00:00।
00:30राश्ट्रवादी विचार और अंत्योदय के सिध्धांत विक्सित भारत के निर्मान में बहुत काम आने वाले हैं।
01:00पंडित दिन अलुपायदे जी की आज जन्म जैन्ति हैं।
01:07एक सो नो साल पहले पंडित जी का आज ही दिन जन्म हुआ था।
01:12पंडित जी हम सब की प्रणा के शुरूत रहे।
01:15आजादी के उपरांद भारत की ब्यवस्ता कैसे हो उसकी उपर अनेक बिमर्स हुए है
01:22मैं अगर सबसे कारगर और सबसे भारतिय मुल्यों की आधार पे कोई बिचार समाज की सामने आज है
01:28तो एकात्म मानव दर्शन जिसकी वाक्या पंडित दिन दियाल उपाध्य जी ने किया है
01:34अगर आप उनकी दो पंक्तियों को ध्यान से समझ ले तो हम उनकी पूरे जीवन चरित्र को समझ सकते हैं
01:53उन्होंने कहा कि समाज का विकास होगा तभी व्यक्तियों का विकास होगा
01:58कुछ व्यक्तियों के विकास होने से समाज का विकास नहीं होता
02:03तो जो बात उन्होंने एकात्म मानव दर्शन दिया
02:06वही भारतिय अर्थिय विवस्ता का या भारतिय प्रगति का मूल मंत्र है
02:11उसके सासा जो नोंने अंतिय उद्यो की बात की
02:14कि समाज के पिछले पायदान पे खड़े हर वेक्टी तक
02:18जब तक सरकार की सुवधाय नहीं पोंचती है
02:20तब तक भारत का उधार सम्भव नहीं है
02:22मुझे हर शीज़ बात का है कि मानने परदारमंतर जी की सारी योजनाए मानने दीन दयाल जी के जीवन दर्शन पर अधारी थे
02:29पंडित दीन दयालुपाद दहाय का जन्म 25 सितंबर 1916 को मतुरा के नगला चंद्रभान गाउं में हुआ था
02:38उन्होंने दुनिया को एकात्म मानवाद और अंतियोदय का सिध्धान्त दिया
02:43सरकार हर साल उनके जनम दिन को अंतियोदय दिवस के रूप में मनाती है
Comments