00:00तमिलाडू के करूर में 27 सितन्बर की वो भयावयराद जब नेता विजय की रैली में हुई भगदर ने 40 से जादा लोगों को हमेशा के लिए लींद के आगोश में सुला दिया
00:11इस भगदर ने राज ही नहीं पूरे देश को हिला कर रख दिया कि कैसे एक सामुहिक समहरो कुछ ही सेकिंड में जानलेवा बन गया
00:20करूर में होई ये घटना कई सवाल तो खड़े करती ही है साथ ही सोचने पर भी मजबूर करती है कि आखिर ऐसी घटनाएं हो क्यों जाती है
00:29जो पूरी की पूरी भीड में भ्रह्म पैदा कर देता है
00:41सवाल ये है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या किया जा सकता है
01:09विशे जग्यों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए संचार माध्यम बहुत महत्पून होते हैं
01:15जिसमें लाओड स्पीकरों की जरिए इसपश्ट निदेश देना
01:18मुबाइल फोन की जरिए समय पर अलर्ट पहुचाना
01:21और जमीनी इस्तर पर लोगों को उचित मार्क दर्शन देना
01:25ये सभी उपाय ऐसी तराजदियों को रोकने में मददगार हो सकते हैं
01:29हाला कि इन संचार माध्यमों पर अलर्ट देने के बावजूत कभी-कभी भीड बेकाबू हो जाती है
01:57ऐसे में सावधानी एक मात रास्ता बचता है
02:00और इसलिए आए जगों को आपात काली इस्तिती को ध्यान में रख कर भी पहले से अपनी प्लानिंग करनी चाहिए
02:07और सुरक्षा बढ़ाने जैसे फैसलों पर भी फोकस करना चाहिए
02:27आए जगों को पिछली घटनाओं से सीखना संचार माधिमों में सुधार करना
02:31और इसलिए जगों को खेचना ना चाहिए
02:55माधिमों में सुधार करना और इमर्जन्सी रिस्पोंस सिस्टम को मजबूत करना ही
03:00एसी घटनाओं को रोकने का एक मात रुपाय है
03:03पर दो
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