पूर्णिमा का ये विशेश परव 6 अक्टूबर को मनाया जाएका
02:01क्योंकि पूर्णिमा तीथी 6 अक्टूबर को दोपहर 12 है बच कर 23 मिनट से शुरू हो कर अगले दिन 7 अक्टूबर को सुभे 9 बच कर 16 मिनट तक रहेगी
02:12लेकिन वर्ष और पूजा का परव 6 अक्टूबर को मनाया जाएका
02:22इस दिन खीर रखने और उसका अधिकतम लाव प्राप्त करने के लिए एक विशेश मुहरत निर्धारित किया गया
02:29पंचांक अनुसार इस वर्ष शरत पूनीमा की राथ खीर को चंद्रमा की राजनी में रखने के लिए उत्तम मुहरत रात 10 बच कर 37 मिनट से शुरू हो कर रात 12 बच कर 9 मिनट तक रहेगा
02:44इस अवधी को लाप और उन्नती का योग कहा गया जो कि अत्यंत शुब और फलदाई है इस मुहरत में रखी गई खीर को अगली सुबह सिवन करने से व्यक्ती की जीवन में शुबता उन्नती और आरोग्यता का आगमन होता है
03:01इसके साथ ही इस बार का शरत पूनिमा पर्व और भी खास बन रहा है क्योंकि इस दिन दुर्लब भादरपद नक्षत्र का सैयोग और व्रिधियोग का निर्माण हो रहा है जो इसे और भी अधिक फलदायक बनाता है
03:16चगडिया मुहृत में ये समय अत्यन तलाब कारी माना गया अधह शद्धालूं से आग्रह है कि वेस शुब मुहृत में खीर अवश्य बनाएं और चंद्रमा की शीतल किर्णों में रखकर तस्द्यव्य अम्रित स्वरू प्रसात का सेवन करें जिससे ना केवल शरी को आर
03:46मतकारों और भार्तिया संस्कृती की गहराईयों से जुडने का अफसर देती है
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