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  • 11 months ago
जयपुर जिले के आसलपुर गांव का नाम भी माता आशापुरा के नाम पर ही पड़ा. जानिए मां आशापुरा की महिमा...

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00:00RASDHANI JAPURA SEMA 55 KILOMETR DUR ISTHIT ASALPURA GAUN
00:08YAHAN MATA, AASHRAPURA PAHARI POR EGUFA MEN VIRAJMAN HAY
00:12JAHAN DREVY KAY BRAHMANI SOROOP KAY PUJA HOTI HAY
00:15AASHTMI TITHI BHADWA SUDDI MAATAJI KAY PRAGATTE DIVAS MOOLTA HIY
00:20ISDIN MAATAJI KAY MUKHYP POOJA HO TEE
00:22AASHTMI TITHI KAY BHADWA SUDDI MAATAJI KAY PRAGATTE DIVAS MOOLTA HIY
00:24MATAJI KAY PRAGATTE MAULTA HIY KAY BOGATTE MAULTA HIY KAY PRAGATTE DIVAS MOLTA HIY
00:36ASALPURA AASHRAPURA AASHRAPURAN HAR TAHI TE ASAPURA DURYO NAM NIRDAAR
00:41ुपूर्वाद सुरूप
01:11पुजारी मोहिशर्मा बताते हैं कि बिक्रम संबत 699 में भादरपद शुकल अस्टमी को देवी पहाड चीर कर प्रकट हुई
01:21उन्होंने सामवर की राजा मानकराओ को सबसे पहले दर्शन दिये थे
01:25तब से हर साल भादरपद शुकल अस्टमी को आशापूरा माता जी का प्रागटी ओसब हर साल मनाया जाता है
01:32यह असलपूर पहाड़े के उपर स्वेम प्रकाटे स्थल है राजस्थान में यह प्रतम प्रकाटे स्थल था और विक्रम संबत 699 में माता रहिने ने यहाँ पहार फाड़ करके
01:48महाराजा माणकरावजी सामर नरेश को भाध्वा सुकला अस्टमी रहिवार की दिन दर्शन दिये थी यह चौहान वनसकी कोंड़ी भी है और यहां प्रति वर्ष भाध्वा सुकला अस्टमी का माता जी का प्रकाटे दिवस का मिला लगता है
02:07in which my mind is full of my heart,
02:11and my mind is fully full of my mind.
02:17It is so good that my mind is full of my mind.
02:25My mind is full of my mind.
02:28My mind is full of my mind.
02:31। । । ।
03:01। ।
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