00:00पित्रपक्ष के दोरान गया आने वाले शर्धालों की नजर धाई फिट की रिता रानी प्रसाद पर अचानक ठहर जाती है।
00:07विल्चेयर से दिव्यांगों और बुजुर्गों को पिंड वेदी और मंदिर तक पहुचाना हो या फिर मेले की बिवस्ता संभालना।
00:14रिता रानी प्रसाद हर जगा नजर आती है।
00:44देश के अलग-अलग राजियों से आए शधालों रिता रानी की सेवाभावना और जज़वे को देखकर हैरान है।
00:51वो रिता रानी के होसले को सलाम कर रहे हैं।
01:14रिता रानी पेशी से सिक्षक हैं और बोध गया के धनवागाओं के मधिविद्याले में पढ़ाती हैं।
01:35उनकी सेवा भावना को देखते हुए जिलादिकारी शशांक शुभंकरणी उन्हें सेवा का ये काम सौपा है।
01:41इस काम में उन्हें NCC, नेहरो युवा केंडर, स्कॉट और गाड के बच्चों का भरपूर सयोग मिल रहा है।
01:48घरेलू हिंसा के डर से रिता रानी ने शादी नहीं की। छोटे कत की कारण उन्हें बच्पन से ही भेदवाव का सामना करना पड़ता था।
01:55तभी उन्होंने तैक कर लिया कि वो खुद को साबित करके रहेंगी।
01:59आज समासिवा की वदावलत रेखर आने की अलग पहचान है।
02:03ETV भारत के लिए गया से सर्ताज एहमत की रिपोर्ट।
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