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UPSC __ मूल अधिकार __ भारत का संविधान __ Polity By - Rajesh Mishra Sir
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00:00गुड मॉर्न अब्रिवन आज से हम फिर पॉलिटी के बाकिया ध्याय सुरू करेंगे बेसिक बात हमने आपको बता दिया था और उसके साथ हम देखेंगे कि राजवस्ता के बाकिया टोपिक या है आपने जब राजवस्ता के भी पढ़ा होगा तो देखो गया अप रस्ता�
00:30क्योंकि एक बड़ी समस्या है कि मालो की हम किसी दुगान पे गए और हमने का भई जूस हमें पीना है तो उसने का कि जूस अप ले लो लेकिन हमें ये नहीं पता चले पाए उसमें कौन-कौन से फ्रूट लगे हुए हैं इसलिए कहा भी जाता है कि पहले फ्रूट देख ल
01:00और एपल औरेंज इस सारे एक-एक से फ्रूट्स को देख लें फिर उसके बाद हम कॉंप्रेस करके उसको प्रस्तावना बना देंगे तो इसलिए प्रस्तावना हम सबसे अंत्व में पढ़ेंगे इन्हें हमारे से लिए से बड़ी सारी चीजिएं जैसे लिखी गई है उस
01:30के बाद ऐसे आगे बढ़ेंगे इसलिए देखें कि मूल अधिकार अब हम पहला से लिए बसका पार्ट शुरू कर रहे हैं उन्हें फिर कहा प्रस्तावना भी आगे हम पढ़ेंगे नागरित्ता भी हम पढ़ लेंगे थोड़ा अध्यांस के बाद लेकिन जो पहला मूल प
02:00उसके बाद फिर हम देखें किसका अध्यानम कैसे करते हैं मूल अधिकार में जिन शीज़ों का अध्यानम करेंगे उसमें पहले हम ये देख लेंगे कि मूल अधिकार के परकार कितने है
02:13इन्हें कितने प्रकार के फंडामेंटलाइट हमारे संभिधान में हैं और अगर उन फंडामेंटलाइट की बात करें तो देखिए समानता का अधिकार और एक-एक चर्चा करेंगे
02:26यह कितने प्रकार की अधिकार हमारे सम्विदान में है
02:31पहला समानता का अधिकार
02:33उसके बाद फिर स्वतंतरता का अधिकार
02:37उसके बाद फिर
02:44और अगर आर्टिकल आप जानना चाहें
02:47तो समानता का अधिकार अनुच्छ 14 से 18 तक
02:51स्वतंतरता का अधिकार अनुछेद 19 से 22 तक
02:56फिर सोशन के विरुद्ध अधिकार
03:00राइट अगेंस्ट एक्स्प्लोटेशन
03:03उसमें है अनुछेद 23 चौबिस
03:10फिर हैं धारमिक स्वतंता का अधिकार
03:14और एक एक एक एक जाम्पल आपको बताएंगे
03:16पहले हम देख लें क्या पढ़ना है में फिर देखेंगे कि धारमिक स्वतंतरता का अधिकार
03:2225 से 28 और आपको हम बताएंगे आर्टिकल इंपोर्टेंट नहीं है
03:32उसके विचार हम पढ़ेंगे और जो महत्रून आर्टिकल होगा वो हमें एक पता चल जाएगा
03:37हम ऐसा बच्चों बिचार देखना है नजरिया बदलना है
03:40इसलिए हम पहले concept देखेंगे फिर तत्य पर आएंगे
03:45पहले आप आर्टिकल की पीछे मत पढ़िए कि हम उसे 14 पढ़ना सुरू कर दिया
03:49पंदर पढ़ना सुरू कर दिया
03:50पहले ज़र हम देखेंगे कि fundamental right का मतलब क्या है
03:53उसके बाद फिर अलपसंख्यकों के अधिकार
03:56अलपसंख्यकों के अधिकार
04:03right of minorities
04:05और फिर ये है 29-30
04:08एक अधिकार जो मूल संभिधार में था
04:12अभी उसको delete कर दिया गया है
04:13उसको मार के भागा दिया गया है
04:15वो विचारा था संपत्तिक अधिकार
04:17इसलिए अब तो रहा नहीं
04:19लेकिन प्रकार में अंतिम है
04:21छठा है 6 है
04:23ये हमें सारे मूल अधिकार के प्रकार पढ़ने है
04:26जो छठा में पढ़ना है
04:29वो है संभैधानिक उपचारों का अधिकार
04:32सम्मेधानिक उप्चारों का अधिकार
04:39इतने प्रकार का अधिकार हमें पढ़ने है
04:48अब फिर जब हम पढ़ लेंगे एक एक करके
04:51फिर इन सम्में अंतर संबंद आपको बताएंगे
04:54उसके बाद हम क्या देखेंगे
04:57ये प्रकार देख लिया, फिर हम क्या देख लेंगे, कि अधिकारों का फिर महत तो क्या है, अधिकारों का हमें इंपॉर्टेंस आप देखेंगे, कि अधिकार ना होतो क्या होगा, यानि क्यों अधिकार को फंडामेंटल को फंडामेंटल कहां जाता है, इस बात से हमा तो दे
05:27मूल अधिकार च्छीने जा सकते हैं।
05:32क्या मूल अधिकारों का संसोधन संभव है।
05:36क्या ये च्छीने जा सकते हैं।
05:37क्या मूल अधिकारों पर संसोधन संभव है।
05:40या मूल अधिकारों पर सीमाएं लगाई जा सकती है।
05:45यानि ये कह लिए कि आप इसी बात को लिए मूल अधिकारों की प्रकित क्या है, नेचर, प्रकित का मतलब है नेरिपेक्ष है या सापेक्ष है, मूल अधिकारों की प्रकित क्या है, नेरिपेक्ष है या सापेक्ष है, ये भी हम देखेंगे, मूल अधिकारों की प्रकित क्या
06:15कि मूल अधिकार का मूल कर्तव और निदेशक तत्तों के साथ क्या संबंध है।
