00:28चाहे मुझे भूका मरना पड़े मैं हिंदू धर्म नहीं छोड़ सकता ये गौरवसाली संकल पुन्ने लिया है
00:36मा दुरगा भवानी रणचंडी की पूजा कोई मुरसे छुड़वाईगा ये कभी हो सकता क्या
00:43असंभव ना उस समय ना इस समय हमारे आदिवासी भाईविनों के इस गौरवसाली अतीत पे हमें सदेव करवा है
00:53उस समय भी ताक्ते हमको इस लड़ाना चाहती थी हमारे बीच फूट वजियत करना चाहती है
00:59अबी भी ऐसे बहुत सारे लोग मिलेंगे लेकिन मैं मान के चलता हूँ हमें अपने उस संस्कारों के बलबूते पर केवल संकरसा अरगुनाद सानी उनकी रानिया और रानिया भी नहीं उनके पोते अरे बताओ तीसरी पिडि तक तीसरी पिडि के बाद रानिय वंती भाई
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01:55आज हम जिस महानायक, गॉंडवाना के राजा संकर साक और रनाकसियर जी का बलिदान दिवस्प मना रहे हैं
02:03और ये पुरा गॉंडवाना सामराजे जो है, इसकी एक अपनी पहचान है
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