00:00तो बट मुझे लगता है कर्म ही पूजा है वो भी मैं मानती वर्किस वर्षिप और मैं वहाँ अपना फुल 100% दे रहे हूँ
00:15कि हर साल यह आते हैं और फिर हमसे बिछड जाते हैं अंगले सार फिर मिलने के लिए
00:20कि में सबसे पहले गणपति लाने की इच्छा जो है वो रही जी की थी अच्छा इस्ट मेरे हज्मन की
00:48आपके सारे विग्नहर्थ ले जाए यह सी मेरी मनु कामना है
00:52यह साल साप ला रहे हैं बफा अपने घर में यह यह ए तो उसके बताईए कि यह साल की जो गणपती चाहे वह गणपती किस तरह की लानी हो या किस तरह का करना हो
01:06कुछ क्या अलग सोच है और क्या अलग फुल्फिल हो पाया कॉंप्रीट हो पाया है देखिए हमारे हमें सबसे पहले गंदबती लाने की इच्छा जो है रोही जी की थी मेरे हजबन की और उन्हों नहीं जब इच्छा भूली तो मुझे लगा कि अभी तो मैं घर पर हूं कि �
01:36मेरे मदरें लौ मेरे देवरानी मेरी फैमिली का साथ है इस वज़े से हो पारी है जब मैं और आपाते हैं कि गड़बती बापा खुद हमारे घर आने के लिए आते हैं यह इनकी खुद की सवेचा है कि देखिए हर साल हम लेकर आपाते हैं सब कुछ कभी-कभी ऐसी भी ची
02:06चीज़े थोड़ा नॉमन होने लगती है और फिर हम सोचते हैं कि नहीं भपा को लाना ही है हम इनकों कहीं ना कि अपने परिवार का सदस्य जैसे हम मानते हैं कि हर साल यह आते हैं और फिर हमसे बिच्छर जाते हैं अगले साथ फिर मिलने के लिए अगर बात करें कि यह आज �
02:36अपने अपको प्रेजन रखा उस पूजा कहा हैं यॉथ यॉथ आया या यॉथ थो बीचयों छुछ सिट्टीर में नहीं कर पाई हूं इन्ट पोटो में वाट्सेप पर चूस किया था रोही को बताया था। और बाकी मगताती अबदी अबदा इन जाते हैं चुछे
03:06मूर्थी है वह बच्चों ने चूस की है कुछ जाके पंडाल में तो क्योंकि इस बना नहीं पाई मैं पिछले दो सालों से बना नहीं पारी बना मैं खुद से मूर्थी बनाती हूं और मुझे वह बहुत अच्छा लगता है तो बट शूटिंग के चलते हुए मैंने वह जिम
03:36फुल 100% दे रहे हूं तो यहां मेरी फैमिली मेरे अब बहुत साथ दे रहे है तो यह मोदक जो है मेरी देवरानी ने बनाया है प्रशाद के लिए जो की डेट से आलमन से जितने भी ड्राइफ फूट्स हैं उनसे बनाया है विदाउट एनी घी तो मैं यही चाहती थी कि ब
04:06बनाती है असाल बट इस बर उनने मेरी चॉइस के सब से बनाया है तो यह मेरी देवरानी है जिनके विदे से इतनी अच्छी पूजा है और बहुत ब्यासते हैं वो सभी गेस्ट को अटेंड करने में आगती तो सवाल जिसे इनो गंड़ती में बहुत कुछ बनता है चाहे �
04:36बहुत अच्छे मतलब बनाती है तो वही प्रशाद खीर का प्रशाद हमने लगाया तो हम नौट से है तो खीर जाना चलती है हमारे उसमें खीर का भोग लगाया था खीर बटूरे अब इम निंग में अलग भोग लगेगा वह खाना बन रहा है आप मेरा फेवरेट देखि
05:06मैं बिलकुल मना नहीं करती है और मैंने भटूरे आज बहुत सालों बाद आज थी पिछले बार खाये थे और आज खाये दो प्रशाद का है और मुझे रगता है उसमें इक अलग एनर्जी होती है और वह हम खुद से अर्पिट कर रहे हैं तो वह तो हमें खाना ही चाहिए त
05:36बाद मुझे जगनात पूरी का प्रशाद अच्छा लगता है कि बार दुमन दख क्रेव करती हूं वहां के प्रशाद का तो वह मुझे खाने में सबसे जादा फेवरेट है इस बार बपा से अपने लिए परस्नली प्रफेशनली क्या मांगा जो क्यामरे पे बता सकते हैं
06:06तो सब कुछ है और आपको आपको यह जब दो चॉइस होती है आपके बस लाइफ में तो आपको कौन सी चॉइस क्लिक पर चूज करना है वह आपका एक स्टेट ऑफ माइंड जो है वह बताता है और मैं उसके लिए यही कोशिश करती हूं कि स्क्याप्टिकल माइंड ना हो
06:36यह ना सोचू कि मैं कैसे स्विमिंग करूंगी मुझे तो सुमिंग नहीं आती मैं कैसे आगे बढ़ूंगी तो मैं जो रास्ते के दुकावर्टे हैं उनको ना देख पाऊं और उनको अंदेखा करते हुए अपने गोल की तरफ आगे बढ़ती रहूं यही मेरी बपा से घ
07:06देखो बेशक कहानी यह है कि पारवती जी की पारवती जी की वो चापे वो अस्तान कर रही थी उसके बाहर वो बैठे थे और तब शिव जी आगा और शिव जी पॉंस तुमीड अपनी वाइफ को पारवती जी को और नहीं बोला कि नहीं आप माता से अभी नहीं मिल सकते ग�
07:36अर्थ के ओपर उसका हेड जो है उनके ओपर लगाया गया यह स्टॉरी है मित्स कहते हैं अपने इंडियन मैसेज भी देती है कि अगर एक इश्वर का एलिफेंट का हेड है तो यह बताते हैं कि हमें हर इंसान में हर एक कणकड में भगवान है अगर उनका मोटू पेट है ह
08:06अगर हम विभिन्ता है उनके अंदर वह वहिश्वर है उसके बाद हम नतमस्तग होते हैं अपने आपको ही कटे हैं तो यह कई नहीं हमें किसीमें किसी में आधे कि कोई ढह discriminator को यह किसीवी नहीं है नहीं किसी को क।
08:21पतला या काला गोरा या जाती का या किसी भी चीज का हमें दुर्भाव नहीं करना चाहिए अपने दिमाग में नहीं लाना चाहिए वो भी एक कही ना कहीं एक अच्छा कर्म हम क्रियेट करते हैं किसी के अंदर कोई बुराई नहीं देखते हैं हम इनको तो हम इसी में खुब
08:51आफ्टर बेबी या वैसे भी मोटी है तो हम उसको क्यों ऐसा बोलते हैं कि वेट लॉस कर लो थोड़ा हेल्दी खाओ नहीं सबको बगवान ने अलग बनाया है और हमको वैसे एक्सेप्ट करना चाहिए तो यह मैसेज हमें गंदरी वपाई देते हैं जो उनके थुरू मैं आ
09:21झाल झाल
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