06:23मूल कर्तव का और मूल अधिकार का निदेशक तत्तों के साथ संबंध।
06:33निदेशक तत्तों के साथ संबंध। यह पॉइंट हम देखेंगे।
06:37इतनी बात हमें मूल अधिकारों पढ़ना है, प्रकार क्या है, महात्यों क्या है, फंडामेंटल ये फंडामेंटल क्यों क्या लाते हैं, और समय आप जानते हैं हमार बरतमानी वात खूब देखेंगे, और फिर उसमें संसोधन कैसे है, सीमा क्या है, यानि क्या मूल अधिकार
07:07नकारत्मक है सकारत्मक है
07:09और कई बार तो ऐसे भी डिविजन होते हैं
07:12कौन से मूल अदिकार नागरिकों को है
07:14कौन से मूल अदिकार विदेशियों को है
07:15यह सब भी बेसिक बाते आपको हम बता देंगे
07:17और फिर हम देखेंगे मूल करतब
07:19और निदेश्टत्त्तों के बीच में क्या संबंद बनता है अब लेकिन हम सुरू क्या करेंगे मुलदिकार पहला हम देखेंगे प्रकार इसलिए भागतीन अब दर सोचके देखे मुलदिकार पर अनेस फेले आपको ये बता दे अगर भारती संबिधान एक हमारा घर है तो व
07:49और घर बनाने वाले हम है अब सवाल है कि जब हम घर बनाएंगे तो घर बनाने वाला अपने लिए घर में विसीछ इंजाम करेगा तो ये बत हमें धियान में रखना है कि संबिधान बना लेवारे हम भारत के लोग हैं अब जब हम भारत के लोगों नहीं संबिधान बनाया
08:19इसका मतलब है राश्पती, उपराश्पती, उसके बाद प्रधार मंत्री, यह हमारे लिए थोड़ी था, लेकिन जो चीज हमने सबसे महत्मों रखी वो था, मुल अदिकार, क्योंकि हकिकती बात तो यह है, अगर आप यह पूछे हमसे, कि भारती संभिधान में, कौन सा एक �
08:49बेना मुल अदिकारों के तो लोगतिन की कलपना ही नहीं है, और आप यकीन मानिगर मुल अदिकार ना होता, फिर तो सरकारित आना शाही हो जाती, इस वजए से इस अध्याय का बड़ा महत्तो है, इस भाग का बड़ा महत्तो है, और यह भी आप देख लिजे, कहा भी जात
09:19अधिकार का महत्तो क्यों बढ़ जाता है, क्योंकि अंगरेज हमारे उपर इतना दिन साषन करते रहे, अरे अंगरेजों के समय भी वाइस राय था, अब राश्पती के बज़ा वाइस राय कह लीजे, अंगरेजों के समय भी तो मुक्षी मंत्री का अंदर प्रीमियर, गॉ
09:49लेकिन जो बात पहली बार हमें मिला, फंडामेंटल राइट, कितनी गड़ी बात थी, इसे दोस्तों हम लाए हैं तुफान से किस्ती निकालके, और जब हम तुफान से किस्ती निकाला हमने, उस किस्ती में जो सबसे महत्पून बात हमें दिखी, फंडामेंटल राइट, इ
10:19पुलिस बड़ी अच्छी थी अरे मेरो दोस्ता अंग्रेजों के समय कितने लोग मार पीट के एंडमान भेज दे जाते थे उनका अज तक पता नहीं चला
10:29लेकिन आज fundamental right है fundamental right है कि हमसे अगर मोदी भी नाराज हो जाए नितिस कुमार भी नाराज हो जाए वह प्रधान मंत्री हैं यह मुख्य मंत्री हैं बड़ी-बड़ी हैसियत वह लोग है तो यह हमारे कुछ नहीं कर सकते है क्योंकि याद रखिए fundamental right हमें है प्रधान मंत्री को �
10:59सर कैसे तो बात फुरी शुरुबात कर दे कि प्रकार क्या है समानता स्वात अंतरता कैसे सबके समन आपस बंते हैं पहले एक-एक बताएंगे फिर आपस में समन बताएंगे और फिर अब देखें क्या जबर्जस अधिकार हमें सम्मिधारन माताओं ने दे दिया और यह अ�
11:29कि हमने सत्र लोग सवाचनाओं को रा लिए पच्चिस बिदान सवाचनाओं को रा लिए लोगतंतर के असले इंसानी तो यह है कि लोगों को फंडामेंटर रिट कितना है
11:38अब देखें फंडामेंटर रिट कैसा है ज़र आप आपको वर्याद दिला दिया अब देखें पहला हम देखेंगे समानता कदिकार अब एक ही कदिकार की बात हम कर ले अब हम पहला क्या देखेंगे समानता कदिकार तब तो हम एबात स्वष्ट होगी कि इसका कितना ज्या
12:08चौदा है समानता का दिकार में, 15, 16, 17, 18, चार समानता की बात कीगी है, लेकिन चारों में सबसे महत्मून चौदा है, यह भी आप कहेंगा सर, चौदा समानता से fundamentalism शुरू हो रहा है, आजादी से नहीं है, कहां किसी चीज की शुरूआत हो रही है, इसको भी बड़ा महत्त ह
12:38विदी के सासन से देश चलता है, बागिस्त्वर धान से नहीं, अथिकल आपने खुबने उजम सुन रखा होगा, मेरे बच्चों, यह देश हमारा विदी से चलता है, बाध्यान रखिए, यानि हमारे धर्मकरण से नहीं, परंपरा से नहीं, प्रथा से नहीं, संबिधान म
13:08बार बार इस बात को repeat करेंगे इस देश में विधी का शाशन है, धर्म का नहीं, परमपरा का नहीं, प्रथा का नहीं, अब विधी का साशन है तो आप जानते हैं विधी हमारे हमे जानसत बनाएगी राज में विधान्सभाय� yolk मनाएगी.
