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  • 1 year ago
ETV Bharat की इस स्पेशल खबर में जानिए क्या है फरंगी महल का इतिहास और किसने कब लिखवाई थी सोने की स्याही से कुरआन.

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News
Transcript
00:00In the name of the Quran, the name is Alameen, the name is Alameen, those who are not a sin for his, the beloved.
00:16LAKNAUKKA FHIRANGI MAHAL ALAQA
00:19KHUD MEN SANSKRITI OR ITHAS KI ANEK YADO KO SEMMETE HUI HAY
00:23UNHIME EK HAY SONEK KI SIAHI SE LIKHI HUI QURÁN MAZEED
00:28300 SAL PURANI YA DHAROHAR ANMOL HAY
00:32KYOKI ISKI HAR EK AYAT SONEK KI SIAHI SE LIKHI HUI HAY
00:36YAHI VUJAH HAY KI LOKI ISA CHUNE SE BHI PARHESH KARTAY HAY
00:41BANIYA DRISTAN NAZAMI KEY ZAMANIKA HAY
00:43OR YAH PURA KORAHN MAZEED JAHE
00:46WOH SONEKI ROSHNAHI SE LIKHA GIA HAY
00:49YAH AKRI PANNA HAY SURAH ALHAMDUKKA
00:53YAH AKRI MEN TARRIF ALI GIA HAYI HAYI HAYI
00:591157 HIJRI
01:02YAH AKRI PANNA HAYI 1446 HIJRI
01:08YAH AKRI PANNA HAYI TARRIBAN 300 SAL KA HAYI
01:11AURANGJEEV ALAMGIR KI FARMAN POR MULLAH NIZAMU DIN LAKHNA HUA AYE
01:16OR YAH Bisco하고
01:19YAH AKRI PIDHA
01:20YAH AKRI PANNA
01:30Souni की सिहाई से लिखी कुरान को संजो कर रखने वाले
01:49फिरंगी महल का इतिहास आजादी की लड़ाई से भी जुरा हुआ है
01:53गांधी, नहरू, सरोजणी नाइडू और मौलाना आजाद जैसे सुतंतरता से नानियों ने यहां से देश की आजादी की आवाज बुलंद की
02:02लखनवु का ये पूरा छेतर फिरंगी महल का है
02:06पहले इसको फिरंगी महला कहा जाता था यानि इस छेतर में कई सारे महल थे
02:12फ्रांसी सी ताजिर यहां पर आते थे, अपने कामकाश करते थे और वैपार करते थे
02:18बाद में अबाशा और अनजैब ने इस पूरे छेतर को मौलानाओं के सुपुर्द कर दिया
02:25और यहां पढ़ाई का सिलसला शुरू हुआ
02:27फिरंगी महल का वो यह छेतर है जहां पर आज भी सोने की रोशनाई से लिखा हुआ कुरान मौजूद है
02:34नसरिव देश बलकि बिदेश के लोग यहां उस कुरान की जियारत करने आते हैं
02:40इटी भारत के लिए वीडियो जैनलिस्ट विजय वर्मा के साथ खुर्शीद हमद लखनौ
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