00:00भारत पर पहले 50 फीस दी टरिफ लगाया और उसके बाद अब डोनाल्ड टरंप ने एक रात पहले जब भारत के पुधान मंत्री को दोश्ट बताया था और उसके 24 घंटे के बाद एक बार फिर से टरंप ने एक तरफा कारवाई करते हुए भारतियों के खिलाफ एक बड़ा
00:30प्रोफेसनल्स ज्यादा तर जो लोग आईटी सॉफ्ट्वियर और तमाम तक्निकी के छेत्र में काम करते हैं वो लोग अमेरिका में जाकर के
00:37एच वन भी वीजा लेते हैं और इसी वीजा के आधार पर वो वहां रहते हैं लेकिन अब एक कारेकारी आदेश देते हुए ट्रंप ने एच वन भी वीजा के लिए आवेदन सुर्क करीब एक लाख अमरीकी डॉलर कर दिया है जो की 88 लाख होता है
00:54ये अपसे पहले मामूली खर्च पर मिल जाया करता था लेकिन 88 लाख रुपई जर्णा सूची की कुई कमपनी किसी ELILY को लाने के लिए अपने आफिस में अपनी कमपनी में काम कराने के लिए एक साल में 88 लाख क्रुपई क्यों देगrict वो भी सरकार को उसके बाद उस कंप
01:24अमेरिका में विदेशी कर्मशारियों के लिए ये नई पॉल्सी खास कर भारती आईटी और टेक्नोलोजी से जुड़े हुए तमाम पेश्येवरों के उपर बड़ा असर डालने वाली है क्योंकि
01:35H1B वीजा सबसे ज़्यादा भारती ही लेते हैं और इनका लाब भी यही उठाते हैं लेकिन अब सवाल ये खड़ा हो रहा है कि अमेरिका की तमाम बड़ी कंपनियों में CEO से लेकर के निचले स्थर तक कर्मशारी भारती हैं चाहे वो सुन्दर पिशाई हो या फूर सत्या न
02:05हालां कि इसको लेकर के एक बाद इस पस्ट कर दें कि तमाम CEO लेबल पर पहुंचे हुए लोग चाहे वो सुन्दर पिशाई हो या फिर सत्या नडेला ये सब अमरीकी नागरिक हो चुके हैं ऐसे में ये गए तो H1B वीजा के माध्यम से थे लेकिन बाद में वहाँ नागर
02:35के करियर के शुवाहत में फर्क डाल सकता था है लेकिन अब वो चुकी अमेरिका के नागरिक हैं ऐसे में उनके उपर कोई असर नहीं डालेगा हालां कि एक बात और है कि नडेला ने एक वक्त में अपनी पतनी को अमेरिका लाने के लिए ग्रीन कार्ट छोन करके H1B वीजा
03:05और चुनोतियों का जो सामना होगा वो उसके लिए तयार है यानि अपनी तमाम कंपनियों को ले करके भारती जिन में हायर होते थे विदेशी लोगों को हायर किया जाता था उसका समर्थन करते हुए इस वीजा पॉल्सी के साथ खड़े आपको बता दें कि कुछ दिन पहल
03:35जाना वहां पर काम करना अब बहुत मुश्किल हो जाए क्योंकि वहां अब इनके लिए नौकरी कोई कंपनी देने से शायद ही आगे आवो क्योंकि आगे आने का मतलब है 88 लाग रुपए पर साल के हिसाफ से सरकार को देना
03:50साल 2025 में H1B वीजा के आवेदनों में पहले से ही 25 फीज़दी की कमी आचुकी है क्योंकि ट्रम्प शासन है और इसके बाद अब तो लगता है कि सिर्फ 2-4 परसंट ही लोग भारत के अमेरिका में रह पाएंगे
04:05हालांकि इसका फाइदा भी भारत को हो सकता है क्योंकि Microsoft और Google जिसे कमपनिया भारत जैसे जहां पर कम लागत में employee मिलते हैं वहाँ पर विस्तार कर सकती हैं
04:15भारत जैसे तमाम देशों में अब ये कमपनिया अपने offshore कारियाले खोल सकती हैं या फिर उन्हें विस्तार दे सकती जहां लागत कम है और talent की कोई कमी नहीं
04:26टरंप प्रशासन का कहना है कि इस कदम से ये सुलिशित हो रहा है कि अत्याथिक कुसल और जरूरी स्किल वाले विदेशी नागरेखी अमेरिका में काम करें बाकी जगे अमेरिका के लोग ही काम करें
04:38क्योंकि विदिश्ट से आने वाले लोगों को साथ हजार डॉलर में काम चल जाता है
04:43जबकि यहां के स्थानिये जो लोग हैं उनकी नियुंतम सैलरी पच्छतर हजार डॉलर रखी गई
04:49परहाल इसकाबर में इतना ही अप्डेट्स के लिए बने रही वन इंडिया हिंदी के साथ
04:53मुस्कार
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