13:23लेकिन, क्या इस विधि में, क्या ये विधि, क्योंकि विधि जब संसत बना देगे, विधान सब बना देगे, ज़रा सोच के देखे, अब मान लिजे हमने कोई बना दिया, घरेलू हिंसा निवारक अधनियम, या अभी इसका एक्जामपल हम बाद मिलेंगे, एक हमने विधि
13:53अधने जब विधि बना दिया, उस विधि के समख्ष सभी समान होंगे, ये बहुत बड़ी बात है, सभी समान का मतलब है, अब दर सोच के देखे, वे कितनी बड़ी बात है, एक तरफ हमारे यहाँ, अमबानी है, दोस्तों, अमबानी घर ही 23 मंजले का है, मुमभी में अन्
14:23होगा, वही विधि लागू होगी, जो आम आदमी पर हो, इतनी बड़ी बात है, ये दोस्तों, आप जरह देखिए, हमारा समाज तो देखिए, समाज में कोई गरीब है, ये अब जरह सोच के देखे, अमबानी पर जो विधि लागू होगी, वही सलमान खान पर, और जो वि
14:53और इतना ही नहीं, जो विधि रिक्सा चालक पर लागू होगी, वही विधि प्रणार मेंतरी, मुख्य मेंतरी पर भी लागू होगी, ये है समानता कदिकार, इसलिए पहला हमारा फंडामेंटल ही क्या देता है दोस्तों, आप याद रखिए, समानता का मतलब कितनी बड़
15:23कोई जमीदार है, कोई बहुत बड़ा संपन्य विक्ति है, लेकिन इस देश में संपत्य के हिसाब से, जयते के हिसाब से, धर्म के हिसाब से, कानून के हिसाब से, धर्म के हिसाब से विधियां नहीं बनती, बलकि इसे हमारे हाद नियाई पालिका में कभी अब जाएंगे,
15:53खिलाफ एक केस आया हीटन रन का यानि उनकी कार किसी को मार के भाग गई तो वो बच इसलिए पाया है कि कार उनका ड्राइबर चला रहा था
16:03यह जड़ा सोचके देखे सलमान खान के उपर जो केस लागू होगा वही उनके ड्राइबर के उपर भी लागू होगा
16:10जब कि जो रिक्सा वाला अगर रिक्से वाले ने किसी के हत्या कर दी तो वही विधी लागू होगी जो किसी बड़े लिख्याद में हत्या कर दी किसी की
16:20इसलिए इंट्रेस्टिंग पार्ट है
16:23जो कई हमारे देश में माफिया हैं
16:25बड़े बड़े लोग हैं
16:27उनके उपर भी वही विदियां लागू होती हैं
16:29जो आम बैक्त के उपर कितना
16:30रेडिकल विचार है दोस्तों
16:32कितना कमाल का विचार है
16:34इसका मतलब है
16:36आप दिरा सोच के देखे
16:38अब यही बाता नुच्छे चौदा में लिखी गई है
16:40विदिके समक समानता
16:42पशे कहा भी जाता है नुच्छे चौदा का मतलब क्या हो गया
16:46कि सब लेक्ते विदिके समान
16:48एक ही बात को है नहीं के पांस तरीक आप लगा लीजे
16:50अब इसी बात को पर लिखा जाए
16:53तो किसका मतलब क्या हो गया
16:54समानता का दिकार का मतलब है
16:56सब ही विदिके समक समान होंगे
16:59इसी कहने का लग-लग तरीका है
17:02सब ही विदिके समक समान होंगे
17:08यानि याद रखिये
17:09सब ही पर समान विदिलागू होगी
17:11देप की हैसियत सब क्या लग है भाई
17:13सम्मिदान लिख दिया गया, समाज में तो हैसियत लग लग है
17:16कोई प्रोफेसर है, कोई चपरासी है
17:19इसे कोई फ़र्थ नहीं पड़ता, सब बराबर
17:22तो विदी की देवी की सामने सब बराबर है
17:25इसलिए इसका सीधा मतलब हो गया
17:30विदी सरवच होगी, विक्ति नहीं
17:33इसका मतलब ये भी हो गया
17:36इसका मतलब ये भी हो गया
17:39कि विक्ति की जाती, अद, उसकी प्रतिष्ठा
17:47अकुपेशन कुछ भी हो
17:49उसलिए समान विदी होगी
17:51और आपको अगर याद होगा
17:55कितेने बड़ी पुलिस अधिकारी बंजारा जिल में
17:59तो बात याद रिखे हमारे माव यहां दोस्तों पुछी का शाष्षन नहीं है विदी रिखी नीचे है
18:10पुलिस है विदी को क्रियानविद करने के लिए इस साषन दरोगा जी का नहीं है
18:13इसका मतलब है कल के लिए कोई विधानसभा कोई संसद ऐसा विधी बना दे जो आम जनता से इस समानता का दिकार छीन ले तो उसके खेलाफ हम नयाले में जा सकते हैं
18:34अगल है अब अलग अलग कैसा इसलिए अब नयाई पाली को हम देखें और इसलिए नयाई पाली का हमेसा एक ही बाते विचार करें गया दोड़ा नयाई फुर्ण हे थानकि यह जाता है
19:02तो संसत की द्वारा अंदिर में विधियां क्या है?
19:05सुनार वाला काम है, एक विधि बना दिया, दो विधि बना दिया
19:07एक तरफ देश की हजार विधियां, एक तरफ अकेले अनुच्छे चौदय
19:11अनुच्छे चौदय के खेलाफ कोई विधि नहीं हो सकती
19:17इसलिए फंडामेंटल राइट, कोई विधि मने, इसे आप अनुच्छे चौदय के वोले एक आर्टिकल मानके में चलिया, का अनुच्छे चौदय, अनुच्छे चौदय सब पे भारी, ये खली है, और आप जानते हैं, खली है, और ये विधियां क्या है, संसत द्वारे वि
19:47तो अनुच्छे चौदय ने कहा, अब क्या जाती, धर्म, पद, प्रतिष्ठा, किसी, यानि जो विधि प्रणार मंत्री पर लागू होगी, वही विधि किस पर लागू होगी, आम नागरिक पर, ये बड़ी बात हो गई, इसे कहा भी जाता है, हमारे हैं कोई बड़ा नही
20:17ये बताओ, यानि अनुच्छे चौदय की बात हम आगे बढ़ा दे, यानि समानता के अधिकार को आगे बढ़ा दे, व्याद रिखिए, पहले समानता कहां स्थापित होगी, लौ से, आप कहोगे सर, ये बताओ, फिर उत इसका मतलब है कि एन भी हो ली मारी, तो समानता का �
20:47तो इनको पर समान भी लगेगी, लेकिन अगर ये ही एक्जांपल है कि हमारे राश्ट्रपति या राज्यपल, अगर मोहन ने हत्याकदी रमेश की तो सौभाई करूप में मोहन जिल में बंद होगा, हमारे हम विद है भारती दंड संगीता की धारत 302, वो जिल में जाएग
21:17अगर सभी के लिए समान भी लगो होती है, तो फिर आप पूछेंगे सरी ये बताओ, राश्ट्रपती महोदे, राज्यपल महोदे और अपने राश्ट्रपती राज्यपल का नामा प्याद कर लो, अगर राश्ट्रपती और राज्यपल महोदे भी, राश्ट्रपती राज
21:47दोस्तों हमारे सब बिदी के समान हैं लेकिन एक एक जामपल यह है दूसरा है कि माल यह आप को होगे सर अमेरिका का भारत में राजदूत है भारत में अमेरिका का राजदूत है और अमेरिका के राजदूत ने क्या किया भारत में अमेरिका का राजदूत है और अमेरिका के �
22:17अब क्या होगा? आप पुछो के सार यह बताओ सबके साथ समान बे औहर होने चाहिए, आपने तो यह बता है? लेकिन दोस्तों आप जानते हो, आप याद रखो, इसलिए कहा भी जातक हमारे अदिकार हमें, हमारे सम्मेधान अदिकार निरेपेख्ष नहीं है।
22:32निर्पेक्ष मतलब है कोई परिश्थिती कोई विक्ति इक ही अधिकार लागो होगा ये निर्पेक्ष सब्सक्रा मतलब है पद्र disp escol म अधिकार बदल जाए
22:49इस समय के तुम हें अधिकार बदल जाए इसे �efでも हुआ हे पानी है हरज इसे ह कि इस सॉ साल पहले कि ह deg ASí
22:59लेकिन अगर साफेक्ष है इसका मतलब ना अलग-अलग बेहर किया जा सकता है
23:28अभी दुबदाब करेंगे, आप सर कहेंगे, आप तो कहेंगे, सर यह लो, एक बार तो बता दिया कि समानता का मतलब है, समान बे ओहर, और समान बे ओहर का मतलब है, क्या PM, क्या CM, क्या DM, सबके साथ समान बे ओहर होगा, क्या PM, क्या CM, क्या DM, सबके साथ समान बे ओहर होगा,
23:58आप नियूज में देखोगे कि अलगला कंडिशन आ जाती है इसलिए दोस्तों हमारे हां समानता का अधिकार बिलकुल नेरे पेप्ष नहीं है यानि हर परिष्ट में हर वेक्ति के साथ एक जैसा बेवहर नहीं होगा कि अरम्भी ग्रूप में जा हम समझते हैं तब एक जैसा
24:28इसका मतलब भारती समन्विनान में अधिकार निरिपेक्ष नहीं है बलके साथ पेख्ष है साथ्पेक्ष किसके पत के साथ जैसे के समय के निरिपेख्ष � downside की बात याद रखेगा
24:41निर्पेक्ष का मतलभ है, जब मैं हम ऐसा सच बोलू, यही बात है, कल परसौं, आजकल, सापेक्ष का मतलभ है, परिस्तियां अलग होने पे मेरी बाद बदल जाए, सापेक्ष, उसको कईसे adaptation, अब ले दीजिए, इसका मतलभ है, अब सापेक्ष अदिकार के हों, इसलिए कहा
25:11अम्मिदान केवल दो को ये विसीष सुभिधा दे रहा है केवल राश्वतिय और राज्यपाल मुख्य मंत्री नहीं पथान मंत्री नहीं राजिस दिकारी नहीं ना DGP
25:21इसलिए न सीम न पीम न डीम
25:24बलकि यहाँ पर क्यों बला है राश्वती और राज्यपाल
25:27और राश्वरी राज्यपाल के लिए क्या है पहली बात
25:29इनके पद पर रहने के दावरान
25:33बाद ध्यान बखने की है पद पर रहने के दावरान
25:35रिटार्मेंट के बाद नहीं है
25:37अगर ये अपने पदपर
25:40स्वभाई कुरूप में
25:42अगर ये अपने
25:43पदपर है
25:45पदपर रहने के दावरान
25:48यानि बार-बार
25:51हम आप कोई बार प्रिपीट कर रहे है
25:52रिटार्मेंट के बाद नहीं है
25:54पद पर रहने के दवरान
25:57इनके खिलाफ
25:59आप याद रखिए
26:00इनको कभी भी
26:02हिरासत में नहीं लिया जा सकता
26:05और यह आप जानते हैं
26:09हिरासत में लेने काम कौन करता है पुलिस
26:11आप कहेंगे सर यह कौन सी बात हो गई है
26:15आहम ब्यक्ति को हिरास्त में लिया जा सकता है
26:17इसका मतलब मोहन ने रमेश के हत्या कर दी हिरास्त में लिया जाएगा
26:21अगर राष्टपती ने प्रधान मंद राज्यपाल ने किसी के हत्या कर दी हिरास्त में लिया जाएगा
26:27तब ही सापेक्ष हो गया, यह इनके साथ भेदभाव हो गया
26:30या कहले यह बिसेश सिस्थी मिल गई
26:33और दूसरा, याद रखिए इनको हिरासत में नहीं देज़ेगा पहला
26:38और इनको कभी भी अपने पदक पर रहने के दावरान
26:43किसी भी कारे के लिए इन्हें नियायले में नहीं बुलाए जाएगा
26:48नियायले के समक्ष नहीं बुलाए जाएगा
26:57और यह बिया दिला दे, इसका मतलब है और इनके खिलाफ
27:03यह बात हमें साथ रखिए, हमारी हाँ दंड देने की संस्था के उल नियाले है
27:09यह बात मैं आपको याद दिला दूँ, पुलिस काम दंड देना नहीं है, पुलिस का काम है दंड को लागू करना मेरे दोस्तों, हमारे हाँ के वल जज ही किसी को दंड दे सकता है, इसलिए इनको अगर जज दंड देगा तो राजेपाल राश्पति को नियाले कहीं बुलाए
27:39करेगी, फिर उसके खिलाब चार्ज लगाएगी, चार्ज सीट फाइल करेगी, फिर नियाले मिले जाएगी, तो नियाले पुछेगा, हाँ बाई बताओ, उनके खिलाब क्या रोप है, पुलिस बताएगी, अब तो किसी को दंड मिलता है, लेकिन जब राज्यपाल राश्�
28:09आपका वे नाना सर, खाप पंचायत, टीचर, टीचर और हमारे गुर्जी थे, ऐसी बच्चों को पिटाई किरते थे, पूछो मत, कई बार मेरे प्यारे बच्चों, कई बार टीचर भी पीड देता है, कई बार बापू भी पीड देते हैं, लेकिन इस संभिधान के खिला�
28:39राष्परी राजपाल को बुलाए नहीं जा सकता, इसका सीधा सा मतलब, आप कहोंगे साथ, गर कोई राजपाल गोली मार जे तब भी तब भी, हत्या कर तब भी, राजपाल को नहीं बुलाए जागे, इसका मतलब है, बात है, पद पर रहने के दवरान, रेटार्मेंट हो
29:09कोई मुकदमा बना रहेगा न सुरू होगा, इसका मतलब है, राष्पती राजपाल खिलाफ कोई मर्डर का मामला पहरे चल रहा है, और जिस दिन वो राष्पती राजपाल बन गया, उसी दिन वो नियालय में केस बंद हो जाएगा, जब वो रिटायर हो जाएगा, फिर के
29:39आरम किया जाएगा, ना बना रहेगा, ग्यान दिला दे, ना तो सुरू होगा और सुरू है, इसका मतलब है, किसी आदमी ने मर्डर किया, राजपाल राष्पती बना दो, ठीकि मेरे बयारे बच्चों, ऐसा नहीं होता, क्योंकि हाकिकत की बात है कि बड़े संबैधानिक �
30:09अगर इनको ऐसे थोड़ा सा शूट दी गई है, इसका ये मत मानो कि यार फिर तो अच्छा तरीका सर ने मता दिया, मर्डर कर गवर्णर बन जाओ, नहीं, मेरे प्यारे बच्चों, जरा संबिधान के दृष्टी कौन से इस बात को देखो, तो संबिधान इनमाता है, ये म
30:39मर्यादा के ध्यान रखेगा, इसलिए, आज अज तक कभी ऐसा नहीं हुआ, किसी मडर को गवर्णर राश्पदी बना दिया गया हो, याद रखो, आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ, हाँ, ये जरूर हुआ है, कोई राज़े पाल है, उसके खिलाफ ऐसे आरोप लगे, मद्ध
31:09आज भौन में जाओ, गवर्णर तो, ये आज भी है, कि गवर्णर खिलाब कोई मामला नहीं चलेगा, लेकिन आप पहोगे, और ये सम्विधान के, इसका मतलब है, अनुच्छे 14 में समानता की बात का पहला पवादी आ गया, और कहोगे सर ये बताओ, ये राश्पती रा�
31:39में कहावती, King can do no wrong, राजा कभी कोई गलती नहीं कर सकता, क्यों ये राजा काम ही नहीं करता, अरे बच्छों, देखो राश्पती राजपाल बनता का, उन्हें सत्तर साल के उमर के बाद कोई विकती, और उने रिवाचित तो है नहीं, राश्पती तो है नहीं, राश्पत
32:09अरे बच्छी करते हैं, दादा जी क्यों करें ऐसा काम, इसलिए ऐसा काम कभी नहीं करेंगे, और कभी कोई वेक्तिन के खिलाफ नयाले में जाये भी नहीं, ये भी बात भाए भारत में, कई बार देखा होगा, अब आप शहर में पढ़ने चले आए, आपके परोसी से आप
32:39तो भारत में कई बार रोख परसनल दिस्मनिक करण ऐस देले आते हैं, फायर करवा देते हैं, इसलिए राज्यपाल राश्पती को हटाया गया है, ये इसे शाधिकार दिया गया है, कि कोई बिला वज़ा परसनल दिस्मनिक करण है, भी इनके खिलाफ कोई थाने में जाके �
33:09इसलिए हमने का ये तने बड़े पद हैं कि इन पर छीछाले दर न होने पाए इसलिए हमने ऐसा विशेष आदिकार इनको दे दिया आप पूछेंगे सर कि सनुच्छे मैंनुच्छे 361 में
33:20361 में और ये भी बात याद रखने की है लेकिन आप कहोगे सर ये बताओ ठीक है राश्पती और रज्यपाल खिलाप आपराधिक मामला तो नहीं चल सकता और आप याद रुखो नियाले में दो प्रकार के मामले जाते हैं एक आपराधिक हत्या डकेटी मर्डर नियाले दो प
33:50मामले हैं फौजदारी मामले हैं उसमें तो राश्पती को छूट है और किंदल का मतलब है कि जब एक व्यक्ति दूसरे के हत्या कर रहा है तो उसका प्रफ़व पुरे समाज पर है भै अगर मोहन ने रमेज के हत्या कर दी ये रमेज के हत्या नहीं है पूरे लोग विवस्
34:20है दूसरा मामला कौन सा है सिब्ल दीवानी अचा वाला दीवानी नहीं जो हूं आप से मसले अगरा ने का मतलब है समपत्य के जगड़ा अचा पती पत्रिये होने के कोई उमर नहीं होती कभी जगड़ा हो जाए तो आप को सरी ये बता ओ गवर नर् सहाब के पत्ने के बी�
34:50तो आप को जाएगा, यह पवाद है, यह पवाद है, यह पवाद है, यह पत्नी का जगड़ा, संपत्य का जगड़ा, यह सिविल मामले, दीवानी कहिए, सिविल कहिए, आप उसे
35:18सिविल कहिए, दीवानी कहिए, इसका मतलब है, यह मामले जा सकते हैं, अब मालिजे को गवर्णर है, भाई, भाई के साथ संपत्य का जगड़ा हो गया, यह मामले नयाले में जा सकते हैं, यानि संपत्य के मामले में, विवा के मामले में, राश्टपती, राज्यपाल, खिला
35:48राज़ेपाल को विसी सदिकार मिला हुआ है
35:51यह बात हमें ते हो गई
35:53यह बात है स्वष्ट हो गई
35:55लेकिन आप फिर दूसरा सवाल पूछेंगे
35:58इसका मतलब है समानता इसलिए सापेक्षिक है
36:00क्योंकि यह दो पदों को थोड़ा पवाद बना दिया गया है
36:03और SN6361 में लिखा गया है
36:06इसे कई बर सम्विधान के एक आर्टिकल पढ़ते समय दूसरे को भी ध्यान प्रखना है
36:10दूसरा
36:12आप का उगए सर इनका यह राज़दूत का नाम क्यों लिखा
36:15प्याद रखें राज़दूत को समानता से कोई सुविधा
36:20सम्विधान में लिका गया है
36:25इसे कोछ परमपलए होती है
36:26दोस्तों आप याद रखो
36:28अब भारत का राज़दूत अमेरिका में होगा
36:30अमेरिका का राज़दूत भारत में होगा
36:32तो यह संहियों की बारत सब्सक्राइब कि
36:34दुनिया की कानून अलग अलग होते हैं, भारत में हम कार चलाने के लिए दाहीं तरह बैटते हैं, अमेरिका हम लोग बाहीं तरह बैट कार चलाते हैं, तो मालो की अमेरिका में चालान के नहीं हम अलग हैं, हमारे हम चालान के भी अलग हैं, अब आप जरह सोच के देखो, हमा
37:04मामुली कपड़े पहन के से दोड़ रहा है, उसको पुलिस हिरासत में नहीं लेगी, इसलिए राजदूतों के लिए भी विदि के समख समानता का विचार लागू नहीं होता, उन्हें भी छूट मिलती है, लेकिन ये छूट बेवहरिक रूप में है, सर्मिधान में इसका उल
37:34के दरबार में अंगद गये थे, तो ये बात भी विच्ण ने कहा था, भाई राजदूत को हत्या नहीं करते, नहीं पता चला गर राजदूत को मारने के धंकी हो जाए, फिर तो यूक्रेन के राजदूत को रसिया मार देगा, क्योंकि रसिया का यूक्रेन से जगड़ा च
38:04देखा दा दिग है, उनके ऊपर समानता का सिद्धानता पुवाद होता है, राशपति और राज़पाद, वाखी लोगों के लिए हमारे यहाँ विदी एक ही लागई होगी, अब वो चाहे कोई महराज हो, कोई मोलीवी हो, कोई राशपति हो, कोई पुलिस अधिकारी हो, �
38:34फर्नाडी स्पोर, BMW गिफ्ट में दिया, सुचीतना पड़ा पैसा जमा लिया उसने, उसके बावज़त पुलिस ने इसको विलागवा इहरासंतर रखा वे चलो, विदी का उलंगन किया जाओ पीशे, और आप देकर नीरो मोदी इसे लोग भाग खड़े हुए, आप अब हो
39:04संप्रभूता है, कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं, आपने सुना ही होगा, इसका मतलब है, एक बात हम ने समझ ली, कि फंडमेंटल एट में पहला फंडमेंटल एट किया है, समानता का दिकार,
39:34यहीं सब बराबर, समानता के दिकार में सब के साथ बराबरी का बेवहार होगा, कोई बड़ा नहीं, कोई छोटा नहीं, तो आप जला सोचके देखें, दोस्तों, कितनी बड़ी बात है, क्यों जो हमारा समाज है, उसमें कुछ लोग कहते हैं, बड़े हैं, यहीं हकीकत की �
40:04राश्पति और राज्यपाल का, क्योंकि उब्यवहारी कारण थे, कि ऐसे पद है, जो सम्मेधानिक हैं, उनको पॉलिटिसाइज न किया जाए, तो मैंने का भाई चलो, आपको भी शेश अदिकार दे देंगे, और राजदुत्तों को उब्यवहारी क्रूब में दे दिया,
40:34अब अब दूसरा सवाल पुछोगे, आपको कि सरी ये बताओ, ये कौन सिया समान अधिकार है, टकासिर भाजी, टकासिर खाजा, अंदेर नगरी, चोपट राजा, भी सब के साथ एक जैसा बेवहार, ये तो बड़ी जीब सी बात है, भी सब के साथ एक जैसा बेवहार, य
41:04सब को ये सामने अधिकार दे दिया, सब के सब भी बिरी के समझे एक समान, ना कोई छोटा, ना कोई बड़ा, आप कहोगे सरी ये बताओ, ये इसमें हमें लफड़ा समझ में आ रहा है, क्योंकि अब सवाल ये है, कि ऐसा कैसे होगा, समाज में परिस्तियां तो लग-अलग
41:34बैसा मानता कि ये भी मतलब है कोई भेदभाव नहीं हुगा, लेकिन आपका है कुछार एक समस्या, और समस्या ये है, कि मान लीजिए एक व्यक्ति दिल्ली में रह रहा है, एक व्यक्ति दिल्ली में सेंटिस्टिफन में पढ़ाई कर रहा है,
41:52आपके व्यक्ति ये बताओ, एक व्यक्ति दिल्ली में सेंटिस्टिफन में पढ़ाई कर रहा है, उसके पिता प्रफेसर है,
42:10और दूसरा दूसरा व्यक्ति शतिस गड़ के जंगलों में बैठा हुआ है,
42:22और वो जन जाती समुदाई का व्यक्ति है, और चुकि आपने बताई दिया कि समानता का दिकार होगा,
42:38इसका मतलब है कि दोनों अगर सिविल सेवा में परिक्षा देना चाहते हैं, तो दोनों के साथ एक जैसा बेवहर होगा,
42:48यही तो भी तो गमाद मतलब समझा,
42:49सभी के साथ एक जैसा बेवहर, तो सभा एक ग्रूप में, सब एक जैसा टैक्स देंगे,
42:58सब के साथ एक जैसा बेवहर होगा, तो आपको किस सार अभ्यताओ, दिल्ली में सेंटिस्टी फन में पढ़ने वाला बच्चा,
43:05और च्छतिस गड़ के सुदूर जनजाती छेत्रों में रहने वाले, एक बच्चे के साथ, एक जैसा बेवहर के सीखिया सकता है,
43:13इसको किसी तरीके से स्कूलिंक सुद्धाय मिले, जद्दो जैद करके दली आउलिया खाके पढ़ने बचारा गया,
43:21और अब हम कह रहे हैं, हम समान ताग बेवहर करेंगे, और दूसरा भी एक्जामपल हो सकता है,
43:26अब ही अब देखेंगे कि लड़के हैं, उनको पढ़ने कि सुद्धाय मिल गई,
43:31लड़कियां हैं परिवार में बिचारी अफिजद्दो जैद कर रही है,
43:34हमारी घर में कहा जा रहा है कि नहीं, बेवह लड़कियां कैसे पढ़ेंगे,
43:37इनका काम तो घर गर्स्ती चलाना है, शादी करना है,
43:41अब सवाल यह उत्पन होता है मेरे बच्चों कि जब समाज में परिश्टियां अलग-अलग हैं,
43:47तो क्या एक समान बेवहर करने समानता है कि यह और समानता बढ़ जाएगी,
43:51समस्या तो यह रही है, अरे एक समान बेवहर तब करो प्यारे भाईयों,
43:59जब सब की, वै दोनों प्रोफेसर के बच्चे हैं, दोनों सेंटिसिपन में पढ़ते हैं, तब तो एक साथ बेवहर करो,
44:03यहां तो परिस्टियों में बड़ी भिन्नता रही है, यहां तो परिस्टियों में अंतर आ रहा है, इसलिए एक बच्चा गाउन बैठा हुआ है, जो किशी तरीके से पढ़ाई कर पा रहा है,
44:20दूसरा बच्चा अच्छे कॉलेज में गया, आपको सब बराबर, सब बराबर, यह बात हमारे सम्मेदान निर्माता जानते थे, इसलिए भी दोस्तों, एक तरप तरुन 6-14 में कहा गया, सब के सा समानता होगी, इसको कहा गया, विदी के समख समानता, ठीकिन अगले ही मु
44:50कुछ लोगों का प्रोटेक्शन करेंगे, क्योंकि यह वंचित समाज के लोग हैं, इसलिए हमारे हान 6-14 में दूसरी बात लिख दी गई, विदी का समान सम्मानता नहीं, समान, सद्दों पर ध्यान देजे, इक्वल प्रोटेक्शन, के विदी का समान होना पर यात नहीं है
45:20हम किसका सम्मान करेंगे, जो वंचित है, हम किसका सम्मान करेंगे, जो हार्शिय पर है, इसका मतलब कैसे सम्मान करेंगे, उनके लिए कुछ अलग बिदी बिनाएंगे, कुछ अलग पॉलसी बिनाएंगे, इसलिए दोस्तों, अगर आप देखोगे, हमारे हाँ पूरे हिं�
45:50पैसले आपके नाम हो, जिन जाती शेत्रों में कानून नहीं है, जन जाती, शेत्र जहाँ पे बसे हुए है, वो जमिन उनकी है, बहले उसके नाम सादेके रिजनद्री नहीं है, अंतरगर्दी हुमनेयरे, यानि चोकि इनकी स्थिई,
46:06संरक्षन का मतलब है किसका संरक्षन
46:08जो वंचित है किसका संरक्षन
46:10जो हाश ये पड़े
46:11इसलिए
46:14समान था का मतलब सभी के साथ
46:16समान व्योहर नहीं
46:17बलकि वंचित लोगों का समान
46:20संरक्षन
46:21उसलिए क्या करना पड़ेगा
46:23अब संडुक्षन के लिए में क्या करना पड़ेगा हमें या तो विदी बनानी पड़ेगी या तो कोई नीती बनानी पड़ेगी या तो कोई नीती बनानी पड़ेगी और विदी कैसे हमने बनाई
46:38forest dwellers act
46:40यानि forest dwellers act
46:422008 में बना
46:43तो यानि one
46:46forest यानि one
46:48जोद
46:50forest dwellers act
46:52बन जोद अधनियम
46:532008 में बना
46:56और इसमें कह दिया गया है
46:58कि जिन जाती जहां भी रह रहे हैं
47:01उस जल जंगल
47:02जमीन पर उनका मालिकाना
47:04हक होगा
47:05उनको हाँ से हटाए नहीं है सकता
47:08इतनी बड़ी बात है यह
47:10अभी सरकार तो हमारे कहीं
47:12highway बना तो किसी और समुदाय को अटा सकती है
47:14जन जाती को नहीं अटा सकती है
47:16अब इता ही
47:18आप कहेंगे सर यह विसेश बेवहार हो गया
47:21जन जातीयों को हमने
47:23विसेश अन्रक्षन दे दिया
47:24और आप जातीयों को हमारे दिस चलता हो तो विदी से है
47:27इसलिए विसेश अन्रक्षन देने के लिए या तो विदी बनाने पड़ेगी
47:31या पॉलसी बनाने पड़ेगी
47:33तो नीती क्या देंगे
47:34जन जाती समुदाय को हमने आरक्षन दे दिया
47:37अब हमने कहा
47:39कि अब सिबिल सेवा में
47:41परिक्षा के लिए
47:42सामाने किसी विक्ति को
47:44इस विक्ति को नंबर प्राप करना पड़ेगा
47:46800
47:46अगर ये UPSC में क्वालिफाई करना चाहता है
47:50इसको 800 नंबर प्राप करना पड़ेगा
47:52जन जाती समुदाय की विक्ति को
47:54600
47:55बेदभाव कर दी हमने
47:56आप कहोंगे
47:59ओ माई गॉड
48:00सर ये बताओ आप समानता की बात कर रहे हो
48:03बेदभाव की बात कर रहे हो
48:04अनुच्छे चोदर किसकी बात करता है
48:06मेरे दोस्तों
48:09समानता की बात भी करता है
48:10बेदभाव की बात भी करता है
48:13आप कहोंगे
48:25यहनी जहर देते हो और ना जो अंदाज से कहते हो पीना होगा
48:29और जब मैंने पी लिया है तो कहते हो मरते क्यों नहीं
48:34और जब मैं मरता हूँ तो कहते हो जीना होगा
48:39कमाल की बात है आप कहोगे सर यह तो बामला उलज गया
48:44एक बार आप कहरे हो समान बेवहार होगा, फिर कहरे हो बेदभाव होगा, यह अलग-अलग समधायक लिए अलग-अलग बेवहार होगा, तो यह बताओ समानता में क्या सामिल है, समानता या बेदभाव, और दोना बिरोधी है, दोना पूरक है, मेरे प्यारे बच्छो, समानत
49:14यह अमेरिका से
49:15यह हमने भेदभाव का तरीका
49:18अमेरिकी विदिसे सीखा
49:19समानता का तरीका बिर्टेन से
49:22फिर आपको और बताओ फिर आप
49:24समानता भेदभाव कैसे चलेगा सासा
49:26तो बच्चों अब जिखो
49:28समानता भेदभाव कैसे सासा चलता है
49:31जबकि हमें ही समझ में आता है, यह अभी हमारा discussion किस पर है, समानता के अधिकार पर, अब समानता के अधिकार में, एक तरफ समानता है, समानता है, अब समानता का मतलब है, सभी के साथ समान बे ओहर, समानता का मतलब ती होता है, सभी के साथ समान बे ओहर, जो हमने सीखा,
50:01जबकि बेदभाव का मतलब तो यह होता है, आसमान बे उहर, बेदभाव का मतलब तो होता है भाई, आसमान बे उहर किया जाएगा, अलग-अलग बे उहर किया जाएगा, जैसे आपको भाई बहन दोनों लोग हैं, अब भाई बहन को नास्ते में एक ही समान दलिया दी जाए,
50:31को सुखे रूटी दे दी जाए और सारे मलाई दर खाने भाई को दे दिया जाए
50:37क्यों इस भाई लड़ेगा भाई है कमाएगा बहन तो परायधन है थे वह और मैरे प्यारे भाई
50:58जिसको हम और एक है अतारकिक, एक है बेदवाय अतारकिक. अतारकिक बेदवाय कोन है? मेरे बच्चों याद रखो,
51:10अब IES को जो payment मिल रहा है, वो pieces को नहीं मिलेगा, और जो pieces को मिल रहा है, वो जरौगा को नहीं मिलेगा.
51:17ये भेदभाव तारकिक है
51:20ज्यान दखिए
51:22और इसलिए अरे बाई
51:25जो वंचित इस्थिम पैदा हुआ
51:27आप कहो कि सर ये बताओ
51:28जनजाती वाले एक्जामपल दे के बताओ
51:30तो जनजाती समुदाय के व्यक्ति को
51:33परिक्षा में कम अंग पर प्रवेश देना
51:36तारकिक बेदभाव है
51:38क्योंकि वो हाश्य पर पैदा हुआ
51:41उसको उतरी सिक्षाय नहीं मिली
51:42सुविधा नहीं मिली
51:43आतारकिक बेदभाव क्या है
51:46यानि
51:47जातिक आधार पर धर्म के आधार पर
51:50या एक-एक आई-एस है
51:53आतारकिक बेदभाव क्या है
51:54कि जातिक आधार पर दो AIS को अलग-अलग वेतन देना अतार्किक भेदभाव है
52:01यानि अतार्किक भेदभाव क्या है
52:04एगर दो AIS ओफिसर की जाति अलग-अलग है
52:09उनको अलग-अलग पेमेंट देना
52:12उनको प्रत्रक भेतन देना ये अतार्किक भेदभाव है
52:19फुरुस और महिला दोनों आईयसें
52:21दोनों को लग-लग बेतन देना
52:22अतारकिक भेदभाव है
52:24इसमें मेरे दोस्तों हूँ
52:27आप अगर यह सोचते हो समानता में
52:29हम बिल्कुल समानता स्थापिद कर देंगे
52:31इस जैसा वे वहार कर देंगे
52:32वो कभी नहीं हो पाएगा
52:33इसलिए समानता का मूल मतलब होता है
52:37अतारकिक भेदभाव
52:39अतारकिक का समानता समाब करना
52:42अतारकिक का समानता समाब करना
52:46अतारकिक का समानता को बनाए रखना
52:48यही मामला वे उच्छतमनले से पूशा गया
52:50इसलिए संबिधान नहीं करता है, बेदभाव के लिए संसदी विरी बनेगी,
53:17भेदभाव कौन करेगा संसे दीविरी के द्वारा भेदभाव कौन करेगा संसे दीविरी भेदभाव करेगी भेदभाव कौन करेगा राज्य की नीति के द्वारा भेदभाव होगा लेकिन कई बारे सागर राज्य के द्वारा भेदभाव होगा संसे द्वारा भेदभाव ह
53:47भेद भाव उचित है या अन्चित है इसकी जांच न्यायपालिका करेगा इसलिए विकाम अन्तित्त इसलिए भेद भाव उचित है तारकिक है या मनमानी है भेद भाव उचित है या मनमानी है इसकी व्याख्या कौन करेगा न्यायपालिका कोई पार्टी की स्वंस्था तो ह
54:17हर विदी सरकार की ज्यादतर पॉलसी को हम चनोती देते हैं अनुच्छे 14 क्या धार पेसित
54:24फंडामेंटल राइट है । अब हम दोस्तों इस लिए कहां भी जाता है फंडामेंटल राज्य की खिलाथ मिलता है
54:31आपको कि सर राज्य के खिला का सरकार खिला तो अकिकत की बात है और राज्य का ही बेवहारिक रूप है सरकार
54:39इवे मेरे दोस्तों राजी को आप देख नहीं सकते हैं
54:42बिए पूछों राज दिखाओ भारती राजी कहाँ है
54:44तो आपका कँसे भूबाग कदि दिखा सकते हैं
54:48जो भारती राज्य किस्मियर से कंद और भ Nós भूबाग दिख रहा है
54:51लोग हैं वह भी दिख रहे हैं
54:52सरकार है, वो भी दिख रही है
54:54लेकार राज्य तो कोहीं नहीं दिख रहा है
54:56इसे राज्य विचार है
54:58राज्य का वेवहरी कृुप सरकार है
55:00तो दोस्तों, फंडामेंटल राइड
55:02राज्य के खिलाफ मिलता है, कितनी बड़ी बात है
55:04तो आपको
55:06विप्ति खिलाफ नहीं मिलता क्या, राज्य खिलाफ का मतलब है संसद खिलाफ, राज्य खिलाफ का मतलब है विधाई का खिलाफ, P.M. खिलाफ, D.M. खिलाफ, C.M. खिलाफ fundamental right मिलता है, तरह सोचे देखे पिर तो Oh My God कितनी बड़ी बात है, विप्ति भार ही हो जाता है, fundamental right �
55:36और नियाइपालिका से पूछा गया, हां भाई बताओ, आर्थिक आधार पर आरक्षन दे नियाइपालिकान का विलकुल तारकिक भेरभाव है, यह नियाइपालिकान का आर्थिक आधार पर आरक्षन तारकिक भेरभाव है, योंकि जो पिछडे हैं, उनका संरक्षन होना �
56:06सामने हमेसा कोई-कोई मामला जाता रहता है
56:08इसलिए पूछेंगे
56:10सर ये बताओ कि क्या समानता में
56:12भेदभाव होता है बिल्कुल भेदभाव होगा
56:14बस ये है कि आतारकिक भेदभाव
56:16नहीं होना चाहिए अब आतारकिक भेदभाव
56:19क्या है कि जो पिछड़ा अदमी है उसको और पिछड़ा कर दो अतार की ग्वेदभाव है जो जनजाती समुदा के विक्ति है उसको मुख्यधारा में लाए जा आतार की ग्वेदभाव है महिलाओं को अभी भी घर में बांद के रखो अतार की ग्वेदभाव है इसलिए कई �
56:49सोचन करें, मेरे बच्चों, ये भेद बाव नहीं है, आंक के बदली आंक का सिध्धान पूरी दुनिया को अंधा बना देगा, याद रखो, इसका मतलब है आरक्षन देने का अधार ये नहीं है, कि पहले उची जातियों ने पिछड़ी जातियों को सोचन किया, अब पिछ�
57:19इसलिए इसलिए आरक्षन तारकिक भे दभाव है, इसलिए इसलिए इसलिए को पंचायती राज महिलाओं के लिए आरक्षन किया गया, तारकिक भे दभाव है, अरे महिलाओं किस ते घर से निकालना होगा, तब ही तो उनका उत्थान होगा, सिवाओं में अनसुची जाति
57:49तो मेरे प्यारे बच्चों, ये भी तारकिक वेद भाव है, क्योंकि अक्षे कुमार ने किसे से डाका मार के कार नहीं खरीदी है, अपने मेने से खरीदी है, और इसलिए अगर अक्षे कुमार के पास ये कार है, इसका मतलब है, अरे समानता का ये मतलब नहीं सूर कुमार या
58:19इन्हें समानता में विश्य साधिकार खत्म होगा लेकिन विश्य साधिकार का मतलब कैसा है कि जन्व्याद कोई राजा हो गया यह समानता के खिलाफ है विश्य साधिकार नहीं भेदभाव नहीं अतारकिक लेकिन समानता का यह मतलब नहीं है कुछ शल्था के खिलाफ हम जा�
58:49प्यारे प्यारे बच्चों सचिन फिन्दुकर ने जियोंने में तना मेहनत किया है इसलिए समानता और कुशलता साथ साथ चल सकते हैं समानता और भेदभाव साथ साथ चल सकते हैं लेकिन समानता में आतार की भेदभाव नहीं होना चाहिए यही है प्यारे बच्चों अनु�
59:19झाल
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